Board index JoyofSatan666 JoS Sermons in Hindi Full

JoS Sermons in Hindi Full

For those who wish to establish a relationship with Satan.

Topics of discussion include: Demons, Magick, Satanic Witchcraft and much more!

http://www.joyofsatan.org/

Post Wed Jun 03, 2015 11:07 am

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Location: Republic Of India
Satanism for new people -

आध्यात्मिक सेटनिज़्म नए लोगों के लिए -

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... wbies.html

अगर आप आध्यात्मिक सेटनिज़्म (स्पिरिचुअल सेटनिज़्म / Spiritual Satanism ) में नए हैं तो हम आपको प्रोत्साहित करते हैं की आप इस वेबसाइट पर सब कुछ जो दिया गया है पढ़ें . कुछ लेख पुराने हो गए हैं. हम इन्हे पुनः दोहराने / संशोधन पर कार्य कर रहे हैं , परन्तु अधिकतर जानकारिया (इस वेबसाइट पर ) स्वयं व्याख्यात्मक / स्वयं विवरण करने वाली हैं.

जॉय ऑफ़ सेटन की सदस्य्ता निःशुल्क है और सबके लिए खुली हुई है . दान करने के लिए धन्यवाद , और इन्ही दानो की बदौलत हम (इस ) ज्ञान को खुले तौर पर और स्वतंत्रता से निःशुल्क रूप में इंटरनेट पर उपलब्ध कराने में समर्थ हैं. हम हर एक को नवीनतण ज्ञान और सामग्री प्रदान करते हैं.

हम प्रोत्साहित करते हैं की आप हमारे ई ग्रुप्स से जुड़ें .

(देखें - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... roups.html )

आप स्वतंत्र हैं कोई भी प्रश्न . शंकाएं पूछने के लिए , परन्तु आप इस वेबसाइट को सर्वप्रथम पढ़ें क्यूंकि अधिकतर शंकाएं और प्रश्नो के हल आपको इस वेबसाइट को पढ़ने से ही मिल जायेंगे. सेटनिज़्म ज्ञान और अध्ययन दोनों है.

नए लोगों के लिए महत्वपूर्ण सूचना देखे - (http://www.angelfire.com/empire/serpent ... nergy.html )

एक बार जब आपने इस वेबसाइट का अध्ध्यन कर लिया है और आप वाकई गंभीर हैं सेटन के प्रति प्रतिबद्धता अनुष्ठान करने के लिए अर्थात आप गंभीर हैं की आप सेटन को स्वयं को और अपनी आत्मा को समर्पपित करना चाहते हैं तो आअप प्रतिबध्धता अनुष्ठान करें और यह आपका आध्यात्मिक सेटनिज़्म में आरम्भ होगा. (प्रतिबद्धता अनुष्ठान - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... TANIC.html )

जब आपने प्रतिबध्धता अनुष्ठान कर लिया हो तो आपको एक पावर मैडिटेशन प्रोग्राम (Power Meditation Program ) अर्थात सेटेनिक ध्यान करना आरम्भ कर देना चाहिए.

(देखें - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ation.html)

पावर मैडिटेशन नीव / बुनियाद है आध्यात्मिक सेटनिज़्म की. आपको मदद मिलेगी किसी भी प्रश्न या शंका (जो आपके मैडिटेशन / ध्यान या अन्य कोई और अनुभव या फिर किसी और चीज़ के लिए जो कोई भी हो ) के हल के लिए हमारे सेटेनिक ई ग्रुप्स में . कई भाई और बहने जो की सेटन के प्रति समर्पित हैं और इन ग्रोपुस में ये हर मसले पर ज्ञान रखते हैं और आपकी शंकाओं / प्रशनो को दूर करने के लिए सदा उपस्थित होते हैं.

यह उत्तर हैं उन प्रशनो को जो हमारे सेटेनिक ई ग्रुप्स में बारमबार / अक्सर पूछे जाते हैं आध्यात्मिक सेटनिज़्म के बारे में -

1 ) सारे मर्ज़ी के सेक्स / सम्भोग -स्ट्रेट (अर्थात स्त्री पुरुष के बीच ) , गे (अर्थात पुरुष - पुरुष के बीच ), समहू में सेक्स करना ,बाई सेक्सुअल सेक्स (अर्थात स्त्री और पुरुष दोनों के प्रजनन अंग होने वाले लोगो आपस में सेक्स करें ) आदि सब स्वीकृत हैं क्यूंकि आपका सेक्स जीवन आप व्यक्तिगत मामला है. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो सेक्सुअली / सम्भोग में निष्क्रिय रहते हैं अर्थात सम्भोग ना किया करते हों , या फिर वे लोग जिन्हे सेक्सुअल आकर्षण नहीं होता या वे ऐसा पसंद नहीं करते . आपकी सेक्स लाइफ / जीवन आप जैसे रहने को चुनते हैं वह आपका स्वयं का व्यक्तिगत मसला है.

2 ) मनोरंजक ड्रग / दवाइयाँ / नशे यह भी आपका व्यक्तिगत मामला है और आपका व्यक्तिगत निर्णय है. ज़िम्मेदारी , ज़िम्मेदार को . आध्यात्मिक सेटनिज़्म वकालत करता है / समर्थन करता है की आप अपनी आत्मा को शक्तिशाली और सशक्त बनायें बिना कृत्रिम उत्तेजक पदार्थो का उपयोग किये और बिना मन / बुद्धि / विचार बदलने वाले पदार्थो के , पर यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है की वह (व्यक्ति ) इस वकालत को माने .

3 ) सेटन गुलामी की तरह पूजा की मांग नहीं करते . सेटन हमसे यह उम्मीद / आशा नहीं रखते की हम बात बात पर "खेद " करें . सेटन हमें ज्ञान देते हैं और उम्मीद करते हैं की हम उस ज्ञान का उपयोग हमारी शक्तिओं और आत्मा की उन्नति में लगाएं . सेटन चाहते हैं की हम बढ़ें , विकसित हों और स्वतंत्र बने .

4 ) सेटेनिक प्रार्थना / उपासना का अर्थ होता है ऊर्जा भेजना . उदहारण के लिए हमारा चहेता (जीज़से हम प्रेम करते हैं ) अगर वह बीमार है तो हम उसे चंगा करने वाली ऊर्जा भेजेंगे. सेटन और उनके डीमॉन्स के साथ बातचीत करने के लिए हम दूर संवेदन अर्थात टेलीपैथी (Telepathy ) का उपयोग करते हैं. टेलीपैथी करने के लिए आपको पावर मैडिटेशन करना होता है और अपना मन / दिमाग को खोलना होता है . सेटन हमें निश्चित ही सुनते हैं जब हम उनसे बातचीत करते हैं .

5) साप्ताहिक अनुष्ठान महान / अच्छे होते हैं नए लोगों के लिए आत्मा खोलने में सेटेनिक ऊर्जा की और जो की (सेटेनिक ऊर्जा )बहुत सुन्दर होती है. ईसाइयत और इसके साथियों ने सदियों से लोगों को झूठ खिलाया और परसो है ज़ोर ज़बरदस्ती से भी और मक्कारी से बहला फुसलाकर . ईसाइयत झूठ है और सिर्फ एक कार्यक्रम है आध्यात्मिकता को हटाने के लिए. सेटनिज़्म में आकार आप पाएंगे की आत्माओं की दुनिया / सूक्ष्म दुनिया और आत्मा (सोल / soul ) एकदम वास्तविक असली होते हैं. बहुत थोड़े ही लोगों ने सच्ची आध्यात्मिकता को मेह्सूश किया और जाना है और इसके आगे आत्मा को सशक्त बनाया है . ये थोड़े इसिलए थे और हैं क्यूंकि ईसाइयत ने झूठ और मक्कारी का एक जाल सा बिछाया है की आध्यात्मिकता ध्यान यह सब बेकार हैं परन्तु असलियत इसके एकदम उलट है . अधिकतर सेटनिस्ट आश्वस्त होते हैं और आत्मविशासी होते हैं और समर्थ होते हैं और वे अलौकिकी / पर्लौकिकी और मृत्यु से नहीं डरते हैं .


6 ) जो लोग यहाँ आये हैं या आते हैं और वे पहले ईसाई थे या हैं उन्हें पहले यह अवश्य पढ़ना चाहिए - एक्सपोसिंग क्रिश्चियनिटी - (देखें - http://see_the_truth.webs.com/). इन लेखों को पढ़ने पर आप सत्य को स्वयं देखेंगे .


7 ) अगर आप अवयस्क हैं और ईसाई घर में रहते हैं तो सेटन इस बात को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं . आप अपनी सबसे अच्छी कोशिश करें जब तक की आप वयस्क नहीं हो जाते / कानूनी उम्र के नहीं हो जाते और अपना धर्म स्वतंत्र तरीके से मान सकें / उस पर चल सकें . सेटन चाहते हैं की उनके लोग सुरक्षित रहें. जैसा की वे (सेटन )अल - जिलवाह में कहते हैं - मेरे नाम और मेरी विशेषताओं का वर्णन मत करो , कहीं ऐसा न हो की तुम इस बात का खेद करो , क्यूंकि तुम नहीं जानते , जो लोग मेरे बिना है (बाहरी है ) वो क्या कर सकते है . (अर्थात वे आपो हानि पहुंचा सकते हैं )

8 ) सेटनिज़्म में कोई बिचोलिये नहीं होते हैं . कृपया इस लेख को पढ़ें - नो मीडिएटर्स (देखें - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ators.html)


Hail Satan And All Gods of Hell !!!!!!!!

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“It is necessary that I should die for my people; but my spirit shall rise from the grave, and the world will know that I was right.” -Adolf Hitler.
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HEY HAVE
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Post Wed Jun 03, 2015 3:41 pm
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Road please repost and post all Hindi sermons in this thread.

Post Wed Jun 03, 2015 9:40 pm

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मुझे छोड़ दूसरा कोई और भगवान नहीं , इस सत्य को जानते हुए, किसकी हिम्मत है की वह कुरआन और बाइबिल के झूठे भगवान की पूजा करे

- SATAN
- क़ुरेट अल यज़ीद से

यह वेब साइट joyofsatan .org का हिंदी अनुवाद है . इस पर दिए सभी लेख कॉपीराइट है. लेखक इन्हे कॉपी एवं प्रिंट करने की आज्ञा देता है बस आप इन लेखो में अपने मन से कुछ और न जोड़ें.

अँधेरा वह रोशनी है जिसे पलट दिया हो. - बीलज़ेबब

* सेटनइज्म के विभिन्न पंथ है. जॉयोफ्सटैन (joyofsatan.org ministries) मंत्रालय अद्यात्मिक सेटनइज्म है.
*सेटनइज्म क्रिश्चियन खोज नहीं है .
*सेटनइज्म हर दुसरे धर्म और क्रिस्चियनिटी को पछाड़ता है .

* सेटनइज्म ,भूत , पिशाचों , दैत्य , दानवो आदि से या इससे जुडी किसी भी चीज़ से कोई तालुक नहीं रखता.

* सेटनइज्म बुराई या दुष्टता आदि के बारे में नहीं है .

* सेटनइज्म क्रिश्चियनिटी / ईसाइयत / इस्लाम के प्रति कोई प्रतिक्रिया नहीं है.

* सेटनइज्म मृत्यु के बारे में नहीं है .

* अगर वास्तव में देखा जाये तो ,सेटनइज्म का मुख्या और एकमात्र उद्देश्य समस्त मानवता का उत्थान करना और उसे हर सामर्थ्य देना है जो की हमारे बनाने वाले satan का विचार था.

* हम जानते है SATAN / LUCIFER का सम्पूर्ण आध्यात्मिक एवं भौतिक अस्तित्व है .

* हम जानते है की satan समस्त मानव जाती का सच्चा पिता अवं परमेश्वर है .

*हम जानते है की बाइबिल और क़ुरआन का भगवान एक झूठ है . और इस झूठ को फैलाने वाले लोग मानवता के सबसे बड़े धोखेबाज़ शत्रु और झूठ के उस्ताद है. ऐसा इसलिए है क्यूंकि समस्त क़ुरान और बाइबिल में लगातार विरोधाबास है . कोई भी व्यक्ति इन्हे वास्तव में पढ़े तो वह इसे स्वयं ही समझ सकता है. इस वेबसाइट में हमने इस सत्य को भी उजागर किया है. ये विरोधाभास इस बात को उजागर करते हैं की इन बाइबिल एवं क़ुरान को मनुष्यों ने बनाया है और इसमें पारलौकिक और आध्यात्मिक शक्ति डाली है ताकि पढ़ने वाला इन्हे सच मान बैठे और नरक का डर दिखाकर इन अनदेखे मानने वालो पर काबू रखा जा सके.

* हम क़ानून का पालन करने वाले हैं.

* हम किसी भी प्रकार के खून अथवा जीवित बलिदानो का ना ही तो समर्थन करते है ना ही ये हमारी मान्यता है . यह काम तो यहूदी/क्रिस्चियन भगवान का है जैसा उनकी बाइबिल में लिखा है - व्यवस्था विवरण 12 आयात 27

"तुम्हें अपनी होमबलि वहीं चढ़ानी चाहिए। अपनी होमबलि का मांस और रक्त यहोवा अपने परमेश्वर की वेदी पर चढ़ाओ। तब तुम माँस खा सकते हो"

* हम जानते हैं की सेटनइज्म मानवता का वास्तविक धर्म है . इस पर हमने पूरा अनुसन्धान कर लिया है. सेटनइज्म उन प्राचीन वैदिक धर्म का सबसे शुद्ध रूप है जो जुदैस्म/क्रिश्चियनिटी और इस्लाम से करोडो साल पहले से मौजूद थे.

* क्रिश्चियनिटी तो वास्तविक सेटनइज्म और अन्य प्राचीन धर्मो के प्रति तो एक प्रतिक्रिया मात्र थी. क्रिश्चियनो ने इसका नाम फिर satanism कर दिया जिसका हिब्रू भाषा में अर्थ होता है शत्रु अथवा प्रतिद्वंदी . अगर आप इस वेबसाइट में दिए लेखो को पढ़ते है तो आप पाएंगे की हमने इसे साबित कर दिया है .
* क्रिश्चियनिटी और इस्लाम इसिलए खोजी गयी ताकि लोगों के मस्तिष्क से और उनकी बुद्धि से आध्यात्मिक और पारलौकिक रहस्यमयी शक्तिया हटा ली जाएँ और लोग उनके बारे में ज्ञान रहें. लेकिन यह आध्यात्मिक और पारलौकिक ऊर्जा केवल चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रहे जो साड़ी मानवता पर राज करें. इसीलिए मित्रो आप लोग पाएंगे की इन धर्मो में आध्यात्मिकता नाम मात्र भी नहीं है सिर्फ गुलामी भरी पूजा है और अँधा विश्वास. मित्रो , आध्यात्मिक और पारलौकिक ऊर्जाएं निश्चित ही असली होती हैं और जो लोग इनके बारे में ज्ञान रहते हैं या फिर इन ऊर्जाओं का ज्ञान नहीं रखते उन्हें सबसे आसानी से इन ऊर्जाओं से काबू किया जा सकता है उन लोगो के द्वारा जो इन ऊर्जाओं का उपयोग करने में माहिर होते हैं.

जो हमारे सच्चे भगवान डीमॉन्स (DEMONS) हैं उन्हें बिना किसी कारन क्रिश्चियनिटी ने बुरा दुष्ट और दैत्य प्रचारित कर दिया ताकि मनुष्य जाती को आध्यात्मिकता से दूर रखा जा सके . यही कारण है की आज मनुष्य जाती बहुत बुरी तरह से आध्यात्मिक और बौद्धिक स्तर पर पतित हो चुकी है.

* आध्यात्मिक सेटनइज्म पढाई , ज्ञान , बौद्धिक स्तर एवं स्वतंत्र विचार आदि को बढ़ाने पर अत्यधिक ज़ोर देता है.

* आध्यात्मिक सेतनिज्म चर्च और राज्य को अलग करने का पक्षधर है. आध्यात्मिक सेतनिज्म धर्मांतण में या अपने आप को किसी के ऊपर थोपने में यकीन नहीं रखता.

* * आध्यात्मिक सेतनिज्म चर्च और राज्य को अलग करने का पक्षधर है. आध्यात्मिक सेतनिज्म धर्मांतण में या अपने आप को किसी के ऊपर थोपने में यकीन नहीं रखता.

* आध्यात्मिक सेटनिस्ट विज्ञानं के महत्व को समझते हैं और इसे स्वीकारते हैं. हम विश्वास करते हैं की हर पारलौकिक और आध्यात्मिक घटना को तार्किक और वैज्ञानिक तरीके से समझाया जा सकता है लेकिन विज्ञान अभी इस हद तक उन्नत नहीं हुआ की वह आज के समय में इसे समझा सके . मित्रो ऐसा इसीलिए हुआ है क्यूंकि विज्ञान पर यहूदी /क्रिश्चियनिटी और इस्लाम ने लगातार सदियों से प्रहार किये और आज भी करते आ रहे है और मानव जाती को आज भी इस क्षेत्र में पीछे रखा हुआ है .

* हम पावर मैडिटेशन /ध्यान का इस्तेमाल करते है स्वयं को आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ने हेतु ताकि हमारा उत्थान हो सके. पावर मैडिटेशन/ ध्यान वैसे ही हमारी मनुष्य आत्मा के लिए ज़रूरी है जैसे की खाना हमारे शरीर के लिए उपयोगी है. सरपेंट अथवा नाग जो सेटन (SATAN) का एक प्रतीक है हमारी रीढ़ के तल पर कुंडलित एक शक्तिशाली कुण्डलिनी ऊर्जा को दर्शाता है जो जब उत्थातित होती है और ऊपर की और उठती है तो मनुष्य का आध्यात्मिक , आत्मिक और शारीरिक तौर उसका जबजस्त विकास हो जाता हैर एवं मनुष्य की समझने के काबिलियत में कई गुना वृद्धि हो जाती है . और यही (RAISING THE DEVIL) अर्थात डेविल का उत्थान करने का सच्चा अर्थ होता है . सेटन का यह सरपेंट / नाग का प्रतीक हमारे डी एन ए हेलिक्स (DNA हेलिक्स ) को भी दर्शाता है .

* हम सेटन के साथ सीधे कार्य करते हैं . हमारा विश्वास है की कोई भी व्यक्ति आदरपूर्वक अपनी इच्छा के अनुसार सेटन (SATAN ) के साथ एक स्वयं का ख़ास सम्बन्ध रख सकता है. आध्यात्मिक सेटनइज्म में कोई मध्यस्थ नहीं होते हैं . मंत्रालय सिर्फ सहायता और मार्गदर्शन के लिए उपस्थित है .

* हम हमारे सिद्धांत एवं प्रथाएँ अथवा अन्य कार्य सीधे सेटन (Satan) से लेते हैं . बहुत लम्बे समय से क्रिस्चियन लोग उदाहरण के तौर पर उनके क्रिस्चियन चर्च सेटन (SATAN) के बार में हर प्रकार का झूट एवं दुष्प्रचार करते आ रहे है. इस झूठ के पीछे ही वे अपने कई रहस्य्मय जुर्म और अन्य जघन्य कारनामे भी करते आ रहे है. सच्चे सेटनइज्म को पूरी सक्रियता के साथ तोड़ने और दबाने का प्रयास भी लगातार जारी है. बहुत से ज्ञान मनुष्य भी इनके झूट को सच मान बैठते हैं और इनका साथ देने का कोई भी मौका छोड़ते नहीं .

* आध्यात्मिक सेटनइज्म जीवन से प्रेम करने वाला धर्म है. सेटन (SATAN) हमें स्वीकारता है जैसे हम है लेकिन हमें उन्नत और आगे बढ़ने का मार्ग भी बताता है. वह हमें बताता है की हम कहाँ गलत है , हमारे जीवन में क्या गलत है और हमें क्या करना चाहिए. सेटन (SATAN) हमारा मार्गदर्शन करता है ताकि हम आध्यात्मिक तौर पर ऊपर उन्नति कर सके. आध्यात्मिक सेटनिस्ट (Spiritual Satanists) स्वतंत्र है अपना जीवन जीने को जैसे वे जीना चाहते है - जिम्मेदारी , जिम्मेदार को ..... हम प्रकृति के नियमानुसार जीवन जीते है और सबको ऐसे ही करने के लिए प्रोत्साहित भी करते है.



* यशु (Nazarene / Jesus )के झूठे मक्कारी भरे आत्मा बचने वाले दावों के विपरीत ,हम जानते है की हम खुद स्वयं ही अपनी आत्मा को बचाते है (WE SAVE OUR OWN SOUL). सेटनइज्म मैडिटेशन अथवा ध्यान के मदद से आत्मा के परिवर्तन पर आधारित एकमात्र सच्चा धर्म है. यशु (जीसस/Nazarene ) एक झूठा काल्पनिक व्यक्ति है जिसने कुछ 18+ प्राचीन देवताओ से अपनी पहचान चुराई हुई है. जैसे के ओडिन (Odin ) जो पेड़ से लटक गया था . यशु मसीह की सहायता से ही क्रिश्चियनिटी समस्त लोगों को अपने वाश में रखना चाहती है और रखती हुई आ रही है. क्रिश्चियनिटी यशु को एक औजार के रूप में उपयोग करती आ रही है ताकि अज्ञान लोगों को कुछ चुने हुए ख़ास लोगों के वश में रख सके. मिसाल के तौर पर आज वैटिकन चर्च (Vatican Church ) कितने ही खरबों ज्ञान क्रिस्चियन लोगों पर नियंत्रण रखे हुए है. क्रिस्चियन लोग जीसस को बहुत मानते है . जीसस का उपयोग क्रिश्चनो के द्वारा जीवित बलिदान के विकल्प के तौर पर किया जाता है . यह क्रिस्चियन लोगों का सच्चा उद्देश्य दर्शाता है.

* यहूदी/ क्रिस्चियन धर्म समस्त मानवता से एक बहुत बड़ा और बहुत ही शातिराना छल है. और एक छल को कामयाब होने के लिए यह जरुरी है की पीड़ित अज्ञानी रहे. इसीलिए क्रिश्चियनिटी और इसके साथियों ने लगातार स्वतंत्र विचार को दबाने की कोशिश करी और वे कामयाब भी हुए और आज हम देखते हैं की कितने करोडो अज्ञानी मानव आज क्रिश्चियनिटी के जंजाल में बुरी तरह फंस चुके है इन्होने कभी इंसानियत की भलाई और उन्नति के लिए कुछ नहीं किया सिवाय गुलामी भरी पूजा करने के. यशु के इन तथा कथित चमत्कारों और लोगो को ठीक करने के दावों के उलट , सेटन (SATAN) हमें बताता है की हम स्वयं को अपनी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति के साथ कैसे ठीक और चंगा कर सकते है.

*स्वयं को शक्तिशाली बनाने से हमें आत्मविश्वास , आत्मसम्मान और आध्यात्मिक उन्नति और स्वतंत्रता प्राप्त होती है

आध्यात्मिक सेटनइज्म मानसिक शक्तियों जिन्हे हम जादू अथवा इंद्रजाल भी कहते है , इन शक्तियों की उन्नति पर किसी भी प्रकार की सीमा नहीं रखता. इन शक्तियों को हम जितना चाहे उतना विकास कर सकते हैं . हम न्याय में यकीन रखते है और मार्शल आर्टिस्ट डिम मक , विन चुन स्टाइल , शोटकन करते , गोशिन रयू आदि भौतिक शारीरिक विधाओं में माहिर होते हैं , उसी प्रकार हम आध्यात्मिक सेटनिस्ट जादू की काली कलाओं में माहिर होते है क्यूंकि इसकी आवश्यकता हमें कहीं भी कभी भी पद सकती है .और वे लोग जिन्हे यह विद्या नहीं आती वो इन विधाओं से होने वाले हमलो के प्रति एकदम रक्षाहीन होते है. सेटन (SATAN) को अन्याय सहन नहीं होता

आध्यात्मिक सेटनइज्म किसी भी प्रकार से आत्मा की अवेहलना या उन्हें तंग करना आदि को माफ़ नहीं करता जैसा की तथाकथित शास्त्रीय गृमोइर्स (जादुई किताबों में ) पढ़ाया या बताया जाता है. वो डीमॉन्स (DEMONS) जिन्हे घेरने अथवा किसी भी तर्के से मजबूर करने की कोशिश की जाती थी जादूगरों के द्वारा , अब ऐसा सोचना भी गलत होगा क्यूंकि हमारे देवता (डीमॉन्स) अब स्वतंत्र है और जो कोई भी उन्हें यहोवा आदि के नाम से या नौ फ़ीट घेरे वाली कला से अगर आव्हान करता है तो वो एक व्यक्तिगत दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा है. डीमॉन्स (DEMONS) हमारे मित्र है और आदरपूर्वक उनका आव्हान कर हम उनसे अच्छे और लाभकारी सम्बन्ध इस्थापित करने की कोशिश करते है. और निश्चित ही अगर इन देवताओं को आदरपोर्र्वक आव्हान किया जाये तो ये अत्यधिक मैत्री से हमारी परेशानियों को दूर कर देते है.

आध्यात्मिक सेटनइज्म समर्थन करता है व्यक्तिगत जीवन का ,स्वाधीनता का और स्वतंत्रता का .

यह एकदम साफ़ है की सेटन (SATAN) मानवता का धोखेबाज़ नहीं है. उसके मानने वाले कम ही संख्याओं में रहे है और उसे उन्हें अपने साथ में बनाये रखने के लिए लाखो अरबों पैसे रुपया और लालच देने की ज़रुरत नहीं .

Thank you very much

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सेटेनिक सूचना नास्तिको एवं अन्य सन्देहवादियों के लिए

यह एक महत्वपूर्ण सूचना है नास्तिको और सन्देहवादियों के लिए जो ऐसा सोचते हैं की गुप्त ज्ञान , जादू , पर्लौकिकी एवं सूक्ष्म दुनिया का कोई अस्तित्व नहीं है और यह एक कोरी बकवास है

मुझे कई व्यक्तिगत इ मेल प्राप्त हुए नास्तिकों और ऐसी ही अन्य सन्देहवादियों से जिन्हे ये लगता था की सेतनिज्म और इससे सम्बंधित गुप्त ज्ञान कोरी कल्पना है , झूठ है और ऐसा कुछ भी वास्तव में नहीं होता उनका यह कहना था की यह सेतनिज्म अति कल्पना का एक झूठा उत्पाद है जिसका वास्तविकता से कोई सरोकार नहीं और यह कोरी मूर्खता है .

इन लोगों ने मुझे ऐसा इसलिए लिखा क्यूंकि वे खुद आश्चर्य से आत्मबोधित हो गए हैं की सेटन का बिलकुल अस्तित्व है.

मैंने कई सार्वजनिक लेख भी पढ़े कई सूत्रों से , जहाँ मैंने पढ़ा की कई नास्तिक , संदेहवादी , धर्मनिरपेक्ष आदि व्यक्तियों ने इस वेब साइट में दिए गए तंत्रो के साथ छेड़खानी की , उन्हें किया ऐसे ही मस्ती मजाक में और उन्हें सब अनुभव हुए अच्छे और ख़राब दोनों ! ख़राब क्यों ? इसका जवाब यह है की सूक्ष्म दुनिया में हर पर्लौकी जीव अथवा एलियन मानव से मैत्री रखने वाला नहीं होता. जब आप इस ओर आगे बढ़ते है तो आप हर अन्य लोक में रहने वाले जीवों की दुनिया में प्रवेश करते हैं जहाँ आपको हर प्रकार के अच्चे और ख़राब अनुभव हो सकते हैं

सेतनिज्म मुख्या धरा वाले दुसरे धर्मो से अलग है. जो कोई भी सेटन की ओर अपना मन खोलेगा उसे निश्चित ही सेटन को अनुभव करेगा. दुर्भाग्यवश , क्रिश्चियनिटी और इसके समर्थन करने वालों ने लोगो को ऐसी धारणा दे दी है की आत्माओ की दुनिया / सूक्ष्म दुनिया का कोई अस्तित्व नहीं है और यह बकवास है. मित्रों इन क्रिश्चियनिटी , इस्लाम और इससे सम्बंधित दुसरे अब्र्हमइक धर्मो में कुछ भी आध्यात्मिकता नहीं है. हाँ थोड़ा बहुत न के बराबर आध्यामिकता शायद हो सकती हो मगर सीधे मोटे तौर पर देखा जाये तो ऐसा होता नहीं है.

इन धर्मो के जीवन विरोधी सिद्धांत उन धर्मो की चोरी की हुई सामग्री पर आधारित है जो इन धर्मो से पहले मौजूद थे और जूदाइज़्म , इस्लाम और क्झरिस्तिअनित्य के पूर्व बहुत पूर्व में मौजूद थे.

इस सामग्री को अत्यधिक उग्र रूप से भ्रष्ट और दूषित कर दिया गया और उसका सारा आध्यात्मिक ज्ञान हटा दिया गया और इसे ऐसा तोडा मरोड़ा गया की ये क्रिश्चियनिटी इस्लाम और जूदाइज़्म (यहूदी धर्म ) के कार्य सूची के अनुरूप हो जाये और सारे जगत को आध्यात्मिक तौर पर गुलाम बना लिया जाये और सारे आध्यात्मिक शक्ति और इससे सम्बंधित ज्ञान सिर्फ कुछ ही चुनिंदा लोगों के हाथों तक सीमित रहे .
सेतनिज्म बहु अलग धर्म है. वास्तव में देखा जाये तो सेतनिज्म , मानवता का एकमात्र मूल प्राकृतिक और सच्चा धर्म है . सेतनिज्म प्राचीन धर्मो पर आधारित और उन प्राचीन धर्मो का सबसे शुद्ध रूप है जो क्रिश्चियनिटी इस्लाम और यहूदी धर्म से हजारों लाखों साल पहले से मौजूद थे.

सेतनिज्म मित्रो , आज के नए आधुनिक धर्मो से इसलिए भी अलग है क्यूंकि सेतनिज्म विज्ञान पर आधारित है. मित्रों जादू , गुप्त ज्ञान और इससे सम्बंधित सभी विषयों को वैज्ञानिक तरीको से समझाया और साबित किया जा सकता है मगर आज विज्ञानं इतना उन्नत नहीं हुआ की ऐसा कर सके क्यूंकि िसयत, इस्लाम और यहूदी धर्म ने कभी भी विज्ञानं को पूर्ण रूप से और अच्छे से आगे बढ़ने नहीं दिया और विज्ञानं पर निरंतर हमले किये. यहूद िसयत और इस्लाम ने मानवता को विज्ञानं, तकनीक , आत्मा का ज्ञान और जादू गुप्त ज्ञान की समझने के शक्ति आदि सम्बंधित विषयो में खूब खतरनाक तरीके से पीछे रखा हुआ है.

क्वांटम भौतिकी (Quantum फिजिक्स ) की थोड़ी और सीमित समझ ने हालाँकि हमें , मानव आत्मा के बारे में थोड़ा प्रकाश ज़रूर डाला है और हमें थोड़ा बतलाया है की आखिर ये मानव आत्मा क्या होती है

क्रिलियन चित्रकला (KRILIYAN फोटोग्राफी ) हमें बताती है की हमारे शरीर के चारो ओर एक औरा (आभामंडल ) होती है . क्रिलियन फोटोग्राफी एक ख़ास किस्म की फोटोग्राफी होती है एक्स रे के जैसे.

हालांकि संदेहवादी , क्रिलियन फोटोग्राफी की वैद्यता को तोड़ने और इसमें विरोधाभास ढूंढने की हर सम्भव कोशिश करते है मगर यह बात भी सत्य है मित्रो , कई व्यक्तियों की औरा (आभामंडल ) की फोटो उपलब्ध है जिन्होंने हठ योगा करने के पहले और बाद में क्रिलियन फोटोग्राफी से अपना शरीर देखा. मित्रो हठ योग आत्मा की शक्ति को बढ़ता है . और हठ योग करने के पहले का अनुभव और बाद में होने वाला अनुभव कोई भी आसानी से बता सकता है क्यूंकि हठ योग करने के बाद औरा (आभामंडल ) खूब शक्तिशाली हो जाता है और यह हठ योग करने वाला इससे उत्पन्न हुए ऊर्जा के झौंके जो उसके सारे बदन के चारों और घेरा बना लेता है को आसानी से महसूस करता है. आत्मा चमकती है. इसपर आपको कोई शक है ? आप सिर्फ इतना करिये की हठ योग को अच्छे से एक महीना किया करिये और आप देखेंगे की आप अपनी आत्मा को महसूस कर रहे है.

सेतनिज्म मन और आत्मा का धर्म है. अमरीकी सरकार और दूसरी विश्व शक्तिया मनुष्य के इन मन और आत्मा की शक्ति के समर्थ्य से भली भाँती परिचित हैं हालांकि ये इसे ज्यादा खुले तौर पर कभी भी नहीं बताती. क्यों नहीं बताती ? इसका उत्तर शायद इस लेख को पूरी तरह से पढ़ने के बाद आपको पता होगा. (सन्दर्भ इस लेख के अंत में दिए हुए हैं.)

इससे फर्क नहीं पड़ता की आपको क्या विश्वास करना सिखाया गया है और आप किसे तार्किक और किसे बकवास मानते है , आप यह जान लीजिये की सेटन और उसके डीमॉन्स एकदम वास्तविक और असली है. वे बिलकुल भी दुष्ट नहीं है, जैसे के क्रिश्चियनिटी और यहूदी धर्म ने बतलाया और उनकी किताबो में वर्णन किया है.

अगर वास्तव में देखा जाये तो सेटन , क्रिस्चियन और यहूदी धर्म की बुराई की धारणा के अनुरूप नहीं है. मित्रो सेटन बुरा नहीं है , बल्कि सेटन और डीमॉन्स को बुरा कलंक लगा दिया गया है ताकि लोग सच से सदा दूर रहे .

अच्छाई और बुराई केवल सांस्कृतिक धारणाये है. सेटन इनके पर है और इससे ऊपर उठा हुआ है. अगर आप अनुभवी नहीं है तो इस बात को अपने दिल दिमाग में बिठा लीजिये, आपको भले ही कोई भी और कैसा भी औपचारिक शिक्षा मिली है या आपने प्राप्त की हो , आप इस सबको एक तरफ रख दीजिये और आदर के साथ आगे बढ़िए. जो लोग सेटन और उनके डीमॉन्स के प्रति गंभीर और आदरकारी होते है , उन्हें भी सेटन के और उनके डीमॉन्स की ओर से आदर और मित्रता की प्राप्ति होती है.

और जो लोग मस्ती मजाक और जान बूझ कर सेटन और उनके डीमॉन्स की निंदा करता है और इस वेबसाइट में दिए हुए तंत्रो को छेड़ता है वो व्यक्तिगत तबाही को न्योता दे रहा है. सेतनिज्म मित्रो दुसरे धर्मो से इसलिए भी अलग है क्यूंकि जब आअप सेटन और डीमॉन्स के प्रति अपना मन दिल और दिमाग जोड़ते हैं तो वो स्थायी हो जाता है. देतानिज्म एक ही ओर जाने वाले उस गौरव मई रास्ते के सामान है जहाँ आप पीछे नहीं हट सकते . क्यूंकि जब आप सेतनिज्म में आध्यात्मिकता में उन्नति करना शुरू कर लेते है तब आपके लिए पीछे वापस जाना स्वयं ही नामुमकिन हो जाता है. आध्यात्मिक सेतनिज्म एक ऐसा रास्ता है जहाँ सिर्फ आप आगे ही बढ़ सकते है, पीछे जाने और लौटने वाला कोई और रास्ता नहीं होता.

मई उन लोगो को यहाँ सम्बोधित नहीं कर रही हूँ जो किसी प्रकार का कोई अनुसन्धान अथवा खोज या शोध कर रहे है. एक व्यक्ति को चाहिए के यदि वो सेटन और उनके डीमॉन्स को अपने जीवन में बुलाना चाहता है अथवा चाहती है तो उसे चाहिए की वो खुद ही इस वेबसाइट पर दिए गए तंत्रो को करे , पूरे आदर और गंभीरता के साथ. सेटन और डीमॉन्स अपने आप को किसी के ऊपर अकारण ही नहीं थोपते है.

मेरे इस लेख का इरादा नास्तिकों म, सन्देहवादियों और अन्य लोगों को सेतनिज्म की सच्चाई के बारे में जानकारी देने के लिए था. याद रखिये मित्रों , आप यहाँ दिए गए ज्ञान को आदर और गंभीरता के साथ लेंगे तो आप एकदम सही रहेंगे.

इस लेख को लिखने का एक कारण यह भी था की एक ऐसे ही पेशेवरों का एक समूह था जो बहुत संदेहवादी थे, और उन्होंने एक डेमोन का आवाहन किया मस्ती मजाक में उसकी निंदा करने के लिए और यह चीज़ के बारे में मुझे बतलाया गया. और यह बात उन लोगों को बहुत कठिन तरीके में पता चली की सेटेनिक तंत्रो के साथ आप ऐसे ही खिलवाड़ नहीं कर सकते.

अंत में इस लेख को ख़त्म करते हुए मई यह कहना चाहती हूँ की सेटनिस्ट स्वतंत्र विचार का समर्थन करते है और पूरी दृढ़ता के साथ राज्य और चर्च को अलग करने के पक्षधर है.

हम ना ही तो धर्मांतरण करते है ना ही हमारे धर्म को किसी के ऊपर थोपते है, आप स्वयं अपनी इच्छा से आध्यात्मिक सेटनिस्ट बनते है. मैंने सिर्फ कुछ ज़रूरी तथ्यों को यहाँ पर सामने रखा उन लोगो के लिए जो इस वेबसाइट पर आये.

- हाई प्रीस्टेस मैक्सीन डिएट्रिच ( High Priestess Maxine Dietrich )

मेरे बारे में -

हालांकि मै एक ईसाई के रूप मे बड़ी हुई मगर जब मै मेरी उम्र के बीस मे पहुंची तो मे नास्तिक हो चुकी थी. और मे सेतनिज्म मे आने के पहले पूरे पंद्रह साल नास्तिक रही. मुझे मनुष्य की आत्मा के अस्तित्व मे यकीन नहीं था. मै विश्वविद्यालय की जहाँ मैंने भौतिक प्राकृतिक विज्ञानं के बारे मे पढ़ा और मै अमेरिकन मेन्सा की एक सक्रिय सदस्य रही हूँ.

नीचे दी हुई किताबों मे कैसे विश्व की सरकार पारलौकिक मे शामिल हुई और पर्लौकिकी का उपयोग किया विस्तार से बताई गयी हैं

Psychic Warfare by David Moorehouse © 2000

The Seventh Sense by Lyn Buchanan © 2003

ऊपर की दो किताबे हमें यह बताती हैं कैसे अमरीकन सेना जासूसी करने के लिए पर्लौकिकी का उपयोग करती है . "The Seventh Sense" इस किताब मे HELL का एक सन्दर्भ दिया है. यह सब बकवास है अगर आपको HELL के बारे मे सच जानना है तो यहाँ क्लिक करें.


Secret, Don't Tell; The Encyclopedia of Hypnotism, by Carla Emery © 1998

The New Soviet Psychic Discoveries by Henry Gris and William Dick © 1978
इस किताब से लिया हुआ एक अंश -
"Although the Americans had won the race for outer space, they feared the Russians might win the race for inner space—the mind of man. From CIA agents stationed behind the Iron Curtain came reports that the Russians were able to influence telepathically the behavior of people, alter their emotions or health, and even kill at long distance by using only psychic powers." "But one thing is deadly certain: We had gotten our parapsychology probe out just in time, just before the Iron Curtain slammed down, tight..."

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Greetings Comrades,

I thought I publish this before I publish other translated articles. This is quite important and I am publishing it before my other translations. Indian brothers out here please rate this translations, I translated each word to word . Thank you.....................

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ilwah.html

अल जिलवाह - सेटन की काली किताब



अध्याय 1 -

मैं पहले भी था , अब भी हूँ , कल भी रहूंगा और मेरा कोई अंत नहीं है. मेरा उन सब जीवों और उनके सभी मामलो पर प्रभुत्व और अधिराज है जो मेरी छाया की सुरक्षा में है . मैं सदा हमेशा उपस्थित रहता हूँ जो मुझ पर विश्वास रखते है और ज़रुरत के समय पर मुझे पुकारते है. इस ब्रह्माण्ड में ऐसी कोई जगह नहीं जो मेरी उपस्थिति ना जानती हो. मै हर मामलो में भाग लेता हूँ, जो बुराई की पुकार के बिना है , क्यूंकि उनकी प्रकृति उन्हें ऐसा करने की इजाज़त नहीं देती . हर युग का उसका एक प्रबंधक होता है जो मामलो को निर्देशित करता है मेरी आज्ञा के अनुसार. कार्यालय बदलने वाला होता है अर्थात अस्थिर होता है पीढ़ी दर पीढ़ी , माने की इस दुनिया के शासक और उसके प्रमुख अपने सम्बंधित कार्यालयों के कर्मो कर्तव्यों से उसके समय आने पर मुक्त अथवा रिहा हो सकते है .

मै आज्ञा देता हूँ की हर कोई स्वयं के प्रकृति के अनुरूप बातों को अथवा कर्म किया करे परन्तु जो कोई भी मेरा विरोध करेगा वह निश्चित ही इस चीज़ का अति कष्टदायी रूप से खेद करेगा.

किसी भी भगवान को मेरे मामलो में दखल देने का कोई हक़ अधिकार नहीं है और मैंने एक अति आवश्यक नियम बनाया है की हर कोई सारे भगवान की पूजा करने से बचेंगे,. उनकी सारी किताबे जो मेरे बिना है , वो सब अब बदली जा चुकी है , और उनका पतन हो चूका है , हालांकि उन्हें देवदूतों और पैगम्बरों ने लिखा था मगर अब वे खंडित हो चुकी है. प्रक्षेप देखे जा सकते हैं इस तथ्य में की हर सम्प्रदाय यह साबित करने का प्रयास करते है की दुसरे गलत हैं और उनकी किताबो को नष्ट कर दिया जाये.

मुझे सत्य और असत्य / झूठ की पूरी जानकारी है. जब लालच आता है तब मै उसे अपना प्रतिज्ञापत्र देता हूँ जो मुझ में विश्वास करता है. और तो और मै कुशल निर्देशकों को परिषद देता हूँ , क्यूंकि मैंने उन्हें नियुक्त किया है उस अवधि के लिए जो मै जानता हूँ. मै ज़रूरी महत्वपूर्ण मामलो को याद रखता हूँ और तय समय पर उन्हें पूरा करता हूँ. मै उन्हें रास्ता दिखता हूँ और मार्गदर्शन करता हूँ जो मेरे निर्देशो को मानते है. अगर जो कोई भी मेरी आज्ञा का पालन करेगा और मेरी आज्ञा के अनुरूप कार्य करेगा वह निश्चित ही हर्ष , आनंद और आराम पायेगा.


अध्याय 2 -

मै आदम के वंशजो को इनाम देता हूँ और उन्हें कई तरह से इनाम देता हूँ जिनके बारे में सिर्फ मै जानता हूँ . और तो और, शक्ति और सबके ऊपर अधिराज्य जो पृथ्वी पर है , और जो दोनों ऊपर और नीचे है वह मेरे हाथों में है. मै दुसरे लोगो के साथ मैत्री संगती की आज्ञा नहीं देता , और ना ही तो मै उन्हें वंचित करता हूँ जो मेरे खुद के है और वे उनके सब अच्छे के लिए मेरी आज्ञा का पालन करते है. मै अपने मामलो को उन लोगो के हाथो में रखता हूँ जिनकी मैंने परीक्षा ली है और जो मेरी इच्छाओं के अनुरूप है. मै विभिन्न शैलियों / तरीको में दिखाई देता हूँ उनको जो आस्थावान है मेरे आदेशो / कमान में.

मै देता हूँ, और में दूर वापस ले लेता हूँ. मै समृद्धि देता हूँ और साधनहीन करता हूँ. मै सिद्धि / ख़ुशी और दुर्गति / कष्ट दोनों का कारण बनता हूँ. मै यह सब हर युग के लक्षणों को देख कर ध्यान में रखकर करता हूँ. और किसी को भी कोई अधिकार नहीं है की वो मेरे मामलो के प्रबंधन में कोई भी हसतक्षेप करे. जो मेरा विरोध करते है , मै उन्हें रोग से सताता हूँ मगर मेरे खुद के नहीं मरेंगे उन आदम के बच्चो के जैसे जो की मेरे बिना है. कोई भी इस संसार में उतने वक़्त से ज़्यादा नहीं रहेगा / जियेगा जितना वक़्त मैंने स्थित किया है, और अगर मेरी कोई ऐसी इच्छा होती है , तो में एक व्यक्ति को दूसरी या तीसरी बार भेज देता हूँ या तो इस दुनिया में या तो कोई और में , आत्माओ का स्थनांतरगमन करके .

अध्याय 3 -

मै एक सीधे रास्ते पर नेतृत्व करता हूँ / मार्ग दिखता हूँ बिना किसी प्रकाशित किताब के. मै ठीक तरीके से और अप्रत्यक्ष तरीके से निर्देशित करता हूँ मेरे से प्यार करने वालो को और उन्हें जिन्हे मैंने चुना है. मेरी सभी शिक्षाएं लागू होती है हर समय में और हर परिस्थिति / शर्त में . मै अन्य दुनिया में सजा देता हूँ उन सब को जो मेरी इच्छा के विपरीत काम करते है .

अभी आदम के बच्चे नहीं जानते हैं चीज़ों की दशा जो आने वाली है. और इसी कारण से वे कई गलतिया करते है. पृथ्वी के जानवर , स्वर्ग के पक्षी और समुन्दर की मछलिया सब मेरे हाथों के नियंत्रण में है. सभी छुपे हुए खजानो और छुपी हुई चीज़ों को मै जानता हूँ और जैसी मेरी इच्छा होती है , मै इन्हे एक से लेता हूँ और दूसरो / अन्य को इन्हे प्रदान करता हूँ.

मै उजागर / प्रकाशित करता हूँ मेरे अचम्भो को उनको जो उसकी तलाश करते है और तय समय में मै उन्हें मेरे चमत्कार देता हूँ जो वे मुझसे प्राप्त करते है. पर जो मेरे बिना (बाहरी )है , वो मेरे शत्रु है , और इसीलिए वो मेरा विरोध करते है और ना ही तो वे जानते है की उनका यह साहस उन ही के हितो के विरुद्ध है , क्यूंकि पराक्रम / शक्ति , धन संपत्ति और दौलत मेरे हाथों में है , और यह मै आदम के हर योग्य वंशज को प्रदान करता हूँ. इस प्रकार से , संसार की सरकारें , पीढ़ियों का परिवर्तन काल / संक्रमण और उनके निर्देशकों का बदलना , इन सब का मै नियंत्रण करता हूँ शुरुआत से ही.

अध्याय 4 -

मै मेरे हक़ / अधिकार दुसरे भगवानो को नहीं दूंगा. मैंने चार पदार्थो , चार समयो / युगो / कालों और चार कोनो के निर्माण की अनुमति दी है , क्यूंकि यह जीवो के लिए ज़रूरी चीज़ें है.


यहूदी , ईसाईयों और मुस्लिमो की किताब , उनके जैसे जो मेरे बिना है , स्वीकार करती है एक बोध में ,अर्थात जब तक वे मेरी विधियों से सहमत होते है और उनके अनुरूप काम करते है. जो कोई भी / जो कुछ भी इसके विपरीत में है , उन्होंने बदल दिया है , उसे स्वीकार मत करो . तीन चीज़ें मेरे विरुद्ध में है और तीन चीज़ों से मै नफरत / घृणा करता हूँ. पर जो मेरे रहस्यों को रखते है , वे मेरे वादो की पूर्ती को प्राप्त करेंगे. जो मेरी खातिर भुगतते है मै उन्हें निश्चित ही कोई एक दुनिया में इनाम दूंगा.

यह मेरी इच्छा है की मेरे मानने वाले , एकता के एक बंधन में बंध जाएँ , ऐसा न हो की जो बाहर के है और मेरे बिना है , वे उनके विरुद्ध प्रबल ठहरे. अब , फिर , तुम सब जिन्होंने मेरी आज्ञाओं का पालन किया है और मेरी शिक्षाओं का पालन किया है , अस्वीकार / त्याग करो उनकी शिक्षाओं और प्रवचनों / बातों का जो मेरे बिना है .

मैंने यह शिक्षाएं सिखाई नहीं है और ना ही वे मुझसे प्रवृत होती है . मेरे नाम और मेरी विशेषताओं का वर्णन मत करो , कहीं ऐसा न हो की तुम इस बात का खेद करो , क्यूंकि तुम नहीं जानते , जो लोग मेरे बिना है (बाहरी है ) वो क्या कर सकते है.

अध्याय 5 -


हे - तुम लोग जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया है , मेरे प्रतीकों और छवियों / छाया / मूर्ती का आदर करो क्यूंकि वो तुम्हे मेरी याद दिलाते है. मेरे कानूनो / नियमो और विधियों का पालन करो , मेरे नौकरो की आज्ञा मानो और सुनो जो वे कुछ भी बोल / बता सकते है तुम्हे छुपी हुई चीज़ों के बारे में. प्राप्त करो उसे जो तुम्हे बताया गया है, और उसे उनके सामने मत ले जाओ जो मेरे बिना है अर्थात बाहरी , यहूदी , ईसाई , मुस्लिम और अन्य , क्यूंकि वे मेरी शिक्षाओं की प्रकृति को नहीं जानते समझते . उन्हें तुम्हारी किताबे मत दो, ऐसा न हो की तुम उन्हें अपने ज्ञान के बिना (अज्ञानतावश ), बदल दो .

उनका अधिक से अधिक भाग दिल से सीखो , कहीं ऐसा न हो की वे बदल दी जाये.

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SATAN

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/Satan.html

लम्बे समय से सेटन के बारे में बहुत झूठ और दुष्प्रचार फैलाया गया है और यह अभी भी फैलाया जा रहा है. हम में से बहुतो ने सेटन को देखा है , उनसे बातें करी है और उन्होंने हमें सूक्ष्म जगत (आध्यात्मिक तौर ) पर छुआ भी है . हम में से लगभग सभी जो उन्हें जानते है , यह बात स्वीकार करते हैं की वे वाकई सच में कैसे दिखते है.

दुश्मन के तथाकथित धर्मो ने बहुत लम्बे समय से किताबे लिखी है की , उनका क्या विश्वास है की सेटन और उनके डीमॉन्स कैसे दिखते हैं , यह कुछ नहीं बल्कि सब निंदा करने योग्य झूठ है. सेटन लाल रंग के नहीं है , ना ही तो उनकी पूँछ या सींग है और ना ही तो वे एक हेलोवीन मॉन्स्टर (दैत्य ) जैसे दिखते है. उनकी ज्वलंत लाल आँखे नहीं है , और ना ही तो उनकी रबर जैसे पंख है. यह चित्रण असल में तो सेटन का अपमान करने , उन्हें बदनाम करने और उनकी निंदा करने के मकसद से ऐसा गलत किया गया है. डीमॉन्स का एक निचला क्रम भी है. वे संरक्षक होते है , मदद करने वाले होते है , सुरक्षा करने वाले होते हैं और सन्देश पहुंचाते हैं ऊँचे क्रम के डीमॉन्स को . यहाँ ये सेटन की फोटो है की वे सच में कैसे प्रकट होते है हम लोगो को जिन्होंने उन्हें देखा है. सेटनिज़्म को अँधेरे से जोड़ कर देखने के विपरीत , सेटन प्रतीत होते है एक सफ़ेद लबादा पहने हुए , इसी तरह का जो नीचे उनकी फोटो में दिया है . वे सबसे ऊँचे अधिनायक (लीडर ) हैं ओरियन साम्राज्य के नार्डिक भगवानो के .
हम में से कई उन्हें अक्सर देखते है और हमारे सम्बन्ध उनसे अत्यंत गहरे और नज़दीकी है. सेटन अत्यंत सुन्दर हैं लगभग वैसे ही ठीक जैसे नीचे फोटो में दिए हुए हैं , इसके अलावा वे बहुत कम ही पंखो के साथ प्रकट होते हैं.

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यह एक पुरानी तस्वीर है एडवर्ड बर्नी के द्वारा महाकाव्य "पैराडाइस लॉस्ट " से
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पिता सेटन की sigil (यन्त्र ), यह sigil कप के अंदर में अंख के साथ है , जो जीवन के अमृत वाले कप को दर्शाता है. यह अमरता का "पवित्र कप" है . यह पवित्र कप 666 सोलर (सूर्य ) चक्र है.

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उनका दिन सोमवार है.

उनके रंग नीला , लाल और काला हैं .

वे सुमेरियन भगवान ई ऐ (EA) हैं , जिन्हे एनकी (ENKI) भी कहते हैं , जिसका अर्थ होता है " पृथ्वी का स्वामी " . उन्हें मेलेक ता' उस (Melek Ta'us. ) नाम से भी जाना जाता है.

जानवर जो उन्हें पवित्र है वो है - मोर , सांप , बकरा , ड्रैगन और काला कौआ.

उनके नंबर है 13 , 666 और 4 ( 666 पूर्णता और अनंत जीवन है. )


उनके राशि चिन्ह है कुम्भ ,.... पानी का वाहक और मकर राशि ,.... बकरा (कुम्भ का युग मानव उन्नति के लिए का युग है )

उनके गृह है - यूरेनस (अरुण गृह) और वीनस (शुक्र गृह ), सुबह का तारा

उनकी दिशाएं पूर्व और दक्षिण दोनों हैं

उनका साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन है दिसंबर 23 , जब सूर्य मकर में एक डिग्री (दशा ) रहता है . शीतकालीन संक्रांति (THE WINTER SOLSTICE ) का अगला दिन उनका व्यक्तिगत दिन है और इसे हर समर्पित सेटनिस्ट को देखना चाहिए . (यह उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कहा था. )

यह तस्वीर है सेटन के महल की जॉन मार्टिन के द्वारा महाकाव्य पैराडाइस लॉस्ट से.


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Thank you ......

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सेटन के साथ मेरी बातचीत

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पिता सेटन और अजाजेल के साथ मेरी कई बातचीते हुई हैं, सिर्फ कुछ ही मैंने लिखी हुई हैं . सेटन और उनके डीमॉन्स हर किसी को आमने सामने प्रकट नहीं होते. हम में से वो लोग जो उनके साथ सीधे प्रतक्ष्य रूप से काम करते हैं , जैसे वे सलाह देते हैं या उपदेश या आज्ञा देते है की हमें क्या करना है , वो उन्हें आमने सामने देखते हैं.

पिता सेटन अत्यंत शांत और समझदार हैं. वे अपने लोगों को अंदर से शान्ति की भावना देते हैं. सेटन उनके किसी भी प्रकार के घिसे पिटे वर्णन के अनुरूप नहीं हैं. वे अद्वितीय हैं. एक को स्वयं खुद के लिए उन्हें निश्चित ही जानना चाहिए . मैंने जो कुछ भी उनके बारे में पहले पढ़ा है , वे एकदम उसके विपरीत हैं.

सेटन ने लगातार मुझको पावर मैडिटेशन के महत्व पर बल दिया है. उन्होंने मुझे बताया है की "हमारा पक्ष जीत गया है ". सेटन ने बहुत पहले एक लड़ाई हारी थी , लेकिन युद्ध नहीं. उन्होंने हाल ही में युद्ध जीत लिया है. वे दुनिया की परिस्थिति को देखकर चकित हैं.

शुरुआत के लिए, में आप सबको कुछ चीज़ों के बारे में बताना चाहूंगी , ताकि जो कुछ में कह रही हूँ वो आपको ज़्यादा अच्छे से बेहतर तौर पर समझ आये. मेरी पढ़ाईओं में , मैंने कई बार मौत के नज़दीक होने वाले अनुभवों के बारे में पढ़ा है . मैं एक किताब पढ़ रही थी , मनोविज्ञान का सैन्य उपयोग *. इस किताब का लेखक , अमरीकी सेना का एक प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक था. उस में मृत्यु और मरने के बारे में एक अध्याय था. उसने HELL का उल्लेख किया था जो उसका विश्वास था की वह HELL है. ये वही पुरानी समान डरावनी कहानिया है , जहाँ दर का उपयोग हेर फेर करने और मानवता को नियंत्रण में रखने के लिए किया जाता है क्यूंकि मानवता सच और ज्ञान में पिछड़ी हुई है.

सेटन ने इसके बारे में क्या कहा - ये नीचे दिया गया है -

ये एक अंश है बातचीत का जो मेरी उनके साथ हुई थी-

मैंने अजाजेल के बारे में सोचा मगर मेरे जानने के पहले ही , मै उनके बाजू मई बैठी हुई थी दरवाजे के बहार का वो एक तरह से आराम करने वाला स्थान था. आस्मां ऐसा था जैसे हम बादलो वाला हल्का भूरा देखते हैं , वहां मार्बल (संगमरमर ) के खंड थे ( विदेशी जैसे जो हम यहाँ नहीं देखते ) वहां एक संगमरर की बेंच थी जहाँ मै उनके बाजू में बैठी थी. दूरी पर एक स्लेटी रंग का पिरामिड था.

मेरे जानने के पहले , पिता सेटन मेरी दूसरी तरफ आकर बैठ गए और मै बीच में बैठी थी. उन्होंने मुझसे कुछ समय के लिए बातचीत करी और यह अंश है उस बातचीत का. इन कोष्ठक के बीच में के { } के शब्द मेरे है . मुझे सेटन के साथ हुई बातचीत के कुछ भागों के यथार्थ शब्द याद नहीं है.

पिता सेटन - क्या तुम जानती हो की पिरामिड इतना शक्तिशाली क्यों है ? क्यूंकि वह आसमान की ओर नौक किये (POINTED) हुए है .

{ तब मैंने उनसे पुछा , क्यूंकि मेरी रूचि थी , हालांकि मै पूरी तरह से चिंतित नहीं थी बहुतों के अनुभव के बारे में जो सोचते है की जो उन्होंने देखा है वह "HELL " है.

पिता सेटन - वहां भंवर [थैले ] है विनाशकारी नकारत्मक ऊर्जा के. घृणा, क्रोध, भय, हत्या, मृत्यु, और हर दूसरी [विनाशकारी] चीज़ें . ये ब्लैक होल / वर्म होल की तरह है. ये नकारत्मक ऊर्जा को जमा करते है एक वैक्यूम के जैसे.

जब तुम ध्यान करती हो , फर्क का देखती हो ?

मैक्सीन - हाँ

पिता सेटन - वहां अस्तित्व के कई लोक हैं. जब तुम ध्यान करती हो तो तुम एक ऊँचे लोक पर ऊपर उठती हो . लोग जो पहले सी ही निचले क्रम में है वे इन नकरात्मक ऊर्जा से भरे भंवरों में फंस जाते हैं और खिंच जाते हैं . जो लोग नास्तिक है या अविश्वासी है , वे लोग कोई भी चीज़ के प्रति प्रभाव पड़ने वाले होते है . दुश्मन* जानता है की इनका कैसा उपयोग करना है.

{जब उन्होंने दुश्मन का उल्लेख किया , मुझे GREYS (ग्रेज़) दिखे }

{फिर मैंने देखा की सेटन के चेहरे पर हल्का सा दुःख झलका और उन्होंने कहा } - हाँ मै जानता हूँ , वे मुझे उनके समान बतलाते है.

"हमारे पास मृतक आत्माओ के लिए यहाँ पर एक स्थान है "." तुमने उसे देखा है "

{यह वह स्थान था जो बर्रोम (अलकोहल पीने और परोसने हेतु काउंटर ) के साथ था और लोग सिगरेट पी रहे थे. }

"हम सुरक्षा करते हैं हर उस की जो हमारे पास आता है "" कुछ (पथभ्रष्ट/ गुमराह ) किये होते है , और हम उनका पुनर जन्म करवाते है जब तक वे सच को स्वीकार नहीं कर लेते और यहाँ आने को तैयार नहीं होते". "बहुत सरे लोग (जो हमरे बिना है उनका भी ) पुनर जन्म कर दिया जाता है. "
______________________________________________________________________________________

अजाजेल मानव आत्मा के अध पतन से अत्यंत घृणा करते हैं.

मूलाधार (बेस चक्र BASE CHAKRA) पर मानवो को ऊर्जा से सील बंद कर दिया गया है .(इसका प्रतीक उन दो फरिश्तो से किया गया है जो जीवन के पेड़ की पहरेदारी करते हैं दहकती हुई तलवारो के साथ . ) यह एक अंग को बाँधने के अनुरूप है जिसमे आप रक्त या लिम्फ (LYMPH )को प्रसारित न होने दे और उस अंग को मुरझाने अथवा मरने के लिए छोड़ दे .यही मामला मानव आत्मा के साथ हुआ है , जो यहोवा (YAHWEH ) ने कुण्डलिनी ऊर्जा को सील बंद कर दिया है . हमारी आत्माओं का अत्यंत अध पतन हो गया है. कुण्डलिनी सर्प को ऊपर लाना बहुत कठिन होता है और खतरनाक हो सकता है आम व्यक्तिओं के लिए , क्यूंकि हम बायो इलेक्ट्रिसिटी (जैव ऊर्जा ) के बहुत निचले क्रम में परिचालन के आदि हो गए हैं.

अजाजेल ने मुझे बताया की "10000 साल पहले " हम " उत्तमता के नज़दीक थे. " हम भगवानो के कंधे से कन्धा मिलाकर रहते थे." पृथ्वी पर हमला हुआ था . "

*सन्दर्भ -

लिन बुकानन द्वारा सातवीं नब्ज [नर्क की गलत अवधारणा के संदर्भ]
© 2003

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NAME OF SATAN - Hindi Translation
सेटन के नाम की उत्पत्ति

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कई साल की व्यापक और प्रचंड अनुसन्धान के बाद , यह सब एक साथ आ गया है

1) बाइबिल का आविष्कार इसलिए किया गया था ताकि , गुप्त विद्या / ज्ञान , मन और आत्मा की शक्ति का ज्ञान केवल चुने हुए लोगों के हाथों में रहे.

2 ) क्रिश्चियनिटी जो कैथोलिक चर्च के साथ शुरू हुई , उसका आविष्कार भौतिक शारीरिक रूप से लागू करने हेतु और वास्तविक / प्राकृत धर्मो को नष्ट करने और उनकी जगह लेने के लिए किया गया था. ये वास्तविक / प्राकृत धर्म सरपेंट (सांप ) की श्रद्धा के चारो ओर केंद्रित थे. सरपेंट (सांप ) कुण्डलिनी का प्रतीक है. "ज्ञान का पेड़ " सच में मानव आत्मा का नक्शा है . वह तकरीबन सभी प्राचीन धर्मो में देखा जाता है जो जुडिओ (यहूद ) और क्रिश्चियनिटी (ईसाइयत ) को पछाड़ते रहे हैं. तना रीढ़ को दर्शाता है (उसका प्रतीक करता है ), और डगाले कुण्डलिनी के रास्तो को और चक्रों को दर्शाती हैं (उनका प्रतीक करती हैं ), वहां 144000 नाड़ियाँ हैं (कुण्डलिनी जीव शक्ति के प्रवाह रास्ते ) मानव आत्मा के अंदर .

बुद्ध "बो पेड़ " (bo tree )के नीचे बैठे और उन्होंने प्रबोधन (enlightment ) प्राप्त कर लिया . बो का मतलब होता है सरपेंट (सांप ) , जैसा बो आ (Bo - A) और बू टा (Boo - TA )*. वास्तविक /प्राकृत धर्मो से जो कुछ भी मिल सका उन्हें क्रिस्चियन (ईसाई )चर्च ने चुराया . तोडा, मरोड़ा और भ्रष्ट कर दिया ." फिग का पेड़" (पीपल ) (FIG TREE) "बुद्धिमता का पेड़" फिक्स रिलिजियस (Ficus religiosa )के तौर पर जाना जाता था* . क्रिस्चियन चर्च ने इसे फिग (FIG) के पत्ते को आदम और ईव (Adam and Eve )के गुप्तांग पर रखकर भ्रष्ट कर दिया .

3 ) " सेटन "(SATAN) का अर्थ हिब्रू (Hebrew) भाषा में होता है " दुश्मन " या "प्रतिद्वंदी "

अब यह शब्द SATAN (सेटन ) हिब्रू परिभाषा से भी बहुत बहुत पहले से मौजूद है . आप सब को इस लिंक को निश्चित ही देखना चाहिए (देखें - http://www.viewzone.com/matlock.html)
ध्यान दे भारतीय गणराज्य के उत्तर-पश्चिमी कोने में सतना (SATANA ) नाम का एक शहर है.

सतनाम (Satnam) और सा ता ना मा (Sa Ta Na Ma ) पवित्र मंत्र हैं , कुण्डलिनी (सरपेंट {सांप }) ध्यान में . प्राचीन संस्कृत में जो संसार की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है उसकी पांच मौलिक ध्वनिया हैं सा ता ना मा (Sa -Ta-Na-Ma ). सा (Sa ) का अर्थ होता है अनंतता , ता (Ta ) का अर्थ होता है जीवन , ना (Na ) का अर्थ होता है मृत्यु और मा (Ma ) का अर्थ होता है पुनर्जन्म . " SATAN "(सेटन ) नाम की सभी विविधताओं का अर्थ होता है "सच " (TRUTH) संस्कृत में जो की संसार की सबसे पुरानी और सबसे प्राचीन भाषाओँ में से एक है.

इन सबका हमारे अंदर की कुण्डलिनी जीव ऊर्जा (सरपेंट {सांप }) से लेना देना है. जैकब का कई रंगो का कोट बाइबिल में , औरा (प्रभामंडल )है . नंबर (संख्या ) सात (7) चक्र हैं. पुराने जादू की किताबो के व्याख्या करने वालों ने इसे "सात (7) गृह " बताया जो की एकदम गलत है. प्राचीन पूर्वज जितना उन्हें श्रेय मिला उससे अधिक ज्योतिषी के बारे में जानते थे.

कोई भी जो चीनी दवाइयों और लड़ाई की कलाओं (मारशल आर्ट्स )से परिचित है , जानता है ची (Chi) के बारे में (ची कुंडलिनी की तरह ही जीव ऊर्जा है ) , वह यह भी जानता है की कैसे ची ऊर्जा कहीं ज़यदा सक्रीय रहती है शरीर के निश्चित रास्तों में , निश्चित दिन और घंटो में . मैंने एक मैडिटेशन (ध्यान ) वाला चार्ट अपलोड किया है इसके लिए. (देंखे - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/Hours.html)/ रसायन विद्या के लेखक उन दिनों में , अपने लेख संकेत लिपि (code) में लिखा करते थे ताकि चर्च के उत्पीड़न से बच सकें.

सूर्य वास्तविक/ प्राकृत धर्मो में उपासना का एक अन्य लक्ष्य/कर्म / वस्तु था. ऐसा इसीलिए था क्यूंकि वह पवित्र / शुद्ध प्राकृतिक कच्ची शक्ति देता था और सम्पूर्ण जीवन का स्त्रोत है. चन्द्रमा की चित्रकारी करना या सितारों से ऊर्जा सोखना यह कुछ भी नहीं है जब हम इसकी तुलना सूर्य से करें , की हम सूर्य की मदद से क्या क्या नहीं कर सकते अगर उचित प्रशिक्षण और ज्ञान दिया जाये तो. जॉय ऑफ़ सेटन (Joy of Satan ) के पुरोहित वर्ग इस बात को जानते हैं. औरा (प्रभामंडल ) के गढ्ढों को चंगा कर दिया जाता है , और जीव ऊर्जा को प्रवर्धित किया जाता है प्रकाश के किसी भी रूप के साथ नहीं .

Lucifer (लूसीफर ) भी एक नाम है जो हमारे परम प्रिय पिता सेटन को दिया गया है. लूसीफर मूलतः एक रोमन भगवान थे जिनका हमारे पिता सेटन /ई ऐ (EA) से कोई सम्बन्ध नहीं था. उपसर्ग "एल यू की " (LUC) का रौशनी अर्थात प्रकाश से लेना देना है. आत्मा को प्रकाश की ज़रुरत होती है. भोर का तारा, शुक्र रौशनी का स्त्रोत था प्राचीन पूर्वजों के लिए, और उनका (शुक्र का )उदय अत्यंत महत्वपूर्ण सूर्य से पहले था. शुक्र महत्वपूर्ण हार्ट (ह्रदय ) चक्र (अनहाता चक्र ) पर भी राज करते हैं.

पिता सेटन (मैं व्यक्तिगत तौर पर उन्हें सेटन कहना पसंद करती हूँ ), ने मुझे बताया है की उन्हें इस बात में कोई परेशानी नहीं है की लोग उन्हें उन नामो से पुकारे / बुलाएँ जो नाम जिन नामो से वे सदियों से जाने जाते आ रहे हैं, हांलांकि वे नाम त्रुटिपूर्ण हैं. मैं उन्हें पिता सेटन कहती हूँ /पुकारती हूँ जब भी मैं उनसे संवाद करती हूँ या उन्हें धन्यवाद देती हूँ . मेरे लिए सेटन का अर्थ सदा प्रतिद्वंदी रहेगा , - प्रतिद्वंदी , दुश्मन के यहूदी (judeo) / ईसाई (christians) के झूठ का.

कैथोलिक चर्च जानता था की वास्तविक / प्राकृत धर्मो को कोई और चीज़ के साथ बदलना होगा और यहीं से बाइबिल में की साड़ी कहानियाँ आई. ये सारी कहानियाँ वास्तविक / प्राकृत धर्मो की चोरी की हुई हैं , जो ईसाइयत ने प्राकृत वास्तविक धर्मो से चुराई , जो ईसाइयत की फूहड़ शकल/ सिर निकलने के पहले से ही मौजूद थे.

वर्जिन मैरी (Virgin Mary) को एस्थेरोत (Astharot) के बदले डाल दिया गया, और उसे स्वर्ग की महिला सीमित कर दिया. ईसाइय धर्म के पहले के संसार में एस्थेरोत (Astharot ) एक लोकप्रिय देवी थीं. काल्पनिक यहोवा (Yahweh) ,एन्लिल / बीलज़ेबूब / बाल ( Enlil/Beelzebub/Baal ) के बदले डाल दिया गया . एन्लिल / बीलज़ेबूब / बाल भी ईसाइय धर्म के पहले के संसार में सबसे लोकप्रिय भगवान थे, और अंत में हमारे पारप प्रिय पिता सेटन जिन्हे सरपेंट (सांप ) और शैतान (Devil) करार दे दिया गया .

लैंगिकता , जो की जीव ऊर्जा का प्राथमिक पहलु है , स्वचालित रूप से चर्च द्वारा गहन जांच के दायरे में आया. कामोत्तेजना सीधे उत्त्तेजित करती है रीढ़ के आधार पर कुण्डलिनी सरपेंट (सांप ) को . रचनात्मक ऊर्जा जिसकी दुसरे मानव जीवन को पैदा करने के लिए ज़रुरत होती है / या इसमें काम आती है , इस ऊर्जा से हम एक की जीवन ऊर्जा का सुधार कर सकते हैं , जो उन्नति करती है और शक्तिशाली बनती है एक की आत्मा को.

ज़ाहिर है की यौन गतिविधियों को रोक नहीं जा सकता इसीलिए डर का उपयोग किया गया , उसे सख्त विनियमन / क़ानून के अंदर रखा गया. ईसाइय धर्मो में , विशेष तौर पर पुराने समय में कैथोलिक चर्च में सारे यौन सुख पापमय करार दे दिए गए थे और उन्हें चर्च के द्वारा निषिद्ध कर दिया गया . सम्भोग बच्चे पैदा करने के लिए होता था और इससे ज़्यादा कुछ नहीं. नंगापन एक पाप बन गया क्यूंकि यह वासना की ओर ले जाता था. हस्तमैथुन एक और " नश्वर पाप " था. वह जहर ज़हीज़ जिसका कुण्डलिनी को उठाने से सम्बन्ध था उस पर चर्च द्वारा गंभीर रूप से हमले किये जाते. क्रिस्चियन चर्च का एकमात्र उद्देश्य ज्ञान का निष्कासन करना और उसे हमेशा के लिए हटाने का था और कुछ भी नहीं. अब जब अधिकतर जनता से यह ज्ञान और शक्ति चीन ली गयी है , कुछ चुने हुए थोड़े लोग जिन्होंने इस ज्ञान को हटाने के लिए काम किया , अब इस ज्ञान का उदारतापूर्वक उपयोग करते हैं सारे अनजान जगत को गुलाम बनाने और वश में रखने के लिए. कैथोलिक चर्च के जेसुइट हत्यारे (Jesuit Assassins ) उड़ जाने तक के लिए भी जाने जाते हैं क्यूंकि वे उनके अनजान पीड़ितों की प्रार्थनाओं से मानसिक शक्ति खींच लेते हैं .

सन्दर्भ -

* क्लॉक ऑफ़ द इल्लुमिनाटी बाय विलियम हेनरी 2003

* आईबिड
हालांकि इस किताब में बहुत सारी कीमती जानकारियां हैं अगर कोई पंक्ति के बीच में पढ़े , इसका लेखिक किन्तु मोहित है क्यूंकि वह काल्पनिक नाज़रीन (जीसस / यशु ) में विश्वास करता है.



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मानवता की रचना -

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जब हम सेटन की काली किताब को देखते हैं (अल - जिलवाह), हम पाते हैं अध्याय 4 में सेटन कहते हैं , " मैंने चार पदार्थो , चार समयो / युगो / कालों और चार कोनो के निर्माण की अनुमति दी है , क्यूंकि यह जीवो के लिए ज़रूरी चीज़ें है. "

हाँ , डी एन ऐ (DNA) अणु ! जो कोई भी डी एन ऐ (DNA ) की संरचना और बनावट से परिचित है जानता है की अणु घुमावदार अकार का होता है और सरपेंट (सांप ) की तरह कुंडलित होता है . डी एन ऐ (DNA) में सीढ़ी के डंडो जैसे पायदान भी होते हैं. सीढ़ी के पायदान चार समासों (compounds/ कम्पोउन्ड्स )के बने होते हैं , जिन्हे आधार (bases)कहा जाता है . ये आधार एडिनाइन, साइटोसिन, गुआनिन और थाइमिन (The bases are adenine, cytosine, guanine and thymine )हैं। संक्षिप्त में ऐ , सी, टी और जी (A, C, T और G ). इन चार नुक्लिओटाईड्स (nucleotides ) जोड़े में मिल सकते हैं , असीम विविधता के दृश्यों/अनुक्रमो में और इ सीमा में बंधे हुए होते हैं.

डी एन ऐ (DNA ) जीवन का आधार है . डी एन ऐ (DNA ) के बिना जीवन अस्तित्व में नहीं होगा. सरपेंट (सांप ) प्रतीक है चंगाई का - शरीर और आत्मा की. सरपेंट (सांप ) प्रतीक है औषिधि का ,- केडीयूसीयस (Caduceus) - 2 सर्प जुड़े हुए एक डंडे के चारो ओर. या हर चिकित्सक / डॉक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है. सरपेंट (सांप ) बुद्धिमता एवं ज्ञान का भी प्रतीक है. कुंडलिनी , जो की एक तेजस्वी / उग्र सरपेंट (सांप ) है , जो की रीढ़ के आधार पर निष्क्रिय लेटी हुई है , जब इसे सक्रिय किया जाता है ध्यान(meditation) से यह ऊपर उठती है और एक व्यक्ति ईश्‍वरत्‍व को प्राप्त कर लेता है. सरपेंट (सांप ) हमेशा से सेटन का प्रतीक रहा है. क्रिश्चियनिटी (ईसाइयत ) और इसके जैसे लोगों ने हमेशा सरपेंट (सांप ) पर जोरदार हमला बोला है क्यूंकि यह सरपेंट (सांप ) जीवन का प्रतीकात्मक है , यह प्रतीकात्मक है मानवता की उन्नति और चंगाई का ज्ञान और बुद्धिमता से. क्रिश्चियनिटी है और हमेशा से ध्यान केंद्रित की हुई है एक के जीवन पर , एक की मौत के लिए , उसने ध्यान केंद्रित कर रखा है एक पागल , फटे, हारे हुए और खून के साथ पिटे हुए मरे हुए जीव पर , जो की सूली (क्रॉस ) पर कील ठोक कर चढ़ा दिया गया , और इसके साथ यहूदी / ईसाई बाइबिल जो की भरी पड़ी है सामूहिक हत्या जीव रक्त बलिदान, बलात्कार, युद्ध और निर्दोष लोगों के शिकार के ठसाठस किस्सों से.

सेटन अपनी काली किताब में यह भी कहते हैं - " कोई भी इस संसार में उतने वक़्त से ज़्यादा नहीं रहेगा / जियेगा जितना वक़्त मैंने स्थित किया है " सेटन ने हमारी रचना करी और हमारी जीवन अवधि निर्धारित करी , मानवो के रूप में . जब उन्होंने हमें भगवान जैसा बनाने का प्रयास किया तो दुसरे भगवानो ने उन्हें रोक दिया . आत्मा निर्धारित करती है की एक कितना लम्बा जियेगा . या अक्सर एक के ज्योतिषी मानचित्र / चार्ट में द्ख जा सकता है , जो की आत्मा का एक नक्शा है .


झूठे विदेशी "GOD" (परमेश्वर ) की शिक्षा अशुद्ध करती है , बिगाड़ती है, हानि करती है / नुक्सान पहुंचती है उस हर चीज़ को जो हमारे लिए अच्छी है . क्रिश्चियन / ईसाइयों ने सरपेंट (सांप ) को एक दहशत के प्रतीक के रूप में बदलने का प्रयास किया है . अगर क्रिस्चियनिटी / ईसाइयत नहीं होती तो औषिधि विज्ञान के पास सारे और हर इलाज होते हर बिमारी के लिए और हर चिकित्सा सम्बन्धी परिस्थिति के लिए जिसमे उम्र का बढ़ना भी शामिल है.

झूठे विदेशी "GOD" (परमेश्वर ) ने उपयोग किया डर, धमकियाँ और अन्य आपराधिक रणनीति मानव जाति को वश में रखने के लिए. ईसाई , इस्लाम धर्म के पूरे सिद्धांत और उसकी यहूदी (जूदाइज़्म / judaism ) की जड़ें , मानव विरोधी हैं. ये विदेशी (aliens) नफरत करते हैं हर उस चीज़ से जो हमे मनुष्य बनती है. वास्तव / सत्य में हमें पता चला है के वे दशम विदेशी (aliens) हैं , जिन्हे ग्रेज़ (Greys) के रूप में जाना जाता है , ये ग्रेज़ जो ओर अधिक उन्नत एलियंस (Alien / विदेशी ) के पर्यवेक्षण / देखरेख और दिशा निर्देश में काम करते हैं उन एलियंस को रेप्टिलिअन्स (reptilians) कहते हैं . उन्होंने मानवता को आध्यात्मिक ज्ञान से काट दिया है जूदाइज़्म ,ईसाइयत और इस्लाम
( Judaism, Christianity और Islam) के कार्यक्रमों की सहायता से. ये पूर्वकथित कार्यक्रम (जूदाइज़्म ,ईसाइयत और इस्लाम ) किसी भी तरह से धर्म नहीं हैं. वे आध्यात्मिक नहीं हैं. वे मानवता को अँधा करने के लिए तैयार किये गए हैं , इस तथाकथित " छठी इन्द्रिय " (sixth - sense / सिक्स्थ सेंस ) के मामले पर, जहाँ हम आध्यात्मिक पहलुओं को नहीं देख सकते. हम इनके कारन यह भी नहीं देख पाते की दूसरों की और हमारी आत्माए क्या होती हैं , और हम कैसे शोषित हुए हैं और हो रहे है हमारी ऊर्जा के लिए और विनाश की ओर प्रेरित हो रहे हैं .

सेटन जानते हैं और समझते हैं मानवता को . सेटन हमें स्वीकार करते हैं जैसे हम है , हमारे व्यक्तित्व के लिए. सेटन में हम पाते हैं की हम "स्वयं " "खुद " बन जाते हैं अर्थात स्वयं की काबिलियत और सामर्थ्य जान जाते हैं हैं और केंद्रित हो जाते हैं. इसके माध्यम से हम बढ़ सकते हैं , उन्नति कर सकते हैं और विकसित हो सकते हैं .

तथाकथित यहोवा (yahweh / jehova ) घृणास्पद , क्रोध प्रकोप से भरा और महान धोकेबाज़ है. जिन्हे धोका दिया गया है उन्हें उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता है और उन्हें हो भी जाता है की या बईमान जीव का हमारी रचना में कोई हाथ है. वे निश्चित ही / सच में सत्य के बिना उसके कोसो दूर हैं क्यूंकि वे सच में नहीं जानते सच्चे पिता और रचनाकार को.

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ज्ञान का पेड़ , सेब और सरपेंट (सांप )

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एडवर्ड केली की " विशन ऑफ़ दी राउंड हाउस " * (Edward Kelly's "Vision of the Round House"¹) और साख देती है विद्वानो के द्वारा लिखे गए ग्रंथो को जो जेनेटिक इंजीनियरिंग (genetic engineering ) द्वारा मानवता की रचना की बाहरी जगत के जीवों (एक्स्ट्रा टेररिस्टिअल्स /extra terrestials ) द्वारा के अवधारणा का समर्थन करते हैं. ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे डॉक्टर जॉन दी (Dr . John Dee) और एडवर्ड केली (Edward Kelly) को इस चीज़ का कोई ज्ञान था सोलवीं शताब्दी (16th century) में. "विशन ऑफ़ दी राउंड हाउस " समान है : मानवता / मानव जाती बाहरी लोक के जीवों या एक्स्ट्रा टेररस्टिअल्स द्वारा बनायीं गयी जिन्हे खानो / माइंस (mines) में गुलाम मज़दूर चाहिए थे. क्रो मैग्नम प्राइमेट (cro -magnum primate ) से डिम्ब (ovum) को लेते हुए और वीर्य के कृत्रिम गर्भधान की सहायता से . यह वीर्य नेफिलिम (Nephilim) में से एक का लिया गया था और हमारी रचना हुई .

वो एक जिन्हे सेटन कहते थे उन्होंने हमारी रचना करी और हमरी रूप रेखा तैयार की. उन्होंने हमें ज्ञान देने और भगवान जैसे बनाने का इरादा रखा मगर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया और दूसरी भगवानो द्वारा उन्हें धिक्कार दिया गया. हम प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हुए , जानवरो के विपरीत जिनका स्वास्थय और रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यापक तौर पर हमसे बेहतर है . सेटन ने हमे पूर्णता /उत्तमता देने की इच्छा रखी थी , लेकिन कुछ भगवान हमें नाश्ता / बर्बाद करना चाहते थे नियोग / मिशन के खत्म होने पर और चूंकि हम उन दुसरे भगवानो के लिए एक मसला बन रहे थे उन दुसरे भगवानो ने हमें बाधम में डुबाने का भी प्रयास किया.

सेटन दुसरे भगवानो के विरोध में गए और उन्होंने हमें उन्नत अनुवांशिकी (जेनेटिक्स / genetics) दिए. "ब्रेथ ऑफ़ गॉड " (भगवान की साँसे ) आत्मा हैं. चक्र अलौकिक / मानसिक / आत्मा सम्बन्धी शक्ति केंद्र हैं जो निश्चित तरीको द्वारा सांस लेने से सक्रिय होते हैं , कुंडलिनी सरपेंट (सांप ) को ऊपर चढाने / उत्थान में समर्थ करने के लिए. जब कुण्डलिनी सरपेंट (सांप ) चढ़ता है तो प्रबोधन / ईश्वरत्व की प्राप्ति हो जाती है . यह एक प्रमुख / बड़ा कदम है मैग्नम ओपुस (Magnum Opus) के काम करने में , जो मानसिक और आध्यात्मिक उत्तमता / पूर्णता देता है अमरता (अमर बनाने )के साथ .

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जीवन का पेड़ प्राचीन इजिप्ट (मिस्री / egyptian ) है उत्पत्ति में . यह वास्तव में प्रतिरूप है / ढांचा है (pattern) या तो सीधा या तो उल्टा जीवन के अनुवांशिकी (जेनेटिक्स ) के लिए . यह प्लग होता है जीवन के फूल में / के अंदर और यह अंकित किया गया है इजिप्ट (मिस्र ) के मंदिरों और पीरमीडो (pyramids) की कई दीवारों पर . जीवन का फूल (फ्लावर ऑफ़ लाइफ / Flower of Life ) खाका है हर जीवित चीज़ के लिए. इसके अलावा, "जीवन का पेड़ " (Tree of Life ) नक्शा है मानव की आत्मा का, - तने (trunk) के साथ जो प्रतीक है रीढ़ का , डगालें जो प्रतीक हैं 144000 नाड़ियों की , और फल जो प्रतीक हैं ध्यान (meditations) के पुरस्कारों केजो काम करते हैं एक की आत्मा पर. एक की आत्मा के "फलों " से एक जीता है.

बेवकूफ दवा करते हैं की "सेटन " (SATAN) ईसाई अविष्कार (christian invention ) हैं. सारे पुराने भगवान शैतान और डीमॉन्स में कर दिए गए थे ताकि उनके सम्बन्ध मानवता के साथ नष्ट / खत्म हो जाएँ. यह भगवान हैं जो उपस्थित रहें है साड़ी मानव जाती के जीवन के पूरे दौरान से और उन्होंने प्रयास किया है हमें ज्ञान देने का और हमारी सहायता करने का हमारे ज़रुरत के समय में. शहर बर्बाद कर दिए गए थे , पुस्तकालय और दूसरी जगह जहाँ किताबें रखी जाती थी उन्हें जला दिया गया और नष्ट कर दिया गया था. प्रत्येक / हर संस्कृति जैसे की पलिश्तियों (Philistines) जो दूसरे भगवानो की पूजा करते थे उन पर युद्ध थोप दिया गया और नरसंहार शुरू कर दिया गया. पलिश्तींस (Philistines) बीलज़ेबब (Beelzebub) की पूजा करते थे. बीलज़ेबब (Beelzebub) पलिश्तींस के एक्रोन (Ekron) और ज़ेबुलोन (Zebulon) शहर के भगवान थे, [Baal [Lord] Zebulon. [बाल ] [प्रभु ] [ज़ेबुलोन ] . वहां काम ही हैं , सत्य के निशान इन भगवानो के विषय में.

यह कैथोलिक इनसाइक्लोपीडिया (Catholic Encyclopedia) से अंश है जो बहुत खुलासा करने वाला है -
उसी तरह से ग्रीक्स / Greeks (यूनानी ) और रोमन्स / Romans (रोमनों ) ने उनके देवताओं / धर्मशास्त्रों की पूजा करी हो सकती है , सप्रेम यह विश्वास करते हुए की वे अच्छे हैं , लेकिन क्रिस्चियन / ईसाई शास्त्र यह घोषित करते हैं की जेंटाइल्स (GENTILES) के सारे भगवान डीमॉन्स (Demons) हैं .
Catholic Encyclopedia: डेविल वरशिप - http://www.newadvent.org/cathen/०४७६७अ.htm (तीसरा पैराग्राफ )

पुराने भगवान सिर्फ जीवित रहने भर के लिए शैतान (devils) और डीमॉन्स (demons ) बनकर रहे हैं. यहूदी / ईसाई (judeo / christian ) "गॉड " (भगवान ) मानवता की तबाही / बर्बादी की इच्छा रखता है. वह सब चीज़ जिसका बाइबिल सेटन पर अरूप लगाती है , वह तो वास्तव में यहूदी / ईसाई (judeo /christian) पर सच बैठता है अर्थात वह तो यहूदी / ईसाई (judeo /christian) "गॉड " की सच्चाई है जो की " एक हत्यारा और एक झूठा है शुरू से ही ". सच्ची बुराई धोखेबाज़ होती है. अधिकांश "पवित्र बाईबल " (holy bible) केवल खून खराबे के बाद खून खराबे , घृणा , नरसंहार और असाधारण क्रूरता से भरी पड़ी है . यह प्रभाव इन्क़ुइसिशन (Inquisition), जीवन विरोधी शिक्षाओं , विशेष रूप से जहाँ सम्भोग के परहेज़ / संयम के विषय में (ज़ोर दिया जाता है ) ताकि हम पड़ा न कर सकें में देखा जा सकता है. (देखें - http://see_the_truth.webs.com/Inquisition.html). मूसा (मोसेस / moses )" यहोवा (Yahweh / Jehovah)" के निर्देश पर एक हिंसात्मक युद्ध और वध ./ हत्या पर चला गया जब वह पर्वत से उतरा . फातिमा की घटना कुवारी (virgin) कुतिया के साथ ने खुलासा किया मानवता के प्रति विदेशी (एलियन / alien) अवमानना का हमारे अशाप्रद पूर्वानुमान में जब हम खुद को परमाणु हथियारों (nuclear weapons) से उड़ा ले / नष्ट कर ले ,.. अगर कोई पंक्तियों के बीच में से पढ़ सकता है (तो ऐसा समझ जायेगा ).


पहरे की दिवार में थोड़ा सा इजाफा होने के साथ , पिछले 100 सालो में मानवता में ज्ञान की बाढ़ आ गयी है जो पूरे समस्त इतिहास में अद्वितीय है / हो गया है. अनुकूल होने का हमारे पास समय नहीं था. यह एक मात्र इरादा था एंजेल्स (फरिश्तों / Angels) का जिन्होंने यह जानकारी डॉक्टर जॉन दी और एडवर्ड केली को सम्प्रेषित करी (बताई ). की यह ज्ञान मानवता को नष्ट करने के लिए काम करेगा समय की एक छोटी अवधि में. 100 साल भगवानो के लिए कुछ नहीं हैं. यह तथ्य की वे स्वर्गदूत / फ़रिश्ते (Angels) थे , इसका आलेखन / चित्रण इस बात से होता है की वे उदंड / हेकड़ी दिखाने वाले और कृपालु रवैये के थे उन दोनों पुरषो के प्रति .डीमॉन्स (demons) बहुत मित्रतापूर्ण / दयालू और समझदार होते हैं जब उनके साथ सम्मान के साथ पेश आया जाये. मैं जानती हूँ और यह निश्चित ही सत्य है की डीमॉन्स (demons) अभिमानी होते हों.

बहुत से लोग या तो भौतिक विज्ञानं या गुप्त विज्ञानं का अध्यन करते हैं. दोनों का अध्यन बहुत ज़्यादा लोग नहीं करते. यहीं पर लोग लाभ उठाएंगे, दोनों को पढ़ने के द्वारा, क्यूंकि अंत में यह सब इकठ्ठा आ जाता है . सेतानिस्म पुरजोर समर्थन करता है और वकालत करता है भौतिक विज्ञान के उन्नति का. तथाकथित "अलौकिक " (supernatural) और गुप्त ज्ञान की हर चीज़ को वैज्ञानिक तरीके से समझाया जा सकता है. दुर्भाग्य से, भौतिक विज्ञान अभी इतना उन्नत नहीं हुआ है की वह अध्यात्म को पूरी तरह से अभी समझा सके. इसी कारण से क्रिस्चियन चर्च (ईसाई चर्च ) कई सदियों से विज्ञान पर ज़ोरदार हमला करते आ रहा है. मानवता को खतरनाक रूप से पीछे रखा गया है.

फ्रांसिस क्रिक (Francis Crick ) नोबेल पुरस्कार विजेता डी एन ऐ (DNA) की खोज के लिए और उसकी पेन्स्पेर्मिया (Penspermia) की परिकल्पना (hypothesis) के लिए
( देंखे - http://www.daviddarling.info/encyclopedia/C/Crick.html)

*¹ एनचोनिअन मैजिक बॉय डोनाल्ड टायसन , फर्स्ट एडिशन , सेकंड प्रिंटिंग 2002 (Enochian Magic by Donald Tyson, First Edition, Second Printing, 2002 )
पृष्ठ 353-364

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[सेटनिज़्म है ] मानवता का वास्तविक / मूल / असली धर्म .

- सेटन

जॉय ऑफ़ सेटन मंत्रालय (JOY OF SATAN MINISTRIES) प्रतिबद्ध है सच्चे सेटनिज़्म को उसकी पूर्वावस्था प्राप्त करवाने के लिए. हम उस धर्म के सच्चे रचना करने वाले की ओर देखते हैं जिसे "सेटनिज़्म" (Satanism)के नाम से अब जाना जाता है और रचना करने वाले "सेटन " (SATAN) स्वयं हैं . बहुत लम्बे समय से दुश्मन और बाहरी (outsiders) सेटन और सेटनिज़्म को निर्बाध होकर (स्वतंत्रता के साथ )परिभाषित करते आ रहे हैं उनके स्वयं की कार्यसूची / एजेंडा के अनुरूप . सेटन को शायद ही कभी खुद के लिए बात करनी की अनुमति दी गयी और पता चले के वे सत्य / असली में कौन हैं और वे किस बारे में हैं. सेटन का असली में / सच में अस्तित्व है . उन्होंने पिछले कई हज़ार सालों में बहुतों से बातचीत करी है और उन्होंने अल - जिलवाह , क़ुरेत अल यज़ीद ( Qu'ret Al Yezid )के सिद्धांतो और दूसरी पांडुलिपियों को छोड़ा है . वे वास्तविक सींग वाले भगवान हैं.

सेटन किसी भी तरह से झूठे यहूदी / ईसाई या मुस्लिम विवरणों में नहीं फिट (उपयुक्त )होते , जिन्होंने सेटन को बहुत लम्बे समय से झूठा परिभाषित किया है और ना ही तो वे एंटन लावे (Anton Lavey) की "सेटेनिक बाइबिल " (Satanic Bible) में दर्शाये किरदार के अनुरूप हैं . सेटन को वास्तव में और सच में जानने के लिए , एक को व्यक्तिगत तौर पर उनके पास जाना होगा , बिना पक्षपात / पूर्वधारणा या उम्मीदों के. एक पायेगा की वे इस या उस सम्प्रदाय / पंथ के "बुराई की धारणा " के अनुरूप नहीं हैं जो बेवकूफी भरे ढंग से और बिना सोचे समझे उनके ऊपर लादी गयी है सदियों से.

बदकिस्मती से , बाहरी स्त्रोतों से उत्तरो को देखना / ढूंढना एक आम प्रसंग रहा है सेटनिज़्म में क्यूंकि अधिकतर ज्ञान क्रिस्चियन चर्च (ईसाई चर्च ) द्वारा योजनाबद्ध तरीके से नष्ट कर दिया गया है. ईसाई चर्च ने एक झूठे इतिहास का आविष्कार किया उनके अजेंडे (कार्यसूची ) के अनुरूप जो आध्यात्मिक ज्ञान और शक्ति कुछ चुने हुए [लोगों ] के हाथों में रखा हुआ है मानवता को क्षति पहुँचाने के लिए.

कुछ लेख इस वेबसाइट पर पुराने ढंग के हैं और अधिक ज्ञान की रौशनी में . सेटनिज़्म ज्ञान है और मै अंतहीन तरीके से लिप्त हूँ और आगे के अनुसन्धान और अध्यन में ताकि प्राचीन ज्ञान को उजागर किया जा सके जिसे दबा दिया जा चूका है. मै अपना सबसे अच्छा प्रयत्न करती हूँ की इस वेबसाइट को अपडेट (नवीनतम) कर सकूँ जब भी मेरा समय मुझे अनुमति देता है.

जॉय ऑफ़ सेटन मंत्रालय (Joy of Satan Ministries) ना ही तो स्वीकार करती है और ना ही तो मान्यता देती है की यहूदी / ईसाई या मुस्लिम (Judaism / Christianity या Islam) वैध धर्म हैं. यह तो वास्तव में कार्यक्रम हैं जो आध्यात्मिक ज्ञान को झूठ और भ्रष्टाचार / दूषण से बदलने के लिए [बने हैं ], अरबों - अरबों डॉलर्स , और अलौकिक / आध्यात्मिक / मानसिक शक्ति जबरन वसूलते हुए , और अनुचित लाभ उठाते हुए / शोषण करते हुए मानव कष्ट और पीड़ा का ताकि उस अनकही संपत्ति / धन / पूँजी को रख सके और आध्यात्मिक ज्ञान और शक्ति सिर्फ कुछ "चुने हुए लोगों के हाथों " में सीमित रहे.

जुदैस्म और ईसाईयत (judaism और christianity) भी अत्यंत नए हैं , हालाँकि वे दावा करने की कोशिश करते हैं, अन्यथा इस्लाम नवीनतम बड़ा धर्म होने के साथ जो 1000 साल से कम समय में प्रकट हुआ .

हमने पाया है की इन कार्यक्रमों की आधारशिला पुराने धर्मो से चोरी किये हुए , भ्रष्ट किये हुए प्रथाओं और शिक्षाओं पर बनी है और उनका (यहूदी / ईसाईयत और इस्लाम ) का अपना कुछ भी नहीं है. (देंखे - http://see_the_truth.webs.com/). जहाँ तक नव बुतपरस्ती (Neo -Paganism) और विक्का (wicca) का सम्बन्ध है उसमे भी हम यही आसन लेते हैं अर्थात ये दोनों ही सब भ्रष्ट और चोरी की शिक्षा पर आधारित हैं. ये दोनों देर से आये हैं (दोनों 20 वी शताब्दी में प्रकट हुए ) और भ्रष्ट संस्करण है वास्तविक / मूल / प्राकृतिक धर्मो के. ये दोनों नव बुतपरस्ती और विक्का यहूदी और ईसाइयत (judea और christianity) के दुनिया से सच्चे आध्यात्मिकता को हाथा कर उसे गुलाम बनाने वाले अजेंडे (कार्यसूची ) के अनुरूप हैं .

हमारा उद्देश्य लोगों को सूचित करना / बतलाना है और उन्हें सच की ओर लाना है और साथ इन तथाकथित धर्मो के झूठों को बेनकाब करना है जो उन्होंने सेटन , सेतनिज़्म और सेतनिस्ट्स के बारे में फैलाया है.

हम ना ही तो मान्यता प्रदान करते हैं या स्वीकारते हैं उन समूहों को जो चिन्हित करते हैं सेटन और सेटनिज़्म को यहूदी / ईसाई (Judeo /Christian) अवधारणा के द्वारा , या वे लोग या समूहों को जो एंटोन लावै के सेटन के चर्च (Anton Lavey 's Church of Satan ) के सदस्यों के जैसे जो सेटन के वास्तविक / सही में अस्तित्व होने को स्वीकार नहीं करते.

इस साइट पर जानकारी परिणाम है , अत्यधिक अनुसंधान और कई शिष्यों के सेटन और डीमॉन्स के साथ हुए व्यक्तिगत संपर्क का जिन्होंने हमें निर्देशित किया / रास्ता दिखाया और शिक्षित किया सच्चे सेटनिज़्म की उत्पत्ति के सत्य के सम्बन्ध में. हम प्रोत्साहित करते हैं आपको की आप पढ़े और अध्यन करे स्वतंत्रता के साथ और खुले चित्त / मन के साथ . क्यूंकि जब एक का मन / चित्त पूरी तरह से विमुका / स्वतंत्र होता है और फिर से डीप्रोग्राम्ड (अर्थात सम्पूर्ण शुद्धि असत्य और झूठ से ) होता है तभी सच्चा प्रबोधन / आलोक और शिक्षा आ सकती है.

Hail Satan and All Gods of Hell !!!!!!!!!!

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सेटन के साथ एक प्रतिबद्धता / वायदा करना अथवा बनाना

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... TANIC.html

अगर मेरे पास सितारों जितने आत्माएं होती तो मई उन सब को मेफ़िस्टोफेलस (Mephistopheles) को दे देता

- डॉक्टर फॉस्टस (Dr . Faustus )

* कृपया पृष्ठ के तल पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) पढ़ें।

सेटन स्वयं के लिए बाहर देखते हैं अर्थात स्वयं निरीक्षण करते हैं. सेटन हमें अंदरूनी शक्ति देते हैं और हम आत्मा में बहुत शक्तिशाली हो जाते हैं. दाहिने हाथ पथ धर्मों (राइट हैंड पाठ रिलिजन )के विपरीत, जहाँ अनुयायी हमेशा प्रार्थना करते रहते हैं और अपने भगवानो को ढूँढ़ते हैं , सेटन स्वयं हमारे पास आते हैं . बहुत से समय हम उन्हें महसूस कर सकते हैं. वे आकर हमारा मार्गदर्शन करते हैं जब हम निरुत्साह होजाते हैं , चिंतित होतें हैं या समस्याओं से जूझ रहे होते हैं.

वे हमें मार्ग पर सीधे मार्गदर्शन करते हैं ज़ाहिर करते हैं / निर्देशित करते हैं / बतलाते हैं की हमें क्या करना है जिससे हमारा ध्यान केंद्रित रहे और हम खुश / प्रसन्न / सुखी रहें.

आध्यात्मिक सेटनिज़्म का आधार है की हम सेटन का जो मानवता पर कार्य है उसे पूरा करें. यह लक्ष्य है ईश्वरत्व का , और इसे पूर्ण किया जाता है पावर मैडिटेशन (ऊर्जावान ध्यान ) से . मानवता वर्तमान में आध्यात्मिकता के बहुत ही निचले स्तर पर है. जब हम ध्यान करना शुरू कर देते हैं , तो हम हमारे जीवन में गहरे सकारात्मक बदलाव देखना शुरू कर देते हैं . सेटन और डीमॉन्स (जो की वास्तविक मूल भगवान हैं ) हमारी सुरक्षा करते हैं और चौकसी करते हैं / देखते हैं जैसे जैसे हम परवर्तित होने लगते हैं और व्यक्तिगत शक्ति प्राप्त करने लगते हैं / करते हैं . सेटन के साथ हमारे पास वह सुरक्षा होती है जो बाहरी लोगों (ऑउटसाइडर्स ) के पास नहीं होती . हम मन और आत्मा की शक्ति में जितना चाहे उतना विकास / उन्नति कर सकते हैं हमारी इच्छा के अनुसार .

सेटन हम ज्ञान भी देते हैं . "मै एक सीधे रास्ते पर नेतृत्व करता हूँ / मार्ग दिखता हूँ बिना किसी प्रकाशित किताब के"

जैसे जैसे हम परवर्तित होते हैं और बढ़ते हैं / उन्नति करते हैं , हमारा जीवन और बेहतर हो जाता है और हम और अधिक प्रसन्न / सुखी / खुश हो जाते हैं . किसी झूठे ईसाई चर्च में घसीटे जाने और
बेवकूफों के एक गुच्छों के सामने डिब्बाबंद प्रार्थनाएं पढ़ने के विपरीत जिन्हे पूर्वी मंत्रो से चुराया गया और भ्रष्ट किया गया है , हम सेटन की मदद से सीखते हैं की हम अपने जीवन का नियंत्रण स्वयं कैसे कर सकते हैं .

ज्ञान और अनुसंधान के साथ हम यह कोई भी शक के बिना / के परे यह साबित कर सकते हैं की नाज़रीन (nazarene) , जेहोवा / यहोवा (jehovah / yahweh) और उस जैसे लोग , काल्पनिक / झूठे किरदार हैं और यह सब चुराए हुए और भ्रष्ट अवधारणाएं हैं आध्यात्मिक ज्ञान को हटाने के लिए ताकि " कुछ चुने हुए " मन और आत्मा की शक्ति की सहायता से इस संसार पर राज कर सकें . और अधिक जानकारी के लिए कृपया देखे - http://see_the_truth.webs.com/

चूंकि बहुत अधिक (लोगों ) को ऐसा पाठ जबजस्ती पढ़ाया गया है की यह सब यहोवा यशु जेहोवा आदि यहूदी ईसाई और इस्लामिक भगवान सत्य हैं , और क्यूंकि यह सब सेटन के दुश्मन है इसिलए हम इन्हे प्रतिबद्धता अनुष्ठान (डेडिकेशन रिचुअल ) में इन्हे त्याग देते हैं हमेशा के लिए स्थाई तौर पर . यह मानसिक / मनोवैज्ञानिक तौर पर स्वस्थ और मुक्तिदायक साबित होता है ( होता है ).

दीक्षा अनुष्ठान / प्रारंभी अनुष्ठान अर्थात प्रतिबद्धता अनुष्ठान बहुत ही व्यक्तिगत होता है जब तक आप इसे मित्रों के साथ या समूह में करना तय नहीं करते.

आपको ज़रुरत होगी -

1 या अधिक, काले, नीले या लाल मोमबत्तियों की (जितने आप चाहें )

एक कीटाणु रहित सुई या उस्तरा

साफ़ कागज़ का एक टुकड़ा , इतना बड़ा की नीचे दी हुई प्रार्थना आप लिख सकें

एक सूखा पेन जिससे की आप खून में अपना नाम हस्ताक्षर कर सकें (खून में पेन की नोक डुबो कर )

निम्न दी हुई प्रार्थना लिखें -


सर्वशक्तिमान और प्रशंसनीय भगवान सेटन / लूसिफ़ेर के समक्ष और हैल के समस्त डीमॉन्स की उपस्थिति में जो की सच्चे और वास्तविक मूल भगवान हैं. मैं (आपका पूरा नाम ) त्याग करता हूँ किसी भी और सारी अतीत की निष्ठाओं को , मैं त्याग करता हूँ झूठे यहूदी / ईसाई भगवान जेहोवा का , मैं त्याग करता हूँ उसके नीच और बेकार पुत्र जीज़स क्राइस्ट का . मैं त्याग करता हूँ उसकी बईमान कपटपूर्ण , घिनौनी कलुषित और सड़ी हुई पवित्र आत्मा का .

मैं घोषणा करता हूँ की सेटन ही मेरे एकमात्र / केवल सिर्फ एक ही भगवान हैं. मैं उन्हें हर चीज़ में सम्मान देने और मानने और उनकी कदर करने का वायदा करता हूँ किसी भी आरक्षण के बिना , और बदले उनकी तरह तरह की कई गुना सहायता की मै इच्छा रखता हूँ मेरे प्रयासों के सफल समापन में.


यह महत्वपूर्ण है की आप कोई भी अनुष्ठान करने के पहले नहा ले . यह आदर देने के लिए किया जाता है. जब आप तैयार हों , आप मोमबत्ती जला सकते हैं . सुई लीजिये , अपने उलटे हाथ की तर्जनी ऊँगली (इंडेक्स फिंगर ) में सुई चुभाएँ थोड़ा सा खून बहार निचोड़े .

अपना हस्ताक्षर खून में करें (साइन करे ). अगर आप स्त्रीलिंग हैं तो आप करता हूँ के स्थान पर करती हूँ जोड़ सकते हैं . इस प्रार्थना को आप अँगरेज़ी में भी पढ़ सकते हैं , सेटन और हेल के भगवान (डीमॉन्स ) सभी भाषाएँ समझते हैं.


जोर से या तो अपने मन में प्रार्थना बोलें / वर्णन करें.

उस पेपर / कागज़ को फोल्ड करें (तह करें ) और उसे मोमबत्ती की आग में जला दें . हम में से कई रुके हैं और ध्यान किया है जब तक मोमबत्ती अपने आप न बुझ गयी हो.

अनुष्ठान के अंत में , उसे बंद करे यह कहते हुए - " सो मोट इट बी " ( तो ऐसा होने दिया जाये )और एक बड़े "हेल सेटन " (सेटन को नमस्कार ) के साथ

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I shall include the FAQ section in next 24 hours in a reply to this very thread.

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डीमॉन्स का निचला क्रम

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... emons.html

हममें से बहुतों ने देखा है और बातचीत करी है निचले क्रम के डीमॉन्स से . इन डीमॉन्स की लाल चमकदार आँखे होती हैं , रबर जैसे पंख होते हैं , और यहाँ तक की कुछ की तो महीन कोमल रोवें (फर ) भी होते हैं. बहुत करीब से , इन डीमॉन्स की आँखे अत्यंत ही सुन्दर होती हैं , चमकदार मूंगों (रूबीस / rubies ) की तरह , सम्पन्नं और अनोखी और रंग में प्रचुर . वे अलौकिक जीव हैं (अर्थात दूसरी दुनिया के प्रकांड बुद्धिजीवी ) , मूल रूप से वे विभिन्न ग्रहों के हैं , परन्तु बहुत से सेटन और दूसरे नॉर्डिएक (NORDIAC ) भगवानो के साथ रहते हैं. बहुत से छोटे "संदेशवाहक डीमॉन्स " (मैसेंजर डीमॉन्स / Messenger Demons ) वे आत्माएं हैं जिन्हे हमारे भगवानो ने बनाया है.


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पज़ूज़ू (Pazuzu)

निचले क्रम के डीमॉन्स सुरक्षा करने वाले होते हैं , जैसे की सुमेरियन डीमन (Sumerian Demon ) पज़ूज़ू (Pazuzu) , पज़ूज़ू जो की सुरक्षा करने वाले हैं बच्चो की , और औरतों की भी प्रसव (बच्चा पैदा करते समय )के दौरान . पज़ूज़ू को 1973 की मूवी "द एक्सॉर्सिस्ट " (The Exorcist) के कारण ख़राब साख मिली . इस "द एक्सॉर्सिस्ट " मूवी को कैथोलिक विलियम पीटर ब्लैट्टी (William Peter Blatty). ने लिखा था . यह ईसाई प्रतिशोध था 1968 की मूवी "Rosemary's Baby" (रोसेमेरीस बेबी ) के विरुद्ध जिसमे (रोसेमेरीस बेबी में ) सेटन को कुछ हद तक सकारात्मक परिप्रेक्ष्य में दर्शाया गया था . "द एक्सॉर्सिस्ट " ने लोगों को भयभीत कर सेटन से दूर कर दिया और डीमॉनिक पोसेशन (Demonic possession ) वाले विश्वास को धकेला / मज़बूत किया जो की एकदम झूठ और गलत है. फिरसे डार्क का उपयोग किया गया एक शक्तिशाली औजार की तरह ताकि लोगों को आध्यात्मिकता से दूर रखा जा सके और उन्हें गुलाम बनाया जा सके और लोग आध्यात्मिकता में अज्ञानी बने रहें . ईसाई गॉड (भगवान ) और उनके जैसे लोगों के विपरीत , सेटन और उनके डीमॉन्स कभी ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं करते और ना ही वे स्वयं को किसी के ऊपर धकेलते हैं .



सेटन स्वतंत्र विचार / इच्छा का आदर करते हैं , और लोग उनके (सेटन के ) पास स्वेच्छा से आते हैं . वे उनके पास डर या फिर ज़ोर ज़बरदस्ती से नहीं आते. हममें से बहुतों ने डीमॉन्स का आह्वान किया है और उन्हें (डीमॉन्स को )हममें से होकर बोलने दिया है . हमें कभी भी किसी भी प्रकार की कोई क्षति / हानि नहीं पहुंची . ऐंजेलिक प्राणी (फ़रिश्ते) (Angelic Beings) दूसरी तरफ , कुख्यात होते हैं इस तरह की चीज़ों में [ पोसेशन / Possession (कब्ज़ा कर लेने ) और ज़ोर ज़बरदस्ती में ], और हाँ ज़रूर हमेशा की तरह , सारा दोष सेटन और उनके डीमॉन्स के ऊपर डाल दिया जाता है उन्हें बदनाम करने के लिए. जिस तरह कट्टर ईसाई नहीं रुक सकते अविश्वासियों को परेशान करने में और , यहाँ तक की उनकी (अविश्वासियों ) की हत्या तक करने में , ताकि वे (अविश्वासी ) जीसस / यशु को स्वीकार कर ले ,, एंजेल्स / फ़रिश्ते और उनसे सम्बंधित आत्माएं ( इन ईसाईओं से )कोई अलग नहीं हैं .


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बेस (Bes)

बेस (Bes) एक दूसरा उदाहरण हैं निचले क्रम के डीमॉन्स का. इस प्रजाति / कुल / वंश के डीमॉन्स की बहुत सुन्दर मूंगे (रूबी /' ruby ) जैसी आँखें होती हैं. ये डीमॉन्स संरक्षक होते हैं , संगीत के , नाचने के , चिकित्सा के (अर्थात रोग ठीक वाले होते हैं. ) और संरक्षक (गार्डियन / Guardian ) भी होते हैं . प्राचीन मिस्र (इजिप्ट ) में , ये dwarves (द्वारव्ज़ / बौने ) बहुत ही श्रद्धेय थे अर्थात पूजनीय थे और इनका अत्यधिक सम्मान होता था. ये डीमॉन्स छोटे होते हैं , केवल दो से तीन फ़ीट ऊंचाई में .

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सेटेनिक बपतिस्मा / नामांकरण संस्कार

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ptism.html


सच्चे सेटनिज़्म में जीवन के उत्सव पर अत्यंत भार / ध्यान दिया जाता है अर्थात सच्चा सेटनिज़्म जीवन के उत्सव / जीवन के ख़ुशी मनाने के बारे में ही है. अगर एक बच्चा / बच्ची जन्म लेता / लेती है कोई एक सब्बात (sabbat) के समय में तो उस जन्म लिए हुए बच्चे / बच्ची को अतिरिक्त आशीष मिलता है . एक बच्चे / बच्ची का जन्म एक विशेष अवसर होता है और सभी सेटेनिक जन्मो का स्वागत किया जाना चाहिए और इनका उत्सव मानना चाहिए. सेटेनिक बपतिस्मा / नामांकरण संस्कार सुरक्षा और मार्गदर्शन की शुरुआत होती है सेटन और उनके डीमॉन्स से , जो उस जन्मे हुए बच्चे / बच्ची को निर्देशित भी करेंगे ताकि वह जन्म लिया हुआ बच्चा / बच्ची अपने विशेष उपहारों और क्षमताओं का सबसे अच्छा निकाल सके.

शिशु को काले रंग के कपडे पहनाना है , क्यूंकि यह विरोध / प्रतिरोध दिखाता है झूठे आर. एच. पी. (राइट हैंड पाठ / सीधे हाथ वाले मार्ग ) के धर्मो को.

माता पिता / पेरेंट्स वेदी के पूर्व में खड़े होते हैं बच्चे को हाथ में लिए / पकडे हुए .

मुख्य पुजारी / पुजारिन (हाई प्रीस्ट / प्रीस्टेस्स ) घंटी बजाते हैं , संस्कार का आरम्भ करते हैं सेटन को आव्हान करने के साथ , फिर प्याले / पात्र में से पीते हैं और आव्हान करते हैं हेल (Hell ) के चार शीर्ष राजकुमारों (Princes ) का .

मुख्य पुजारी / पुजारिन - सेटन के परिवार में एक नया आया है.

समूह - सेटन को अभिवादन / नमस्कार अर्थात हेल सेटन (Hail Satan ).

मुख्य पुजारी / पुजारिन - इस बच्चे / बच्ची का नाम क्या है ?

माता पिता / पेरेंट्स - (बच्चे / बच्ची का नाम बताएं )

मुख्य पुजारी / पुजारिन - हम स्वागत करते हैं तुम्हारा _______ सेटन के परिवार में .

माता पिता / पेरेंट्स - क्या तुम इस बच्चे / बच्ची को सेटन को समर्पित करना चाहते हो ?

माता पिता / पेरेंट्स - हम / मै करना चाहते हैं क्यूंकि सेटन के बिना और उस ज्ञान और उन उपहारों के बिना जो सेटन हमें देते हैं , कोई भी जीवन सम्पूर्ण है .

मुख्य पुजारी / पुजारिन - प्रभु सेटन , हम आपसे इस बच्चे / बच्ची को आशीष देने के लिए पूछते / निवेदन करते हैं , की आप इसकी (बच्चे / बच्ची की) रखवाली करें और इसका (बच्चे / बच्ची की ) मार्गदर्शन करें उसके ( बच्चे / बच्ची की ) पूरी ज़िन्दगी में और इसे आप अपने तरीको में और आपके विश्वास में सदा मज़बूत रखें , और जब सही समय आये तो आप इसे (बच्चे / बच्ची को ) अपनी वेदी के पास एक बार और लाएं आपकी (सेटन की ) सेवा में नए सिरे से समर्पित करने के लिए.

माता पिता / पेरेंट्स - हेल के महिमामयी महारज , प्रभु सेटन और हेल की शक्तियां / ऊर्जाएं तुम्हारे ऊपर सदा बरसती रहे और तुम्हारी ज़िन्दगी भर तुम्हारी पहरेदारी करें और तुम्हारा लेफ्ट हैंड पाठ (उलटे हाथ वाले मार्ग पर ) मार्गदर्शन करें .

मुख्य पुजारी / पुजारिन - सेटन के नाम में , और हेल की शक्तियों के समक्ष , हम स्वागत करते हैं तुम्हारा (बच्चे का नाम ) , सेटन के परिवार में .

समूह - सेटन को अभिवादन / नमस्कार अर्थात हेल सेटन (Hail Satan ).


मुख्य पुजारी / पुजारिन फिर संस्कार को बंद करें / कर देते हैं.


नामांकरण संस्कार के बाद दावत / भोज और उत्सव होता है .

बच्चे को पुराने तरीको में सेटन और उनके डीमॉन्स को सम्मान और आदर देना सिखाया जाना चाहिए. उसे सेटन और उनके डीमॉन्स के आदर करने और हेल की शक्तियों में सदा विश्वास बनाये रखने की परवरिश देनी चाहिए. तारुण्य अवस्था / किशोरावस्था में बच्चा / बच्ची सेटन के साथ प्रतिबध्धता / समर्पण अनुष्ठान अपनी स्वतंत्र इच्छा के अनुसार कर सकता है . यह वह समय है जब बच्चा / बच्ची इतना बड़ा हो गया है की वह अपने जीवन के बारे में स्वयं निर्णय ले सके और पूरी तरह समझ सके. इस समय वह अपने लिए एक / कोई जादुई नाम भी रख सकता है. (अगर वह चाहे तो )


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Post Wed Jun 03, 2015 10:01 pm

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HP Mageson666 wrote:
Road please repost and post all Hindi sermons in this thread.


copied commander :mrgreen:

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Post Thu Jun 04, 2015 9:37 am

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I am repeating , I will be revising all the translations making sure there is not a single grammatical mistake and only then I request clergy to upload these...... With all due respect Plzzz DO NOT UPLOAD RIGHT NOW UNTILL I GIVE A GREEN SIGNAL


Thank you

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Post Thu Jun 04, 2015 10:13 am

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Energy of the Soul - Hindi FULL

आत्मा की शक्ति / ऊर्जा

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... nergy.html

इंटरनेट और जन संचार के साधनो के विस्तार की बदौलत अब सच और अधिक नहीं छुपाया / दबाया जा सकता . बहुत अधिक विभिन्न लोग सेटनिज़्म में आरहे हैं भारी / विशाल संख्याओं में जैसा पहले कभी नहीं हुआ था . मैं यह लेख उन लोगों के लिए मुख्य रूप से लिख रही हूँ जो की एकदम नए हैं. हम्मे से बहुत (लोग ) जो सेटन के साथ लम्बे समय से रहे हैं , बहुत अच्छी तरह से दक्ष हैं उस चीज़ में जिसे गुप्त / रहस्य्मयी ज्ञान कहा जाता है. अंग्रेजी में इसे आकल्ट (occult ) कहते हैं. यही "आकल्ट " , "आध्यात्मिकता " के लिए एक दूसरा शब्द है.

सच्चा सेटनिज़्म है एक की आत्मा को बदलना / उसका परिवर्तन करना पावर मैडिटेशन / ध्यान की सहायता से ((देखें - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ation.html)). बहुत सारे (लोग ) जो नए हैं सेटनिज़्म में , एक (व्यक्ति ) मैडिटेशन / ध्यान के प्रभाव से अनजान / अपरिचित हो सकता है . जब कोई एक (व्यक्ति ) मैडिटेशन / ध्यान में एक बिंदु पर पहुँचता है [कुछ के लिए ऐसा जल्दी हो सकता है. ऐसा आपके पिछले जन्म में आपकी आत्मा की शक्ति ( कैसी थी ) से होता है. ] वह निश्चित की स्वयं की आत्मा को महसूस करेगा. यह एक बहुत सकारात्मक चिन्ह है की आपके मैडिटेशन / ध्यान अच्छे हो रहे हैं अर्थात आप उन्हें ठीक कर रहे हैं और सब कुछ अच्छा जा रहा है.. कभी भी डरें या चिंतित न हुएं जब आप अपनी आत्मा की ऊर्जा को महसूस करते हों. आत्मा जैव ऊर्जा / बिजिली और प्रकाश वर्ण पट जिसे लाइट स्पेक्ट्रम (Light Sepctrum )कहते हैं उससे रचित / बनी होती है एक दीप्तिमान / उज्जवल प्रभामंडल / आभा (औरा / aura ), कम्पन (वाईब्रेशन्स / Vibrations ) , और कुछ मामलो में , गर्म या ठंडी या कोई अन्य संवेदनाये जैसे झुनझुनी से महसूस करना यह सब नार्मल है अर्थात आम है , इससे डरने की आवश्यकता नहीं .

पावर मैडिटेशन / ध्यान आपका चित्त / मानसिक / आत्मा भी खोलेगा. आपको अंदर से अहसासों का अनुभव हो सकता है बढे हुए अंतर्ज्ञान से , दुसरे मामलों में आपका मन खुलेगा और अधिक ग्रहणशील हो जायेगा नक्षत्रीय विशिष्ट जीवों जिन्हे हम एस्ट्रल एन्टिटीस (Astral Entities ) कहते हैं उनके प्रति . ये एस्ट्रल एन्टिटीस नकारात्मक और सकारात्मक दोनों हो सकती हैं.ऐसे मामलो में जहाँ नकारत्मक एस्ट्रल एन्टिटीस की नकारात्मक अतिक्रमण या घुसपैठ हुई हो तो सिर्फ आपको इसे एक रेडियो के तरह बंद कर देना है अपने मन में और इसे नज़रअंदाज़ कर देना है. कभी भी किसी नकारत्मक एस्ट्रल एनटीटी (नक्षत्रीय जीव जो की नकारात्मक या अनिष्ट प्रकृति का है ) उससे बंधना नहीं है. ये अपने आप चले जाते हैं अगर आप इनपर ध्यान या भावनाए केंद्रित ना करें और इनकी (नकारत्मक एस्ट्रल एन्टिटीस ) की अवेहलना या इन्हे नज़रअंदाज़ कर दें.

सेटनिज़्म आध्यात्मिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के बारे में है. ईसाईयत / इस्लाम और दुसरे मुख्यधारा के कार्यक्रम जो की धर्म का झूठा मुखौटा पहने हुए हैं , ये केवल आध्यात्मिकता को को और आध्यात्मिकता से सम्बंधित सारे ज्ञान को हटाने के लिए बने हैं. इनमें ( ईसाईयत / इस्लाम और दुसरे मुख्यधारा के झूठे धर्मो ) में कोई भी आध्यात्मिकता नहीं है. जब एक कोई सेटनिज़्म में आता है जो की बहुत अत्यंत आध्यात्मिक है तो वह (जो सेटनिज़्म में आया है ) कई आध्यात्मिक प्रकृति के अनुभवों की अपेक्षा / उम्मीद कर सकता है , मगर यह व्यक्तिगत तौर पर निर्भर करता है की कौन कितनी जल्दी इन्हे अनुभव करें क्यूंकि हम सब अलग अलग होते हैं , कोई जल्दी कर लेता है तो कोई को कुछ समय लगता है परन्तु पावर मैडिटेशन का लगातार अभ्यास आपको निश्चित ही आपको सफलता देता है. इसिलए सेटनिज़्म में पावर मैडिटेशन / ध्यान अति आवश्यक है. जब आप पहली बार अपनी आत्मा की ऊर्जा को महसूस करते हैं तो कभी नहीं डरना है. एक शक्तिशाली मन और आत्मा यह अस्वस्त करता है / विश्वास दिलाता है की आप स्वयं में शक्ति और ज्ञान है की आप अवांछित एन्टिटीस को पीछे वापस खदेड़ सकें [ये नकारत्मक अनिष्ट एन्टिटीस का वास्तव में अस्तित्व है भले ही आप इन्हे खोजने और पता लगने के लिए मानसिक / आध्यात्मिक तौर पर खुले हुए हों या ना हों. ]

आपकी आत्मा की शक्ति इसे भी आश्वस्त करती है की आपके जीवन और भाग्य आपके स्वयं के नियंत्रण में रहेंगे और हमारे भगवानो के ज्ञान की सहायता से आप अमरता / अविनाशिता हासिल कर सकते हैं .कमज़ोर आत्माएं शक्तिशाली आत्माओं की दया पर रहती हैं और उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ता है यह भूलते हुए की उन्होंने अपने अतीत / पिछले जीवन में क्या सीखा था और इसीलिए वे शापित हो जाती हैं की वे (कमज़ोर आत्माएं ) उनके नए जन्म में भी वही गलतिया दोहराएं और ऐसा सदा अनंत काल के लिए चलता रहता है .. सेटन हमें इन सबके बाहर का रास्ता दिखाते हैं . परन्तु हमें इस पर कार्य निश्चित ही करना चाहिए और ज्ञान की सहायता से / के माध्यम से हमें डरना कभी नहीं है.



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Post Thu Jun 04, 2015 11:53 pm

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THERE ARE NO MEDIATORS IN SATANISM

सेटनिज़्म में बिचोलिये / मध्यस्थ नहीं होते हैं.

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ators.html

मै यह धर्मोपदेश लिख रही हूँ एक लेटर / खत के उत्तर में जो की टीन्स फॉर सेटन ई ग्रुप में छोड़ा / पोस्ट किया गया था. यह खत कोई व्यक्ति के विषय में था जो सेटनिज़्म का उपयोग कर रहा था और सेटन के साथ एक बहाने का सम्बन्ध बनाये हुए था दूसरे ताकि दूसरे लोगों पर उनुचित प्रभाव डाल उन पर नियंत्रण रख सके. पीड़ित युवा थे और अनजान भी .

सेटेनिक मिनिस्ट्री / मंत्रालय यहाँ सिर्फ मार्गदर्शन और सहायता के लिए ही है . कोई किसी के बीच में और उसके व्यक्तिगत सम्बन्ध सेटन के साथ जो हैं , उसके बीच में किसी भी तरह से नहीं कोई नहीं आता . सरल शब्दों में सेटन और आपके बीच में जो सम्बन्ध हैं , उनके बीच में कोई भी किसी भी प्रकार से नहीं आता है.

एक व्यक्ति को सिर्फ इतना चाहिए की वह थोड़ा बुद्धिमान हो और उसके जोड़ तोड़ कर प्रभाव डालने वाली क्षमता अधिक हो औसत व्यक्ति से. जोड़ तोड़ कर प्रभाव डालने की क्षमता पायी जा सकती है बंधन गृह / जेल समय में . तब फिर भूतपूर्व कैदी बहार निकलता है और देखता / ढूंढता है उन युवाओं को जिन्हे भेदा जा सके और उनका शिकार किया जा सके. वह अधिक संभावित तौर पर ड्रग्स (नशीले पदार्थ ) का सेवन करता है हालांकि वह उसके मानने वालों से कम ड्रग्ज़ लेता है जिन्हे वह उसके नियंत्रण में रखता है और ये व्यक्ति जो ऐसी वकालत करते हैं , वो भले ही अभी जेल में ना गए हों परन्तु बहुत संभावना रहती है की वे वहीँ (जेल में ) सिमट जाएँ. ड्रग्ज़ नियत्रण रखने का एक हिस्सा हैं. चार्ल्स मॅन्सन (charles manson) ने यह जेल में सीखा और उसके मानने वालों पर इसे लागू किया. उसने कम ड्रग्ज़ ली मगर उसके मानने वाले ड्रग्ज़ ज्यादा लेते थे और उसके मानने वालों के दिमाग मदहोशी में ठप्प पड़ गए. यह एक तरीका था जिससे उसने (चार्ल्स मॅन्सन ) ने उसके मानने वालों को तोड़ मोड़ कर नियंत्रण में रखा अर्थात उन्हें मैनीपुलेट (manipulate) किया. अधिकतर अब उनके जीवन को जेल में व्यतीत कर रहे हैं.

दूसरा लेटर / खत आज टीन्स फॉर सेटन ई ग्रुप में छोड़ा गया. एक लड़की कुंवारी अर्थात वर्जिन (virgin) है. वह इससे सुखी है अर्थात उससे कुंवारी रहने में परेशानी नहीं है . उसका मित्र सोच रहा था की क्या " इस लड़की को सेटनिस्ट बनने के लिए उसकी वर्जिनिटी अर्थात कुंवारेपन को खोना पड़ेगा "

बात यह है - आप याद रखें सेटनिस्ट होना का मतलब आप जो हैं वे रहें और आप स्वतंत्र रहें . किसी से ऐसी आशा / उम्मीद नहीं की जाती है की वे ऐसा कुछ करें जिससे उनको असुविधा हो या वो चीज़ उनकी प्रकृति से मेल नहीं रखती . -

मै आज्ञा देता हूँ की हर कोई स्वयं के प्रकृति के अनुरूप बातों का कर्म किया करे.
- सेटन [अल - जिलवाह से ]

जादुई अभ्यास के बारे में किताबे लिखी गयी हैं. मेरा विश्वास है एलिएस्टर क्राउली (Aleister Crowley) के द्वारा. ये शिक्षाएं हिदायत देती हैं पाठकों को की उन्हें निश्चित चीज़ें करनी चाहिए बाधाओं को तोड़ने के लिए. यह अत्यधिक बकवास / चुतीयाई है. और मै इसका समीकरण इस तरह करुँगी अर्थात इसे इस तरह तौलूंगी की यह ऐसा ही है की आप एक ट्रक के सामने जा खड़े हों यह देखने के लिए की आपको कैसा महसूस होता है जब वह ट्रक आपके सामने आ रहा हो और आप उससे भागें बचने के लिए. [अगर आप बच जाएँ तो ]. मुझे कभी भी इस तरह के गलत जानकारी और कचड़े का सहारा नहीं लेना पड़ा. और ना ही तो आपको लेना चाहिए.

किसी हानिकारक कार्य का सहारा लिए बिना. , बहुत सारे तरीके हैं स्वयं को शारीरिक और मानसिक / आध्यात्मिक तौर पर शक्तिशाली बनाने के और स्वयं की कमियों को दूर करने के . उदाहरण के तौर पर , उन्नत मार्शल आर्ट्स (जुडो, कराते , कुंग फू आदि ) का अभ्यास विशाल मात्रा में शक्ति देता है. इसका जब अच्छे से निर्देशन किया जाता है और इसे लागू किया जाता है तो हर प्रकार के कारनामे किये जा सकते हैं,. अधिकतर मार्शल आर्टिस्ट्स (जुडो करते आदि जानने वाले कलाकारों ) के पास ज्ञान नहीं होता की इन कलाओं का उपयोग शारीरिक युद्ध के बाहर कैसे करें. हम सेटनिस्ट इसे जानते हैं.

जो लोग बच्चों का उपयोग करते हैं और यह दावा करते हैं की उनकी डेविल के साथ प्रभाव में है ताकि वे दूसरों के ऊपर तोड़ मोड़ कर प्रभाव दाल सके अर्थात उन्हें मैनीपुलेट (manipulate) कर सकें और उनकी ऊर्जाओं को खा सकें वे वास्तव में कमज़ोर होते हैं. केवल एकमात्र पहल, जिसकी एक को ज़रुरत होती है, - वह "पहल " उस एक व्यक्ति के स्वयं के बीच और सेटन के बीच होती है. कोई मुक्य पुजारी या पुजारिन या किसी अन्य व्यक्ति का किसी दूसरे व्यक्ति के ऊपर नियंत्रण या शक्ति नहीं होनी चाहिए. सेटेनिक पुरोहित वर्ग केवल मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करते हैं - बस इतना ही . सेटेनिक पुरोहितवर्ग के सदस्य प्रतिभाशाली / मेधावी होते हैं जो माध्यमो की तरह कार्य करते हैं ज्ञान प्रदान करने के लिए, परन्तु अगर आपको कभी भी कोई शंका हो तो आप सेटन के पास स्वयं जाएँ. अगर आपको कुछ चीज़ ठीक नहीं लगती तो आप इसे स्वीकार मत करिये.

याद रखें , एक सेटनिस्ट के तौर पर , सिर्फ एकमात्र अकेला अधिकार / प्राधिकारी सेटन स्वयं खुद हैं. हम मनुष्यों को उत्तर नहीं देते.

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Spiritual Satanism: For Those Who Are New

आध्यात्मिक सेटनिज़्म : उन लोगों के लिए जो नए हैं .

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/FOR.html

दुर्भाग्यपूर्ण , ईसाई चर्च ने लगातार निर्दयी तरीके से कार्य किया है ज्ञान हटाने के लिए , प्रेस (Press अर्थात अखबार , समाचार आदि ) की स्वतंत्रता दबाने / कुचलने के लिए और स्वतंत्र विचार को दबाने या उसका दबन करने का ईसाई चर्च ने लगातार प्रयास किया है और सेटन पर हमले किये हैं. सेटनिज़्म एक बड़ा / मुख्य खतरा है कई (लोगों ) को जो फिरसे नियंत्रण और शक्ति पाना चाहते हैं परन्तु सेटनिज़्म नियंत्रण और शक्ति को सामन्य लोगों / आमजनों के हाथ में रखता है. सेटनिज़्म पर सदियों से जानबूझ कर और दुष्टता पूर्वक / दूषित करते हुए हमला किया गया है और सेटनिज़्म के मानने वालों को कठोरता से सताया गया है. शत्रु के कार्यक्रम जो तथाकथित धर्म का मुखौटा पहने हुए हैं उन्हें विस्तार करने की स्वतंत्रता दी हुई है और सेटनिज़्म के बारे में डरावनी कहानियों / दुष्प्रचार करने की भी स्वतंत्रता प्राप्त है ताकि वे लोगों को सेटनिज़्म से दूर रख सके , ज्ञान की कमी और डर का एक साथ उपयोग कर अर्थात आम जनो को डर दिखा कर और अज्ञानी रख कर ये शत्रु कार्यक्रम आमजनों को सेटनिज़्म से दूर रखते हैं. इसके कारण बहुत अधिक अज्ञानता और भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है सेटनिज़्म को लेकर और इसका सबसे दुर्भाग्यपूर्ण असर पड़ा है बहुतों पर जिनको गलतफहमियां थी ( सेटनिज़्म को लेकर ) और इसके साथ कोई भी नहीं था उनके प्रश्नो के उत्तर देने के लिए जब वे सेटन की तलाश में थे अर्थात उनकी और आना चाहते थे.

सेटनिज़्म अत्यंत प्रचंड आध्यात्मिकता से भरा हुआ है. आप में से वे लोग जो ईसाई परिवार में पले
बढे या नास्तिक थे , उन लोगों के लिए आध्यात्मिकता की यह प्रचंड तीव्रता आश्चर्चकित करने वाली हो सकती है या यहाँ तक (उनके लिए )एक झटके की तरह आ सकती है . दुश्मन के कार्यक्रम जैसे की ईसाइयत और इस्लाम आध्यात्मिक तौर पर मरे हुए हैं अर्थात इनमे ज़रा भी आध्यात्मिकता नहीं है , दूसरे शब्दों में , कुछ नहीं होता , और दुर्लभ अवसरों पर अगर कुछ होता भी है तो वह कमज़ोर प्रकृति का होता है अर्थात थोड़ा बहुत ही होता है. कार्यक्रम जैसे की ईसाईयत चुराई हुई और झूठे अभ्यासों पर आधारित है और आध्यात्मिकता को जान बूझ कर हटा दिया गया है. ईसाईयों के विपरीत जो प्रर्थान करते हैं और प्रार्थना करते रहे हैं बिना उत्तरों के , सेटनिस्ट्स को ज़बरदस्त प्रबल उत्तर मिलते हैं और मेरा मतलब यह नहीं है की ये उत्तर सेटनिस्ट्स को बीस साल बाद मिलते हैं !

हममे से बहुतों को सामान अनुभव हुए एक आध्यात्मिक सेटनिस्ट के रूप में , परन्तु हम सब व्यक्ति हैं अर्थात किसी को जल्दी तो किसी को कुछ समय बाद आध्यात्मिकता की शक्ति महसूस होती है परन्तु एक बात निश्चित है लगातार पावर मैडिटेशन / ध्यान की सहायता से हर कोई आध्यात्मिक शक्तियां पा सकता है. अनुभव अलग अलग होंगे , और एक व्यक्ति को जो अनुभव हो सकता है वह दूसरे को नहीं हो सकता . यह सब आपकी आत्मा इस जीवन चक्र / जीवनकाल में कितनी उन्नत है इस पर निर्भर करता है. जो अपने पिछले जन्मो / जीवन में लगातार ध्यान / मैडिटेशन किये , इससे फर्क नहीं पड़ता की वे कौन थे , वे और अधिक खुले हुए और मानसिक / अलौकिक / आत्मा सम्बन्धी ज्ञान रखने वाले होते हैं उन लोगो की अपेक्षा / उन लोगों के बजाये जिन्होंने इन विषयों पर कभी कार्य नहीं किया..

आप में से वे लोग जो नए हैं , यहाँ कुछ चीज़ें हैं जिनकी आप उम्मीद / आशा कर सकते हैं -

* अजीब और बारम्बार / नित्य होने वाले संयोग , आमतौर पर सकारात्मक प्रकृति के .

* आवाज़े जो आपको अच्छी सलाह दे सकती हैं या आपको सूचित कर सकती हैं किसी / कुछ चीज़ के बारे में जो आपको नहीं पता थे या ये आवाज़ें आपको सूचित कर सकती हैं की कुछ होगा. कृपया सचेत रहें और इस बात की जानकारी रखें की हमारे भगवानों की अर्थात [डीमॉन्स ] की आवाज़ें हमें नकारात्मक भविष्यवाणियां नहीं देतीं .जब हम मैडिटेशन / ध्यान करना शुरू करते हैं , हम हमारे मन / मस्तिष्क और आत्मा को खोलते हैं नाक्षत्रिक अर्थात एस्ट्रल (Astral ) की ओर. हम इस जीवन में कितने खुले हुए हैं यह निर्भर करता है हमारी आत्मा की शक्ति पर जो की पिछले जन्म / जीवन से आती है अर्थात हमारी आत्मा पिछले जीवन में कितनी शक्तिशाली थी इस बात पर यह निर्भर करता है. उसी तरह से जैसे ईसाई और मुस्लिम अपने झूठ और कार्यक्रम बलपूर्वक फैलाते हैं / थोपते हैं दूसरों के ऊपर. , यह कोई आत्मा की दुनिया अर्थात स्पिरिट वर्ल्ड (spirit world ) से अलग नहीं हैं जहाँ शत्रु आत्माएं जो इन कार्यक्रमों के पीछे हैं वे हमें परेशान कर सकती हैंम विशेष कर उन्हें जो और अधिक आध्यात्मिक / मानसिक / आत्मिक तौर पर खुले हुए हैं. ये नकरात्मक नक्षत्रीय विशिष्ट जीव या नकारात्मक एन्टिटीस (entities ) मानव से नफरत करने वाली होती हैं और जानी जाती हैं नकारत्मक भविष्यवाणियां देने के लिए. ये अत्यधिक झूठ बोलने वाली भी होती हैं. जब हम स्वयं को सेटन को समर्पित करते हैं अर्थात उनके साथ प्रतिबद्धता (प्रतिबद्धता अनुष्ठान ) करते हैं , हम उनकी सुरक्षा में होते हैं. जब हम अपने मन / मस्तिष्क को खोलते हैं , हम और अधिक संवेदनशील होते हैं / हो जाते हैं नाक्षत्रिक दुनिया अर्थात एस्ट्रल दुनिया में , जो की (एस्ट्रल दुनिया ) एकदम बहुत ही वास्तविक है.वहाँ बहुत सारे लेख हैं इस वेबसाइट पर जो प्रभावी सलाह देते हैं इस प्रकार की परेशानी को नियंत्रण में रखने के लिए आत्माओ की दुनिया अर्थात स्पिरिट वर्ल्ड में भी और इस भौतिक दुनिया में भी.

* ज्वलंत सपने , विशेषकर जब आप डीमॉन्स के बारे में खूब अधिक अध्यन करे रहे हों. आमतौर पर ये सपने नकारत्मक नहीं होते , केवल ज्वलंत और प्रचंड तीव्र होते हैं.

बहुत सारी चीज़ें जो शुरुवात में होती हैं वे , उत्तेजक / प्रेरणादायक और प्रदीप्त / जागृत करने वाली हो सकती हैं. याद रखें यह कुछ नया है और कुछ समय ले सकता है की आप इसके आदि हो जाएँ , क्यूंकि आप एक मज़बूत , स्थायी आध्यात्मिक सम्बन्ध बना रहे हैं जो आपको इतनी सहायता करेगी की इसे नापा तौला नहीं जा सकता है.

अब , कुछ निश्चित समय / बिंदु पर , आमतौर पर जब आप कुछ आत्मविश्रास से भर जाएँ , सेटन अधिक संभावित तौर पर आपको ये दिखाएंगे की आपके जीवन में गलत क्या है. सेटन हमारे बारे में सबकुछ जानते हैं , वे जानते हैं की हम अपने प्रयासों और कार्यों से किस ओर जा रहे हैं , वे जानते हैं की हमारी पहल में कमी है की नहीं या जो कोई भी मामला हो , सेटन सब जानते हैं. अगर हम कुछ ऐसा कर रहें हैं जिससे हमारे जीवन पर आगे कोई हानिकारक प्रभाव होगा तो वे (सेटन ) हमें ज़ोरदार तरीके से सूचित कर देंगे. अविरोधी / लगातार मैडिटेशन /ध्यान करना हममे जागरूकता भी लाता है और हम उन चीज़ों का मूल्यांकन करलेंगे और देखलेंगे जिन्हे अधिकतर दूसरे भूल जाते हैं.

यह उलझन में डालने वाला हो सकता है और यहाँ तक की बुरी तरह डरा देने वाला हो सकता है कुछ लोगों को , विशेषकर इन सब झूठों और डरावनी कहानियों के कारण जो शत्रु द्वारा सदियों से फैलाई गयी हैं. चिंता का कोई कारण नहीं है. वे (सेटन ) आपके पास आ रहे हैं क्यूंकि वे आपकी चिंता करते हैं. कभी कभी वे एक डीमन को भेज देंगे हमें निर्देशित करने के लिए , जैसा की उन्होंने मेरे साथ किया था और मैं आज भी सेटन की उसके लिए बहुत अत्यंत आभारी हूँ. डीमन कठोर हो सकते हैं या वे कुछ भी करसकते हैं ताकि आप उठें और सुने और बदलें .

कभी भी सेटन और उनके डीमॉन्स आपको ऐसा कुछ नहीं कहेंगे जिससे आपको या दूसरों को नुक्सान पहुंचे. इस प्रकार के अनुभव ईसाई फरिश्तों (Angels) और दूसरी एन्टिटीस (entities) से आते हैं जिनका सेटन या हमारे कोई भी / किसी भी भगवानो / डीमॉन्स के साथ लेना देना है .


हमेशा खुले रहें . अगर आपको कोई चीज़ समझने में समस्या आ रही है और आप भ्रमित हैं , आप सेटन से मदद के लिए पूछ सकते हैं और वे निश्चित ही आपकी सहायता करेंगे. याद रखें , हमेशा आदर करें , श्रद्धा / भक्ति दिखाएँ सेटन के लिए और हमारे डीमन मित्रों के लिए और वे आपको इनाम देंगे बहुत अधिक बुद्धिमता और ज्ञान का जो बाहरी (आऊटसीडर्स / outsiders) के पास कभी नहीं होगा.

तथाकथित "अलौकिक / पारलौकिक (सुपरनैचुरल / supernatural ) " अक्सर हमारी दैनिक दिनचर्या / जीवन का भाग होता है एक सेटनिस्ट के रूप में . यह सकारात्मक है. सेटन आपको इनाम देंगे आध्यात्मिक और अंदरूनी शक्ति की चेतना का जो आपको किसी भी चीज़ से बचा लेगी / निकाल लेगी. मानसिक / अलौकिक / आध्यात्मिक तोहफे शुरू हो जाते हैं हमें मिलना और अधिक (लगातार ) आत्मविश्वास और गहरी समझ के साथ .

इस लेख को पूर्ण करते हुए अंत में , यह महत्वपूर्ण है की एक सकारात्मक रवैय्या रखा जाये और कचड़े से भरी और झूठी कहानियों की तरफ ध्यान न दिया जाए या उन्हें सुना जाये जो वे बेवकूफ और ज्ञान बोलते हैं जो सेटन या सेटनिज़्म के बारे में कुछ नहीं जानते.

सेटन के आशीष आपको मिलें , और आपका सफर आध्यात्मिक सेटनिज़्म में सम्पन्नता और तोहफों इनामों से भरा हो.

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Satanic Sacraments

सेटेनिक संस्कार

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... MENTS.html


लोगों ने मुझसे पूछा है की में क्यों वकालत करती हूँ सेटन के साथ प्रतिबद्धता करने का / सेटन के साथ वायदा बनाने का. सेटन के साथ प्रतिबद्धता करना / बनाना एक संस्कार है. यह आपके जीवन को और बेहतर के लिए बदल देता है और ज्ञान , बुद्धिमत्ता , आत्माओ की दुनिया (स्पिरिट वर्ल्ड / spirit world ) और एक मैत्री बातचीत डीमॉन्स स्थापित करने की ओर एक द्वार भी खोलता है . ये सब बाहरियों (आऊटसाइडर्स / outsiders) के पहुँच के बाहर है. सेटन के प्रति प्रतिबद्धता करना दिखता है एक के इरादों को और उसके सेटन के प्रति समर्पण को . यह वह है जब सेटन हमें गंभीरता से लेते हैं. प्रतिबद्धता करना सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है जैसे जैसे आप व्यक्तिगत आध्यात्मिक शक्ति में उन्नति करते हैं.

शत्रु कार्यक्रम जो की धर्म का झूठा मुखौटा पहने हुए हैं जैसे की ईसाईयत के संस्कारों के विपरीत , सेटेनिक संस्कार असली होते हैं . दूसरे तथाकथित धर्मो में संस्कार झूठे / गलत होते हैं . यह इस तथ्य से साबित है की जो इन्हे (दूसरे शत्रु धर्म के संस्कारो को ) प्राप्त करते हैं वे उससे आराम से बहार निकल सकते हैं या उनसे पीछे हट सकते हैं और उन्हें किसी भी समय छोड़ सकते हैं. उनमे कोई शक्ति नहीं होती ना ही कोई बंधन होता है , और वास्तविकता में वे बेकार होते हैं.

जब हम सेटन के प्रति प्रतिबद्धता करते हैं , वे हमें और हमारी बोली / शब्द / विचार को गंभीरता से लते हैं. सेटेनिक संस्कार वास्तविक सच्चे और स्थाई होते हैं जैसा उन्हें होना चाहिए. आरम्भ का अनुष्ठान या प्रतिबद्धता अनुष्ठान हमारे चरित्र को भी जांचता है और वह इसे दर्शाता भी है. व्यक्तिगत अंदरूनी शक्ति भी ज़रूरी है. हमारा चरित्र जांचा जाता है जब हम हमारी आत्माएं पिता सेटन को दे देते हैं. यहाँ हम हमारे जीवन के सबसे साहसिक कदमो मइ से एक को उठाते हैं. हममे से कई साहसिक ललकार के साथ , हर चीज़ के विरुद्ध चले जाते हैं जो हमें तोड़ मरोड़ कर मक्कारी से गलत सिखाई गयी (इंडोक्टरीनटेड / indoctrinated )और हमारे जीवन भर गलत धारणाएँ और झूठ क्रमादेशित (प्रोग्राम्ड / programmed )की गयीं. यहाँ हम अपना सच्चा चरित्र दिखाते हैं., की हमें डर , धमकियों और उन चीज़ों से जिन्हे हम सच में नहीं समझते , इनसे हमें मक्कारी से नियंत्रण में ( मैनीपुलेट / manipulate ) नहीं किया / रखा जा सकता. यह एक बहुत बड़ा कदम है स्वयं की और आत्मा की मुक्ति में और तैयार करता है हमें अत्यंत तीव्र प्रचंड अंदरूनी वृद्धि और आध्यात्मिक विकास के लिए जो आता है एक सच्चा सेटनिस्ट बनने से.

प्रतिबद्धता (अनुष्ठान ) करना दर्शाता है की हम सत्य में सेटन के प्रति समर्पित और प्रतिबद्ध हैं और हम जो कहते हैं वो करते हैं. सम्पूर्ण ईमानदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है सेटन और हेल (HELL ) की शक्तियों को . इसके बदले में , हमें इनाम दिया जाता है , ज्ञान , सुरक्षा और बुद्धिमता का बाहरी अर्थात
आऊटसाइडर्स (outsiders) की सोच से पर.

आऊटसाइडर्स को "दोस हु अार विथआउट (those who are without )" अर्थात जो सेटन के बिना हैं के नाम से जाना जाता है. बहुतों ने , जिन्होंने गुप्त ज्ञान / रहस्य्मयी ज्ञान (ओकल्ट / occult ), जादू और यहां तक की मिस्र (इजिप्ट / EGYPT ) में भी [क्यूंकि Egypt और सारा गुप्त ज्ञान सब सेटन का ही है. ] डैबल (dabble) अर्थात तोड़ मरोड़ की , उनमे आऊटसाइडर्स का स्वयं का नकारात्मक हिस्सा था नकारात्मक अनुभवों और बदकिस्मती का , क्यूंकि उन्होंने प्रतिबद्धता नहीं की थी / बनायीं थी. मैंने पाया है की आऊटसाइडर्स इन जगहों में सिर्फ इतनी ही दूर जा सकते हैं क्यूंकि उनपर अक्सर शत्रु आत्माएं हमले किया करती थी और करती भी हैं क्यूंकि ये शत्रु आत्माएं मानव से नफरत करने वाली प्रकृति की होती हैं. जब हम एक प्रतिबद्धता करते हैं अथवा बनते हैं , हम सेटन के परिवार के सदस्य बन जाते हैं जहां हमारा स्वागत होता है सीखने , बढ़ने और विकास करने के लिए.

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मन और आत्मा की शक्तियां

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... fMind.html

सच्चे सेटनिज़्म का सार है हमारे/ हमें बनाने / रचना करने वाले भगवान सेटन का मानवता पर कार्य पूर्ण करना. सेटन को उनका कार्य मानवता पर पूर्ण करने से रोका गया था. , वह कार्य था मानव आत्मा को ईश्वरत्व / दिव्या प्रकृति में परिवर्तित करना. "ईश्वरत्व अर्थात गोडहेड (GODHEAD ) " आध्यात्मिक और शारीरिक / भौतिक प्रवीणता / सिद्धि और अमरत्व है , जिसके साथ हमें ईस्वर जैसी शक्तिया , बुद्धिमता , समझ और ज्ञान की प्राप्ति होती है. यह आधारभूत सन्देश है सारे वैध गुप्त / रहस्य्मयी अर्थात ओकल्ट (occult ) विषयों का , जैसे की भगवानो की रास विधाएँ और उपाख्यानों का जो दृष्टांत / रूपक हैं जो इस शक्तिशाली सन्देश को रखते हैं.

आप में से वे जो अपरिचित हैं आध्यात्मिकता और मन के कार्य प्रणाली / काम करने के तरीके के साथ , जिसे इंद्रजाल अर्थात विचक्राफ्ट (witchcraft ) कहते हैं , , मै आपको समझने जा रही हूँ की यह कैसे कार्य करता है. अपने चारों ओर देखिये , सब कुछ आप देखते हैं , आपकी कम्प्यूटर की स्क्रीन , आपकी कुर्सी , आपका बिस्तर , आपका फर्नीचर , , बाहर कारें / गाड़ियां , बुल्डिंग, खिड़कियां , सबकुछ जो आप देखते हैं , यह वास्तविकता में भौतिक रूप में अमल में आने के पहले एक विचार था. अब मै कुछ उदाहरण / दृष्टांत जोड़ने चाहूंगी , जैसे की विज्ञान के साथ , उदाहरण के लिए , तूफ़ान स्वयं प्रकट होते हैं ; गर्म नम हवा जब ठंडी , सूखी हवा के साथ टकराती है (उदाहरण के तौर पर) , परन्तु अधिकतर (हर चीज़ का ) यहाँ पहले किसी का विचार था.


पहले तो उन लोगों के लिए उल्लेख जो इंद्रजाल [ अर्थात स्वयं की मन और आत्मा की शक्तियों का उपयोग स्वयं की इच्छाओं को पूरा करने के लिए करना ]अर्थात विचक्राफ्ट में अनुभवी नहीं हैं , आपके अंदर दिम्माग में [ये ख़याल आते होंगे विचक्राफ्ट / इंद्रजाल को सुनकर ] - बूढी देने नुकीली टोपियों वाली , झाड़ू, चमगादड़ , कढ़ाही , दादुर , मेंढक , ताबीज़ , पवित्र पत्थर , प्रतीक इत्यादि .

शुरू करने के लिए , जो शक्तियां एक (व्यक्ति ) उपयोग करता है वह उसकी मन और आत्मा की शक्तियां होती हैं. जैसा की ऊपर उल्लेख किया , बहुत सारी केवल अनुपयोगी रंगमंच की सामग्रियाँ हैं जैसे की कढ़ाही . दुसरे , जैसे की ताबीज़ , पत्थर की अंगूठियां और आदि शक्तियां बढाती हैं. यह वैज्ञानिक तथ्य है. क्रिस्टल्स / माणक (crystals ) , पत्थत और इस तरह की चीज़ें ऊर्जा बढ़ा सकती हैं और परिवर्तित करती हैं. सभाएं [जादूगरनियों और जादूगरों की ] अर्थात कोवेंस (covens ) अत्यंत ही शक्तिशाली हो सकते हैं ऊर्जा बढ़ने में , क्यूंकि बहुत सारे मेधावी / प्रतिभाशाली लोग एक साथ काम करते हैं इन ऊर्जाओं को एक सुर में लागू करने / काम में लाने में , जब कोई एक अकेले कुछ निश्चित कार्य नहीं कर सकता. इस परिस्थति में कोवेंस बड़े काम के होते हैं. शक्तियों का उत्थान करना और फिर इसे लक्ष्य प्राप्ति और दूसरी इच्छाओं के लिए (जो कुछ भी इच्छाएं हो ) निर्देशित कर देना , विचक्राफ्ट / इंद्रजाल इसी के बारे में है.

हम अक्सर वृत्त अर्थात घेरे ज्योतिषीय गुप्त लिपि चित्र लेखों को और इस तरह के दूसरे रहस्य्मयी प्रतीक देखते हैं मूवीज़ (चलचित्रों ) में. ज्योतिषीय समय निर्धारण , ऊर्जा के उत्थान करने और उसे निर्देशित करने के लिए अक्सर बहुत महत्वपूर्ण होता है कार्य की सफलता के लिए और यह बहुत विशाल रूप से शक्तियों को बढ़ा देता है. जादूगरनियां (विचेस / witches ) और जादूगर (वरलॉक्स / warlocks या मेजेस / mages ) [वे लोग जो उनके मन और आत्मा की शक्तियों का उपयोग करते हैं और यह ज्ञान रखते हैं ], सभी माध्यमो का उपयोग करते हैं जो वे कर सकते हैं ताकि वे उनकी शक्तियां बढ़ा सके. यह महत्वपूर्ण है.


डीमॉन्स और आध्यात्मिक सहायक जैसे की दादुर , मेंढक , बिल्लियाँ , कुत्ते , और दूसरे जानवरों को फैमीलियर्स (FAMILIARS ) कहा जाता है जो जादूगरों को उनके (जादूगरों के ) कार्यों में सहायता देते हैं , जादूगर जानवरों को माध्यम बनाकर बातचीत भी करते हैं , (उस जानवर को बातचीत का माध्यम बन जाया करता है जिसकी बहुत अच्छे से देखबाल रख रखाव किया गया हो और जो जादूगर के अत्यधिक करीब हो ) , इससे एक शक्तिशाली सम्बन्ध / बंधन बन जाता है. फैमिलिअर सुरक्षा भी करते हैं जो की सेटन की ओर से एक तोहफा है. जानवर पवित्र होते हैं सेटनिज़्म में और हमेशा उनकी ध्यान और आदर के साथ जानवरों के साथ बर्ताव किया जाएणा चाहिए.


सारांश

1 ) सच्चा सेटनिज़्म है एक के मन और आत्मा और व्यक्तिगत शतियों की उन्नति करना

2 ) विचक्राफ्ट / इंद्रजाल इन शक्तियों का उपयोग करना होता है , जो मन / आत्मा की होती हैं. प्रतीक , ताबीज़, पत्थर और दूसरे सामग्रियाँ ऊर्जा को बढाती हैं या तो प्रत्यक्ष या अप्रतक्ष्य तौर पर . इनका उपयोग उन लोगों के लिए अच्छा होता है जो पसंद करते हैं कल्पना / छवियों / इमेजरी (imagery ) का उपयोग उनकी शक्तियों को अधिक तीव्र करने / बढ़ने के लिए.



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Post Mon Jun 08, 2015 8:31 am

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Ritual Tools

अनुष्ठान उपकरण


Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ITEMS.html


अनुष्ठान उपकरण कार्य के सफलता के लिए ज़रूरी नहीं होते और मूल रूप से समाहरोह सम्बन्धी जादू अर्थात मैजिक (magick ) में उपयोग होते हैं. उनकी स्वयं की कोई शक्ति नहीं होती जबतक की उनमे शक्ति नहीं डाली गयी थी. अनुष्ठान अपकरणो का उपयोग उनके द्वारा किया जाता है जिन्हे एक वातावरण चाहिए , और वे आनंदित होते हैं और / या बेहतर कार्य करते हैं एक औपचारिक अनुष्ठान (फॉर्मल रिचुअल / FORMAL RITUAL ) के साथ. अनुष्ठान उपकरण अक्सर कोवेंस (Covens अर्थात जादूगरनियों और जादूगरों का समूह ) के द्वारा यपयोग किया जाता है , क्यूंकि कोवेंस बारम्बार एक औपचारिक अनुष्ठान में सम्मिलित होते हैं.


एक (व्यक्ति ) के मन और आत्मा की शक्तियां ही अकेले केवल / सिर्फ अनिवार्य होती हैं एक कार्य को पूरा करने के लिए. आप में से वे जो नए हैं , निम्न दी हुई जानकारी बहुत मानक है विचक्राफ्ट / इंद्रजाल के लिए . यहाँ दी हुई सामग्रियों के सच्चे अर्थ के लिए , वहां एक लिंक है इस पृष्ठ के तल पर जो समझाती है वे ( सामग्रियाँ ) किसका प्रतीक करती हैं.

ऐथैम (Athame ) या "अनुष्ठान का खंजर " "काले हत्थे का चाक़ू होता है " , इसका उपयोग 4 दिशाओं को संकेत करने और हेल के 4 शीर्ष प्रमुख राजकुमारों के आव्हान करने के लिए होता है. इसका उपयोग ऊर्जा और इच्छा को निर्देशित करने के लिए होता है. यह वायु तत्व से सम्बंधित है. यह शिश्न जैसा लगता / प्रतीत होता / दीखता है और प्रतीक करता है संस्कार की पुरुष / पुरुष वाचक ऊर्जाओं का .

बैफोमेट (BAPHOMET ). सबके पास एक बैफोमेट प्रतीक होना चाहिए उनकी वेदी पर., क्यूंकि यह प्रतिनिधित्व करता है ज्ञान और बुद्धिमता दोनों का और एक प्राचीन सेटेनिक प्रतीक ./ चिन्ह है.

बेल (Bell )/ घंटी का उपयोग अनुष्ठान के आरम्भ और अंत का सिग्नल / संकेत देने के लिए होता है. घंटी का बजाना शुद्ध करता है हवा को अनुष्ठान की तैयारी में. इसे बजाय जाता है घडी के कांटे की घूमने की उलटी दिशा में अनुष्ठान को शुरू करने में और इसे बजाय जाता है घडी के कांटे के घूमने की सीधी दिशा में अनुष्ठान को खत्म करते समय.


बुक ऑफ़ शैडोस (BOOK OF SHADOWS ) अर्थात छाया की किताब को स्पैलबुक (स्पेल
BOOK ) अर्थात जादू की किताब कहा जाता है . कुछ लोग इसे ब्लैक बुक (BLACK BOOK) अर्थात काली किताब कहते हैं. यह आपकी स्वयं की निजी पत्रिका / डायरी होती है अनुष्ठान और जादुई कार्यों की , उनके परिणामो की , आपने क्या किया , कब और कैसे किया , आत्माओं की / के साथ बातचीतें , अभिव्यक्तियाँ , और गृह , और वह सब कुछ जो आपके कार्यों के अनुरूप है यह सब इसमें लिखा जाता है . यह एक निजी अभिलेख है जो आप रख सकते हैं और देख सकते हैं दर्ज करते हुए आपके सारे अनुष्ठानिक अनुभवों और कार्यों को विस्तार से. इस भ्रम में ना पढ़ें की बुक ऑफ़ शैडोज / ब्लैक बुक / स्पेलबूक एक ग्रीमोइर् (GRIMOIRE ) है. रक ग्रीमोइर् एक किताब होती है जिसमे जादू आदि पहले सी ही मौजूद होते हैं. एक ग्रीमोइर् एक व्यक्तिगत पत्रिका / डायरी नहीं होती है और इसे (ग्रीमोइर् ) को कोई भी उपयोग कर सकता है. यह व्यक्तिगत नहीं होती है. वहां बहुत सारी ग्रीमोइर्स उपलब्ध हैं जो की ना की सिर्फ बहुत अत्यंत खतरनाक हैं , परन्तु सेटन और हमारे डीमॉन्स की भी निंदा करती हैं और इन ग्रीमोइर्स का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्यूंकि इन्हे शत्रु ने लिखा है.

जलाने वाला बाउल / कटोरा (बर्निंग बाउल / Burning Bowl ) जंगरोधी / निर्दोष (स्टेनलेस / stainless )स्टील या चांदी का बना होना चाहिए. यह अग्नि तत्व है और इसका उपयोग अनुष्ठान के दौरान कागज़ जलाने के लिए होता है जिनमे प्रार्थनाएं / अनुरोध लिखे होते हैं . एक अलग कटोरा होना ज़रूरी नहीं है , परन्तु इसका उपयोग कठपुतलियों अर्थात पपेट्स (puppets ) को जलने के लिए , व्यक्तिगत सम्पत्तियों या नफरत किये जाने वाले के पुतलों जिसका उपयोग सर्वनाश [ब्लैक मैजिक (black magick ) ] अर्थात काले जादू वाले कार्यों में किया गया था , उन्हें जलाने के लिए एक अन्य कटोरे का उपयोग अच्छा रहता है. हमेशा अलग अनुष्ठानिक वस्तुएं रखें ब्लैक मैजिक कार्यों के लिए. इसका कारण यह है की क्यूंकि जब हम ब्लैक मैजिक करते हैं / या उसका अभ्यास करते हैं , तो हम बहुत नकारत्मक और विध्वंसक ऊर्जा का उपयोग कर रहे होते हैं. यह ऊर्जा हमारे हर दिन के अनुष्ठानिक वस्तुओं को दूषित कर सकती है. ब्लैक मैजिक वस्तुओं को अलग रखना सबसे अच्छा होता है. समय के साथ वे अपनी खुद की एक शक्तिशाली ऊर्जा विकसित कर लेते हैं/

कैंडल्स (candles ) मोमबत्तिया प्रतिनिधित्व करती हैं अग्नि तत्व का . मोमबतीयों का रंग औपचारिक सेटेनिक अनुष्ठान अर्थात स्टैंडर्ट सेटेनिक रिचुअल (Standard Satanic Ritual ) के लिए काला होना चाहिए , परन्तु अगर काला उपलब्ध न हो तो , नीला या लाल या कोई अन्य रंग जैसे की सफ़ेद (व्हाइट मैजिक (white magick) / सफ़ेद जादू ) के लिए उपयोग किया जा सकता है. जब डीमॉन्स का आव्हान किया जा रहा हो , यह ज़रूरी है की आप उस डीमन से सम्बंधित रंग का उपयोग करें.

*ईसाई नियंत्रण के कारण , जहाँ काली मोमबत्तियां खरीदी जा सकती हैं , ये जगाहें दुर्लभ होती जा रही हैं. आप सबसे अच्छा प्रयत्न करे (जितना अच्छा आप कर सकते हैं ) , और हमेशा याद रखें , आपके दिल में क्या है और आपके इरादे क्या हैं , ये ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं मोमबत्तिओं के रंग की अपेक्षा.

चैलिस (Chalice ) अर्थात प्याला प्रतिनिधित्व करता है जल तत्व का . इसका उपयोग वाइन (wine ) पीने या कोई दूसरा पेय पीने के लिए होता है एक औपचारिक अनुष्ठान के दौरान . इसे चांदी अथवा जंगरोधी निर्दोष स्टील का बना होना चाहिए. यह प्रतीक करता है संस्कार की स्त्री / स्त्री वाचक ऊर्जाओं का .

क्रिस्टल्स (crystal) / माणभ ज़रूरी नहीं होते , परन्तु इनका उपयोग अनुष्ठान और जादुई कार्यो को तीव्र अधिक करने / बढ़ाने के लिए किया जा सकता है और साथ ही ऊर्जा को भण्डार करने के लिए भी क्रिस्टल्स अच्छे होते हैं.

धूप जलाने वाला यंत्र (इंसेन्स बर्नर / Incense Burner ) का उपयोग हवा को सुगन्धित करने और संस्कार और जादुई कार्यों को करने वातावरण अनुकूल बनाने के लिए होता है. डीमॉन्स धूप को पसंद करते हैं. एक (व्यक्ति ) को नए धूप पहले नमूने के तौर पर जला कर देख लेने चाहिए की धूप अच्छे हैं की नहीं. ऐसा इसीलिए है क्यूंकि एक बार जब अनुष्ठान शुरू हो जाता है , अधिक देरी हो जाती है जब तक आपको पता चलता है की धूप रद्दी किस्म का है. सस्ती और ख़राब गंध प्रमुख शर्मिंदगी का कारण बन सकती है और उन आत्माओं को जिनका आप आव्हान करने का प्रयत्न कर रहे हैं उन्हें अपमानित भी कर सकती है .धूप जलाने वाला यंत्र दोनों अग्नि और वायु तत्व का है.

पेंटाग्राम्स (Pentagrams ) अर्थात पंचकोण ज़रूरी नहीं हैं , परन्तु इनका उपयोग पृथ्वी तत्व को प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जा सकता है. उन्हें चांदी या स्टेनलेस (जंग रोधी / निर्दोष )स्टील का बना होना चाहिए.

अनुष्ठान डोरियाँ (रिचुअल कॉर्ड्स / Ritual Cords ) ज़रूरी नहीं होती हैं , परन्तु उनका उपयोग बंधनकारक जादू अर्थात बाइंडिंग स्पेल्स (Binding Spells) या ऐसे जादू / स्पेल्स जिनमे जादुई गाँठ या गाँठ वाला जादू (क्नॉट मैजिक / Knot Magick )की ज़रुरत होती है.

वैंड (WAND ) अर्थात छड़ी एक अनुष्ठान उपकरण है जिसका उपयोग जादूगरों (मैजेस / Mages ) और शत्रु के मायावियों द्वारा. मै दृढ़ता के साथ हतोत्साहित करती हूँ छड़ी के उपयोग को. इसे ब्लास्टिंग रॉड (Blasting Rod / विस्फोटन छड़ी ) भी कहा जाता है और सदियों से इसका उपयोग शत्रु 'गॉड' (God / भगवान ) और फरिश्तों (एंजल्स / angels) के नाम पर , डीमॉन्स को गाली देने और उनका उनुचित लाभ उठाने के लिए किया जाता रहा है . यह बुद्धिमानी नहीं है अगर एक (व्यक्ति ) डीमॉन्स के साथ सम्बंद स्थापित करने की इच्छा रखता है क्यूंकि वैन्ड्स (छड़ियां ) उन्हें (डीमॉन्स को ) जल्दी नाराज़ कर देने वाली होती हैं. छड़ियाँ अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं.


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Post Wed Jun 10, 2015 11:26 am

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सेटन के लिए मानक अनुष्ठान (स्टैण्डर्ड रिचुअल टू सेटन / Standard Ritual To Satan )

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... itual.html


नीचे दिया हुआ अनुष्ठान नए लोगों के लिए है , जो अनुभवहीन हैं . ये चरण एक को फॉर्मल एडवांस्ड रिचुअल (Formal Advanced Ritual ) अर्थात औपचारिक उन्नत अनुष्ठान की प्रक्रिया से परिचित करने के लिए हैं. ये अनुष्ठान उन लोगों के लिए हैं , जो पसंद करते हैं समारोह अर्थात सेरेमनी (ceremony ) का उपयोग करना और इसे Covens / कोवेंस (अर्थात जादूगरनियों और जादूगरों का समूह ) और समूहों के लिए भी अनुकूलित बनाया जा सकता है . समारोहिक अनुष्ठान (सेरेमोनियल रिचुअल्स / Ceremonial Rituals ) , जब आप अनुभवहीन होते हैं , आपके आध्यात्मिक उद्देश्यों को प्राप्त करने में / के लिए ज़रूरी नहीं होते . सिर्फ आपको अपना मन / ध्यान केंद्रित करना होता है , ज़रूरी कम्पन्न अर्थात वाइब्रेशंस (Vibrations [शब्दों की शक्तियां ] ) और आगे, बिना किसी भौतिक रंगमंच की सामग्रियों का उपयोग किये. कृपया इस संपूर्ण पृष्ठ को पढ़िए क्यूंकि वहाँ स्पष्टीकरण नीचे दिया हुआ है. सेटन / लूसिफ़र् (Satan /Lucifer) प्रतिनिधित्व करते हैं आम लोगों का . ईसाई चर्चों , और उनकी सारी विशाल संपत्ति, वैभव , और समारोहिक नाटक / दिखावा / प्रदर्शन , के विपरीत , सेटन आशा / उम्मीद नहीं रखते हैं उनके लोगों से की वे महंगे वस्तुओं का उपयोग करें (अर्थात सेटन नहीं चाहते की आप महंगे वस्तुएं खरीदें ), अनुष्ठान के लिए. अगर आपके पास सिर्फ केवल आप ही हैं , तो भी सेटन को इससे कोई परेशानी नहीं वे समझते हैं. सेटन , जो की हमारे सच्चे बनाने वाले (रचना करने वाले ) भगवान हैं , उन्होंने हमें सब कुछ दिया है हमारे अंदर. सेटन प्रतिनिधित्व करते हैं और खड़े होते हैं , स्वयं - निपुणता / दक्षता / कार्यक्षमता और व्यक्तिगत सशक्तिकरण के लिए ताकि हम हमारे जीवन और भाग्यों का स्वयं नियंत्रण कर सकें , बिना गुलामी वाली पूजा किये या हम स्वयं को छोड़ कोई बाहरी चीज़ के ऊपर निर्भर रहें. सेटन हमें ज्ञान देते हैं जिसकी हमें ज़रुरत होती है हमारे अंदर की शक्ति तक पहुँचने के लिए.

* यह अच्छा विचार है की आप हमेशा अनुष्ठान के पहले नहा लें. यह आदर प्रकट करता है

* अपनी धूप जलाएं और उसे 10 - 15 मिनट तक जलने दें ताकि वह कमरे को भर दे
* अपनी कोई प्रार्थनायेन , धन्यवाद प्रदर्शन और / या कोई विन्तीयन , जो भी हों उन्हें एक साफ़ पेपर / कागज़ पर लिखें

* अपनी मोमबत्तियां जलाएं , [अगर आप मोमबत्ती को रखने का स्टैंड / बत्तीदान का उपयोग कर रहें हैं ] तो उसे चांदी का बना होना चाहिए

* अपने प्याले (चैलिस / chalice ) को भरें या तो वाइन या फिर कोई अन्य पेय के साथ (आपका प्याला चांदी का बना होना चाहिए )

* अनुष्ठान के लिए कपडे पहने. अगर आपके पास अनुष्ठान के लिए अनुष्ठान लबादा नहीं है , तो कोशिश करें की सब काले रंग के कपडे पहने. इस बात को निश्चित कर लें की वे कपडे साफ़ हैं.


अनुष्ठान -

घंटी बजाएं , उसे घडी के घूमने वाले कांटे की उलटी दिशा में घुमाएं , आव्हान करें हेल के चार प्रमुख राजकुमारों का आप इसे ऐथैम (Athame ) या "अनुष्ठान का खंजर " "काले हत्थे का चाक़ू होता है " उससे भी कर सकते हैं अगर आप के पास ऐथैम है तो. या फिर केवल आपको अपने उलटे हाथ की तर्जनी (उंगली ) को बिंदु / संकेत करना है और दृश्य बनाना / कल्पना करना हैं की एक बिजली सी नीली रौशनी की धारा / प्रवाह आपकी तर्जनी की नोक में प्रविष्ट हो रही है / प्रवेश कर रही है और आपको संपूर्ण पूरा भर रही है. हर चाल के साथ , यह नीली रौशनी और अधिक तीव्र और अत्यंत प्रचंड होती जाती है . और आपको पूरा भर रही है और चार्ज कर रही है. पूर्व दिशा की ओर मुंह करें और शुरू करें सेटन / लूसिफ़र् (Satan / Lucifer )के साथ और फिर उत्त्तर दिशा की ओर घूम जाएँ बीलज़ेबब (Beelzebub ) के लिए , फिर पश्चिम दिशा की ओर घूमें एस्टेरोथ(Astaroth ) के लिए , और फिर दक्षिण दिशा की ओर घूमें अज़ाज़ेल (Azazel ) के लिए , और स्वयं को हर चाल के साथ चार्ज (charge )करते रहें नीली ऊर्जा के साथ .

* सेटन / लूसिफ़र् (Satan / Lucifer ) पूर्व दिशा में / की ओर


* बीलज़ेबब (Beelzebub ) उत्तर दिशा में / की ओर

* एस्टेरोथ (Astaroth ) पश्चिम दिशा में / की ओर

* अज़ाज़ेल (Azazel ) दक्षिण दिशा में / की ओर


तब , वर्णन करें / बोलें सेटन के आव्हान को -

सेटन को आव्हान -


इन नॉमिनी देइ नॉस्ट्री सेटनास , लुसीफरी एक्सेलसी. (हमारे सिद्ध / धर्मात्मा प्रभु लूसिफ़र् के नाम जो गौरवान्वित हों )

सेटन के नाम में , जो सृष्टि के शासक, सच्चे भगवान , सर्वशक्तिमान ,और अवर्णनीय हैं , जिन्होंने मनुष्य को बनाया है की वो प्रतिबिंबित हों , तुम्हारी खुद्की छवि और समानता में , मै आमंत्रित करता हूँ अन्धकार की शक्तियों को , की वे उनकी हेलीय (इन्फरनल/ Infernal) शक्तियां मुझ पर अर्पित करें. हेल के दरवाज़ खोलिए और आगे आएं मुझे अभिवादन करने के लिए आपके भाई / बहन और मित्र के रूप में.

हे सर्वशकितमान सेटन मुझे मुक्त करें सारी अतीत की गलतियों से और भ्रमों / धोखों से , और भर दें मुझे सत्य , बुद्धिमता और समझ से , मुझे मेरी आस्था और सेवा में सदा मज़बूत रखें ताकि मै हमेशा आपमें दृढ रहूँ और आपकी आज्ञाओं का पालन करूँ प्रशंसा के साथ , आदर सम्मान और गौरव आपको दिया जाये हमेशा हमेशा के लिए.


प्याले में से पियें

अब यह आपके अनुष्ठान की ऊंचाई है जहाँ आप अपनी प्रार्थना पढ़ते हैं पिता सेटन के समक्ष . जब आप ने पढ़ ली हो , कागज़ को आपकी मोमबत्ती की लपट में जलाएं और उसे आपके चांदी के कटोरे में रख दें जलने के लिए. अब समय है मैडिटेशन / ध्यान और फोकस (Focus ) करने अर्थात केंद्रित होने का.

मैडिटेशन / ध्यान के बाद (समय होता है ) पिता सेटन के साथ एक एक करके बात करने का अर्थात आप अपनी बात रखें और फिर उसका उत्तर सेटन आपको देंगे . इसके बाद , और प्रार्थनाएं * कहीं जा सकती हैं . [ सेटेनिक प्रार्थनाओं के बारे में टिप्पणी देंखे जो इस पृष्ठ के नीचे के करीब दी हुई है ] आप इस बार एनोचियन (Enochian ) में , या तो आपकी पसंद की एनोचियन कुंजियों / कीज़ (Enochian Key /s) के साथ , या तो आपकी स्वयं की प्रार्थनाओं के साथ .

हम सभी व्यक्ति हैं और हमारे स्वयं के अपने तरीके होते हैं अनुष्ठान और पूजा के . बहुत पहले ,( घुटने टेकना चाहिए ), यह मुझे डीमॉन्स ने बताया था , और मेरे एक करीबी मित्र का भी यही अनुभव था , आदर सम्मान प्रकट करने के लिए घुटने टेकना , परन्तु यह आपके और पिता सेटन के बीच में है.

अनुष्ठान के अंत में , बंद करें एक " सेटन को अभिवादन " के साथ . अर्थात आप ज़ोर से कहें "सेटन को अभिवादन " जिसे अंग्रेजी में HAIL SATAN कहते हैं.

घंटी को घडी के कांटे की घूमने की दिशा में बजाएं. अर्थात सीधे और घंटी बजाते हुए घुमाएं.

* ईसाई चर्च के आर्थिक / मौद्रिक और राजनैतिक नियंत्रण के कारण , वो स्थान जहाँ से काली मोमबत्तियां खरीदी जा सकती हैं , अब ऐसे स्थान ख़त्म हो रहे हैं. आप में से वे लोग जो काली मोमबत्ती ढूंढने में असमर्थ हैं , इसका एक विकल्प है. लुसीफर (Lucifer ) का रंग नीला है. बिजली का सा नीला. डीमॉन्स भी नीले आभामंडल / प्रभामंडल अर्थात औरा(aura ) में प्रकट होते हैं / दिखाई देते हैं. हम में से वे लोग जिन्होंने हेल (Hell ) को देखा है , स्वीकार करते हैं की उसका नीला प्रभामंडल है. नीले का उपयोग करें.


काले जादू के लिए अर्थात ब्लैक मैजिक स्पेल्स (Black Magic Spells ) के लिए , लाल (गुस्सा ) का उपयोग करें , या गहरा नीला (नीला या काला) , या गहरे भूरे रंग का उपयोग भी बढ़िया काम करता है. यह सिर्फ एक प्रयास है कट्टर ईसाइयों द्वारा ताकि वे हमें हमारे धर्म को मानने से रोक सकें , और विशेषकर उनका निशाना अवयस्क और जवान लोग होते हैं. सेटन इसे समझते हैं और रंगो के विकल्प से सेटन को कोई परेशानी नहीं.

बच्चों और अवयस्कों के लिए , जो कोई भी अनुष्ठान सामग्री प्राप्त नहीं कर सकते और उन लोगों के लिए जिनके पास धन की / वित्तीय समस्या है , वे अनुष्ठान को उनके निजी एस्ट्रल टेम्पल (Astral Temple) अर्थात नक्षत्रीय मंदिर में कर सकते हैं.

*"प्रार्थना " सेटनिज़्म में , आम जनो (लोगों ) को जैसा गलत सिखलाया बताया गया है विश्वास करने को क्सायंस (xians) अर्थात यहूदी /ईसाई / मुस्लिम और दुसरे शत्रु कार्यक्रमों द्वारा , वह इससे बहुत अलग होती है

सेटेनिक प्रार्थना है -

1 ) टेलीपैथिक (Telepathic ) अर्थात दूर संवेदन बातचीत हमारे और पिता सेटन या उनके डीमॉन्स के बीच.

2 ) दूसरा पहलू सेटेनिक प्रार्थना का है एक मंत्र को वाइब्रेट (Vibrate ) अर्थात मंत्र को, शक्तियों वाले शब्दों को , एनोचियन या फिर रून्स (Runes) को कम्पन्न करना. कम्पन्न करना महत्वपूर्ण / ज़रूरी है जादू और आदि के कार्य करने हेतु , और यह हमारी आत्माओं को शक्तिशाली बनाने और हमारी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी अति आवश्यक है.


घंटी (बेल /Bell ) जिसका उपयोग सेटेनिक अनुष्ठान में होता है , वह इसी कम्पन्न का प्रतीक है जिसे हमने अभी ऊपर समझाया है. जब हम दोहराते हैं शक्तियों वाले शब्द , मंत्र , रून्स आदि का कम्पन्न करते हैं , ऊर्जाओं को केंद्रित करते और उनका निर्देशन करते हुए , एक तरंगीय असर अर्थात रिप्पल इफ़ेक्ट (Ripple Effect ) पैदा होता है सूक्ष्म जगत / नक्षत्रीय दुनिया में और वह हमारी इच्छाओं को प्रकट / ज़ाहिर कर देता है भौतिक दुनिया में . यह है बेल / घंटी का प्रतीकवाद सेटेनिक रिचुअल में .


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Post Wed Jun 10, 2015 11:29 am

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एस्ट्रल टेम्पल (Astral Temple) बनाना -

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एस्ट्रल टेम्पल अर्थात नक्षत्रीय मंदिर का नियमित प्रयोग / उपयोग आपके जादू की प्रभावशीलता को बढ़ा सकता है और उसके अन्य बहुत उपयोग भी हैं. नक्षत्रीय प्रक्षेपण (एस्ट्रल प्रोजेक्शन / Astral Projection ) आदर्शपूर्ण है परन्तु ज़रूरी नहीं है. एक गहरे ध्यान की अवस्था और दृश्य बनाना अर्थात (मन में कल्पना / visualize) करना कुंजी हैं नक्षत्रीय प्रक्षेपण की सफलता के लिए. आपको मंदिर बनाना चाहिए अनुष्ठान के दौरान , जहाँ आप पिता सेटन से पूछ सकते हैं उसे (आपके बनाये मंदिर को ) आशीष देने के लिए. यह आह्वान करने के बाद किया जाना चाहिए जहाँ आप एक अनुरोध लिखते हैं पिता सेटन को की वे (पिता सेटन ) आपके बनाये हुए मंदिर को आशीष दें और उसे पवित्र करें.

आप अपना मंदिर किसी भी तरीके से बना सकते हैं जैसा आप चाहें . यह आपका क्षेत्र है . सर्व प्रथम आप अपने मंदिर के बाहर के क्षेत्र की कल्पना करें (अर्थात उसका दृश्य बनाये ), यह एक पिरामिड हो सकता है या अन्य कोई आकार का जैसा आप चुनते हैं , और कोई भी सामग्री का बनाया जा सकता है (सामग्रियाँ मज़बूत होनी चाहये )/ दरवाज़े से होकर चलें . यह आपका क्षेत्र है . आप अपनी स्वयं की वेदी (अल्टार / Altar ) , कालीन या फर्श , किसी भी माप , आकार या रंग की बनायें . आप कोई भी चीज़ जोड़ सकते हैं अपने मंदिर में आपकी इच्छा के अनुसार. आग से जलने वाले दीपक (लैम्प्स / Lamps ), मखमली (वेलवेट / velvet ) दीवारे लाल नीलें या काले रंग की , अस्तर वाले तकियों के साथ सीटें (बैठने का स्थान ) , डीमॉन्स से मिलने का स्थान , विशालकाय सुनहरे या चांदी के धुप जलावक - ये कुछ विचार हैं (आप कैसा रखना चाहते हैं अपना मंदिर ).

यह आपका स्वयं का निजी बहुत आतंरिक स्थान हैं जहाँ आप स्वतंत्र हैं. जितना आप इस स्थान पर आएंगे उतना ही यह शक्तिशाली होता जायेगा.

जब आपका मंदिर बन जाये , तो आप अपने संरक्षक डीमन (गार्डियन डीमन / Guardian Demon ) को आमंत्रित कर सकते हैं या कोई अन्य डीमन को आमंत्रित कर सकते हैं जिनके साथ आपके सम्बन्ध हैं , उसे (आपके मंदिर को ) देखने के लिए .


आपके एस्ट्रल टेम्पल / नक्षत्रीय मंदिर के उपयोग -

* अनुष्ठान

* ध्यान (सब प्रकार के और नक्षत्रीय कार्य )

* टेलिपाथिक / Telepathic (दूर संवेदन ) बातचीत / संचार /संपर्क अन्य मनुष्यों के साथ

* डीमॉन्स के साथ बैठकों के लिए / मिलने के लिए

आपको सर्वप्रथम जानना चाहिए उस डीमन के बारे में जिससे आप मिलना चाहते हैं और आपका उस डीमन / डीमनेस (डीमन मतलब पुरुष डीमन / डीमनेस मतलब स्त्री डीमन ) के साथ एक सम्बन्ध होना चाहिए . यह एक जगह है जहां आप उनसे (डीमॉन्स ) से बातचीत / समपर्क कर सकते हैं और प्रश्न / सवाल पूछ सकते हैं.

आप वहां इसिलए भी जा सकते है ताकि आप ध्यान केंद्रित कर सकें निश्चित मामलो पर , जिनमे मानसिक / अलौकिक / आध्यात्मिक सामर्थ्य की ज़रुरत होती है या फिर आपको टेलेपथिकली ((दूर संवेदन )बातचीत करनी हो .

दुसरे मनुष्यों के साथ दूर संवेदन अर्थात टेलेपथिकली बातचीत करने या संपर्क करने के लिए , आप अपने मंदिर में ऐसे समय पर जाएँ जब वह (वो मनुष्य जिससे आपको दूर संवेदन करना हो ) सो रहा है और आप उसकी आत्मा की " इच्छा करिये "अपने टेम्पल को / की ओर . ऐसा आप दृश्य बनाकर / कल्पना करके करिये . जब वह उपस्थित है , और आप उस पर प्रभाव डालने की इच्छा रखते हैं, उसकी आत्मा को अलग करें , उसके " प्रकाश शरीर " को बाहर लाएं , और उस प्रकाश शरीर से बात करें. उससे बात ऐसे करें - आप उसे छोटे आदेश दें वो भी वर्तमान काल में .

अगर आप किसी आवश्यक मामले / चीज़ पर चर्चा करना चाहते हैं , उससे ऐसे बात करें जैसे वो वास्तव आपके पार बैठा हुआ है . आप उससे यह भी कह सकते हैं की वह याद नहीं रखेगा वास्तविक मिलन (एक्चुअल मीटिंग ) जब वह जागेगा परन्तु वह सभी आदेश मानेगा.

आप में से वो लोग जो अवयस्क (underage) हैं और औपचारिक अनुष्ठानिक संस्कार नहीं कर सकते उनके लिए एस्ट्रल टेम्पल या नक्षत्रीय मंदिर एक आदर्श जगह है . इसके अलावा जो अवयस्क हैं वे बिना किसी के देखे जाने के डर के , यहां (नक्षत्रीय मंदिर ) में सेटन के साथ प्रतिबद्धता अनुष्ठान कर सकते हैं. सेटन इसे समझते हैं और यह उसी तरह पूरा वैध है जैसे औपचारिक प्रतिबद्धता अनुष्ठान . जब आप वयस्क हो जाएँ , तब आप इसे पूरा कर सकते हैं वास्तविक सम्पूर्ण अनुष्ठान करके .


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Post Sun Jun 14, 2015 10:36 am

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उन्नत सेटेनिक अनुष्ठान / एडवांस्ड सेटेनिक रिचुअल (Advanced Satanic Ritual )

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यह उन्नत है , परन्तु वास्तविक चरण प्रदान करता है सेटेनिक अनुष्ठान के लिए . स्टैण्डर्ड रिचुअल अर्थात मानक रिचुअल हर कोई के लिए है और विशेषकर नए लोगों के लिए है , अब यह यैयारी है उन्नत अनुष्ठान के लिए , और इसका सब कोई को अर्थ मालुम होना चाहिए. सम्पूर्ण मानक अनुष्ठान एलेगोरीज़ (allegories ) अर्थात दृष्टान्तों का बना हुआ है. एलेगोरीज़ का अर्थ होता है एक कहानी , कविता या कोई पिक्चर जिसकी विवेचना कर उसके छुपे हुए अर्थ का खुलासा किया जा सके. उन्नत अनुष्ठान में / के चरणो का उद्देश्य है की प्रचालक को पूरी शक्ति तक लाया जा सके इस कार्य में , ताकि उसे सफलता मिल सके. एक सम्पूर्ण अनुष्ठान की ज़रुरत नहीं होती समारोह के रूप में , परन्तु बहुत सारे लोग आनंद लेते हैं समारोहिक पहलुओं का और इस समय का उपयोग करते हैं ताकि वे कार्यचालन / कार्य के लिए उचित मनोदशा में आ सकें, जो ज़रूरी हो सकता है. हमेशा याद रखें , अगर कोई एक निश्चित निजी विधि ने आपको सफलता लेकर दी है , तब आप उसे ही किया करें. हमेशा वह करें जो आपके लिए सबसे अच्छा काम करता है , क्यूंकि हम सब व्यक्ति हैं. मै, हालाँकि स्वयं समारोहिक अनुष्ठान नहीं करती कुछ व्यक्तिगत कारणों से , उदहारण के लिए, परन्तु यह मेरा अपना तरीका है और अगर समारोह आपके लिए काम करता है , तब आप उसका उपयोग करें.

यहाँ है सेटेनिक अनुष्ठान में चरणो का सच्चा अर्थ -

1 ) घंटी बजाना . घंटी (बेल / bell ) एक एलेगोरी (allegory उसका अर्थ ऊपर बताया जा चुका है ) है प्रतिध्वनि के लिए. इसका शक्तियों वाले शब्द , मंत्र और आगे आदि चीज़ों के कम्पन्न से लेना देना है. कम्पन्न बहुत अत्यधिक प्रभावी होता है ऊर्जा निर्देशन के लिए और एक की आत्मा पर और एक के स्वयं के खुद के वातावरण में अंत तक रहने वाला बदलाव पैदा करने के लिए इसिलए , अनष्ठान में , मंत्र / कम्पन्न का उपयोग किया जाता है क्यूंकि यह एक की शक्तियों और कार्यचालन की वृद्धि करता है.

2 हेल की शक्तियों (पावर्स ऑफ़ हेल / Powers of Hell ) का आव्हान करना. यहाँ ध्यान दे, तलवार उपकरण [रंगमंच की सामग्रियाँ ज़रूरी नहीं होती और सिर्फ मनोदशा बनाने के काम में आती हैं , जब तक उनमे गंभीरता से शक्ति ना डाली गयी हो या उन्हें ऊर्जा से चार्ज नहीं किया गया हो. ], तलवार वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करती है. हेलल की शक्तियों का आव्हान एक दूसरी एलेगोरी (allegory ) है तत्वों के आव्हान के लिए , जिनका प्रतिनिधित्व पंचकोण (पेंटाग्राम / Pentagram ) भी करता है. अग्नि , पृथ्वी , वायु , जल और आकाश का आव्हान कर , आप फिरसे अपनी आत्मा की पूरी शक्तियों की वृद्धि कर सकते हैं कार्यचालन के लिए. प्रत्येक दिशा जिसकी तरफ एक (व्यक्ति ) मुंह करता है , तो वह इससे स्वयं की ऊर्जा को पृथ्वी की ऊर्जा के साथ क्रम में रख लेता है. हेल के चार प्रमुख राजकुमार में से हर एक , एक तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह एक एलेगोरी है. जैसे की टेरट (Tarot ) अर्थात टैरो , रॉड / छड़ियां प्रतिनिधित्व करती हैं रीढ़ के अंदर के सरपेंट अर्थात सर्प का , कप चक्र हैं जिनसे हम " ऊर्जा " पीते हैं ; पंचकोण हमारी इच्छाओं की सांसारिक अभिव्यक्ति का और उन सारे पांच तत्वों के आव्हान का जो मानव आत्मा में सम्मिलित होते हैं और उसकी ऊर्जा को बढ़ाते हैं , इसका प्रतिनिधित्व करता है पंचकोण , और तलवार - जैसा की मैंने पहली ही ऊपर बताया है , वह (तलवार ) हवा का प्रतिनिधित्व करती है - कम्पन्न और प्रतिध्वनि , जिसका बदलाव पर प्रभाव पड़ता है. ध्वनि आणविक अर्थात मॉलिक्यूलर / MOLECULAR (अणु सम्बन्धी ) संरचना को बदलती है भौतिक दुनिया और नक्षत्रीय अर्थात एस्ट्रल दुनिया दोनों की .

3 ) सेटन को आव्हान वास्तव में सेटन को आव्हान है और यह हेल की शक्तियों को निमंत्रित करता है. यह चरण एलेगोरी नहीं है , परन्तु एक प्रतिबद्धता प्रार्थना है . "हेल के दरवाज़े खोलना " यह एक एलेगोरी है आपके चक्रों को खोलने के लिए; पूरी शक्ति के लिए.

4 ) प्याले में से पीना ऊर्जा की भनभनाहट है जिसे अंग्रेजी में एनर्जी बज़ (Energy Buzz )कहते हैं . "गेट्स / Gates " अर्थात दरवाज़ों की तरह ही , प्याला , कप ... ग्रेल (Grail ) यह सब एलेगोरीज़ हहैं चक्रों के लिए. यह कुछ मिनिटों तक शान्ति के साथ बैठने के लिए है ताकि आपको निश्चित ही ऊर्जा की भनभनाहट हो , जो कार्यचालन को बढ़ा देगी.

5 ) अगला चरण - पेपर को जलाने वाले बाउल / कटोरे में जलाना .; यह एक एलेगोरी है . यहीं आप यहीं आप केंद्रित करते हैं और ध्यान देते हैं / चित्त जमाते हैं अपनी ऊर्जाओं को कार्यचालन के भीतर निर्देशित करने के लिए. अग्नि जीवन का तत्व है , जीवन की चिंगारी है. यह दूसरी एलेगोरी है आपकी आत्मा की ऊर्जाओं को कार्यचालन के भीतर केंद्रित करने और निर्देशित करने के लिए .

6 ) अगर अनुष्ठान काले जादू अर्थात ब्लैक मैजिक (Black Magick ) के लिए था , और एक ब्लैक मैजिक मंत्र का उपयोग किया गया था, तब अनुष्ठान के समापन के दौरान [घंटी बजाना ],एक उलटे मंत्र को कम्पन्न करने के लिए संकेत करेगा ताकि कोई नकारत्मक ऊर्जा को शुद्ध किया जा सके आपकी आत्मा से .

धन्यवाद देने / कृतिज्ञता प्रकट करने वाले अनुष्ठानों के लिए , यह एक तरीका होता है कृतज्ञता प्रकट करना का , परन्तु सबसे अच्छा तरीका है धन्यवाद देने का की आप वाकई में कोई वास्तविक कार्य करें , हेल की शक्तिओं के लिए. जब एक (व्यक्ति ) नया होता है, हेल की शक्तियां अक्सर आपके हेतु कार्य करेंगी और आपकी सहायता करेंगी. सच्चे सेटनिज़्म की सम्पूर्ण नींव ही यह है की सेटन हमारी सहायता करते हैं और हमें ज्ञान प्रदान करते हैं ताकि हम स्वतंत्र बन सकें और स्वयं की सहायत कर सके. जब भी एक (व्यक्ति ) हेल की शक्तिओं से निवेदन करता है / याचिका लगता है , वह उनकी ऊर्जाओं को खींचता है. सम्पूर्ण ध्यान यहाँ पर यह होना चाहिए की एक (व्यक्ति ) को उसकी स्वयं की ऊर्जाओं का उपयोग करना चाहिए जितनी जल्दी वह ऐसा करने में समर्थ हो सके.

एक डीमन / डीमोनेस (Demoness ) को बदले में कुछ देना , अगर कोई एक अभी आध्यात्मिक रूप से इतना शक्तिशाली नहीं है और उसे एक डीमन / डीमोनेस से सहायता की ज़रुरत होती है / पड़ती है , यहाँ पर "बदले में देने " का अर्थ होता है सेटनिज़्म की उन्नति के लिए कार्य करना. सेटन के शत्रुओं के विरुद्ध कार्य करना, जैसा की यहाँ टिप्पणी की गयी है - देखें - (http://hailtosatansvictory666.angelfire ... y_666.html)

कार्य करें दुश्मन को नष्ट करने का और यह प्रभावी ढंग से करें. लोगों को सच्चाई के प्रति शिक्षित करें , परन्तु इसे सुरक्षित ढंग से करें और सुरक्षित ढंग से करना , प्रभावी रूप से करना है. यह ऑनलाइन किया जा सकता है , जहाँ आप हज़ारों (लोगों ) तक पहुँच सकते हैं. अगर आप ऑफलाइन अर्थात बिना इंटरनेट के कार्य करना , इसमें आप बाइबिल में ईसाई विरोधी निबंध रख सकते हैं , ईसाई किताबें लाइब्रेरी अर्थात पुस्तकालयों में और ऐसे जगहों पर जहां वे देखि जाएँगी और उन्हें पढ़ा जायेगा. शत्रु ईसाई निबंध हर स्थान पर रखता है ऐसा लगातार करता है. समझदारी बरतें , चुप चाप कार्य करें और उनका विरोध करें / काउंटर (Counter ) करें . हेल की शक्तियों को हमारे व्यवहारिक / प्रायोगिक कार्यों की ही ज़रुरत है , सिर्फ मौखिक बातों की ही नहीं , केवल बात करना और थोड़ा ही (व्यवहारिक / प्रायोगिक )करना या बिलकुल भी (व्यवहारिक / प्रायोगिक )नहीं करना, कृतज्ञता प्रकट करने और धन्यवाद देने के लिए. तो आप ऐसा न करें और कोशिश करें की आप अधिक से अधिक प्रायोगिक कार्य कर सकें ताकि सेटनिज़्म की उन्नति हो क्यूंकि यह जेंटाइल (Gentile अर्थात जो यहूदी नहीं हैं ) जगत को बचने के लिए अत्यंत आवश्यक है.

बातचीत का मूल्य अधिक नहीं होता , भले ही उसे अनुष्ठान में या कोई अन्य जगह उपयोग किया जाये. आप अपनी कृतज्ञता प्रकट करें अपना समय और ऊर्जा को समर्पित करने के द्वारा जहाँ भी और जब भी आप कर सकें , शत्रु को नष्ट करने के लिए और सेटनिज़्म की उन्नति के लिए.

आखिरी में , सबसे महत्वपूर्ण चीज़ों में से एक जो आप हेल की शक्तियों को दे सकते हैं , वह है आपकी ऊर्जा. अगर आपके पास अतिरिक ऊर्जा है , सेटन से कहें / पूछें की वो एक डीमन / डीमोनेस को भेजें उस ऊर्जा को लेने के लिए और वहां वितरित कर दें जहाँ हेल की शक्तिओं को उसकी आवश्यकता है. इसमें यह शामिल है. - अगर आपमें ऊर्जा का बहुत समावेश हो गया हो अर्थात आप ओवरचार्ज्ड (OVERCHARGED ) हो गए हों तो आप ऐसा करिये. सम्बन्ध स्थापित करिये डीमन / डीमोनेस के साथ और उन्हें बुलाइए की वे आपकी अतिरिक्त ऊर्जा ले जाएँ और उसे हेल की शक्तिओं को वितरित कर दें . यह और भी गंभीर है अगर आपके पास एक कोवेन (coven अर्थात जादूगरों और जादूगरनियो की सभा ) है. आपके संरक्षक डीमन या आपकी संरक्षक डीमोनेस कोई भी बची हुई ऊर्जा ले सकते / सकतीं है और उसे वितरित कर सकते / सकतीं हैं. यह आभार प्रकट करने का महत्वपूर्ण इशारा है.

[टिप्पणी - यहाँ पर सम्बन्ध स्थापित करने का अर्थ डीमन / डीमोनेस के साथ मित्रता करने का है. हालाँकि आप उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध भी बना सकते हैं. इस विषय को एक अलग लेख में विस्तार पूर्वक समझाया गया है. ]

सेटन हमारे प्रयत्न और कार्य चाहते हैं , क्यूंकि हम जंग में हैं ; यह कोई फ़ालतू निष्क्रिय बातचीत या अर्थहीन बात नहीं है. प्रत्येक व्यक्ति को पता होना चाहिए की "एक डीमन को बदले में " क्या दिया जाये . उन्हें (डीमॉन्स / डीमोनेस को ) अपनी सेवाएं और कठिन प्रयास अर्पित करें. गहने , खाना या कोई अन्य तुच्छ वस्तुएं नहीं. कार्य करें जहाँ आप समर्थ हैं , अपनी शक्तियां बढ़ाएं लगातार ध्यान / मैडिटेशन की सहायता से और प्रयास करते रहें स्वतंत्रता के लिए , जहां आप स्वयं खुद अपनी इच्छाओं प्रत्यक्ष कर सकें / प्राप्त कर सकें वास्तविकता में स्वयं अपने दम पर. अगर आपको कोई शंका है इस विषय पर की आपको क्या करना है और कैसे कार्य करना है , सेटन पर ध्यान केंद्रित करें और उनसे पूछिये अपने मन में . जागरूक रहें और खुले हुए रहें , और आपको निशानियाँ मिलेंगी.


HAIL SATAN AND ALL GODS OF HELL !!!!!!!!!!!!

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Post Sun Jun 14, 2015 2:48 pm
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Road, can you put these on PDF or on a website so they can be made part of the JoS library?

Post Sun Jun 14, 2015 9:39 pm

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Location: Republic Of India
HP Mageson666 wrote:
Road, can you put these on PDF or on a website so they can be made part of the JoS library?


They can be made but still theres work left to do HP. Okay we can do that as First Installment. I will revise these and make sure there are no grammatical errors . So they will be upload ready in next 48 to 72 hrs.

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Post Tue Jun 16, 2015 10:13 am
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roadtorevolution wrote:
HP Mageson666 wrote:
Road, can you put these on PDF or on a website so they can be made part of the JoS library?


They can be made but still theres work left to do HP. Okay we can do that as First Installment. I will revise these and make sure there are no grammatical errors . So they will be upload ready in next 48 to 72 hrs.






You can send these over to me, hoodedcobra666@yahoo.com and I can do this for you Brother. Focus on the translations mostly..
http://www.joyofsatan.org

Come by and check Azazel's Marketplace!

http://www.josmarket.org

Help me grow a JooTube Channel for us all

https://www.youtube.com/channel/UCPTrmw ... fjz97Ciliw

Post Wed Jun 17, 2015 9:40 pm

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hoodedcobra666 wrote:
roadtorevolution wrote:
HP Mageson666 wrote:
Road, can you put these on PDF or on a website so they can be made part of the JoS library?


They can be made but still theres work left to do HP. Okay we can do that as First Installment. I will revise these and make sure there are no grammatical errors . So they will be upload ready in next 48 to 72 hrs.






You can send these over to me, hoodedcobra666@yahoo.com and I can do this for you Brother. Focus on the translations mostly..



No problem HP , I have initiated with revision of these 23 -25 translations. They will be upload ready by today , its 8 am right now .... Thursday June 18 :mrgreen: . I have just got up . :lol: I guess revision of 24 articles may take upto 4 hours at most , as I am cheacking each and every word making sure theres no grammer error or spell error.

Thanks ...

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Post Thu Jun 18, 2015 12:23 pm

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PDF has been made for the first installment . I have uploaded same here . IT can be downloaded . HP now you can upload , they are revised full..... Only images and some links not working though thats no problem as the links content itself will be translated to make 2nd installment .


https://drive.google.com/file/d/0ByYNMP ... sp=sharing

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Post Thu Jun 18, 2015 7:55 pm
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On behalf of the Clergy much thanks to you mien bro!
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roadtorevolution wrote:
PDF has been made for the first installment . I have uploaded same here . IT can be downloaded . HP now you can upload , they are revised full..... Only images and some links not working though thats no problem as the links content itself will be translated to make 2nd installment .


https://drive.google.com/file/d/0ByYNMP ... sp=sharing

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Post Thu Jun 18, 2015 8:51 pm

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Thanks HP , you just refueled me again . :D

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Post Thu Jun 18, 2015 9:06 pm
Road this is optional. Whenever you have some spare time and only if it is safe, can you or anybody is able to make an audio version of the sermon in Hindi. It would be nice to hear it in your own tongue, as Only that would be possible and safe for you. As I cannot read it.

Post Fri Jun 19, 2015 12:08 am

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struggle_4_freedom wrote:
Road this is optional. Whenever you have some spare time and only if it is safe, can you or anybody is able to make an audio version of the sermon in Hindi. It would be nice to hear it in your own tongue, as Only that would be possible and safe for you. As I cannot read it.



I will look forward to your suggestion brother , but I must first complete the full translation as this first installment is only 40 to 45 percent of ALL jos website.

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Post Sun Jul 19, 2015 10:37 am

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Gonna begin with second installment of jos in couple of days. It will include full meditation section of jos and if I find the work short , I will include satanic witchcraft section as well ...

Stay tuned comrades

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Post Sun Jul 26, 2015 6:56 am

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The work has commenced !

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Post Thu Aug 06, 2015 2:13 am

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I will begin posting sermons in some days , I appreciate your great patience clergy and comrades

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Post Wed Aug 12, 2015 9:40 am

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Satanic Meditation Information

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/Aware.html

सेटेनिक ध्यान सम्बन्धी जानकारी

सेटेनिक - ध्यान सम्बन्धी जानकारी

"बेवकूफ नहीं जानते वे क्या कर रहे हैं. ऊर्जा ऊपर भेजी जा रही है . उसे पृथ्वी में जाना चाहिए उसकी पुनः पूर्ती करने के लिए. पॉइंट अप पेंटाग्राम (ऊपर नोक वाले पंचकोण ) का अति प्रयोग , ऊर्जा को ऊपर अंतरिक्ष में भेज रहा है , जिससे कई सारी समस्याएँ आ रही हैं और यह पृथ्वी की उसकी स्वयं को इन समस्याओं से बचाने/ सुरक्षा करने वाली प्रणाली के सामर्थ्य को भी ख़त्म कर रहा है "
- सेटन / लूसिफ़र

इसका आत्मा से , और कैसे न्यू ऐज मूवमेंट (नए युग के आंदोलन / आंदोलनकर्ता ) हमेशा आग्रह करते रहते हैं उनके मानने वालों को की वे ऊंचे चक्रों (हायर चक्र ) पर फोकस अर्थात ध्यान केंद्रित करें, उससे इसका लेना देना है. प्रत्येक चक्र का एक स्त्री और पुरुष जोड़ा होता है और दोनों साथ में कार्य करते हैं. ऊंचे और निचले चक्रों में हमेशा एक संतुलन होना चाहिए.


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So here I have initiated , I guess in 30 days this 2nd Installment will finish up . I always appreciate the encouragement given to me from clergy and my ss brothers and sisters . I regret for delays , though ,,,... One article shall be published each day translated into Hindi ....

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Post Thu Aug 13, 2015 6:36 am

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महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान के विषय में

Important Information Concerning Meditation

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... rtant.html

जैसा की आप सब जानते हैं , मैं किसी भी ज्ञान के खंडन के विरोध में हूँ. जो ध्यान मैंने बताये हैं / पोस्ट किये हैं वे अत्यंत शक्तिशाली हैं , विशेष रूप से जब आप उन्हें लगातार करें और उन्हें मिलाकर करें.

आपके सारे चक्र खुले हुए होने चाहिए क्यूंकि ये ध्यान उभार सकते हैं / उद्दीप्त कर सकते हैं कुण्डलिनी को आपके रीढ़ के तल पर और उसकी (कुण्डलिनी की ) वृद्धि / उन्नति कर सकते हैं.

निशानियाँ जो इस बात का सूचक है / या आपको सतर्क कर सकती हैं की आपकी कुण्डलिनी ऊपर उठने वाली है -

* एक गरम अनुभूति आपके टेलबोन (tailbone) के तल पर . टेलबोन मतलब आपके मलछिद्र के ऊपर जो हड्डी होती है वहां पर.

* एक घूमने जैसा , खींचने जैसी सनसनी / संवेदना इस जगह पर (टेलबोन पर ), मानो उसे कोई ऊपर खींच रहा है.

* ऊर्जा की एक ज़ोरदार अनुभूति इस जगह पर (टेलबोन पर), जो आपके ध्यान को इस जगह पर (टेलबोन पर) खींच रही हो.

* बारम्बार आगे पीछे बैठे बैठे झूलने की तीव्र इच्छा , अनायास ही करें.

आपको इन ( ऊपर बतलायी अनुभूतियों ) के लिए तैयार रहना चाहिए दोनों शारीरिक और मानसिक रूप से. अगर आप ऊपर बतये लक्षण में से कोई भी एक महसूस कर रहें हों और आप अगर इसके लिए तैयार नहीं हैं , तो आप इसे गंभीरता से लीजिये. आपको केवल इतना करना है की आप कुछ दिनों या अधिक के लिए ध्यान करना बंद कर दीजिये , और आप अपना चित्त जमाये यह निश्चित करते हुए की आपके प्रत्येक चक्र चौड़े खुले हुए हैं.

आपको मज़बूत होना चाहिए / होना है शारीरिक और मानसिक रूप से. अगर आपकी कुण्डलिनी ऊपर चढ़ना शुरू करती है , तो वह सचमुच आपको मानो एकदम पिघले हुए गर्म सीसे (सीसा / लैड ) की अनुभूति होगी रीढ़ पर. आपको अपना ध्यान (चित्त )नहीं खोना है इस समय , परन्तु आपको इस समय अपने ध्यान / चित्त को प्रबलता के साथ केंद्रित करना है की आप उस ऊर्जा को अपने क्राउन चक्र (सहस्रार चक्र ) से बाहर निकल दें . यहाँ पर आपका क्राउन चक्र (सहस्रार,) एक ऊर्जा निकालने वाले द्वार की तरह कार्य करेगा.

जैसे ही यह आपके तीसरे चक्षु /आँख पर पहुंचता है अर्थात आघात करता है , यह गर्जन भरी बिजली के जैसा चमक सकता है. यहां पर आपका मज़बूत मन होना अत्यंत आवश्यक है,.

चेतवानी वाली निशानिये जो आपको बताएं की आपके चक्रों में रुकावट है -

* अत्यंत गर्मी ध्यान के दौरान आपके चक्रों वाले किसी भी स्थान में . यह रुकावट का संकेत है.

* ऊपर दर्द होना . (चक्रो वाली जगह में )

ये ध्यान , विशेष रूप से इजिप्शियन ध्यान (Egyptian मैडिटेशन / Meditation ) जब इनको हम दुसरे ध्यानो के साथ मिला कर करते हैं , तो ये (ध्यान अर्थात मैडिटेशन )अत्यंत शक्तिशाली हो जाते हैं और कुण्डलिनि को समय से पहले चढाने में .

यह आपकी जीवनी शक्ति को एक सौ प्रतिशत या उससे अधिक से बढ़ा देते हैं और आपका एक मज़बूत शक्तिशाली शरीर होना चाहिए इसे संभालने के लिए. वे लोग जिनकी पृष्टभूमि है खिलाड़िओं वाली , ताकत अभ्यास की , व्यायाम की आदि वे लोग इस ऊर्जा को बेहतर ढंग से संभाल पाते हैं.

आखिर में अगर ऐसा (लक्षण ) कुछ भी प्रकट होता है तो ......, आपकी शारीरिक अवस्था कैसे भी हो आपका शरीर इन लक्षणों के प्रति अनुकूल हो जाता है और स्वयं को ढाल लेता है परन्तु यह अनुभव बहुत ही अप्रिय हो सकता है और एक साल तक लग सकता है ढलने में . हर भावना को काबू करने की महारत अत्यंत ही ज़रूरी है. डर को बाहर करना है. जब भी कोई आध्यात्मिक कार्य किया जाए एक को चाहिए के वे कभी भी डर को अंदर ना आने दे. डरना नहीं है. डर = असफलता . आपमें से वे लोग जो नए हैं या अनुभवहीन हैं और डर पर नियंत्रण नहीं कर सकते तो आप अपने डर को हंसी से प्रतिस्थापित कर दें.


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Post Fri Aug 14, 2015 5:09 am

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आधुनिक योग की झूठी शिक्षाएं

The False Teachings of Modern Yoga

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/False.html

सेटनिस्ट्स के तौर पर , हम यह अच्छी तरह जानते हैं की अच्छाई और बुराई शत्रु के द्वारा पलट दी गयी हैं. ईसाईयत और उससे सम्बन्धी धर्मो की शिक्षाएं आध्यात्मिक दुरुपयोग और मृत्यकारक सुझावों से ठसा ठस भरी हुई हैं ताकि सरलतापूर्वक आम मनुष्य को पीड़ित किया जा सके.

अधिकतर पीड़ित सत्य से अनजान होते हैं. ज्ञान शक्ति है. अधिकतर पूर्वी शिक्षाओं का एकमात्र उद्देश्य होता है - गुलाम बनाने का . वे कुछ लोग जिन्हे मन / आत्मा की शक्तियों के कार्य की समझ और ज्ञान है उन्होंने कई सारी बीती सदियों से आध्यात्मिकता का दुरुपयोग किया और उसे विकृत किया है ताकि वे अपनी हुकूमत कायम रख सकें.

जब हम अपने मन की परिवर्तित अवस्था में पहुँचते हैं या तो ध्यान के सहायता से , या अनायास ही और जब हम सोने को जाते हैं तब हमारी मस्तिष्क की तरंगे / लहरें धीमी हो जाती हैं. इस अवस्था में हम नक्षत्रीय (एस्ट्रल / Astral) दुनिया में प्रवेश कर सकते हैं और हम सुझावों / संकेतों के प्रति बहुत खुल जाते हैं,.

जो (लोग )सेटन के बिना हैं अर्थात सेटनिस्ट्स नहीं हैं और वे योग , विक्का , अन्य आध्यात्मिक विषयों की (स्वाभाव परिवर्तन कर बदलने वाली ) शिक्षाओं से चिपके रहते हैं , वे लोग स्वयं को सबसे बदतर किस्म के अत्याचार की और ले जाते हैं. वे स्वयं के मन को और अधिक ग्रहणशील बनाते हैं , एक आम व्यक्ति के से कहीं अधिक . ऐसे सिद्धांतो के साथ जो वकालत करते हैं - अहंकार के विनाश का , इच्छाओं के अनुपस्थिति का , भौतिकवाद और शारीरिक स्वयं के अस्वीकरण / नामंजूरी का और हिमायत करते हैं अस्वस्थ आहार कानूनो का , ऐसे लोग वास्तविकता में तो केवल शत्रु द्वारा क्रमोदेशित होने का और शत्रु के गुलाम बनने का इंतज़ार कर रहे होते हैं..

जब एक (व्यक्ति ) संतुलित एवं समझदार नहीं होता है , तो ऐसा व्यक्ति केवल नियंत्रित होने , तोड़ मरोड़ कर झूठी बताई बातों को सच मानने वाला और गुलाम बनने का इंतज़ार कर रहा होता है. अचेतन सन्देश , मीडिया का बड़े स्तर पर मन नियंत्रण करना और दुसरे प्रभावों की सहायता से एक तैयार पीड़ित जल्द ही आसानी से अनुचित ढंग से नियंत्रण में ले लिया जाता है और ऐसा हो भी जाता है,. भौतिकता को अस्वीकार करने से , सारा पैसा और भौतिक धन चुने हुए लोगों के हाथ में आ जाता है और उन्हें अपनी ऊँगली उठाने तक की ज़रुरत नहीं पड़ती. वे लोग जो विश्वास करते हैं और वैसा करते हैं जैसा उनको करने कहा जाता है , ऐसे लोग स्वयं को पेंच में फंसा लेते हैं और अपना खुद का बेडा गर्क करवा लेते हैं.

पुनर्जन्म के शिक्षाओं को विकृत कर दिया जा चूका है और उसे तोड़ मरोड़ दिया गया है ताकि जीवन को व्यर्थ / अर्थहीन बनाया जा सके निर्विवाद आज्ञाकारिता के साथ और आत्मत्याग के साथ (जबकि वे लोग जो आपको नियंत्रण करते हैं वे अमीर होते चले जाते हैं ), सन्देश होता है वापस मत लड़ो या आवाज़ उठाओ बस बेहतरीन गुलाम बने रहो . इन दिनों बहुत सारे (लोग ) योग विषयों में लिप्त हैं. जो कोई भी जिसे आपराधिक सम्मोहन के बारे में जानकारी है , जैसे की विभिन्न राष्ट्र शतियों की विशिष्ट एजेंसियां ज्ञानी होती हैं मन नियंत्रण के विषय में , और ये जानती हैं की वे नासमझ रोबोट्स (robots ) की एक सेना बना रही हैं , जिनमे कोई इच्छा नहीं है और वे उनके नियंत्रण में हैं. ये लोग अपने मन को सभी प्रकार के प्रभावों और सुझावों के लिए खोल देते हैं , और वे अपने स्वयं के व्यक्तित्व को विनाश करने के लिए कार्य करते हैं , और वे वह सब कुछ ख़त्म कर देते हैं जो उन्हें मनुष्य बनाती है , और वे यह नहीं जानते की कैसे वे अपनी शक्तियों का उपयोग करें जिन्हे वे प्राप्त करने पर काम करते हैं और इसी कारण वह एक साधन बन जाता है उनके स्वयं के विनाश करने का , क्यूंकि वह अनिर्दिष्ट (दिशाहीन ) होता है.

केवल हम सेटन के साथ ही अर्थात सेटन में से होकर ही हमें वह ज्ञान की प्राप्ति होती है जिससे हम अपनी शक्तियों का पूर्ण उपयोग कर सकें. हमें समझदार , संतुलित और व्यवहारिक होना चाहिए जब हम स्वयं को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रहे हों. स्वयं को आध्यात्मिक / भौतिक इकाई की तरह सशक्त बनाने के द्वारा हमारी मर्ज़ी , हमारी इच्छाएं , हमारी विशेषतायें , हमारा व्यक्त्तिव सब अत्यंत (प्रभावी हो जाते हैं ), हम हमारी मेहनत के लाभों को प्राप्त करते हैं , जबकि दूसरे एक झूठी सड़क पर गुमराह कर दिए जाते हैं.

कई टन पुस्तकें बेचीं जाती हैं और वहां हज़ारों वेबसाईट्स हैं , और लगभग उनमे से सारी आध्यात्मिकता का दुरुपयोग करती हैं , और वे लोग जो इनकी विकृत शिक्षाओं को नासमझी के साथ विश्वास कर लेते हैं वे इनके जाल में फंस जाते हैं और उन लोगों को ये अपना ये अपना शिकार बना लेती हैं.

और अंतिम उत्पाद होता है एक नासमझ रोबोट जैसा गुलाम जो की एक खोयी हुई आत्मा के जैसा होता है.

योग का अर्थ होता है "यूनियन " (union) अर्थात गण / संघ और इसके मूल सेटेनिक हैं. आध्यात्म का भौतिक के बिना कोई अस्तित्व नहीं हो सकता और ना ही भौतिक का आध्यात्म के बिना कोई अस्तित्व हो सकता हो सकता है . शत्रु जो शिक्षा दे रहा है वह सच्चा योग नहीं है. इच्छा और मर्ज़ी के बिना एक (व्यक्ति ) कुछ नहीं होता है. योग एक खतरा है शत्रु के लिए क्यूंकि योग करने वाले को आध्यात्मिक और भौतिक / शारीरिक शक्तियों की प्राप्ति होती है. क्यूंकि योग को पूरी तरह से नहीं दबाया जा सकता इसीलिए शत्रु इसे नियंत्रण में रखने की कोशिश करता है झूठी शिक्षाओं के साथ उन लोगों के लिए जो योग का अभ्यास करते हैं और उनके लिए भी जो योग का अभ्यास नहीं करते हैं . ये अचेतन सन्देश होते हैं जो अनजान (लोगों ) को डराकर भगाने के लिए बने होते हैं.

इसका एक ज़बरदस्त उदाहरण है , मूवी (द एक्ससोर्सिस्ट )

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Post Tue Aug 18, 2015 3:45 pm

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Not wanting to interrupt the smooth posts but I felt the need to personally thank you for all the dedication and hard work. It's appreciated.
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Post Tue Aug 18, 2015 6:23 pm

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ShiningSerpent wrote:
Not wanting to interrupt the smooth posts but I felt the need to personally thank you for all the dedication and hard work. It's appreciated.


I am just sharing a common weight happily as my duty and responsibility.

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Post Wed Aug 19, 2015 10:25 am

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संख्या सात

The Number Seven

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/Seven.html

प्राचीन आध्यात्मिक ग्रंथों , और एनोचिअन (Enochian) जादू के बारे में (लिखे हुए ) लेखन , सब सांतवे संख्या पर जोर देते हैं. सांतवे संख्या का, आत्मा के सात प्रमुख चक्रों से लेना देना है , ये चक्र आत्मा के शक्ति उत्पादन करने वाले घर होते हैं. इन सात चक्रों के बिना , एक (व्यक्ति ) नहीं जी सकता है. जानवरों के भी सात प्रमुख चक्र होते हैं उनकी रीढ़ के साथ लगे हुए. इसी कारण सांतवे संख्या पर कई प्राचीन आध्यात्मिक ग्रंथों में , और झूठे और भ्रष्ट यहूदी / बाइबिल शास्त्रों में इस सांतवी संख्या पर अत्यंत जोर दिया गया है.

सदियों की अज्ञानता के कारणवश जो पैदा हुई आध्यात्मिक ज्ञान को तबाह करने के द्वारा , अधिकतर लोग कुछ भी नहीं जानते आत्मा के इन सारे महत्वपूर्ण बिन्दुओं को . शत्रु ने इन्हे बंद करने का काम किया है. जब चक्र बंद होते हैं , तब एक (व्यक्ति ) सिर्फ बहुत थोड़ा प्रतिशत उपयोग करता है उसके दिमाग और मन की शक्ति का. अधिकतर लोग केवल उनकी सम्पूर्ण क्षमता के 5 प्रतिशत पर ही कार्य कर रहे हैं. इससे मानवता कई हज़ारों साल पिछड़ चुकी है. जब चक्र पूरी तरह खुले हुए नहीं होते और ठीक तरह से अच्छे से कार्य नहीं कर रहे होते तो , सर्प (सर्पेंट / SERPENT) का उत्थान नहीं होता अर्थात वह नहीं चढ़ता है. सर्प हमेशा से ही बुद्धिमता का पर्याय रहा है.

सात चक्र दृश्यमान प्रकाश स्पेक्ट्रम (वर्णक्रम) के अनुरूप होते हैं. आत्मा को प्रकाश की आवश्यकता होती है और वह प्रकाश की बानी होती है. विज्ञान और सच्ची आध्यात्मिकता साथ में कार्य करते हैं और एक दुसरे का अभिवादन करते हैं. यही कारण है की ईसाई चर्च ने हमेशा से हमला किया है विज्ञान पर और कार्य किया है विज्ञान और वैज्ञानिक ज्ञान को नष्ट करने का हर तरीके में जो वो कर सकता है. इसने मानवता को सिर्फ तकनीकी ज्ञान में ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक तौर पर भी पीछे रखा हुआ है.

लगभग सारा अध्यात्म केंद्रित है सर्प को चढाने अर्थात उसका उत्थापन करने पर . संख्या सात , और "1,44,000" ये आत्मा की नाड़ियाँ हैं , बुद्धिमता की प्राप्ति , और ज्ञान , और "जीवन का पेड़ " (ट्री ऑफ़ लाइफ / TREE OF LIFE) ये नक्शा है मानव आत्मा का [तना जो प्रतीक करता है रीढ़ का , उसकी डगालें जो प्रतीक करती हैं उन मार्गो का जो की आत्मा के जीवन शक्ति को प्रसारित करते हैं है , और पत्तियां और फल जो विकसित आत्मा के भोजन का प्रतीक करती हैं ]; इन सब का शारीरिक और आध्यात्मिक पूर्णता और अमरता की प्राप्ति से सम्बन्ध है .

शत्रु लगातार निर्दयीता से कार्य करता है मानवता को श्रापने और धिक्कारने का. यह कोई रहस्य नहीं है की "यशु मसीह " हम सब से कितनी नफरत करता है. ज्ञान की कमी , अज्ञानता , और आत्मा के अवेहलना के माध्यम से , और उन झूठों और भ्रष्ट आध्यात्मिक ज्ञान के अनुसरण के माध्यम से , जिसे ताकत के साथ ज़बरदस्ती सभी लोगों को खिलाया गया है , इसीके कारण मानवता श्रापित हुई है मृत्यु तक के लिए की वो बारम्बार वही गलतिया दोहराय लगातार अनंतकाल के लिए. जब आप पुनर्जन्म लेते हो तो आप उस ज्ञान को जो अपने सीखा है उसे नहीं रख सकते . जब एक (व्यक्ति ) पैदा होता है , वह सब कुछ भूल जाता है. सेटन हमें इस अनावश्यक और यंत्रणा वाली पीड़ा से मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं.

हालांकि "यशु मसीह " और "यहोवा " दोनों काल्पनिक गधे हुए मूलरूप आदर्श हैं , मानव से नफरत करने वाले परग्रही / एलियंस (ALIENS जो इस शातिर चल के पीछे हैं , वो एकदम सही हैं, अर्थात उनका वास्तविक / सही में अस्तित्व है. नाज़रीन / यशु को इसिलए गधा गया था ताकि मानवता को आध्यात्मिक तौर पर गुलाम बना कर रखा जा सके और मानवता को श्राप / धिक्कारा जा सके. ईसाईयत के मोहग्रस्त / मोहित मानने वाले जो की ईसाईयत के जघन्य सिद्धांतों को मानते हैं , "यशु बचता है " , जो की एक झूठ है ..., पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं , और वे अपनी आत्मा पर कार्य करने के बजाये , आत्मा की पूरी तरह से अवहेलना कर देते हैं . वो आत्मा जिसे आप बचते हैं , वो आपकी स्वयं की है. "यशु " सिर्फ एक धोखा और एक व्याकुलता है जो कार्य करती है मानवता को उन्नत होने से रोकने के लिए हर तरीके में . ईसाईयत और उसके साथी इस्लाम में सब कुछ ऐसा बनाया गया है की उसके मैंने वाले आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति पूरी तरह ज्ञान रहें ताकि वे कभी भी अमरता की प्राप्ति न कर सकें और ना ही वे कोई आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त कर सकें जिससे वे स्वयं अपना भाग्य निर्धारित कर सकें और सिर्फ शत्रु की दया पर निर्भर रहें. वे गुलामो की तरह ही सदा धिक्कृत / श्रापित रहते हैं , और हर जीवन काल में भुगतते हैं हमेशा. जब एक (व्यक्ति ) की आत्मा खुल जाती है और सशक्त हो जाती है , एक (व्यक्ति ) उसके कर्मो के नतीजे पहले ही देख सकता है, कैसे एक (व्यक्ति ) के कर्म दूसरे पर कैसा प्रभाव डालेंगे और इस तरह आगे. ईसाई और दूसरे जो नाज़रीन / यशु मसीह छल का अनुसरण करते हैं , ऐसे लोग सदा अनजान रहते हैं और इस जागरूकता के कमी के कारण . वे अंतहीन रूप से लगातार अपराध करते हैं और उससे बदतर , दूसरों के विरुद्ध . सच्चाई यह है की "यशु मसीह आपसे नफरत करता है " !


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Post Wed Aug 19, 2015 12:42 pm

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चौथा आयाम

The Fourth Dimension

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/4th.html

हम चौथे आयाम को अनुभव करते हैं जब हम नाक्षत्रिक विक्षेप / प्रक्षेपण करते हैं, या दूर संवेदन अर्थात टेलीपैथी से बात चीत करते हैं या फिर हम इसे तब्दील हुई (मानसिक ) स्थिति में भी अनुभव करते हैं .

जब कोई (व्यक्ति ) एक अंग तोड़ता है , वह अंग विक्षेपण में चला जाता है अर्थात छितरित हो जाता है , जब विक्षेपण हटा दिया जाता है , अंग मुरझा जाता है , फीका सा हो जाता है और उसे पुनर्वासन की ज़रुरत होती है ताकि वह अपनी पूर्व की ऊर्जा और गति को प्राप्त कर सके.

ध्यान अर्थात मैडिटेशन हमारे मन के एक भाग को खोल देता है जो अधिकतर आमजन (लोगों ) में मृत अर्थात निरजिीव हो चुका है. सदियों के ईसाई नियंत्रण ने हममे से अधिकतर (लोगों ) को चौथे आयाम के बारे में अनजान बना दिया है क्यूंकि आध्यात्मिक ज्ञान योजनाबद्ध तरीके से हटा दिया और दबा दिया गया है. मानव के रूप में हम विद्युत चुम्बकीय वर्णक्रम (वर्णक्रम को अंग्रेजी में स्पेक्ट्रम /SPECTRUM कहते हैं ) के बहुत थोड़ी ही भाग को देख सकते हैं . कीड़े पराबैंगनी किरणों को एवं इसके और अतिरिक्त कई वर्णक्रमो को देख सकते हैं. कई जानवर उन चीज़ों का बोध कर सकते हैं जिसे एक मनुष्य नहीं कर सकता. केवल इसीलिए की कोई एक व्यक्ति किसी चीज़ को देख या सुन नहीं सकता , इसका अर्थ यह नहीं की वह चीज़ का कोई अस्तित्व ही नहीं है , जैसे की पराबैंगनी किरणे , एक्स रेज़ , गामा किरणे और ऊर्जा के दूसरे रूप .

जब एक (व्यक्ति ) स्वयं के मन को खोलता है , उसमे उसे अनुकूलित होने में समय लग सकता है. मैं तो एक जीवनकाल से आध्यात्मिक / अलौकिक / आत्मा सम्बन्धी प्रकृति की रही हूँ. भले ही मैं नास्तिक थी , मेरे पास हमेशा से ही एक अलग चेतना / बोध / बुद्धि थी, हालाँकि मैंने आत्माओं की दुनिया को अनसुना कर दिया. जब में सेटन को आयी , तथाकथित "अलौकिकी " मेरे जीवन में काफी प्रकट हो गयी . हम मे से बहुतों के लिए जो एक सामान्य दिन है वो एक साधारण व्यक्ति को अभिभूत कर देगा.

आवाज़ों को सुनना और चीज़े देखना जो दूसरे अधिकतर लोग नहीं देख सकते , ये सबसे साधारण अभिव्यक्तियाँ हैं अर्थात लक्षण हैं की एक (व्यक्ति ) का मन खुल गया है / खुल रहा है. ये अंततः नियंत्रण में आ जायेगा.

विज्ञान ने इतनी तरक्की नहीं की है की वो चौथे आयाम को समझा सके. ईसाईयत ने विज्ञान पर जोरदार हमले किये हैं, क्यूंकि वहां एक बिंदु है जहाँ अध्यात्मिका और वैज्ञानिकी दोनों मिलते हैं. ये दोनों एक दूसरे का नेतृत्व करेंगे अगर इन्हे निर्बाध रूप से बिना छेड़े उन्नति करने दी जाये तो. जब हम नक्षत्रीय दुनिया अर्थात एस्ट्रल वर्ल्ड / Astral World में बातचीत करते हैं / परस्पर सम्बन्ध स्थापन करते हैं , हमारे डीमॉन्स भी केंद्रित होते हैं वहां पर जब वे हमारे पास आते हैं. मै चौथे आयाम के बारे में व्याकुल थी . अज़ाज़ेल मेरे पास आये और उनसे इसके बारे में पूछा और उन्होंने मुझे इसके बारे में बताया , भले ही वे शारीरिक रूप में कहीं और उपस्थित हैं परन्तु उनकी चेतना मेरे बगल / साथ में हैं.

वहां एक अवरोध या एक "लोहे का दस्ताना" है जो दुनियाओं को एक दूसरे से आड़ में रखता है. मृतक की आत्माएं जो अभी भी नक्षत्रीय दुनिया अर्थात एस्ट्रल वर्ल्ड में हैं वे हमें सुन और देख सकती हैं इस जीवित दुनिया में , मगर वे लोग जो खुले हुए नहीं हैं वे उन्हें ना ही तो सुन या देख सकते हैं. लगातार अविरोधी तरीके से ध्यान करने से यह अवरोध टूट जाता है.

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Post Wed Aug 19, 2015 1:15 pm

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कुण्डलिनी के प्रभाव विचारों और मन पर -

The Effects of Kundalini on the Thoughts and the Mind

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... alini.html

कुण्डलिनी और चक्रों की ऊर्जा जैव बिजली है . हमारा दिमाग जैव बिजली अर्थात बायो इलेक्ट्रिसिटी (BIOELECTRICITY) पर चलता / कार्य करता है. यह देखा जा सकता है जब कुछ लोगों को कब्ज़े अर्थात सीज़र्स (seizuers) का अनुभव होता है.. विचार वैद्युत संवेग होते हैं. जब हम हमारी जैव बिजली को सुधार करते हैं , हम हमारे मन की जगहों को उद्दीप्त करते अथवा उभारते हैं जो की सामान्य रूप से निष्क्रिय पड़े होते हैं. कुण्डलिनी , पुराने डरों , अप्रिय विचारों और सारी प्रकार की चीज़ों को जो हमारे मन में दफन है , इनको कुण्डलिनी उभार सकती है.

वॉईड मैडिटेशन अर्थात शून्य ध्यान और सारे विचारों को अपनी इच्छा अनुसार निर्वासित करने अथवा बंद करने का सामर्थ्य निश्चित ही यहाँ मदद करता है, क्यूंकि नकारात्मक विचारों का कोई सही उद्देश्य नहीं होता और उनमे बंधना समय की बर्बादी है , जब तक की उसका कोई विशेष कारण ना हो , वैसे इन नकारत्मक विचारों से कोई जूझना नहीं चाहता. यह केवल एक अवस्था / चरण है जो की समय के साथ गुजर जायेगी . अगर कोई भी नकारत्मक विचार आते हैं तो उन्हें अनदेखा करदें और वे चले जायेंगे.

जैसा की हम देख सकते हैं , की जब हम अपना ध्यान अपने चक्रों पर केंद्रित करते हैं , हम उन्हें सशक्त करते / बनाते हैं. केंद्रित होने और जागरूकता की सहायता से ; जब हम हमारा ध्यान कोई चीज़ को देते / लगते हैं , हम उसे शक्ति देते हैं. जब हम पूर्ण रूप से कोई भी नकारात्मक विचार या मानसिक अशांति को ठुकरा देते हैं , तो वे (नकारात्मक विचार ) फट कर अलग जो जाते हैं .

वे लोग जिन्हे कब्ज़े अर्थात सीज़र्स की प्रवृत्ति है या कभी थी , उन्हें और अधिक सावधान रहने की ज़रुरत है जब वे कुण्डलिनी को उद्दीप्त करें अथवा उभारें. अनुभव अक्सर बहुत व्यक्तिगत होते हैं और , एक व्यक्ति क्या अनुभव नहीं करता , दूसरा व्यक्ति उसे अनुभव करेगा या कर सकता है. याद रखें की जब आप अपनी आत्मा पर काम कर रहें हैं तो चीज़ें धीरे धीरे करें . डीमॉन्स अक्सर आपका मार्गदर्शन करेंगे और आपको सहायता प्रदान करेंगे. इन एक्सर्साईजों अर्थात अभ्यासों को कम करना ही हमेशा बेहतर होता है , विशेषकर जब एक (व्यक्ति ) नया है ध्यान / मैडिटेशन में , पर मेरे अनुभवों की परवाह किये बगैर , एक (व्यक्ति ) को निडर होकर आगे बढ़ना चाहिए. जो कमज़ोर हैं , आमतौर पर वो लोग जो दाहिने हाथ मार्ग वाले धर्मों को मानते हैं , अर्थात वे लोग जो की आध्यात्मिक सेटनिस्ट नहीं हैं और वे योग करते हैं और वे विकसित नहीं होते हैं इसीलिए वे चिंतित हो जाते हैं और दर जाते हैं जब वे समस्याओं में फंस जाते हैं. याद रखें , डर सेटनिज़्म का हिस्सा नहीं है .

जॉय ऑफ़ सेटन ई ग्रुप्स यहाँ है अनुभवों को बांटने के लिए और सहायता प्राप्त करने के लिए जब आपको उसकी आवश्यकता है . जॉइन करने के लिए यहाँ क्लिक करें -
URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... roups.html

और अधिक जानकारी के लिए -
URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... alini.html


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Post Thu Aug 20, 2015 11:40 am

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योग के झूठे आध्यात्मिक विषयों के बारे में -

Concerning the False Spiritual Teachings of Yoga

URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... hings.html

अहं / अहंकार (आपका ) निजी व्यक्तित्व अर्थात स्वयं है . "जो जैसा ऊपर होता है , वो वैसे ही ठीक नीचे होता है ", हमें एक इकाई की तरह कार्य करने की आवश्यकता है ताकि हम उन्नति कर सकें . संस्कृत शब्द "योग " का अर्थ होता है "मिलाप / एकता ". मेरे एक माध्यम होने वाले कार्य में , मैंने कई मृतक मानवों की आत्माओं का आव्हान किया है.

सीधे हाथ वाले रास्तों (अर्थात अन्य दुसरे धर्मों )की शिक्षाओं के कारण , पूर्वी (पूर्व क्षेत्र के ) अधिकतर अभ्यासकर्ताओं / अभ्यासिओं के पास बहुत थोड़ा ही ज्ञान है की वे उनके शक्तियों को कैसे उपयोग करें. निस्वार्थता, त्याग, वैराग्य , इनकार, भौतिक / शारीरिक स्वयं की अनदेखी और संयम जीवन अर्थात शारीरिक संबंधों को स्थापित करने से रोकने आदि की शिक्षाएं मानवता को किसी भी प्रकार के मानसिक शक्ति प्राप्त करने से रोकने के लिए ही हैं .

एक व्यक्ति को शारीरिक स्वयं की आवश्यकता होती है ताकि वो आत्मा की उन्नति कर सके. शारीरिक स्वयं के ऊपर प्रभुत्व एक दूसरा मसला है . एक निपुण के पास दर्द से ऊपर उठने का सामर्थ्य होना चाहिए . शारीरिक स्वयं के ऊपर प्रभुत्व और शारीरिक स्वयं को ठुकराना / उसकी अवहेलना करना दोनों बहुत अलग चीज़ें हैं. जब एक (व्यक्ति ) शारीरिक स्वयं को ठुकराता है , वह (व्यक्ति ) फुट / एकता का आभाव पैदा करता है. इस मामले में योग एक संकल्पना नहीं रहा सकता है. यही चीज़ अहं / अहंकार और इच्छाओं के लिए भी समान लागू होती है.


हमें अपनी इच्छाओं को हमारे जीवन पर हावी नहीं होने देना चाहिए , परन्तु इच्छाओं के बिना , जीवन स्वयं अर्थहीन हो जाता है. हमारी चाहतें और इच्छाएं ही हमें अनोखा व्यक्ति बनाती हैं, और हमें व्यक्तित्व देती हैं जो हमारे पास रहते हैं. इच्छाओं के बिना हम गतिहीन हो जाते हैं और हमारे पास कुछ भी नहीं रहता है. इच्छा हमें अभिप्रेरणा देती है अर्थात प्रेरित करती है और हमारा अहं , हमारा स्वयं होता है. हम , हमारे (स्वयं / खुद ) के महत्वपूर्ण भागों को अस्वीकृत करके , हम मिलन / एकता को तोड़ देते हैं . योग का अभ्यास या कोई दूसरा विषय इच्छा के बिना आरम्भ ही नहीं होता है. . इच्छा के बिना हमारे पास कुछ नहीं रहता है. प्रबल इच्छा प्रबल मन के साथ और प्रबल चाह के साथ ही जादुई कामकाजों को सफल बनाती है. जब जीवन शक्ति प्रबल होती है , वहां जीने की प्रबल इच्छा होती है. इच्छा की अनुपस्थिति अर्थात इच्छा का ना रहना मृत्यु है. जब हमारी इच्छाएं नहीं रहती हैं , हम जीना बंद कर देते हैं.

हममे से अधिकतर इस बात को स्वीकारेंगे की सेटन के साथ मिलने और उनके साथ एक होने पर , वे हमें आध्यात्मिक तौर पर एक साथ लाते हैं. हमें सम्पूर्णता की अनुभूति होती है जो हमें पहले नहीं हुआ करती थी. लोकप्रिय / प्रचिलित योग की शिक्षाएं हमें सिर्फ शक्ति प्राप्त करने से रोके रखने के लिए हैं, इसी तरह से ईसाईयत और दुसरे सम्बंधित धर्मो का भी यही उद्देश्य है की हमें शक्ति की प्राप्ति न हो. इन्हे ठुकरा दीजिये . केवल भौतिक / शारीरिक तकनीकों का उपयोग करिये.

चक्रों और कुण्डलिनी के सक्रियण में अर्थात चक्रो और कुंडलिनी को सक्रीय करने में कई चरण होते हैं जिसमे से एक (व्यक्ति ) को (होकर ) गुजरना पड़ता है. इनमे से कुछ चरण हैं - सेक्स और काम वासना की कमी. ऐसा इसीलिए होता है क्यूंकि कुंडलिनी कामी (कामुक / सेक्सुअल ) होती है और जब हम शक्ति ध्यान अर्थात पावर मैडिटेशन शुरू करते हैं , यह ऊर्जा आत्मा के विभिन्न क्षेत्रों में निर्देशित हो जाती है. लोगों ने यह विवरण भी दिया है की एक बार कुंडलिनी के उदीप्त अर्थात उभरने पर उन्हें प्रबल कामोतेजना होती है. ये कामोत्तेजना और अधिक प्रबल और आनंदमयी होती है अधिक जैव ऊर्जा के साथ ( मिलकर ). अगर संभव हो सके तो , सेक्स को कुण्डलिनी जगाने (की क्रिया) में जोड़ा जाना चाहिए . कुंडलिनी जीवन ऊर्जा है और प्रकृति में बहुत सेक्सुअल अर्थात कामुक है. वहां मिस्र (इजिप्ट /EGYPT) के पिरामिडों की दीवारों पर और मंदिर की दीवारों पर भगवानों के उनके चक्रों को समस्वरण करते हुए वाले भित्ति चित्र हैं . पुरुष भगवानो को हमेशा दिखाया गया है पूर्ण (शिश्न खड़े होने की अवस्था में कामोत्तेजना के दौरान जैसा होता है वैसे ) जब वे इस क्रिया के दौर से गुजर रहें हैं.


जीवन ऊर्जा और काम वासना समान हैं. सदियों और सदियों से , स्वयं / आत्मा इंकार और संयम के झूठ के उपदेश देने के द्वारा , इन शिक्षाओं ने मानवता को शारीरिक / भौतिक और आध्यात्मिक रूप से गुलाम बना रखा है. जब जीवन ऊर्जा प्रबल / मज़बूत होती है , एक (व्यक्ति ) को अवसाद, उदासीनता, निरर्थकता, या निराशा के अनुभव नहीं होते.

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Post Sat Sep 05, 2015 11:59 am

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Plzzz clergy dont feel like , I have stopped , I will just post all the 2nd installment in one go with a pdf to upload , thnx

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Post Fri Oct 23, 2015 7:41 am

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So I am back !!! Each day I will post 10 translations and hope to finish this satanic meditation hindi translation in a week to ten days . Here is my todays share of work . Satan told me to finish this job quick :mrgreen:


Here we Go>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>


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SATANIC MEDITATIONS HINDI

Energy of the Soul - Hindi FULL

आत्मा की शक्ति / ऊर्जा

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... nergy.html

इंटरनेट और जन संचार के साधनो के विस्तार की बदौलत अब सच और अधिक नहीं छुपाया / दबाया जा सकता . बहुत अधिक विभिन्न लोग सेटनिज़्म में आरहे हैं भारी / विशाल संख्याओं में जैसा पहले कभी नहीं हुआ था . मैं यह लेख उन लोगों के लिए मुख्य रूप से लिख रही हूँ जो की एकदम नए हैं. हम्मे से बहुत (लोग ) जो सेटन के साथ लम्बे समय से रहे हैं , बहुत अच्छी तरह से दक्ष हैं उस चीज़ में जिसे गुप्त / रहस्य्मयी ज्ञान कहा जाता है. अंग्रेजी में इसे आकल्ट (occult ) कहते हैं. यही "आकल्ट " , "आध्यात्मिकता " के लिए एक दूसरा शब्द है.

सच्चा सेटनिज़्म है एक की आत्मा को बदलना / उसका परिवर्तन करना पावर मैडिटेशन / ध्यान की सहायता से ((देखें - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... ation.html)). बहुत सारे (लोग ) जो नए हैं सेटनिज़्म में , एक (व्यक्ति ) मैडिटेशन / ध्यान के प्रभाव से अनजान / अपरिचित हो सकता है . जब कोई एक (व्यक्ति ) मैडिटेशन / ध्यान में एक बिंदु पर पहुँचता है [कुछ के लिए ऐसा जल्दी हो सकता है. ऐसा आपके पिछले जन्म में आपकी आत्मा की शक्ति ( कैसी थी ) से होता है. ] वह निश्चित की स्वयं की आत्मा को महसूस करेगा. यह एक बहुत सकारात्मक चिन्ह है की आपके मैडिटेशन / ध्यान अच्छे हो रहे हैं अर्थात आप उन्हें ठीक कर रहे हैं और सब कुछ अच्छा जा रहा है.. कभी भी डरें या चिंतित न हुएं जब आप अपनी आत्मा की ऊर्जा को महसूस करते हों. आत्मा जैव ऊर्जा / बिजिली और प्रकाश वर्ण पट जिसे लाइट स्पेक्ट्रम (Light Sepctrum )कहते हैं उससे रचित / बनी होती है एक दीप्तिमान / उज्जवल प्रभामंडल / आभा (औरा / aura ), कम्पन (वाईब्रेशन्स / Vibrations ) , और कुछ मामलो में , गर्म या ठंडी या कोई अन्य संवेदनाये जैसे झुनझुनी से महसूस करना यह सब नार्मल है अर्थात आम है , इससे डरने की आवश्यकता नहीं .

पावर मैडिटेशन / ध्यान आपका चित्त / मानसिक / आत्मा भी खोलेगा. आपको अंदर से अहसासों का अनुभव हो सकता है बढे हुए अंतर्ज्ञान से , दुसरे मामलों में आपका मन खुलेगा और अधिक ग्रहणशील हो जायेगा नक्षत्रीय विशिष्ट जीवों जिन्हे हम एस्ट्रल एन्टिटीस (Astral Entities ) कहते हैं उनके प्रति . ये एस्ट्रल एन्टिटीस नकारात्मक और सकारात्मक दोनों हो सकती हैं.ऐसे मामलो में जहाँ नकारत्मक एस्ट्रल एन्टिटीस की नकारात्मक अतिक्रमण या घुसपैठ हुई हो तो सिर्फ आपको इसे एक रेडियो के तरह बंद कर देना है अपने मन में और इसे नज़रअंदाज़ कर देना है. कभी भी किसी नकारत्मक एस्ट्रल एनटीटी (नक्षत्रीय जीव जो की नकारात्मक या अनिष्ट प्रकृति का है ) उससे बंधना नहीं है. ये अपने आप चले जाते हैं अगर आप इनपर ध्यान या भावनाए केंद्रित ना करें और इनकी (नकारत्मक एस्ट्रल एन्टिटीस ) की अवेहलना या इन्हे नज़रअंदाज़ कर दें.

सेटनिज़्म आध्यात्मिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के बारे में है. ईसाईयत / इस्लाम और दुसरे मुख्यधारा के कार्यक्रम जो की धर्म का झूठा मुखौटा पहने हुए हैं , ये केवल आध्यात्मिकता को को और आध्यात्मिकता से सम्बंधित सारे ज्ञान को हटाने के लिए बने हैं. इनमें ( ईसाईयत / इस्लाम और दुसरे मुख्यधारा के झूठे धर्मो ) में कोई भी आध्यात्मिकता नहीं है. जब एक कोई सेटनिज़्म में आता है जो की बहुत अत्यंत आध्यात्मिक है तो वह (जो सेटनिज़्म में आया है ) कई आध्यात्मिक प्रकृति के अनुभवों की अपेक्षा / उम्मीद कर सकता है , मगर यह व्यक्तिगत तौर पर निर्भर करता है की कौन कितनी जल्दी इन्हे अनुभव करें क्यूंकि हम सब अलग अलग होते हैं , कोई जल्दी कर लेता है तो कोई को कुछ समय लगता है परन्तु पावर मैडिटेशन का लगातार अभ्यास आपको निश्चित ही आपको सफलता देता है. इसिलए सेटनिज़्म में पावर मैडिटेशन / ध्यान अति आवश्यक है. जब आप पहली बार अपनी आत्मा की ऊर्जा को महसूस करते हैं तो कभी नहीं डरना है. एक शक्तिशाली मन और आत्मा यह अस्वस्त करता है / विश्वास दिलाता है की आप स्वयं में शक्ति और ज्ञान है की आप अवांछित एन्टिटीस को पीछे वापस खदेड़ सकें [ये नकारत्मक अनिष्ट एन्टिटीस का वास्तव में अस्तित्व है भले ही आप इन्हे खोजने और पता लगने के लिए मानसिक / आध्यात्मिक तौर पर खुले हुए हों या ना हों. ]

आपकी आत्मा की शक्ति इसे भी आश्वस्त करती है की आपके जीवन और भाग्य आपके स्वयं के नियंत्रण में रहेंगे और हमारे भगवानो के ज्ञान की सहायता से आप अमरता / अविनाशिता हासिल कर सकते हैं .कमज़ोर आत्माएं शक्तिशाली आत्माओं की दया पर रहती हैं और उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ता है यह भूलते हुए की उन्होंने अपने अतीत / पिछले जीवन में क्या सीखा था और इसीलिए वे शापित हो जाती हैं की वे (कमज़ोर आत्माएं ) उनके नए जन्म में भी वही गलतिया दोहराएं और ऐसा सदा अनंत काल के लिए चलता रहता है .. सेटन हमें इन सबके बाहर का रास्ता दिखाते हैं . परन्तु हमें इस पर कार्य निश्चित ही करना चाहिए और ज्ञान की सहायता से / के माध्यम से हमें डरना कभी नहीं है.

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योगिक श्वास सम्बन्धी मूल नियम

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श्वास जीवन है - थोथ

योगिक अर्थात योग की सांस सम्बन्धी व्यायाम बहुत अत्यधिक शक्तिशाली तरीके हैं ची/जादू आदि की शक्तिओं को बढ़ाने के लिए. ये सांस वाले व्यायाम कुण्डलिनी सर्प को भी तेज़ करते हैं और उसके उत्थान करने में सहायता करते हैं. वहां कई साड़ी उन्नत श्वास अर्थात सांस सम्बन्धी व्यायाम हैं . इन्हे सही से और प्रभावी ढंग से करने के पहले हमें मूल व्यायामों में महारत हासिल करना ज़रूरी है. लगभग सभी उन्नत श्वास लेने वाली तकनीकें मूल पर बानी हैं . जब आप एक बार मूल करने में महारत हासिल करलें , उन्नत व्यायाम और अधिक सरल हो जाएँगी .

जादू की शक्ति को हम कदम दर कदम बनाते हैं मज़बूत ठोस नीवों पर . ये कोई मज़ाक बाजी या खेलने की चेइज़ नहीं है क्यूंकि ये व्यायाम हमारी जीवनी शक्ति को तेज़ करने और उसके परिवर्तन करने में काम करते हैं. यह अनिवार्य है की हम धीरे धीरे और कदमो में आगे बढे. इनको छोड़ देना और अत्यधि खूब जादा अभ्यास करना खतरनाक हो सकता है . . अगर कोई भी किसी भी चीज़ के साथ ठीक महसूस नहीं करता है तो रुक जाएँ .

कोई भी और सभी योगिक व्यायाम को ख़त्म करने से पहले दस से पंद्रह मिनट की एकदम पूरी तरह से शांत अर्थात बिना हिले डुले और विश्राम की अवस्था में समाप्त करना चाहिए. यहीं पर आपको ऊर्जा की भनभनाहट महसूस होगी अपने अंदर जो आपकी व्रिल अर्थात जादू शक्ति का बढ़जाना है.

चेतावनी !!!
कोई भी श्वास सम्बन्धी व्यायाम को अत्यधिक न करें, !!! अधिक यहाँ बेहतर नहीं होता . पकड़ के रखने वाले सुझाव केवल उदहारण हैं, कम गिनती तक (श्वास को ) पकड़ के रखना अच्छा है . आप वही करें जिसमे आपको आरामदायक लगे. कभी भी किसी को ऐसे नहीं लग्न चाहिए की उसे सांस लेने में कमी हो रही हो या किसी भी प्रकार का तनाव हो रहा हो या उसके और सांस को पकड़ने की ज़रुरत है जब भी वो कोई भी सांस सम्बन्धी व्यायाम का अभ्यास कर रहा हो . सांस लेने सम्बन्धी व्यायाम ञमनास्टिक्स अर्थात कसरतें नहीं हैं . अगर आप इन्हे अत्यधिक करनेका प्रयास करेंगे तो ये आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को हानि पहुंचा सकता है जिसका सीधा मतलब होगा आपके मस्तिष्क को अत्यंत नुक्सान पहुंचना .

सांस लेने वाली व्यायाम करने में आप शुरू करें एक या कोई दो तरीको से और केवल पांच दौरों के लिए. अगर आप कुण्डलिनी योगिक व्यायाम कर रहें हैं जिसमे आग की श्वास शामिल है , तो यह अपने आप में ही एक श्वास समबन्धी व्यायाम है . यह ठीक है की आप कुण्डलिनी व्यायामों के लिए पूरे दौरे करते हों परन्तु मई खूब ज़ोर देकर आपको सुझाव देती हूँ की आप कम दौरों से शुरू करें 108 दौरे जो की हमें करने चाहिए उसकी अपेक्षा, शुरू करें और रुके केवल 54 दौरों के साथ उन व्यायामों में जहाँ आपको 108 करना चाहिए. फिर अपने आराम अनुसार उन्हें पूरा 108 किया जा सकता है . ये व्यायाम ऐसे हैं की आप इन्हे धकेल नहीं सकते ,.

हालाँकि वे लोग जो अनुभवी हैं और इन व्ययमो को पहले से करते आ रहे हैं वे अपने आराम अनुसार कुछ भी कितना भी कर सकते हैं जितना उन्हें ठीक लगे . मैंने यह उन लोगों के लिए कहा है जो नए हैं और जिनके पास अनुभव नहीं है .

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सम्पूर्ण योगिक श्वास -

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1 . बैठिये आपकी रीढ़ एकदम सीधी करके , आप खड़े भी हो सकते हैं अगर आप चाहें तो

2 . सांस अंदर लें अपनी नाक से

A. अपने पेट की निचली मांसपेशियों को बाहर धकेलते हुए , अपने फेफड़ों का निचला हिस्सा भरें फिर ,

B. अपने फेफड़ों का मध्य भाग , फिर

C . आपके फेफड़ों के ऊपर का भाग

3 . सांस को रोकें पांच , आठ या दस गिनती के लिए (या कितनी भी गिनती के लिए जिसमे आप आरामदायक महसूस करें बिना तनाव के )/ कभी भी इसे धकेलें ना अर्थात ज़्यादा करने की कोशिश ना करें !!!

4 . सांस बाहर छोड़ें अपने पेट की निचली मासपेशियों को सिकोड़ते हुए , उसके बाद अपने फेफड़ों के निचले भाग से हवा छोड़ें बाहर उसे सिकोड़ते हुए इसी तरह से अपने फेफड़ों के मध्य और फिर ऊपरी भाग से सांस बाहर निकलदें उसे सिकोड़ते हुए जब तक आप पूरी तरह सांस से खाली न हो जाएँ .

कदम 1 - 4 , ये 1 दौरा है. ऐसे 5 दौरें करें

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वैकल्पिक नथनी श्वास / सूर्य - चन्द्र श्वास / अनुलोम विलोम

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1 . अपना अंगूठा अपनी सीधी नथनी पर रखे और सीधी नथनी को बंद कर दें , और आपकी उलटी नथनी से सांस अंदर लें चार गिनती के लिए (अर्थात सांस अंदर लेते समय चार तक की गिनती करें ) और आपकी सांस को रोकें छह (6 ) की गिनती तक .

2 . फिर आप अब अपने अंगूठे को अपनी उलटी नथनी पर रखें जिससे आपकी अब उलटी नथनी बंद हो जाएगी , अब सांस बाहर छोड़ें अपनी सीधे नथनी से चार तक गिनते हुए , धीरे धीर और बराबर तरीके से .

3 . अपनी उलटी नथनी को अपने अंगूठे से बंद रखते हुए , अपनी सीधी नथनी से सांस अंदर लें चार की गिनती तक (अर्थात सांस अंदर लेते समय चार तक की गिनती करें ) और उसे रोकें रहें 6 की गिनती तक .

4 . अपनी सीधी नथनी अपने अंगूठे से बंद करें और और अपनी उलटी नथनी से सांस बाहर छोड़ें 4 की गिनती तक .

5 . अपने अंगूठे को सीधी नथनी पर रखते हुए , अपनी उलटी नथनी से सांस अंदर लें 4 की गिनती तक , फिर उसे 6 की गिनती तक पकडे रहें , उसके बाद अपने अंगूठे को अपनी उलटी नथनी पर लगाएं और अपनी सीधी नथनी से सांस को बाहर छोड़ें 4 की गिनती तक .


उलटी नथनी से सांस अंदर ले
सांस अंदर लेने के बाद उसे रोके
सीधी नथनी से सांस बाहर छोड़ें
सीधी नथनी से सांस अंदर लें
सांस अंदर लेने के बाद उसे रोकें
उलटी नथनी से सांस बाहर छोड़ें

ये 1 दौरा है .

आप में से वे लोग जो नए हैं सांस सम्बन्धी व्यायामों में उन्हें पांच दौरे करने चाहिए और इससे अधिक नहीं . इसमें कई महीने लग सकते हैं इसके पहले की आप जयादा दौरे करने लगें . अनुभवी ध्यान करने वाले दस या उससे अधिक दौरे कर सकते हैं . याद रखें , सभी सांस सम्बन्धी व्यायामों में , कम हमेशा बेहतर होता है , दुसरे शब्दों में , कभी भी किसी भी सांस सम्बन्धी व्यायाम को धकेलें न अर्थात हद से ज़्यादा न करें , केवल उतना ही करें जितने में आपको आराम दायक हो . आपको कभी भी महसूस नहीं होना चाहिए की आप थक रहें हों , क्यूंकि यह रुकने की चेतावनी है . कभी भी अपनी सांस को आपके आरामदायक स्तर से अधिक न रोकें . सांस सम्बन्धी व्यायामों को स्वयं के ऊपर धकेलना खतरनाक हो सकता है .

यह महत्वपूर्ण है की आप विश्राम करें और अपना समय लें व्यायाम के साथ

उन्नत ध्यान करने वालों अर्थात वे लोग जो अनुभवी हैं , समय भिन्न हो सकता हैं बराबरी से , उदाहरण के लिए 2 का अनुपात सांस अंदर लेने में , 8 का उसे रोकने में और 4 का उसे बाहर छोड़ने में , मगर यह एक समान रहना चाहिए पूरे ध्यान अर्थात मैडिटेशन के दौरान.

ऊपर दिया हुआ व्यायाम करना एकदम उत्कृष्ट है चंगा करने वाले कार्य को करने वाले बाद में , यह उत्कृष्ट इसमें भी है जब आपको कोई चीज़ में ऊर्जा के उत्पादन की आवश्यकता होती है , क्यूंकि यह आत्मा की ऊर्जाओं को संतुलित करने का कार्य करता है.

ऊपर बताया गया व्यायाम प्राण ऊर्जा / जादू की शक्ति को सिर और ऊपर के चक्रों में निर्देशित करता है , इदा और पिंगला चैनलों अर्थात सूर्य और चन्द्र नाड़ियों को संतुलित करता है , और और उन्हें पवित्र करने का कार्य करता है कुण्डलिनी सर्प के सुरक्षित उत्थान के लिए.

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Post Fri Oct 23, 2015 7:44 am

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अग्नि श्वास (कपालभाति )

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1 . अपने पेट की मांसपेशियों को जोर लगाकर सिकोडिये अपने पेट की मांसपेशियों को अंदर और बाहर , तेज़ और ताकत के साथ परन्तु नियंत्रण के साथ पंप करते हुए.. हवा आपके फेफड़ों के ऊपरी भाग में प्रवेश करेगी अपने आप . आप अपने पेट की मांसपेशियों के इन तेज़ संकुचनो अर्थात सिकोड़ने का उपयोग सांस अंदर लेने और बाहर छोड़ने के लिए करें इस व्यायाम में. ये संकुचन तालबद्ध होने चाहिए.

2 . इसको कुछ समय अभ्यास करें और इसे महसूस करें .

3 . एक बार में बीस करें , अंदर और बाहर आपकी पेट की मान्स्पेशिओं को तीव्र अनुक्रम में और बीसवीं सांस के अंत में , सांस बाहर छोड़ें , सांस फिर अंदर लें और अपने फेफड़ों को भरें , अपनी गुदा को सिकोड़े , अपनी थोड़ी को अपने सीने की ओर नीचे करें , और अपनी सांस को जितना अधिक हो सके अपने आराम स्तर को देखते हुए , उसे रोके रहें - यह करने के लिए अपने आप को आश्यकता आराम से अधिक ना धकेलें !

4 . धीरे से सांस बाहर छोड़ें

ये ऊपर बताया हुआ एक दौरा है. सांस बाहर छोड़ना - ये संक्षिप्त होना चाहिए और सांस अंदर लेना ये लम्बा और धैर्य युक्त होना चाहिए. दौरों को बढ़ाया जाता है आपकी पेट की मांसपेशियों को पंप करने की संख्या के साथ .

यह व्यायाम क्या करता है -

1 . ये शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढाता है.

2 . ये शरीर में गर्मी बढ़ा देता है . रसायन बनाने वालों को मध्यकालीन और पुराने गोथिक (GOTHIC) समय में कश लेने / छोड़ने वाला कहा जाता था और रस - विधा के चित्रों में जो भत्तों / आग रखने जलने वाले स्थानो में जो धौकनी रखी रहती थी वो इस व्यायाम का प्रतीकात्मक थी .

3 . यह सांस कुण्डलिनी योग की नीव है

अगर आप गर्भवती हैं , या आपको उच्च रक्त चाप की समस्या है या आपके पेट से सम्बंधित समस्या है या फिर आंत उतरने की समस्या है तो इस व्यायाम को ना करें .

http://www.youtube.com/watch?v=Axs2dq06s9M - इस लिंक पर एक वीडियो है जिसमे इस व्यायाम को करने का सही तरीका बताया गया है. कृपया ध्यान दें - ये वीडियो केवल 17 सेकण्ड्स का ही है और काफी सरल है समझने में परन्तु इसका जॉय ऑफ़ सेटन मंत्रालय (Joy Of Satan Ministries) से कोई भी सम्बन्ध नहीं है.

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Post Fri Oct 23, 2015 7:45 am

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योगिक हमिंग ब्रेथ अर्थात योगिक गुनगुनानेवाली सांस (ब्रह्मारी )

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... reath.html

यह सांस महत्वपूर्ण है मंत्रो (शक्ति के शब्द और नाम ) में महारत हासिल करने के लिए. मंत्रो को हमेशा कम्पन्न किया जाना चाहिए . उन्हें कभी भी शब्दों के तौर पर नहीं बोलना चाहिए जैसे हम आम शब्द बोलते हैं. मंत्र का प्रत्येक और हर शब्दांश को कम्पन्न किया जाना चाहिए. यह कम्पन्न ही है जिसमे ये पवित्र शब्द और नाम अपनी शक्ति प्रत्यक्ष / प्रकट करते हैं .

योगिक गुनगुनानेवाली सांस (ब्रह्मारी ) करने की विधि -

1 . सांस अंदर लें जैसे आप सम्पूर्ण योगिक सांस में करते हैं , आपके फेफड़ों को नीचे से ऊपर तक भरते हुए .

2 . सांस छोड़ते समय , अपने होंठों को बंद रखें इस व्यायाम में , और सांस को एक हम अर्थात गुनगुनाते हुए बाहर छोड़ें . इससे सांस बाहर छोड़ने का विस्तार हो जायेगा . (सांस अंदर ले पूरी तरह , फिर आवाज़ करें हममम्म्म्म्म ...[होंठ बंद रहेंगे ये हमम्म्म्म्म... की आवाज़ करते समय ]), ऐसा तब तक करें जब तक पूरी तरह सांस ख़त्म न हो जाये .

ये एक दौरा है . ऐसे पांच दौरे करें .

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Post Fri Oct 23, 2015 7:46 am

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सिथाली

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1 . अपनी जीभ को घुमाएं जैसे चित्र में दिया गया है

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2 . अपनी जीभ से सांस अंदर लें , जीभ को घुमावदार स्थिति में रखते हुए

3 . अपना मुंह बंद करें और अपनी सांस को पांच से दस की गिनती [जो भी आरामदायक हो ] तक रोकें

4 . तब , धीरे से अपनी नाक से सांस को बहार छोड़ें

ये एक दौरा है . ऐसे पांच दौरें करें और फिर अपनी क्षमता अनुसार दस या उससे अधिक बढ़ाते जाएँ .

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Post Fri Oct 23, 2015 7:46 am

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द सर्पेंट हिस्सिंग ब्रेथ / सर्प की फुफकार या सिसकार वाली सांस [सित्कारी ]

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... tkari.html

1 . अपनी जीभ को अपने मुंह की छत से हलके से दबाएं , पर एक बहुत ही छोटी जगह खुली रहने दें सांस अंदर लेने के लिए

2 . सिसकार अर्थात हिस्सिंग (हिस्सिंग अंग्रेजी शब्द है ) आवाज़ के साथ सांस अंदर लें . यह प्राकृतिक रूप से होना चाहिए आपकी जीभ जब आपके मुह की छत पर हलके से दबी हुई हो . हर योगिक सांस की तरह , [सांस अंदर लेना ] तीन भागों में होना चाहिए , सुचारू और समानता से आप पहले अपने निचले फेफड़ों को , फिर मध्य फेफड़ों को और फिर अंत में फेफड़ों के ऊपर के भाग को भरें जैसे की आप सम्पूर्ण योगिक सांस में करते थे .

3 . अपनी सांस को जितना आपको आराम दायक लगे उतनी देर रोकें , औ फिर धीरे धीरे समानता के साथ सांस को अपनी नाक से बाहर छोड़ें .

ये एक दौरा है . ऐसे पांच से दस दौरें करें

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Post Fri Oct 23, 2015 7:47 am

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कैट ब्रेथ / बिल्ली की सांस [उज्जयी ]
Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... jjayi.html

शुरू करने के लिए , अपनी उपजिह्वा को बंद करने का अभ्यास करें [खर्राटों के जैसे ] और सांस अंदर लेते समय और बाहर छोड़ते समय एक बिल्ली की तरह सिसकारी करें , यह समानता के साथ और नियंत्रण के साथ होना चाहिए.

1 . अब जब आपने अपनी उपजिह्वा की स्थिति का पता लगा लिया है , उसे बंद करें एक सिसकारी के साथ और अपनी नाक से सांस अंदर लेते हुए . एक धीमा हिस्सिंग अर्थात सिसकारी वाली आवाज़ सुनाई आणि चाहिए , जैसे की हलके खर्राटों को लेते समय होता है.

2 . अपनी सांस को रोकें

3 . अपनी नाक से सांस को बाहर छोड़ें , और ऐसा करते समय आपको अपनी उपजिह्वा को थोड़ा सा अर्थात आंशिक रूप से बंद रखना है

इस व्यायाम को तीन से पांच बार करें और उसे महसूस करें , क्यूंकि यह तकनीक और अधिक उन्नत सांस सम्बन्धी व्यायामों के साथ उपयोग की जा सकती है .

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Post Fri Oct 23, 2015 7:48 am

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कुम्भाका लूनर ब्रेथ अर्थात कुम्भका चन्द्र सांस -

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नीचे दिए हुए दोनों सांस सम्बन्धी व्यायामों को करें . पहला सेट कई साँसों के लिए करें , और दुसरे सेट को भी उतनी ही सांसो के लिए करें जितनी साँसों के लिए आपने पहला सेट किया था. उदाहरण के लिए - अगर आपने पहले सेट के चार दौरे किये हैं , तब आपको दूसरे सेट के भी केवल चार दौरे ही करने हैं , ना उससे अधिक ना उससे कम.

पहला सेट -
1 . अपने दोनों नथुनों से सांस अंदर लीजिये दो की गिनती तक

2 . चार की गिनती तक सांस को रोके रखिये

3 . छह [6] की गिनती तक साँस को बाहर छोड़िये.

4 . चार की गिनती तक सांस को रोके रखिये

ये एक दौरा है . नए लोगों के लिए तीन से छह दौरे सही हैं . जो लोग अनुभवी हैं वे अपने आराम अनुसार जितनी भी चाहें उतने दौरे कर सकते हैं .


नीचे दिया हुआ व्यायाम आप कितनी भी बार कर सकते हैं जितना आपने पहला सेट किया था [अर्थात ऊपर दिया हुआ व्यायाम ]

दूसरा सेट -

1 . छह की गिनती तक सांस को अंदर लीजिये

2 . छह की गिनती तक सांस को रोके रखिये

3 चार की गिनती तक सांस को बाहर छोड़िये

इस सेट में अंत में सांस को रोकना नहीं है. आपने पहले सेट के जितने भी दौरे किये थे उतने ही दौरे आपको इस सेट के भी करने हैं .


ये एक दौरा है . नए लोगों के लिए तीन से छह दौरे सही हैं . जो लोग अनुभवी हैं वे अपने आराम अनुसार जितनी भी चाहें उतने दौरे कर सकते हैं .


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Post Fri Oct 23, 2015 7:49 am

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666 ब्रेथ ऑफ़ लूसिफर्स ग्रेल अर्थात लूसिफ़ेर के ग्रेल (Grail) की 666 सांस -

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यह सांस कुछ उन्नत है और यह ग्रेल के पुरुष और स्त्री पहलुओं को जोड़ने का कार्य करती है. यह मैग्नम ओपुस अर्थात अमरता के लिए अत्यंत आवश्यक है . एक को चाहिए की वह पहले ही सांस सम्बन्धी व्यायामों में और ऊर्जा के कार्यचालन में सक्षम हो .

1 . अपने बेस चक्र अर्थात मूलाधार चक्र से सांस अंदर लें सोलर [666]चक्र तक

2 . जितनी देर आप रोक सकें अपनी सांस को रोकें अपने आराम अनुसार , और अपने छटवें चक्र / पीनियल (Pineal )ग्रंथि पर ध्यान केंद्रित करें . आपको एक दबाव सा महसूस होना चाहिए अपने छटवें चक्र पर .

3 . साँस बाहर छोड़ें , और दोहराएं जितने भी दौरे आप चाहें अपने आराम अनुसार /

यह क्या करता है - ये सांस सम्बन्धी व्यायाम जोड़ता है सर्व महत्वपूर्ण पीनियल ग्रंथि / छटवें चक्र [स्त्रीवाचक पहलु ] को 666 सोलर चक्र [पुरुषवाचक पहलु ] से . एक शक्तिशाली ऊर्जा की कड़ी स्थापित होनी चाहिए इन दोनों चक्रों के बीच में ताकि मैग्नम ओपुस को किया जा सके.

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मैग्नम ओपुस

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सेटन ने मुझे बताया की वे मुझे मैग्नम ओपुस का सूत्र देंगे . मैग्नम ओपुस सबसे बड़ा कार्यचालन है सेटनिज़्म में और अंतिम परिणाम है सभी वैध गुप्त विषयों / विधाओं / शिक्षाओं और सारी द्दष्टान्तकथाओं और भगवानो की किंवदंतियों का.

मैग्नम ओपुस शारीरिक भौतिक और आध्यात्मिक पूर्णता और अमरता है .

मैग्नम ओपुस के प्रभाव उम्र को पलटने वाले होते हैं - भूरे बाल अपने प्राकृतिक रंग में आ जाते हैं , खोये हुए दांत वापस मिल जाते हैं बीमारियां ठीक हो जाती हैं और उत्तम स्वस्थ बहाल हो जाता है अर्थात उत्तम स्वास्थ की प्राप्ति होती है .

मैं ज़ोर डाल कर सुझाव देती हूँ की कोई भी जो मैग्नम ओपुस को शुरू करना चाहता है उसे तारुण्य अवस्था अर्थात योवन अवस्था से बाहर होना चाहिए.

यह खंड निर्माणधीन है ... क्यूंकि सेटन और अज़ाज़ेल मेरे साथ अभी कार्य कर रहें हैं और, और अधिक जानकारी अभी आने को है . मै सभी को अपडेट कर दूंगी जब और अधिक जानकारी जोड़ी जा चुकी हो. डीमॉन्स जो धातु के कार्य चलन में विशेषज्ञ होते हैं - ये सब आध्यात्मिक है और धातु चक्र होते हैं . बहुत सरे डीमॉन्स विशेषज्ञ होते हैं मैग्नम ओपुस के मार्गदर्शन देने में . अगर आपके पास एक डीमॉन्स या डीमोनेस तो ये बहुत मददगार हो जाता है . हम डीमॉन्स वाले भाग में विस्तार से बताएँगे की डीमॉन्स या डीमोनेस के साथ सम्बन्ध कैसे स्थापित किये जा सकते हैं .


स्पष्टतः , मैग्नम ओपुस बहुत उन्नत है और कोई भी जो इस कार्य को शुरू कर रहा हो या है उसे पूरी तरह से वाकिफ रहना चाहिए पावर मैडिटेशन / ध्यान के ज्ञान और प्रतक्ष्य अनुभव में .

यह ऐसा कार्यचालन है जिसमे समय लगेगा . ध्यान यहाँ जो दिए गए हैं वे विशेषकर बहुत शक्ति शाली हैं और नए या उन लोगों के लिए नहीं हैं जिनकी पास अनुभव नहीं है . हवाला दिया जा चुका है , अंत में बहुत सरे लोग सत्य को बहुत देर से देखेंगे / पाएंगे की यहूद / ईसाइयत / इस्लाम और इनके मानने वाले साथी केवल एक झूठ और बहुत शातिर धोखा है , पर जब तक उन्हें पता चल पायेगा सच्चाई का तब तक बहुत देर हो चुकी होगी . मैग्नम ओपुस को हासिल करने में समय लगता है .

वहां निश्चित प्रारंभिक ध्यान हैं जिन्हे शुरू करने वालों को करना चाहिए ताकि वे अपनी आत्मा को और उन्नत कार्यचालणो के लिए तैयार कर सकें जो इन प्रारंभी ध्यानो पर बनेंगे. वे नीचे दिए गए हैं .

गहन अनुसन्धान करने पर पता चलता है की सेटन ने , उनके बच्चो को अमरता का तोहफा दिया है . सेटन ज्ञान के लाने वाले और ज्ञान के देने वाले हैं , डीमॉन्स मित्रो के साथ साथ . सेटन ही सिर्फ एक अकेले सच्चे भगवान और मानवता के रचनाकार हैं. यहूद / ईसाइयत / इस्लाम और इनके मानने वाले साथी अर्थात ज़ायंस(Xians) पूर्णता , अमरता , अनंत जीवन आदि की बात करते हैं .. इनका सब कुछ झूठ और मक्कारी से भरा हुआ है.

सेटन हमें रास्ता दिखाते हैं और सच बतलाते हैं .

सेटन की जय !!!!!

मै अपने मामलो को उन लोगो के हाथो में रखता हूँ जिनकी मैंने परीक्षा ली है और जो मेरी इच्छाओं के अनुरूप है.
- सेटन

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मैग्नम ओपुस - स्टेप एक / पहली क्रिया

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... tep_1.html

स्टेप एक और स्टेप दो को एक साथ किया जाना चाहिए. यह अनिवार्य है की आप अपनी पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) की स्थिति का पता लगा लें और उसे सक्रिय कर लें , क्यूंकि यह ग्रंथि जीवन के अमृत के स्त्रीवाचक पहलु को स्रावित करती है अर्थात उसे पैदा करती है.


1 . अपनी आभा अर्थात औरा को और चक्रों को अच्छी तरह से साफ़ करें .

2 . अपनी पसंद की सांस सम्बन्धी व्यायाम को करें जिसे आपकी जादू की शक्ति गतिवान हो जाये.

3 . जब आप अपनी जादू की शक्ति को महसूस करने लगें , तब आप उसे एक रौशनी की गेंद में घनीभूत करें (आपको ऐसे दृश्य बनाना है की आपकी जादू की शक्ति एक रौशनी की गेंद में और अधिक गाढ़ी तेज़ होती जा रही है ) और उसे इस तरह से प्रसारित करें - उसे सामने में पहले अपने दूसरे चक्र अर्थात स्वाधिष्ठान चक्र में ले जाएँ , फिर उसे अपने मूलाधार में , मूलाधार चक्र में ले जाएँ , फिर उसे अपनी रीढ़ पर स्वाधिष्ठान चक्र में लेजाएं , फिर अपनी रीढ़ पर हर चक्र पर उसे ले जाते हुए उसे सहस्रार चक्र तक ले जाएँ . वहां से उसे आप अपने बीच के छटवें चक्र पर गिराये तीरी आँख के पीछे और फिर थोड़ा और गिराएं उस नीचे आपकी पीनियल ग्रंथि पर. वहां से उसे अपने माथे पर तीसरी आँख पर ले जाएँ और तब उसके बाद उसे माथे के सामने वाले चक्र अर्थात फ्रंट फोरहेड चक्र पर ले जाएँ और फिर वापस उसे नीचे स्वाधिष्ठान चक्र पर लेजाएं . मैग्नम ओपुस के लिए , ऊर्जा को लौटना चाहिए और संग्रहित होना चाहिए स्वाधिष्ठान चक्र में .

यह एक परिधि को पूर्ण कर देता है .

इस ध्यान को सही से करने के लिए , आपको दृढ़-संकल्पित होना तो चाहिए ही परन्तु आपको अपनी घनीभूत अर्थात संघनित ऊर्जा को प्रतीक चक्र पर निर्देशित करते समय आराम दायक रहना है अर्थात किसी भी प्रकार के तनाव से मुक्त शिथिल शांत . आपको एक दबाव की अनुभूति / सनसनी सी [जो बेहद आम है ] होनी चाहिए की चक्र में ऊर्जा सही है . अधिकतर समय , यह एक धीमी प्रक्रिया के रूप में शुरू होता है . आपको ऊर्जा को महसूस करने की ज़रुरत है , यह बेहद महत्वपूर्ण है . इसके साथ अपना समय लीजिये.

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मैग्नम ओपुस - दूसरी क्रिया / स्टेप दो -

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... tep_2.html

आपमें से उन लोगों के लिए जिन्होंने मैग्नम ओपुस के (रौशनी की गेंद को प्रसारित ) करने का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है , यह अगली क्रिया अत्यंत आवश्यक है उन लोगों के लिए -

आपको सिर्फ अपनी पीनियल ग्रंथि का पता लगाना है . यह आपके मस्तिष्क के केंद्र में होती है और नीचे में सीधे की ओर थोड़ा नीचे होती है . आप में से वे लोग जो इस पर कार्य कर रहें है , उन्हें अपनी पीनियल ग्रंथि पर ध्यान करने के साथ शुरू करना चाहिए. एक सबसे अच्छा तरीका इसे करने का यह है की आप आराम के साथ आप अपनी सांस के साथ ऊर्जा को अंदर लें उसमे और सांस को बाहर छोड़ते समय अपनी पीनियल ग्रंथि पर उसे बढ़ाएं / विस्तार करें (ऊर्जा का ) , जैसे आप अपनी आभा के साथ किया करते हैं .

पीनियल ग्रंथि वह प्रमुख भाग है जहाँ जीवन का अमृत पैदा होता है और स्रावित होता है जिसे हम "अमृत का टपकना कहते हैं " आपको इसे जान जायेंगे जब आपने इसका पता लगा लिया है और इसे सक्रिय कर लिया है क्यूंकि यह टपकना एक परम आनंद है जिसे शब्दों में नहीं बतलाया जा सकता . आप निश्चित ही इसे महसूस करेंगे. इसे ना करें जब आप कहीं पर हों और कोई दूसरा ज़रूरी काम कर रहें हो क्यूंकि यह आनंद की अनुभूति ऐसी है की आपके लिए इसे छोड़ दूसरा कोई काम करने के लिए उठना एकदम असंभव हो जायेगा.

इससे और अधिक भी बहुत कुछ है , परन्तु मैंने जो आपको ऊपर बताया है वह एक प्रमुख क्रिया है . मै जल्द ही इस पर और लिखूंगी , क्यूंकि अभी एक दूसरी क्रिया अर्थात स्टेप है जिस पर कार्य किया जाना चाहिए और उस पर महारत हासिल करनी चाहिए . इस बिंदु पर , आपमें से वे लोग जो मैग्नम ओपुस पर कार्य कर रहें हैं , उन्हें पीनियल ग्रंथि का ध्यान प्रत्येक दिन कर चाहिए. पीनियल ग्रंथि का टपकना अमृत का स्त्रीवाचक भाग है.


पीनियल ग्रंथि को सक्रिय करने के कुछ ध्यान -

* ) तीसरी आँख , पीनियल ग्रंथि ध्यान - अगले लेख में विस्तार से बतलाया गया है .

* )दूसरा बहुत प्रभावी व्यायाम है - वैकल्पिक नथनी श्वास / सूर्य - चन्द्र श्वास / अनुलोम विलोम . इसमें आप तीसरे नंबर का भाग देखें जहाँ पर आप सांस अंदर लेने के बाद उसे रोकते हैं , केवल आपकी सांस अपनी पीनियल ग्रंथि के अंदर लेना है और उसे विस्तार करना फैलाना है पीनियल ग्रंथि पर सांस को बाहर छोड़ते समय. आपका ध्यान केंद्रित रहना ज़रूरी है .

* ) पीनियल वॉइड मैडिटेशन - अपनी पीनियल ग्रंथि पर ध्यान केंद्रित करें , अपने आपको उसमे केंद्रित करें , उसे महसूस करें , और अगर वह अमृत को पैदा करती / स्रावित करती है , उस सुन्दर ऊर्जा पर ध्यान करें . यह बहुत प्रभावी है .

* पीनियल ध्यान - अगले लेख में विस्तार से बतलाया गया है

* सेटन के द्वारा बतलाया हुआ मैडिटेशन - अगले लेख में विस्तार से बतलाया गया है
इसके लिए ऊर्जा को सीधे अपनी पीनियल ग्रंथि में सांस के साथ अंदर लें छटवें चक्र में अंदर लेने के बजाये. (सांस के साथ ऊर्जा अंदर लेना बाहर छोड़ने का अर्थ है की आपको सांस अंदर या बाहर छोड़ते समय ऐसी कल्पना करना है की ऊर्जा आपकी सांस के साथ अंदर या बाहर जा रही हो .)

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Post Fri Oct 23, 2015 11:27 pm

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तीसरी आँख , पीनियल ग्रंथि ध्यान

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... rd666.html

यह ध्यान आपकी तीसरी आँख पर या पीनियल ग्रंथि पर दबाव डालता है जिससे की वे और भी आगे खुल जाएँ और शक्तिशाली हो जाएँ जिस पर भी आप ध्यान केंद्रित कर रहें हों. यह ध्यान उन्नत है और नए लोगों के लिए नहीं है . आपको पर्याप्त अनुभव होना चाहिए की आप पूरी तरह से समझ जाएँ बिना किसी परेशानी के , की नीचे क्या बतलाया गया है .


1 ) ऊर्जा को अंदर सांस लें , अपनी रीढ़ के तल से आपके पांचवें अर्थात विशुद्ध चक्र तक .

2 ) आप सांस को रोके रहने जितने देर संभव हो उतना अपने आराम को देखते हुए और ध्यान केंद्रित करें या तो आपकी तीसरी आँख पर या पीनियल ग्रंथि पर . आपको एक दबाव , शूल या फिर हलके दर्द की अनुभूति होनी चाहिए.

3 ) सांस बाहर छोड़ें और इसे दोहराएं कई बार .

इस ध्यान को शुरू करने से पहले या कोई अन्य ध्यान शुरू करने से पहले इस मसले के लिए , आपको पहले ही तैयारी करनी है आगे की, कि आपके ध्यान में क्या होगा. इस मामले में या तो आप अपनी तीसरी आँख पर ध्यान केंद्रित करेंगे , या तो आप अपनी पीनियल ग्रंथि पर ध्यान केंद्रित करेंगे. मैंने दोनों पर किया है और पहले मैंने ध्यान करना शुरू किया मेरी तीसरी आँख पर ध्यान केंद्रित करते हुए और फिर दूसरे हाफ (दूसरे बचे हुए समय में पहले ध्यान के बाद के ) में मैंने पीनियल ग्रंथि पर ध्यान केंद्रित किया.

अंततः जब आपने अपनी पीनियल ग्रंथि को पूरी तरह से खोल लिया और सक्रिय कर लिया हो तो आपके सिर रौशनी से भर जायेगा पूरा. यह अत्यधिक शक्तिशाल और बहुत आनंद देने वाला होता है . यह रौशनी बहुत शक्तिशाली होती है और आपकी इच्छाओं को सच करदेती है जब इसका ठीक से निर्देशन किया जाये.

पीनियल ग्रंथि की सनसनी / अनुभूति जब पीनियल ग्रंथि सक्रिय होती है , यह बहुत अद्भुद होती है और शब्दों में नहीं समझायी जा सकती . यह विशेषकर अत्यंत आनंद देने वाली होती है और घंटो तक बानी रहती है जब एक (व्यक्ति ) स्थिर और धुन में रहता है .

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Post Sat Oct 24, 2015 2:29 am

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पीनियल ध्यान

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यह ध्यान अंतर्ज्ञान और रचनात्मकता को बढ़ाता है और एक (व्यक्ति ) के मन को खोलने में मदद करता है ताकि हम जानकारी को और अच्छे से समझ सकें .

1 . आराम करें और एक समाधी की अवस्था में जाएँ .

2 . सांस अंदर लें यह कल्पना करते हुए की एक सफ़ेद सुनहेरी(सोने के रंग की ) रौशनी आपकी तीसरी आँख में से होकर आपकी पीनियल ग्रंथि में जा रही है .

3 . हर सांस अंदर लेने के साथ उस ऊर्जा को अंदर खींचे , और उसे और अधिक चमकदार बनाते जाएँ , और आपकी प्रत्येक सांस को बाहर छोड़ने पर अपनी पीनियल ग्रंथि का विस्तार करें अर्थात उसे बढ़ाएं उस ऊर्जा के साथ

4 . पहले कुछ समय के लिए जब आप ऐसा करते हैं तो उस समय आप स्वयं को दृढ़ता के साथ कहें - "मै एक शक्तिशाली सफ़ेद सुनहेरी ऊर्जा अंदर ले रहा / रही हूँ अपनी सांस के साथ जो मेरी पीनियल ग्रंथि को सुरक्षा के साथ उभार रही है और उद्दीप्त कर रही है ".

5 . जब आपने ये कर लिया हो , तब आप उस ऊर्जा को कुछ समय के लिए महसूस करें और उस पर ध्यान करें . यह बहुत आनंदमयी होना चाहिए .

यह ध्यान पीनियल ग्रंथि को सक्रिय करता है और उसे शक्तिशाली बनता है . पीनियल ग्रंथि पारलौकिक / औलौकिक / आत्मा सम्बन्धी शक्ति ग्रह होता है मस्तिष्क का . सफ़ेद सुन्हेरा सबसे शक्ति शैली होता है हर रंग में . यह सूर्य का रंग होता है और यही एक बड़ा कारण है की वास्तविक धर्मो में सूर्य की पूजा की जाती थी .

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Post Sat Oct 24, 2015 2:42 am

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सेटन के द्वारा बतलाया हुआ मैडिटेशन

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यह सबसे अधिक आनंदमयी ध्यान है जो मैंने अभी तक किया है , ये पिता सेटन का मेरे लिए एक तोहफा था . यह ध्यान सहस्रार चक्र को और पीनियल ग्रंथि को उद्दीप्त करता है और उभरता है और यह सबसे सुन्दर प्राकृतिक आनंद है जो खूब देर तक बना रहता है ध्यान करने के बाद भी .

अपनी तीसरी आँख में सांस लेने के साथ शुरू करें . इसे कई बार करें अंदर और बाहर. आधार ध्यान को देखें इसे कैसे करना हैं अगर आप अपरिचित हैं इससे . आधार ध्यान को अगले लेख में विस्तार से बताया गया है .

अपनी तीसरी आँख में गहराई के साथ सांस अंदर लें , अपने छटवें चक्र तक . (छटवां चक्र तीसरी आँख के पीछे होता है और आपकी तीसरी आँख और आपके सिर के पिछले भाग से आधे रास्ते / दूरी पर होता है ).

अंदर ली हुई सांस को रोकें पांच की गिनती तक . (आप और अधिक लम्बे समय तक रोक सकते हैं अगर आप शक्ति सांस अंदर लेने की कला में माहिर हैं .)

अब धीरे धीरे सांस बाहर छोड़ें , और जब आप सांस बाहर छोड़ते हैं , सांस को बाहर छोड़ते समय आपको ऐसी कल्पना करना है की एक सफ़ेद चमकदार रौशनी आपके सिर के ऊपरी भाग को भर रही है . (आपके दिमाग वाले भाग को )

यह पांच से दस बार करें . जब हो जाये, तब आराम करें और इस सुन्दर ऊर्जा पर ध्यान करें . यह ऊर्जा एक (व्यक्ति ) को इसका आदि बना देती है .

सेटन की जय !!!!!

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Post Sat Oct 24, 2015 3:24 am

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सांस - जादू , ऊर्जा के हस्तकौशल और मन की शक्ति का आधार

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1 . बैठ जाइए कुर्सी पर आराम से या कोई और आरामदायक जगह पर लेट जाइए और आराम करिये.

2 . कल्पना करिये दृढ़ता के साथ , की आपकी हर सांस अंदर लेने के साथ सिर्फ आपके फेफड़े ही सांस नहीं ले रहें , परन्तु आपका पूरा शरीर ऊर्जा को अंदर सांस के साथ ले रहा है. आप अपने सम्पूर्ण शरीर के साथ सांस अंदर लेते हैं . यह सांस एक केंद्र की तरह कार्य करती है ऊर्जा सोखने के लिए.


3 . यह जान जाइए की आपके फेफड़ों के साथ आपके शरीर का एक एक इंच एक साथ ऊर्जा सोख्ता है . एक सूखे स्पंज की तरह जब उसे डुबाया जाता है और वो पानी सोखता है उसी तरह आपके शरीर को भी हर सांस अंदर लेने के साथ साथ ऊर्जा सोखनी चाहिए .

हममे से हर कोई एक व्यक्ति है , और इसीलिए हम सब इस ऊर्जा को अलग अलग महसूस कर सकते हैं कुछ मामलों में .

इसे उल्टा करने के लिए , ऊर्जा को बाहर सांस के साथ छोड़ दे . यह आपको थका सकता है और इसे लगातार रोज़ रोज़ नहीं करना चाहिए . इसे इतना ही करें कि आपको पता चल जाये की इसे किया कैसे जाता है .

* ऊर्जा को सांस के साथ बाहर छोड़ना इसका उपयोग होता है तावीज़ों को शक्तिशाली बनाने के लिए , सिजिल (सिजिल वो चिन्ह होते हैं जिनमे पारलौकिक और या जादुई शक्ति होती है ) को चार्ज करने के लिए, और किसी भी चीज़ को चंगा करने के लिए. हम किसी भी वस्तु या चीज़ में ऊर्जा को डाल अथवा निर्देशित कर सकते हैं .

* ऊर्जा को अंदर सांस भी लिया जा सकता है और सोखा जा सकता है और फिर उसका हमारे शरीर के किसी निश्चित भाग पर निर्देशन किया जा सकता है उसे ठीक अथवा चंगा करने के लिए.

* बहुत कम समय में आप उस ऊर्जा को महसूस करने में समर्थ हो जायेंगे जब आप उसे अंदर लेते हैं . जैसे जैसे आप उन्नत होते जाते हैं , आप उस ऊर्जा को देख सकेंगे और आपको उसकी कल्पना करने की आवश्यकता नहीं करनी पड़ेगी .

* इस व्यायाम में महसूस करना बहुत महत्वपूर्ण है , विशेषकर जब आप नए हों . ऊर्जा को देखने की कोशिश ना करें क्यूंकि इससे आपका ध्यान भटक सकता है . सिर्फ ऊर्जा को महसूस करें .

* यह व्यायाम बहुत अधिक महत्वपूर्ण है जब आप अपने मन और ऊर्जा के हस्तकौशल आदि के लिए कार्य कर रहें हों , क्यूंकि यह हर जादू का आधार है .


जैसे जैसे आप उन्नत होते जाते हैं , आप ऊर्जा सोखने की इस तकनीक का उपयोग आप सूर्य से या फिर आपकी इच्छित कोई भी वस्तु से आप ऊर्जा सोखने का कार्य कर सकते हैं .


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Post Sat Oct 24, 2015 4:10 am

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चक्रों को बंद कैसे किया जाये -

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चक्रों को बंद कैसे कयिा जाये , यह व्यायाम महत्वपूर्ण है और बहुत उपयोगी है अनचाही और या नकारात्मक ऊर्जाओं को बंद करने के लिए. चक्रों को बंद करने पर आपको एक अंदरूनी शांति और स्थिरता का अनुभव होगा . चक्रों को बंद करने से आप अप्रिय मानवीय ऊर्जाओं से और एस्ट्रल अर्थात नाक्षत्रिक जीवों से भी सुरक्षित रहेंगे जो स्वयं को बाँध लेते हैं और चक्रों को भेद लेते हैं . जब जीवन को बर्बाद करने वाले जीवों अर्थात इन नकारात्मक ऊर्जाओं की उपस्थिति में आप अपने चक्रों को बंद करलेते हैं , तो इस तरह आप इन अधिकतर नकारात्मक ऊर्जाओं को अपनी (आपकी ) आत्मा में घुसने और उससे बांधने में रोक देते हैं . चक्रों को बंद करने से आप स्वयं को मानसिक पैशाचिकता से भी बचा सकते हैं . या व्ययम आपके मन को चित्त / एकाग्रित करने में भी मदद करती है जब इसे वॉइड मैडिटेशन / ध्यान करने के पहले किया जाये क्यूंकि यह बहुत सारे मानसिक शोर को बंद कर देती है .


1 . मूलाधार चक्र पर से शुरू करें . कल्पना करें की आपका मूलाधार चक्र एक लाल चक्करदार भंवर है ऊर्जा का और वो ऊपर की ओर नोक किये हुए है एक पिरामिड के जैसे. फिर कल्पना करें दरवाज़े या फिर बंद दरवाज़े और उन्हें चक्र पर बंद करें और सारी रौशनी भी बंद कर दें . आप ऐसा चक्र के सामने (वाले भाग ) के ऊपर / से कल्पना कर सकते हैं , जैसे की आप चक्र को खिड़की से देख रहे हों .

2 . ऐसा प्रत्येक चक्र के साथ करें और बढ़ते हुए ऊपर सहस्रार चक्र तक करें .

आएको एक शांति और स्थिरता की अनुभूति होगी जब आपके सारे चक्र बंद हो गए हों. यह व्यायाम दिन में कई बार किया जा सकता है अगर आप अनचाही बाहरी उत्तेजना या ऊर्जा को बंद अथवा रोक देना चाहते हैं , या फिर स्वयं को एक नकारात्मक वातावरण जैसे कि ज़ायन (यहूदी / ईसाइयत / इस्लाम और उसके साथी ) या दूसरे अनचाही ऊर्जाओं से अपनी सुरक्षा करना चाहते हैं .

यह विशेषकर उन लोगों के लिए प्रभावी होती है जो प्राकृतिक माध्यम या इन ऊर्जाओं के प्रति अति संवेदनशील होते हैं और ऐसे लोग उनके आसपास के लोगों और वातावरण से सरलता पूर्वक आसानी से ऊर्जा सोख लेते हैं . यह व्यायाम उन लोगों के लिए भी बहुत मददगार होता है जो लोग बहरी उत्तेजनाओं उर्जाओ से बड़ी आसानी से विचलित / व्याकुल हो जाते हैं .

इस व्यायाम पर महारत हासिल करना ज़रूरी होता है क्यूंकि यह व्यायाम मैग्नम ओपुस के उन्नत चरण पर काम आता है .

आपके चक्र स्वयं खुल जायेंगे थोड़ी देर बाद. अगर आपको लगता है की आपको अपने चक्र तुरंत खोलने हैं तो इस ऊपर बताये गए व्यायाम को पलट दीजिये...,,, दरवज़े खोलिए चक्रों पर और उन्हें चक्रों को घुमाइए कई बार.

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Post Sat Oct 24, 2015 10:42 pm

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ऊर्जा ध्यान

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यह ध्यान नए लोगों के लिए बहुत बढ़िया है क्यूंकि इससे एक (व्यक्ति को जो इसे करता है ) ऊर्जा को महसूस करने का सामर्थ्य प्राप्त होता है. यह ध्यान और अर्थात आभा को भी मज़बूत और शक्तिशाली बनता है जब इसे लगातार किया जाये .

1 . शुरू करें अपने सरे शरीर को आराम देते हुए . जितनी गहरी समाधी अवस्था में आप जायेंगे , उतना अधिक प्रभावी यह होगा. परन्तु यह ध्यान किसी भी समय किया जा सकता है और समाधी अवस्था में जाना ज़रूरी नहीं है .

2 . सांस अंदर लीजिये और इसी समय ऊर्जा को अपने शरीर के हर कोने से खींचिए अंदर अपने , - सामने , पीछे , आपके सर के ऊपरी भाग , सब तरफ और आपके पंजो के तल हर तरफ से ऊर्जा को आपको अंदर खींचना है . नए लोगों के लिए , आपको कल्पना करनी है एक चमकदार मेदःवी रौशनी , सूर्य के जैसी .

3 . सांस को बाहर छोड़िये, और कल्पना करिये की यह ऊर्जा आपकी आभा अर्थात और को बढ़ा रही है अथवा उसका विस्तार कर रही है .

4 . फिरसे सांस अंदर लीजिये और कल्पना करिये की ऊर्जा और अधिक चमकदार और शक्तिशाली होती जा रही है और आपके सम्पूर्ण शरीर से प्रसारित हो रही है / जगमगा रही है .


5 . साँस को बाहर छोड़िये और कल्पना करिये की ऊर्जा आपके आभा का विस्तार कर रही है अर्थात उसे बढ़ा रही है और आपके शरीर का केंद्र अर्थात बीच का भाग सूर्य की तरह मेधावी चमकदार तरीके से चमक रहा है .

6 . इसे कई बार करें , हर बार ऊर्जा की कल्पना करें की वो और अधिक से अधिक चमकदार होती जा रही है और अपनी तीव्रता शक्ति में बढ़ रही है .

जब आप रंगो के साथ कार्य करते हैं , आपको कल्पना करना है के रंग और अधिक से अधिक शक्तिशाली और जीवंत होते जा रहे हैं . आप देखेंगे की प्रत्येक रंग की अपनी अलग अनुभूति होती है . रंगो का उपयोग उनकी प्रकृति के अनुसार आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है . आप अपने शरीर के सामने और पिछले हिस्सों से भी ऊर्जा को सांस में अंदर ले सकते हैं , और इसी समय आप बीच के भाग , आजु बाजु के भाग और ऊपरी और निचले भागों से ऊर्जा अंदर सांस में लें . इसके बाद आप अपनी आभा को बाहर की और बढ़ने / विस्तार होने दें .

इस ध्यान के साथ आप अपनी आभा को सिकोड़ने और विस्तार करने का अभ्यास भी कर सकते हैं .

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HP can u plz tell me that I become lazy at times , plzz i need to knw so that I can clean up :D

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Post Sun Oct 25, 2015 9:42 pm

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ऊर्जा का निर्देशन - अज़ाज़ेल के द्वारा बताई गई तकनीक

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... nergy.html

आप अपने सामर्थ्यों का जादू में पूरा सम्पूर्ण उपयोग कर सकें , इसीलिए यह महत्वपूर्ण है की आप ऊर्जा से परिचित हों , उसे कैसे महसूस करना है , पता लगाना है , उसे कैसे सोखना है , भेजना है और ऊर्जा के साथ हस्त कौशल कैसे किया जाये. आप ऐसा ध्यान करके सीखते हैं , इसके प्रति संवेदनशील बनकर और इसके साथ कार्य कर.. अविरोधी लगातार अभ्यास के साथ , शक्ति ध्यान अर्थात पावर मैडिटेशन प्राकृतिक रूप से आपकी जीव ऊर्जा जिसे हम बायो इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं उसे बढ़ाएगा . आप अक्सर इस ऊर्जा को महसूस करने की सामर्थ्य प्राप्त कर लेंगे, सिर्फ इसके बारे में जानकार. जानना कुंजी है शक्ति और सामर्थ्य में उन्नति करने की. यह व्यायाम हठ योग, या फिर मन्त्र या कोई अन्य ध्यान जो आपको ऊर्जा की भनभनाहट सी देता है , इन्हे करने के बाद यह ध्यान सबसे अच्छा काम करता है .

1 . शांति से बैठ / लेट जाएँ और आपके शरीर के उलटे तरफ की ओर ऊर्जाओं को जानिए , फिर ऐसे ही सीधे हाथ की ओर की ऊर्जाओं को जानिए.

2 . एक एक करके दायें और बाएं दोनों ओर से ऊर्जा को निर्देशित करिये और उसे आपके धड़ के बीच में मिलाइए . आप ऐसे करिये अपने मन को केंद्रित करते हुए आपके धड़ के बीच में , या और कोई अन्य जगह पर जहाँ आप चाहते हैं की ऊर्जा जाये. आप एक दम से ही महसूस करेंगे ऊर्जा को आपके धड़ के बीचो बींच . जहाँ कहीं भी आपका मन दृढ़ता के साथ केंद्रित है , ऊर्जा वहीँ जाएगी.

3 . यहाँ से ऊर्जा को अपने शरीर के परे आपकीओ औरा अर्थात आभा में विस्तृत करें अर्थात उसे (ऊर्जा को बढ़ाएं ) और फिर ऊर्जा को सिकोड़ें . अपना ध्यान अपनी आभा में केंद्रित करें . [ आभा वह ऊर्जा क्षेत्र है जो ठीक आपके शरीर के बाहर होता है ]

4 . लगातार ऊर्जा को बढ़ाते / विस्तृत करते और सिकोड़ते रहें जब तक आपके शरीर के दोनों पक्ष / भाग संतुलित नहीं हो जाते, तब ऊर्जा को अपने उलटे और सीधे भागों / पक्षों में एक साथ महसूस करें .

5 . ऊर्जा को महसूस करें अपने शरीर के सामने के हिस्से में , फिर पीछे के , ऊपर दी हुई स्टेप्स (कदमों ) को दोहराते हुए .

6 . इसे फिर से करें , इस बार कमर के ऊपर से कमर के नीचे तक . जैसे ऊपर बतलाया गया है.

7 . अब ऊर्जा को अपने शरीर में एक समूचे अर्थात सम्पूर्ण की तरह महसूस करें . अपनी आभा को कई बार बढ़ने / विस्तृत करने और सिकोड़ने का अभ्यास करें .

8 . अब आखिरी बार , ऊर्जा को अपने शरीर के केंद्र में इक्कट्ठा कर लाएं और मृदुता से / धीरे से उसे बाहर की ओर विस्तृत करें अर्थात फैलाएं , अपनी आभा को फैलाते हुए , इस बात को ध्यान में रखते हुए की आप संतुलित और समान महसूस कर रहें हों.

9 . उस ऊर्जा को महसूस करते हुए जो मृदुता के साथ प्रसारित हो रही है / जगमगा रही है उस पर ध्यान करें और कुछ मिनिटों को लिए अपने आभा को फैलाएं अर्थात उसका विस्तार करें .

यह बहुत अच्छा व्यायाम है ऊर्जा को अपनी इच्छा पर निर्देशित करने के लिए.

यह बहुत महत्वपूर्ण है की आप हमेशा अपनी ऊर्जा का ऊपर की ओर और आपके सहस्रार चक्र अर्थात क्राउन चक्र के बाहर निर्देशन करें . ऐसा समय आएगा की आपको लगेगा की वह आपके पंजो और पैरों में धीरे धीरे बह रही है . उसे वहां नहीं रहना चाहिए कोई भी समय के लिए क्यूंकि वो समस्या कड़ी कर सकती है प्रसारण की कमी के कारण.

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Post Mon Oct 26, 2015 9:26 am

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चक्रों को घुमाने का सरल व्यायाम

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यह ध्यान करने में कुछ मिनिट ही लगते हैं और यह किसी भी समय किया जा सकता है जब आप ले में हों और केंद्रित हों. यह करने में बहुत सरल है और जिन लोगों के पास एकांत की कमी हो वे लोग इस ध्यान को आराम से कर सकते हैं बहुत थोड़े समय में ही और वे लोग जिनके पास वक़्त की कमी नहीं वे इसे कई देर तक भी कर सकते हैं.

अपना ध्यान अपनी रीढ़ के ताल में लगाएं और आपके मूलाधार अर्थात बेस चक्र को एक भंवर के रूप में उसकी कल्पना करें भंवर अर्थात एक छोटे पिरामिड जैसी. कल्पना करें की यह चक्र अत्यतिक जीवंत लाल है और उसे घुमाएं . उसे घूमते जाएँ जब तक वह तेज़ी से और अपने आप नहीं घूमने लगता . इस बात का निश्चय करलें की चक्र की बिंदु ऊपर की ओर है.

ऐसे ही ऊपर की ओर बढ़ते चले और हर कर को कल्पना करते हुए घूमते चलें और उसे तब तक घुमाएं जब तक वह तेज़ी से और अपने आप नहीं घूमने लगता. हर चक्र को एक घूमते हुए भंवर की सी कल्पना करें और हर चक्र का अपना एक जीवंत रंग होता है -

* पहला - लाल , ऊपर की ओर नोक किये हुए

* दूसरा - संतरे रंग का ऊपर की ओर नोक किये हुए

* तीसरा - पीला सुनहरे रंग का - नीचे की ओर नोक किये

* चौथा - हरे रंग का , यह चक्र योनि के जैसे दिखता है

* पांचवां - नीले आसमान के रंग का नीचे नोक किये है

* छटवां - नीला बैंगनी , नीचे की ओर नोक किये हुए है

* सांतवां - बैंगनी रंग का , नीचे के ओर नोक किये हुए है .

जब आप छटवें चक्र को घुमाएं , तो आप अपनी तीसरे आँख के पीछे * ध्यान केंद्रित करें , आपके सर के मध्य में . बहुत सारे लोग गलती से ये सोच लेते हैं की तीसरी आँख छटवां चक्र है , परन्तु तीसरी आँख छटवें चक्र का एक विस्तार मात्र है और तीसरी आँख छटवां चक्र नहीं है.

आपके हर चक्र का एक शक्तिशाली जीवंत रंग होना चाहिए. चक्र जो की काले से और दागों वालें हैं वे ठीक से काम नहीं करते हैं . उन्हें घुमाते जाएँ और अपनी कल्पना को उन पर ध्यान केंद्रित करें ताकि वे अपने स्वयं के वास्तविक शक्तिशाली रंग में आ जाएँ . आप उन्हें साफ़ भी कर सकते हैं . इसका ध्यान अगले लेख में विस्तार से बताया गया है .

जब हमारे चक्र तेज़ गति के साथ घूमते हैं तो इससे हमें दुर्भाग्य और बिमारियों से बचने में बहुत सहायता मिलती है , और ये हमें नाक्षत्रीक दुनिया अर्थात एस्ट्रल संसार की ओर खोलते हैं . मतलब की हम उस दुनिया में जा सकते हैं और संपर्क स्थापित कर सकते हैं . यह हमारी एस्ट्रल दुनिया में और इस दुनिया दोनों में हमारी रक्षा करता है . याद रखिये ऊर्जा पर कार्य रोज़ किया जाना चाहिए क्यूंकि इससे धीरे धीरे ऊर्जा की एक शक्तिशाली परत और क्षेत्र बन जाता है सदा के लिए नहीं तो आपको लाभ मिलना बंद हो सकते हैं इसिलए इस पर रोज़ कार्य करना आवश्यक है .

ये भी समझ लीजिये की आत्मा रौशनी की बानी हुई है . हर चक्र एक तरंग लहर अर्थात वेवलेंथ है रौशनी के आवृति की , और इसे आप रौशनी के प्रिज्म ( लाइट प्रिज़्म ) में देख सकते हैं ., जब सूर्य की रौशनी दिखाई देने वाली रंगवाली अर्थात स्पेक्ट्रम में टूट जाती है . यह भौतिकी में है . गुप्त ज्ञान / जादू क्रिया आदि को वैज्ञानिक रूप से समझाया जा सकता है . जब हम रौशनी ऊर्जा को अंदर सांस में लेते हैं या उसका आह्वान करते हैं , हम अपनी आत्मा को शक्तिशाली बना रहे होते हैं .

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Post Mon Oct 26, 2015 10:13 am

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अपनी औरा अर्थात आभा को कैसे साफ़ किया जाये -

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... aning.html

स्वयं की आभा को साफ़ करना महत्वपूर्ण है आध्यात्मिक स्वच्छता के लिए. जब आप अपनी आभा को रोज़ साफ़ करते हैं तो इससे आप स्वयं को आध्यात्मिक / जादू / मनोवैज्ञानिक हमलों और बिमारी से बचाते हैं . एक साफ़ आभा करिश्माई होती है और दूसरों के साथ आपके संबंधों को सुधरती है . लोग प्राकृतिक तौर से उन लोगों का ध्यान ज़्यादा रखेंगे और उनका पक्ष ज़्यादा लेंगे जिनकी आभा साफ़ है और ऊर्जा के साथ जगमगा रही है . यही पर हम लोगों पर अपना प्रभाव डाल सकते हैं और उनसे हमारी मर्ज़ी के मुताबिक़ का कार्य करवा सकते हैं . नकारत्मक विचार-प्रकार जो की काले जादू में उपयोग होता है और दूसरों की बुरी नज़र , ईर्ष्या और या क्रोध नफरत से उत्पन्न होता है , ये एक (व्यक्ति ) की आभा से चिपक जाता है और दुर्भाग्य , दुर्घटनाएं , बीमारियां और इस प्रकार की चीज़ों को आमंत्रित करता है . आभा को साफ़ करने में कुछ मिनिटों का ही समय लगता है अगर कोई बड़ी समस्या न हो तो . जब कोई बीमार या चिंतित होता है उसकी आभा गन्दी हो जाती है और कई ध्यान के बाद ही साफ़ होती है . जो आपके अंदर है वो आपकी आभा में दिखया है . जब आप बीमार होते हैं या होने वाले होते हैं तो पहले से ही आभा का रंग बदल कर काल भूरा हो जाता है .

आदर्श रूप से , एक व्यक्ति को अपनी आभा दिन में दो बार साफ़ करनी चाहिए - एक सोकर उठने के बाद और फिर सोने को जाने के पहले . सोने के पहले आभा को साफ करना बहुत ज़रूरी है . आप कितने सारे लोगों के संपर्क में आते हैं दिन में , आप उनके विचार - प्रकारों को , ऊर्जाओं को अपने नाक्षत्रिक अर्थात एस्ट्रल शरीर में चिपका लेते हैं , और इससे अक्सर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं . लोगों के सूक्ष्म अर्थात एस्ट्रल / नाक्षत्रिक शरीर हर दिन परस्पर मिलते हैं . जैसे की हमारा शरीर इस दुनिया के कीटाणुओं , वायरस , जर्म्स आदि के खतरे में हमेशा बना रहता है उसी तरह सूक्ष्म शरीर भी नकारत्मक ऊर्जाओं के खतरे में हमेशा बनी रहती है .

औरा को कैसे साफ़ करें -

1 . कल्पना करें एक चमकदार रौशनी के अपने चारों ओर . इसे एक या दो मिनिट के लिए रोके रहें . इसमें ज़्यादा लम्बा समय नहीं लगता .

2 . अब कल्पना करें की यह रौशनी और अधिक से अधिक चमकदार होती जा रही है और ये आपके हर चक्र पर और तीव्र होती जा रही है एक छोटे सूर्य की तरह.

बस इतना ही. यह व्यायाम आपको सावधान कर सकता है किसी भी नकारात्मक ऊर्जा या जादुई हमलों से और उन्हें होने से रोक देता है. अगर आपको लगे की आपके चक्र और आभा बहुत ही गंदे हिं तो आप सम्पूर्ण आभा साफ़ करें .

सम्पूर्ण आभा साफ़ करने के लिए , सेटेनिक माला को जपें , सूर्य के बीज मन्त्र के साथ. आप बाज़ार से रुद्राक्ष की माला ले कर उसका उपयोग कर सकते हैँ. सेटेनिक माला पर विस्तार से लेख अगले हिस्से में बताया गया है. आपको माला को जपना है सूर्य के बीज मन्त्र के साथ और कल्पना करनी है की आप एक मेधावी अत्यंत चमकदार सफ़ेद सुनहरी रौशनी में समां गए हों . आपको चारों ओर ये ऊर्जा एक घेरा सा बना ली है. अब आपके मन्त्र के कम्पन्न को आपकी सम्पूर्ण आत्मा में केंद्रित करें . आप सूर्य का कोई भी बीज मन्त्र का उपयोग कर सकते हैँ जो आपको अच्छा लगे , दोनों नीचे दिए गए मन्त्र बहुत प्रभावी हैं -

"सूर्य " सूूू ....- रररर ..-. याह ["SURYA" - SUUU-RR-YAH ]

या

"रौम " रररर ..... - आह ...-- ऊ....म .... ["RAUM" RR-AHH-UUU-MMM. ]
याद रखिये की आपको रररर को कम्पन्न करते हुए मुंह में लुढ़कना हैं .

कम्पन और अधिक प्रभावी होता हैं आभा को साफ़ करने में. यह हर दिन किया जा सकता हैं अगर आपकी ऐसी इच्छा होती हैं तो . सिर्फ कल्पना करना , अक्सर उतना कठिन नहीं होता उन मामलों में जब कोई बहुत बीमार हो , पर यह उतना असरकारक भी नहीं होता जितना कम्पन्न करना होता हैं. क्यूंकि आत्मा प्रकाश की बनी होती हैं , सूर्य स्पेक्ट्रम (spectrum) के सारे देखने वाले रंग रखता हैं और इसके साथ साथ प्रकाश को भी रखता हैं जिन्हे नंगी आँखें नहीं देख सकती और यह प्रकाश , आत्मा का अभिन्न हिस्सा हैं . सूर्य के जितनी चमकदार रौशनी की कल्पना करना और सूर्य मन्त्र का जाप करना बहुत शक्तिशाली होता हैं आत्मा को साडी नकारत्मक ऊर्जाओं से साफ़ करने में .

बहुत बार अगर वहां कोई समस्या हैं , जैसे की बीमारी या बहतु ज़्यादा नकारात्मक ऊर्जा , एक व्यक्ति को ऐसी अवस्था में रौशनी की कल्पना करने में दिक्कत होगी . एकबार बार बार कार्य करने पर ऊर्जा बन जाये , तो कल्पना करना बहुत सरल हो जायेगा. उस प्रकाश को देखना , इसका अर्थ यह होता है की आपका ध्यान अब उसका कार्य कर रहा हैं. सेटेनिक चंगाई में भी यही होता हैं . अगर बीमारी पूर्णि और गंभीर हैं , उसे कई बार ध्यान करना होगा ताकि वो रौशनी की कल्पना कर सके और उसे देख सके . अगर ऐसा मामला हो तो , यह संकेत करता हैं की ध्यान को बारम्बार करना हैं थोड़े थोड़े समय के अंतराल पर और चंगे होने तक और उसके कुछ दिनों बाद तक भी ध्यान करना बहुत अच्छा रहता हैं . भले ही कोई व्यक्ति सरलता पूर्वक रौशनी देख पा रहा हो या नहीं , उसे अपना सबसे अच्छा प्रयास करना चाहिए की वो रौशनी को देखे , बद से बदतर मामलों में भी !

बहुत साडी शिक्षाओं के विरुद्ध , सेटन / लूसिफ़र रौशनी के दाता हैँ . क्यूंकि अब डीमॉन्स रिहा हो चुके हैँ , उनकी आभा बहुत अधिक बढ़ गयी हैं रौशनी में . उनकी शक्तिया भी अत्यधिक बढ़ चुकी हैँ . पुरानी जादू टोने आदि की किताबों में , निश्चित कुछ डीमॉन्स ने अपनी आशाओं की तुलना की हैं "रौशनी को वापसी / जाने तक " . हममे से वे लोग जिन्होंने उनके साथ कार्य किया हैं , समझते हैँ की उनका इस वाक्य से क्या अभिप्राय हैं . रौशनी आभा में हैं . आत्मा रौशनी की बनी हुई हैं और उसे रौशनी की आवश्यकता होती हैं ताकि वो शक्तिशाली हो सके. एक बार पिता सेटन मेरे सामने उत्तोलित हुए अर्थात हवा में उड़े. जब उन्होंने ऐसा किया , उनकी आभा अत्यधिक मेधावी चमकदार हो गयी रौशनी से .

रौशनी शक्ति हैं - लिलिथ (Lilith)

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Post Mon Oct 26, 2015 11:34 pm

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सुरक्षा के लिए ध्यान - सुरक्षा की आभा

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यह ध्यान बहुत महत्वपूर्ण है / यह बहुत सरल है और आप इसे जितना अधिक करेंगे आपकी आभा भी उतनी ही शक्तिशाली बन जाएगी.

1 . सांस के साथ अंदर लें एक सफ़ेद सुनहरी ऊर्जा को जैसा आप मूल ऊर्जा ध्यान में करते हैं . आपको गहरी समाधी में जाने की आवश्यकता नहीं है . सिर्फ उस ऊर्जा को महसूस करने पर अपने ध्यान को केंद्रित करें जो हर सांस अंदर लेने के साथ आपके अंदर प्रवेश करती है और फिर कल्पना करें एक चमकदार मेधावी रौशनी की ,जैसेकी सूर्य और अधिक से अधिक चमकदार होता जा रहा है हर सांस छोड़ने के साथ . एक बार आप इसे करने लगें , यह बहुत सरल हो जाता है और थोड़े समय में आपको यह करना बनने लगेगा.

2 . फिर दृढ़ता के साथ कहें - "मैं अंदर सांस में एक शक्तिशाली सुरक्षात्मक ऊर्जा ले रहा हूँ यह ऊर्जा मेरे चारों ओर सुरक्षा करने वाला आभा क्षेत्र को बनाती है . यह आभा मेरी हर तरह से हर जगह हर समय मेरी सुरक्षा करती है ". सांस अंदर लेते समय आपको ऐसा पांच बार कहना है पांच बार सांस अंदर लेते समय. इसके बाद सिर्फ आपको ध्यान केंद्रित करना है ऊर्जा की कल्पना करने पर और उसे महसूस करने पर और ये करते हुए आपको उसे और अधिक से अधिक शक्तिशाली और चमकदार बनाना है .

यह आपकी ऊर्जा को क्रमोदेशित करेगा और आपकी आभा को भी क्रमोदेशित करेगा.

आप इसे जितना अधिक करेंगे ये आपके चारों ओर उतनी ही अधिक से अधिक शक्तिशाली सुरक्षा करने वाली आभा को बनाएगा. सूर्य से की भी ऊर्जा का उपयोग करें. सूर्य की ऊर्जा अत्यधिक शक्तिशाली होती है. ऐसा करते समय सिर्फ आपको ये जोड़ देना है - " मैं सूर्य से अंदर सांस में एक शक्तिशाली सुरक्षात्मक ऊर्जा सांस ले रहा हूँ . यह ऊर्जा मेरे चारों ओर सुरक्षा करने वाली आभा को बनाती है . यह आभा मेरी हर तरह से हर जगह हर समय मेरी सुरक्षा करती है ".

* सफ़ेद - सुनहरी ऊर्जा का उपयोग इसीलिए किया जाता है क्यूंकि वह परावर्तक(रिफ्लेक्टिव ) होती है. आप अपनी आभा को ऐसा भी क्रमोदेशित कर सकते हैं की आप सूर्य से अत्यधिक शक्तिशाली ऊर्जा अंदर सांस में ले रहे हैं , जब आप बाहर हों. कुछ समय बाद आपको कुछ कल्पना करने की ज़रुरत नहीं है . आप सिर्फ इसे महसूस कर सकते हैं और आपको इस कार्य को करने के लिए समाधी में जाने के ज़रुरत नहीं होती है - आप इसे महसूस कर लेंगे. मैं स्वयं सिर्फ इतना करती हूँ की ऊर्जा को सांस के साथ अंदर ले लेती हूँ और यह मैं किसी भी समय कर सकती हूँ - बिना समाधी अवस्था में जाय या बिना कल्पना किये .


दूसरी महत्वपूर्ण चीज़ आप कर सकते हैं स्वयं की सुरक्षा करने और सुरक्षित रहने के लिए की आप पांच से दस बार दृढ़ता के साथ ये बोलें सोने जाने से पहले -

* "मैं हमेशा पूरी तरह से सुरक्षित और संरक्षित रहती / रहता हूँ ". इस पर कभी शक मत करिये ! सुरक्षा की आभा आपकी आभा को भी साफ़ करने में अत्यंत मददगार होती है और किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को पीछे दूर खदेड़ देती है . यह अति महत्वपूर्ण है .

आप अपने चहिते लोगों की भी कल्पना कर सकते हैं और उनकी आभा में ऊर्जा को सांस ले सकते हैं और उनकी सुरक्षा कर सकते हैं . आपको सिर्फ समाधी की अवस्था में जाना है और उस व्यक्ति की कल्पना करनी है जिसे आप सुरक्षित करना चाहते हैं और फिर उसकी आभा में आपको यही ऊपर बताई गयी सफ़ेद सुनहरी ऊर्जा को सांस के साथ उसकी आभा के अंदर लेना है और दृढ़ता के साथ कहते हुए वाले वाक्य में उसका नाम रख देना या ले लेना है . यह चंगा करने के काम भी आता है .

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Post Tue Oct 27, 2015 1:59 am

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लौ ध्यान

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पहला तरीका :

1 . एक मोमबत्ती अथवा दीपक जलाएं और उसकी लौ को घूरें लगभग दो मिनिट के लिए. यह निश्चित करलें की आपका ध्यान नहीं भटके.

2 . अपनी आँखे बंद करलें और अपने हाथो को एक आरामदायक प्याले जैसी स्थिति में रख लें , आपकी हथेलियों को अपनी आँखों के ऊपर रखे औ अँधेरे में उस लौ की छाप पर ध्यान केन्द्रिक करें . चित्र आपकी नज़र में चलता हुआ सा लगेगा . उसे देखते रहें और उसे वापस लाएं (हिलने न दें )और उस पर लगभग चार मिनिटों के लिए ध्यान केंद्रित रखें .


3 . आराम करें और अपने विचारों को खली करदें और उन्हें अपनी साँस के लय में लाएं , हर सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए .

यह व्यायाम क्या करता है -

यह व्यायाम आपके मन को तैयार करता है एक - बिंदु के ध्यान केंद्रित करने में , जो किसी भी प्रकार की एस्ट्रल अर्थात नाक्षत्रिक / पारलौकिक / मानसिक आदि कार्य करने के लिए अत्यंत आवश्यक है . आम व्यक्तियों में , विचार छितरे और बिखरे हुए से रहते हैं और इनका कुछ नहीं होता. एक प्रशिक्षित मन के साथ आप तीव्रता के साथ ध्यान केंद्रित कर सकते हैं , और एक व्यक्ति के विचार सुपष्ट होते हैं होते हैं और एक लेज़र (lazer) की तरह केंद्रित होते हैं और उनमे शक्ति होती है . सम्पूर्ण ध्यान केंद्रित करने में महारत हासिल करना ही एस्ट्रल कार्यों में सफलता की कुंजी है. एक व्यक्ति की इच्छाशक्ति भी इसी व्यायाम से विकसित होती है , क्यूंकि एक शक्तिशाली इच्छाशक्ति / विचार कभी भी भटकता नहीं है . स्वयं से आप निराश या बेफिक्र न हों . शुरुवात में ये एकदम आम बात है की आपके विचार टपकेंगे बीच में और आपको भटकायेंगे . सम्पूर्ण ध्यान केंद्रित करने में समय लगता है और अधिकतर लोगों के लिए , ये मानसिक प्रशिक्षण का सबसे कठिन पहलु होता है .

दूसरा तरीका [बीच का ] :

1 . लौ पर कई मिनिटों के लिए ध्यान केंद्रित करें .

2 . अपनी आँखे बंद करलें और अपने हाथो को एक आरामदायक प्याले जैसी स्थिति में रख लें , आपकी हथेलियों को अपनी आँखों के ऊपर रखे औ अँधेरे में उस लौ की छाप पर ध्यान केन्द्रिक करें . चित्र आपकी नज़र में चलता हुआ सा लगेगा . उसे देखते रहें और उसे वापस लाएं (हिलने न दें )और उस पर लगभग चार मिनिटों के लिए ध्यान केंद्रित रखें .

3 . आँखों को बंद रखते हुए , लौ को अपने करीब लाएं . उसे आगे और बीचे लेजाएं . जब आप लौ को हिलाने में और उसे नियंत्रित करने में कुशल हो जाएँ , तब आप उसकी छाप में घुसने का प्रयास करें. आप पाएंगे की छाप सघन / सुगठित होने लगेगी और उसका रंग बदलने लगेगा. चमकदार चित्र , गुलाबी रंग का हो जायेगा , फिर लाल रंग का और फिर काला अँधेरे जैसे हो जायेगा.

4 . इस व्यायाम को दोहराएं अगर आपकी इच्छा हो तो .

यह व्यायाम ये करता है -
यह व्यायाम मन और तीसरी आँख को प्रशिक्षित करता है मानसिक / पारलौकिक / अलौकिक शक्ति को निर्देशित करने के लिए.

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Post Wed Oct 28, 2015 10:00 am

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सेटनिज़्म और शक्ति ध्यान

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... g_Out.html

शक्ति ध्यान एक आध्यात्मिक साफ़ करने वाला आश्रय है कहने को तो . जब एक व्यक्ति शक्ति ध्यान कार्यक्रम अर्थात पावर मैडिटेशन प्रोग्राम को शुरू करता है , तो उस व्यक्ति के दमित भाव जैसे की क्रोध , नफरत , रोष , मातम आदि प्रकट होने लगें . आप पाएंगे की आपको नाराज़ करने वाले विचार उत्पन्न हो रहे हैं और आप नहीं पता लगा पाएंगे की ये क्यों उत्पन्न हो रहे हैं . ये भाव एक साल से लेकर उससे लम्बे समय तक भी बने रह सकते हैं ,ये इस पर निर्भर करता है की ये आपके जवानी अर्थात पहले के सालों में किस तरह से दमित रहे थे . हम में से बहुत इन अनुभवों को याद भी नहीं रख सकते पर हमारा अवचेतन मन इन्हे याद रखता है . समय के साथ ये दमित भाव शुद्ध हो जायेंगे और आत्मा उन्नति करने में समर्थ हो जाएगी और आत्मा और अधिक स्वतंत्र हो जाएगी. एक व्यकि को तब अंदरूनी शांति और संतुलन की प्राप्ति होगी .

सीखना दूसरी चीज़ है . सेटनिज़्म बहुत तीव्र अर्थात प्रबल है कई लोगों के लिए , और सेटनिज़्म को गले लगाना एक व्यक्ति के पहली बार स्वयं को जानने की तरह है. हम में से कई अंत में यह स्वीकार कर लेते हैं की हम ने इतने सारे साल आध्यात्मिक गुलामी में बिताये बिना व्यक्तिगत हकों के और हम यह जान जाते हैं की हम इतने साल अनावश्यक दुरुपयोग का शिकार रहे. एक व्यकि को प्रबल क्रोध और दुसरे भावों का अनुभव हो सकता है जब वे अनुभव बाहर प्रकट होते हैं . ये बहुत आम और चिकित्सीय है . सर आपको इन्हे एक रचनात्मक तरीके से बाहर आने देना है. यह समय है सकारात्मक आंतरिक बदलाव का , शुद्धि का और चंगाई का . वक के साथ आपको आंतरिक शांति और संतुलन की प्राप्ति होगी . इस क्रिया में कितना समय लगता है या किसी को ऐसे अनुभव होते भी हों यह नहीं यह उस व्यकि पर निर्भर करता है. मै यह इसीलिए बता रही हूँ ताकि हर कोई विशेषकर वे लोग जो नए हैं , वो जान सकें की यह सब आम है .

समय के साथ हम खुद स्वयं को जान लिए हैं और स्वतंत्र हो जाते हैं , झूठे कार्यक्रमों के जाल से और प्रबल भ्रष्टता के साथ बतलाये गए यहूदी ईसाई और इस्लामिक झूठ से जिनके बहुत सरे लोग अब भी गुलाम हैं . एक स्वतंत्र मन के जैसे और कोई चीज़ सुन्दर नहीं होती , क्यूंकि स्वतंत्र मन के साथ हम उन्नति कर सकते हैं और सच में जान सकते हैं की हम वाकई कौन हैं और किसी अन्य को हमें सिखाने या बताने की ज़रुरत नहीं होती के हमें कैसा होना चाहिए या क्या होना चाहिए.

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Post Thu Oct 29, 2015 12:20 am

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समाधी

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एक गहरी समाधी से यह संभव हो जाता है की हम अपने अवचेतन मन तक पहुंचे और उसको क्रमोदेशित कर सकें जैसा हमें सही लगता है . हमारे मस्तिष्क का सक्रीय उल्टा हिस्सा , निष्क्रिय सीधे हिस्से तक पहुँचने की हर कोशिश को नाकाम कर देता है . मस्तिष्क की इसी सीधे हिस्से में अवचेतन की कुर्सी होती है . यह एक कमरे या बुल्डिंग की बिजली को बंद करने के अनुरूप है ताकि वायरिंग को ठीक किया जा सके. मस्तिष्क के सीधे तरफ का हिस्सा वह है जहाँ हम अपने मन को क्रमोदेशित कर सकते हैं उन चीज़ों को प्रकट करने के लिए जिन्हे हम वास्तविकता में chahte हैं .

समाधी की अवस्था में जाने के लिए अभ्यास की ज़रुरत होती है . याद रखें ,हम में से हर कोई एक व्यक्ति है और किसी को ऐसा करना किसी अन्य की अपेक्षा सरल प्रतीत होगा. महत्वपूर्ण चीज़ यह है की आपको धैर्य के साथ दृढ रहना है स्वयं से. दृढ़ता और लगातार परिश्रम ही यहाँ पर सब कुछ हैं .


आपको सांस सम्बन्धी व्यायाम करने हैं . सांस सम्बन्धी व्यायाम करने की अत्यधिक सिफरिशतें (सिफारश ) हैं क्यूंकि यह प्राकृतिक रूप से आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करेगा.

1 . आराम से बैठ जाएँ , आपको लेटना नहीं है क्यूंकि आप सो सकते हैं .

2 . छह की गिनती तक सांस को अंदर लें , छह की गिनती तक सांस को रोकें रहें और छह की गिनती तक सांस को बाहर छोड़ें . यह सांस सम्बन्धी व्यायाम तब तक करें जब तक आप पूरी तरह से आरामदायक नहीं हो जाते. आदर्श रूप में इसे तब तक करना है जब तक आपको आपका शरीर महसूस होना बंद न हो जाये.

3 . कल्पना करें की आप एक अँधेरे में एक सीढ़ी के ऊपर चढ़ रहे हैं . आपको सीढ़ी की कल्पना नहीं करनी है , सिर्फ महसूस करना है की आप ऐसा कर रहे हैं . सांस को बाहर छोड़ते समय , आप स्वयं को महसूस करें की आप एक या दो कदम सीढ़ी पर चढ़ रहे हैं . सांस को अंदर लेते समय आप स्वयं को महसूस करें की आप सीढ़ी पर स्थिर रुके हुए हैं .

4 . अब आप सीढ़ी छोड़ दीजिये और पीछे की और स्वतंत्र गिरिये. अगर आपको चक्कर आते हैं या बेसुध होने की अनुभूति होती है तो अपना ध्यान अपने शरीर के सामने वाले हिस्से पर केंद्रित करें और यह होना रुक जायेगा. ये मानसिक गिरने का प्रभाव जब आपके गहरे आराम के साथ और मानसिक शांति के साथ मिलता है तो ये आपको समाधी की अवस्था में ले जाने का कारण बनता है .

हमारे मन के अंदर इस मानसिक गिरने के प्रभाव की ज़रुरत होती है . यह हमारे मस्तिष्क के मस्तिष्क - लहर गतिविधि के स्तर को बदलता है जागृत स्तर बेटा (BETA) से सुप्त स्तर अल्फा (ALPHA) में या गहरे सुप्त स्तर थीटा (Theta) में. जैसे ही आपके मस्तिष्क तरंग अथवा लहर की गतिविधि अल्फा में पहुँचती है तो आप समाधी की अवस्था में प्रवेश कर जाते हैं . जब आपको एक भारी अनुभूति होने लगे तब आप मानसिक गिरने वाले व्यायाम को रोक दें . अगर आपको सीढ़ी पसंद नहीं है तो आप कल्पना करिये की आप एक लिफ्ट में अर्थात एलेवटर में हैं , महसूस कीजिये स्वयं को की आप सांस बाहर छोड़ते समय गिर रहे हैं और सांस को अंदर लेते समय स्थिर रुके हुए हैं . या आप कल्पना करिये की आप एक पंख हैं , और स्वयं को महसूस करवाएं की आप सांस को बाहर छोड़ते समय तैर रहें हैं और सांस को अंदर लेते समय आप स्थिर हैं . आपको एक मानसिक गिरने वाले प्रभाव की आवश्यकता होगी ताकि आप अपने मस्तिष्क तरंगो के स्तर को काम कर सकें .

5 . ऐसा करते रहें जितना भी समय वह लेता है . समाधी की अवस्था में जाने में कितना समय लगेगा यह भिन्न होगा , यह निर्भर करता है आपके गहरे आराम और मानसिक शांति के अनुभवों पर .

एक समाधी की अवस्था ऐसी महसूस होती है - सब कुछ शांत हो जाता है और आपको ऐसा लगता है की आप एक बहुत बड़े स्थान पर हैं . आपके शरीर में हलकी गिनगिनाने वाली अनुभूति होती है . सब कुछ बहुत अलग महसूस होता है . ऐसा लगता है किसी ने आपके सर पर अँधेरे में एक कार्ड का डिब्बा सा रख दिया है , और आप महसूस कर सकते हैं की वातावरण बदल रहा है . ऐसा लगता है की सब कुछ अस्तव्यस्त और हल्का धुंधला सा हो गया है. किसी भी प्रकार की नुकीली आवाज़ें समाधी की अवस्था में दर्द देने वाली होती हैं .

6 .स्वयं को समाधि की अवस्था से बाहर कैसे लाएं -

अपनी उँगलियों और पैर की उँगलियों को हिलाने पर ध्यान केंद्रित करें . जब आप हाथों या पैरों की एक या और उँगलियों को हिला सकें , तब आप अपने हाथों को मोड़ें / चलायें . अपने बाज़ू को हिलाएं , अपना सिर हिलाएं अर्थात अपने शरीर को सजीव करें , और खड़े हो जाएँ और चलें आस पास कुछ मिनटों के लिए .

यह व्यायाम क्या करता है -

मानसिक / अलौककिक / पारलौकिक शक्तिओं में उन्नति करने के लिए हमें मन का अभ्यास करना आवश्यक होता है . जब हम समाधी की अवस्था में हैं , हमारी मस्तिष्क तरंगे काफी धीमी हो जाती हैं. मस्तिष्क के दो साइड अर्थात भाग होते हैं - उल्टा तार्किक / बुद्धिमता पुरुषवाचक भाग और सीधा रचनत्मक / सहजज्ञान युक्त स्त्रीवाचक भाग. यह सीधा भाग अवचेतन की कुर्सी है . यह मस्तिष्क का वह भाग है जो सुझावों और क्रमोदेशों के प्रति खुला रहता है और हमारे नाक्षत्रिक अर्थात एस्ट्रल शक्ति का घर होता है . जब हमारे मस्तिष्क का सीधा भाग सोचने में सक्रिय रहता है तब हमारे मस्तिष्क के सीधा भाग तक पहुंचा नहीं जा सकता . समाधी की अवस्था उलटे भाग को बंद कर देती है ताकि हम हमारे अवचेतन अर्थात सीधे भाग को क्रमोदेशित कर सकें .


गहरी समाधी की अवस्था में आने में अभ्यास की आवश्यकता होती है . गहरी समाधी की अवस्था हमेशा ज़रूरी नहीं होती परन्तु कुछ विशेष करों के लिए वे बहुत ही आवश्यक होती हैं . जब हम हमारे मन को अभ्यास करते हैं और अधिक से अधिक गहरी समाधी में ले जाने का , चीज़ें और सरल से सरल होने लगती है जैसे जैसे हम निपुण होते जाते हैं . मन एक मांसपेशी की तरह है और अधिकतर लोगों के लिए , यह क्रिया एक ऐसे भाग से आपको परिचित करवाएगी जिसपर आप पहले कभी नहीं पहुंचे हैं .

यह अत्यंत **** महत्वपूर्ण है की आप समाधी की अवस्था से कभी चौकें नहीं , विशेष कर गहरी समाधी की अवस्था से , तो आप इसे निश्चित करलें की आप एक ऐसे कमरे या जगह पर हैं जहाँ आप अकेलें हैं और आपका फोन बंद हो . समाधी की अवस्था से चौक जाना और गलत तरीके से बाहर निकलना अत्यंत दर्दनाक हो सकता है और यह दर्द कई दिनों तक बना रह सकता है विशेष कर जब आप ऊर्जा पर कार्य कर रहें हैं इस अवस्था में .

यह आम है की समाधी की अवस्था में किसी भी प्रकार की आवाज़ें अत्यंत दर्द देने वाली होती हैं क्यूंकि इस अवस्था में हमारे होश कहीं अधिक ऊपर अर्थात तेज़ रहते हैं .

एक निपुण व्यक्ति स्वयं को समाधी की अवस्था में मिनिटो में दाल सकता है और मिनटों में उससे बाहर निकल सकता है . अंत में , यह ज़रूरी नहीं है की आप हमेशा गहरी समाधी की अवस्था में जाएँ अपने मन के साथ कार्य करने के लिए . समाधी की अवस्था का उपयोग आपके मन को अभ्यास कराने के लिए होता है . बहुत अधिक महत्वपूर्ण और कठिन कार्यों के लिए एक गहरी समाधी की अवस्था की अक्सर ज़रुरत पड़ती है .

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HEY HAVE
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Post Thu Oct 29, 2015 2:25 am

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I know my speed may get a little slower in between or so , but I just want to let the clergy know I am quite serious about this work and wont stop untill I finish the laaaaaast of the word. Satan has done and is doing a lot for me and I am very indebted.


Thank you :)

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Post Thu Oct 29, 2015 2:48 am

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पिछले जीवन में वापसी / प्रतीपगमन

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इस व्यायाम में अत्यंत गहरे आराम की आवश्यकता होती है . नीचे बैठ जाइये एक आराम दायक स्थिति में .

आपको शुरू करना है छह की गिनती तक सांस को अंदर लेते हुए.
सांस को फिर छह की गिनती तक रोकें .
सांस को फिर छह की गिनती तक में बाहर छोड़ें .

*सिर्फ छह का उपयोग करना एक मार्गदर्शन के लिए दिया गया है . अगर चार और अधिक आरामदायक है तो भी कोई दिक्कत नहीं . कभी भी स्वयं को तनाव में न डालें और न ही तो ज़ोर ज़बरदस्ती करें अपनी सांस को रोकने के लिए ! आपको आरामदायक और अच्छा महसूस होना चाहिए हर समय. .


इसे के बार करें जब तक आप पूरी तरह से आरामदायक नहीं हो जाते और अपने शरीर को महसूस नहीं कार्पेट. अपना ध्यान अपने पीछे की और (शरीर के ) केंद्रित करें और स्वतंत्र रूप से गिरें (कल्पना में ). आपका गिरने की अनुभूति को प्रकट होना चाहिए. उन ध्यान करने वाले लोगों के लिए जिनमे अनुभव काम हैं , उन्हें ऐसा करने में चक्कर आ सकते हैं . अगर आपको ज़्यादा असुविधा लगे या चक्कर आएं तो आपको अपना ध्यान आपके शरीर के सामने के हिस्से में केंद्रित करना है और स्वतंत्र गिरने (वाली कल्पना ) को रोक देना है. जितनी गहरायी में आप गिरेंगे उतनी ही गहरी आपकी समाधी अवशा होगी और आपके मन के साथ कार्य करना उतना ही सरल हो जायेगा.

जब आप समाधी की अवस्था में पहुँच गए हों , तब आपको कल्पना करना है की आप अपने मन में एक दरवाज़े की ओर चल रहे हैं . जैसे आप उस दरवाज़े की ओर चलना शुरू करें , आप स्वयं को कहिये की जब आप उस दरवाज़े में से होकर निकलेंगे आप अपने पिछले जीवन में प्रवेश कर जायेंगे. यह वह जीवन होना चाहिए जो इस जीवन के पहले का था आपका . उस दरवाज़े से बाहर चलें और अपने आस पास के वातावरण को देखें .

जब आपको कई सारे पिछले जीवन में जाना हो , तो आप कल्पना करें एक दरवाज़े की और कहें स्वयं को की आप उस साल में जा रहें है जो भी आपकी इच्छा का साल हो जिसमे आपको जाना है . अपने पिछले जीवन में आगे बढ़ने के लिए , आप अपने मन को दृढ़ता के साथ कहें की वो आपको अपने उस जीवन की निश्चित अवस्था या साल में लेकर जाये. समय लेते हुए चारों ओर देखें और अपने मन से सवाल पूछें . और आगे पिछले जीवन में जाने के लिए , आप दृढ़ता के साथ अपने मन को और अधिक पीछे ले जाने को कहें जब तक और पीछे जाना असंभव न हो जाये, और फिरसे दूसरे दरवाज़े में से होकर निल्कलने स्वयं को यह कहते हुए की आप उस जीवन काल में प्रवेश कर रहे हैं उस जीवन काल के पहले के जिसे आप अभी देख रहे हों . और आप इससे और अधिक पीछे चले जायेंगे समय में . आपके अगले जीवन में आगे जाने के लिए - इसी तकनीक का उपयोग करें , सिर्फ इस बात को जान लें की यह आपके कई संभव भविष्यों में से एक हो सकता है . स्वयं को बहार लेन के लिए आप उस कल्पना किये हुए दरवाज़े से अब में वापस आ जाएँ .

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HAIL SATAN AND ALL GODS OF HELL !!!!!!!!!!!

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Post Sat Oct 31, 2015 1:08 am

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सेटेनिक वोयड मैडिटेशन / सेटेनिक रिक्त ध्यान

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वोयड मैडिटेशन अर्थात रिक्त ध्यान का अर्थ होता है मन को रिक्त / खाली / स्थिर करना . रिक्त ध्यान के बहुत सारे फायदे होते हैं - उंचाहे विचारों और प्रभावों को अपनी इच्छा पर बंद कर देना , स्वयं के विचारों को नियंत्रित करना इसके बजाये की विचार आपको नियंत्रित करें जैसा की आप लोगों के साथ होता है . रिक्त ध्यान करने से एक आंतरिक शांति का भी अनुभव होता है . रिक्त ध्यान करना महत्वपूर्ण है उन लोगों के लिए जो की पावर मैडिटेशन अर्थात शक्ति ध्यान को करते हैं , इसके अलावा यह उन्नत जादूगरी के अभ्यास में सफलता के लिए भी बेहद आवश्यक है . पावर मैडिटेशन हमारे विचारों की शक्तिओं को बदलता है और यह बहुत आवश्यक है की हम अपने विचारों को नियंत्रण में रखें अर्थात हमारी इच्छा पर उन्हें बंद कर सकें और हमारी इच्छा पर उन पर ध्यान केंद्रित कर सकें . "विचार शक्ति " जिसे हम जादुई शक्ति भी कहते हैं , इसकी हमें आवश्यकता होती है अनुष्ठानो में और हमारी इच्छाओं की प्राप्ति हेतु मन को उपयोग करने में . पावर मैडिटेशन हमारे विचारों को शक्तिशाली बनता है और जो लोग जो अधिक संवेदनशील होते हैं वे हमारे विचारों और भावनाओं को टेलिपथिकली अर्थात दूर संवेदन की कला के माध्यम से पकड़ लेते हैं . रिक्त ध्यान आपके मन को अभ्यास करवायेगे शांत रहने के लिए ताकि दूसरी नहीं जान सकें की आप क्या सोच रहे हैं, जापान के निंजा (Japanese Ninja)लोग इस तकनीक का उपयोग स्वयं को न पता लगा पाने के लिए करते थे जब वे कोई महत्वपूर्ण मिशन (कार्य ) को अंजाम दे रहे होते थे जिसमे उन्हें घुसपैंठ करनी होती थी बिना दिखे . रिक्त ध्यान आपके मन को अभ्यस्त बनाता है ताकि आप अनुष्ठानो के समय और अपने दैनिक जीवन चर्या में ध्यान केंद्रित कर सकें ताकि आपका मन आपको वो दे जिसके आप इच्छा करते हैं .

रिक्त ध्यान करने की कई तकनीकें हैं . उद्देश्य होता है की हम हमारे सारे विचारों को बंद कर दे और अभी / अब / तुरंत के समय पर ध्यान केंद्रित करें . इसका मतलब आपको सिर्फ ध्यान केंद्रित करना है और किसी भी विचार को नहीं आने देना है . आपको अपने मन को सम्पूर्ण रूप से रिक्त कर देना है एक निश्चित समय के लिए. शुरुवात में यह अत्यधिक कठिन हो सकता है क्यूंकि विचार आपके सिर में लगातार आएंगे . आपके जानने के पहले ही आप किसी अन्य चीज़ के बारे में सोच रहे होंगे. निराश न हो स्वयं के साथ क्यूंकि यह बहुत आम है और यहाँ तक की उन्नत अभ्यासिओं के लिए भी , निश्चित ध्यान के अधिवेशन अर्थात सेशन इतने अच्छे नहीं जाते . आपको अपने मन को बार बार ध्यान केंद्रित करने के लिए लाना है . धैर्य और दृढ़ता ही कुंजी हैं यहाँ पर. अगर आप पहले कुछ सांस सम्बन्धी व्यायाम कर लें रिक्त ध्यान करने के पहले समाधी की अवस्था में आने के लिए , तो यह निश्चित ही मददगार साबित होता है . कुछ लोग पते हैं की जब वे भर पेट खाना खाने के बाद ध्यान करते हैं तो उनका मन आसानी से भटक जाता है .

हमेशा कोशिश करें की जब आप ध्यान कर रहे हों , तो आप पूरी तरह से जागृत और सावधान / फुर्तीला रहीं . जब आप थके हुए हैं और आप रिक्त ध्यान करने की कोशिश करेंगे , तो बहुत सम्भावना है की आप जल्दी से सो जायेंगे




1 . सांस सम्बन्धी व्यायाम ऐच्छिक हैं . यह साधारण विधि है सांस लेने की जिससे आप समाधी की अवस्था में आ जायेंगे -

* सांस को अंदर लें छह की गिनती तक
*साँस को रोके रहें छह की गिनती तक
*सांस को बाहर छोड़ें छह की गिनती तक

इसे कई बार दोहराएं जब तक आप रिलैक्स्ड अर्थात आरामदायक महसूस नहीं करते

* सांस को उतनी ही देर तक रोकें जितना आप रोक सकते हैं आराम से . अगर छह की गिनती तक रोकना आरामदायक नहीं है तो आप चार की गिनती या यहाँ तक दो की गिनती तक ही रोकिये. सिर इस बात को ध्यान रखें की आप अपनी गिनती में एक रूप हों . कभी भी आराम से अधिक नहीं रोकना हैं साँसों को . सांस सम्बन्धी व्ययमो को कभी धकेला नहीं जाता , ऐसा करने में आप अपने तंत्रिका तंत्र को नुक्सान पहुंचा सकते हैं .


2 . अब आप अपने मन को सम्पूर्ण रूप से रिक्त करलें और किसी भी विचार से स्वतंत्र कर लें एक निश्चित समय के लिए , जिसमे आपके सिर में कोई विचार या म्यूजिक / गाने वगेरह नहीं होने चाहिए. आपका मन सम्पूर्ण खाली होना चाहिए. आपको धयान केंद्रित करना है यहाँ और अब पर. नए लोगों के लिए , पांच मिनिट बढ़िया हैं . इनसे उन्नत और अधि उन्नत अभ्यासियों के लिए पंद्रह मिनिट या और अधिक जितना भी उन्हें लगें अच्छा है , वे कर सकते हैं .

रिक्त ध्यान आपकी आँखे बंद और खुली दोनों के साथ किया जा सकता है . जब आप अपनी आँखे खोल के इस ध्यान को करते हैं , तो आपको एक धुंध जैसी दिखाए देंगी चीज़ें आपके चारों ओर जैसे जैसे आप समाधी की अवस्था में आते हैं . यह आम हैं . अगर आप इस ध्यान को आँखें बंद कर के करना चाहते हैं तो यह व्यक्तिगत चुनाव है और आप इसमें सो सकते हैं , लेकिन आप वही विधि करें जो आपके लिए सबसे अच्छी सफलता देती है .

*** आँख खोल कर ध्यान करना

ध्यान केंद्रित करने के लिए कोई छोटी वास्तु का चुनाव करें . यह हो सकता है दीवाल पर एक बिंदु , घडी का छोटा कांटा , या आपके कपड़ें में कोई छोटे फाइबर का टुकड़ा . हम में से कई मोमबत्ती अथवा दीपक की लौ पर ध्यान करना पसंद करते हैं . महत्वपूर्ण चीज़ यह है की आप अपनी पसंद की वास्तु पर ध्यान को केंद्रित करें .

***आँख बंद कर इस ध्यान को करना

स्वयं के भीतर ध्यान केंद्रित करें और आराम करें . आप स्वयं को एक गहरी और अधिक गहरी समाधी की अवस्था में डाल सकते हैं एक गिरने वाले विचार के साथ जैसा हम ने पहले आपको समाधी वाली लेख में बताया था.. यह आम है . नए लोगों के लिए यह गिरने वाली कल्पना करने से उन्हें चक्कर से आते हैं . इस अनुभूति को रोकने के लिए आपको अपने शरीर के सामने वाले भाग पर ध्यान केंद्रित करना होता है और यह रुक जाती है .

*** हर दिन रिक्त ध्यान

रिक्त ध्यान को कहीं भी और कभी भी किसी भी समय किया जा सकता है अब पर ध्यान को केंद्रित करने के द्वारा और उस चीज़ पर सम्पूर्ण ध्यान केंद्रित करने के द्वारा जिसे आप कर रहे हों . अब पर ध्यान केंद्रित करने का अर्थ होता है की आपो अन्य कोई विचार नहीं लाने सिर्फ अब पर ही ध्यान केंद्रित करना है . यह विधि उन लोगों के लिए उपयुक्त रहती है जिनके पास प्राइवेसी अर्थात एकांत की कमी होती है. सिर्फ आपको हर दिन जब भी समय मिले आप अपने पसंद की वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें एक निश्चित समय के लिए और आपको फायदा होगा निश्चित ही.

*** उन्नत रिक्त ध्यान

* एक वस्तु की कल्पना करें और उसकी छाया को अपने मन में देखें / पकड़ें रहे . पहले तो वह अंदर बाहर फींकी होती जाएगी , पर जैसे जैसे आप प्रगति करते हैं , वह लम्बे और अधिक लम्बे समय तक बनी रहेगी . यह निश्चित ही एक ज़रुरत पड़ने वाला सामर्थ्य है जादुई अभ्यास के लिए और आपके मन की शक्ति को केंद्रित करने के लिए .

* ध्यान केंद्रित करें एक निश्चित ध्वनि या भजन पर . ये आप ज़ोर से भी कर सकते हैं बोलकर या अपने मन में भी कर सकते हैं बिना बोले. इसे ही हम मन्त्र कहते हैं . आप सांस अंदर लेते हैं और सांस को बाहर छोड़ते समय , एक विशेष मन्त्र गाते हैं या कोई अन्य सुर गाते हैं आपकी पसंद का . एक आम भजन / सुर जो कुंडलिनी योग में जिसका उपयोग होता है वह है - "सा ता न माँ "
. इसका उच्चारण ऐसे किया जाता है - "सह-तह-नह- माह ". आप "सा तन " "से - तहन " भी गा सकते हैं . या कहें "से - तहन - नाह- स्स्स्स "

* आप ध्यान केंद्रित करें एक विशेष भाव पर - क्रोध , ख़ुशी , दुःख , प्यार , नफरत . आप इस भाव को चुन सकते हैं उस आधार पर की आपको उस विशेष दिन कैसा लग रहा है . यह सबसे अच्छा अभ्यास है उन्नत अनुष्ठान के अभयस के लिए.

* धयान केंद्रित करें एक बनावट पर , उदाहरण के लिए आप अपनी उँगलियों को एक मखमली या टेरी के तौलिये के ऊपर आगे पीछे लेजाएं .

* ध्यान केंद्रित करें एक विशेष सुगंध या स्वाद पर


*** उन्नत रिक्त ध्यान जिसमे शारीरिक अवस्थाएं अर्थात पोसिशन्स भी होती हैं जो आपके मन को अभ्यस्त करती हैं और एक दृढ़ इच्छाशक्ति का विकास करती हैं एक अत्यधिक शक्तिशाली आंतरिक शक्ति के साथ

1 . अपना सम्पूर्ण शरीर को एकदम स्थिर रखें . हिलना नहीं हैं . उन्नत योगी यही करते हैं .
एक आरामदायक अवस्था में आजएं . कोई भी खुजली को न खुजायें , उन्हें अनदेखा करदें और ध्यान केंद्रित करते हुए रहें . मानपेशियों में ऐठन आ जा सकती है . किसी भी शारीरिक या मानसिक थकान को अनदेखा कर दें . सिर्फ लगातार ध्यान केंद्रित कर रखे रहें .

2 . असुविधाजनक और या अजीब पोसिशन्स अर्थात अवस्थाएं लें . इस बात को सुनिश्चित करलें की ये योग या फिर एक ताई ची (Tai Chi) किताब से ली गयी हैं, ताकि वे शारीरिक तौर पर फायदेमंद हों. यह एक विधा है जो कई मार्शल आर्ट्स के विद्यालओं में सिखाई जाती थी जहाँ एक व्यक्ति को दर्द सहना उसे अनदेखा करना सिखाया जाता था प्रचंड ध्यान केंद्रित करना अर्थात फोकस में बनाये रखते हुए . यह मन को शक्तिशाली बनता है शारीरिक युद्ध के लिए और बहुत प्रचंड मात्र में आपके आत्मविश्वास को बढ़ा देता है . यह आपके दर्द के प्रति प्रतिरोध को भी बढ़ता है अर्थात आपके दर्द सहने की क्षमता को बढ़ता है .

बहुत सारे मार्शल आर्ट्स के गुरु ठन्डे झरनो , बर्फ या अन्य दर्दनाक परिस्थितिओं में ध्यान करते हैं . एक व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ बनाना चाहिए जाहिर जरूरी वजहों से. एक ठन्डे शावर (shower) का विकल्प लिया जा सकता है . किसी भी नयी चीज़ को करने के पहले आपको कार्मिक तरीके से शुरू करना है इस बात को समझ लें .
जब आप इन तकनीकों में महारत हासिल कर लेते हैं , तो आपको इनसे सम्पूर्ण नियंत्रण मिल जायेगा आपके मन और भावों पर . अगर आपका मौत से सामना हो जाये तो आप डरेंगे नहीं और ठन्डे नहीं पद जायेंगे और आपके संघर्ष और जीवन की सम्भावना बहुत बढ़ जाएगी .


3 . लगातार धायण करना अपने कदमो पर ध्यान केंद्रित कर रहने से आपकी सहनशक्ति बहुत बढ़ेगी मानसिक और शारीरिक रूप से दोनों . नोट - देखिये अंग्रेजी में ध्यान का अर्थ होता है मैडिटेशन , ध्यान केंद्रित करने का अर्थ होता है फोकस (focus) . दोनों अलग हैं . जब ध्यान करना मतलब मैडिटेशन से है . ध्यान केंद्रित करना मतलब फोकस करने से है . हमें किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करना है .


*** शक्ति रिक्त ध्यान

यह एक बहुत अच्छा तरीका है स्वयं को शक्तिशाली बनाने का रिक्त ध्यान करते हुए . यह उन्नत है और आपको ऊर्जा को महसूस करना आना चाहिए और उसे खींचना भी आना चाहिए जैसा आप ऊर्जा ध्यान अर्थात एनर्जी मैडिटेशन में करते थे और हैं . यहाँ आप ऊर्जा की कल्पना नहीं करते , सिर्फ आप उसे सांस के साथ अंदर लेते और बाहर छोड़ते हैं , ऊर्जा को सोखना है सांस अंदर लेते समय और सांस को बाहर छोड़ते समय अपनी आभा अर्थात और का विस्तार करना है अर्थात आभा को फैलाना है. आपको सिर्फ "महसूस / अनुभूति " पर ध्यान केंद्रित करना है . आपको ऊर्जा सांस लेने वाले व्यायामों में निपुण होना है इस विधि को आपके रिक्त ध्यान में शामिल करने से पहले .

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Post Sat Oct 31, 2015 11:58 pm

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Slothz did you recieve my latest post , the translation of void meditation ?

Just wanted to confirm cos passed 24 hrs I guess and post didnt show up :mrgreen:

Thanks

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Post Sun Nov 01, 2015 6:53 am

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सेटेनिक वोयड मैडिटेशन / सेटेनिक रिक्त ध्यान

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वोयड मैडिटेशन अर्थात रिक्त ध्यान का अर्थ होता है मन को रिक्त / खाली / स्थिर करना . रिक्त ध्यान के बहुत सारे फायदे होते हैं - उंचाहे विचारों और प्रभावों को अपनी इच्छा पर बंद कर देना , स्वयं के विचारों को नियंत्रित करना इसके बजाये की विचार आपको नियंत्रित करें जैसा की आप लोगों के साथ होता है . रिक्त ध्यान करने से एक आंतरिक शांति का भी अनुभव होता है . रिक्त ध्यान करना महत्वपूर्ण है उन लोगों के लिए जो की पावर मैडिटेशन अर्थात शक्ति ध्यान को करते हैं , इसके अलावा यह उन्नत जादूगरी के अभ्यास में सफलता के लिए भी बेहद आवश्यक है . पावर मैडिटेशन हमारे विचारों की शक्तिओं को बदलता है और यह बहुत आवश्यक है की हम अपने विचारों को नियंत्रण में रखें अर्थात हमारी इच्छा पर उन्हें बंद कर सकें और हमारी इच्छा पर उन पर ध्यान केंद्रित कर सकें . "विचार शक्ति " जिसे हम जादुई शक्ति भी कहते हैं , इसकी हमें आवश्यकता होती है अनुष्ठानो में और हमारी इच्छाओं की प्राप्ति हेतु मन को उपयोग करने में . पावर मैडिटेशन हमारे विचारों को शक्तिशाली बनता है और जो लोग जो अधिक संवेदनशील होते हैं वे हमारे विचारों और भावनाओं को टेलिपथिकली अर्थात दूर संवेदन की कला के माध्यम से पकड़ लेते हैं . रिक्त ध्यान आपके मन को अभ्यास करवायेगे शांत रहने के लिए ताकि दूसरी नहीं जान सकें की आप क्या सोच रहे हैं, जापान के निंजा (Japanese Ninja)लोग इस तकनीक का उपयोग स्वयं को न पता लगा पाने के लिए करते थे जब वे कोई महत्वपूर्ण मिशन (कार्य ) को अंजाम दे रहे होते थे जिसमे उन्हें घुसपैंठ करनी होती थी बिना दिखे . रिक्त ध्यान आपके मन को अभ्यस्त बनाता है ताकि आप अनुष्ठानो के समय और अपने दैनिक जीवन चर्या में ध्यान केंद्रित कर सकें ताकि आपका मन आपको वो दे जिसके आप इच्छा करते हैं .

रिक्त ध्यान करने की कई तकनीकें हैं . उद्देश्य होता है की हम हमारे सारे विचारों को बंद कर दे और अभी / अब / तुरंत के समय पर ध्यान केंद्रित करें . इसका मतलब आपको सिर्फ ध्यान केंद्रित करना है और किसी भी विचार को नहीं आने देना है . आपको अपने मन को सम्पूर्ण रूप से रिक्त कर देना है एक निश्चित समय के लिए. शुरुवात में यह अत्यधिक कठिन हो सकता है क्यूंकि विचार आपके सिर में लगातार आएंगे . आपके जानने के पहले ही आप किसी अन्य चीज़ के बारे में सोच रहे होंगे. निराश न हो स्वयं के साथ क्यूंकि यह बहुत आम है और यहाँ तक की उन्नत अभ्यासिओं के लिए भी , निश्चित ध्यान के अधिवेशन अर्थात सेशन इतने अच्छे नहीं जाते . आपको अपने मन को बार बार ध्यान केंद्रित करने के लिए लाना है . धैर्य और दृढ़ता ही कुंजी हैं यहाँ पर. अगर आप पहले कुछ सांस सम्बन्धी व्यायाम कर लें रिक्त ध्यान करने के पहले समाधी की अवस्था में आने के लिए , तो यह निश्चित ही मददगार साबित होता है . कुछ लोग पते हैं की जब वे भर पेट खाना खाने के बाद ध्यान करते हैं तो उनका मन आसानी से भटक जाता है .

हमेशा कोशिश करें की जब आप ध्यान कर रहे हों , तो आप पूरी तरह से जागृत और सावधान / फुर्तीला रहीं . जब आप थके हुए हैं और आप रिक्त ध्यान करने की कोशिश करेंगे , तो बहुत सम्भावना है की आप जल्दी से सो जायेंगे




1 . सांस सम्बन्धी व्यायाम ऐच्छिक हैं . यह साधारण विधि है सांस लेने की जिससे आप समाधी की अवस्था में आ जायेंगे -

* सांस को अंदर लें छह की गिनती तक
*साँस को रोके रहें छह की गिनती तक
*सांस को बाहर छोड़ें छह की गिनती तक

इसे कई बार दोहराएं जब तक आप रिलैक्स्ड अर्थात आरामदायक महसूस नहीं करते

* सांस को उतनी ही देर तक रोकें जितना आप रोक सकते हैं आराम से . अगर छह की गिनती तक रोकना आरामदायक नहीं है तो आप चार की गिनती या यहाँ तक दो की गिनती तक ही रोकिये. सिर इस बात को ध्यान रखें की आप अपनी गिनती में एक रूप हों . कभी भी आराम से अधिक नहीं रोकना हैं साँसों को . सांस सम्बन्धी व्ययमो को कभी धकेला नहीं जाता , ऐसा करने में आप अपने तंत्रिका तंत्र को नुक्सान पहुंचा सकते हैं .


2 . अब आप अपने मन को सम्पूर्ण रूप से रिक्त करलें और किसी भी विचार से स्वतंत्र कर लें एक निश्चित समय के लिए , जिसमे आपके सिर में कोई विचार या म्यूजिक / गाने वगेरह नहीं होने चाहिए. आपका मन सम्पूर्ण खाली होना चाहिए. आपको धयान केंद्रित करना है यहाँ और अब पर. नए लोगों के लिए , पांच मिनिट बढ़िया हैं . इनसे उन्नत और अधि उन्नत अभ्यासियों के लिए पंद्रह मिनिट या और अधिक जितना भी उन्हें लगें अच्छा है , वे कर सकते हैं .

रिक्त ध्यान आपकी आँखे बंद और खुली दोनों के साथ किया जा सकता है . जब आप अपनी आँखे खोल के इस ध्यान को करते हैं , तो आपको एक धुंध जैसी दिखाए देंगी चीज़ें आपके चारों ओर जैसे जैसे आप समाधी की अवस्था में आते हैं . यह आम हैं . अगर आप इस ध्यान को आँखें बंद कर के करना चाहते हैं तो यह व्यक्तिगत चुनाव है और आप इसमें सो सकते हैं , लेकिन आप वही विधि करें जो आपके लिए सबसे अच्छी सफलता देती है .

*** आँख खोल कर ध्यान करना

ध्यान केंद्रित करने के लिए कोई छोटी वास्तु का चुनाव करें . यह हो सकता है दीवाल पर एक बिंदु , घडी का छोटा कांटा , या आपके कपड़ें में कोई छोटे फाइबर का टुकड़ा . हम में से कई मोमबत्ती अथवा दीपक की लौ पर ध्यान करना पसंद करते हैं . महत्वपूर्ण चीज़ यह है की आप अपनी पसंद की वास्तु पर ध्यान को केंद्रित करें .

***आँख बंद कर इस ध्यान को करना

स्वयं के भीतर ध्यान केंद्रित करें और आराम करें . आप स्वयं को एक गहरी और अधिक गहरी समाधी की अवस्था में डाल सकते हैं एक गिरने वाले विचार के साथ जैसा हम ने पहले आपको समाधी वाली लेख में बताया था.. यह आम है . नए लोगों के लिए यह गिरने वाली कल्पना करने से उन्हें चक्कर से आते हैं . इस अनुभूति को रोकने के लिए आपको अपने शरीर के सामने वाले भाग पर ध्यान केंद्रित करना होता है और यह रुक जाती है .

*** हर दिन रिक्त ध्यान

रिक्त ध्यान को कहीं भी और कभी भी किसी भी समय किया जा सकता है अब पर ध्यान को केंद्रित करने के द्वारा और उस चीज़ पर सम्पूर्ण ध्यान केंद्रित करने के द्वारा जिसे आप कर रहे हों . अब पर ध्यान केंद्रित करने का अर्थ होता है की आपो अन्य कोई विचार नहीं लाने सिर्फ अब पर ही ध्यान केंद्रित करना है . यह विधि उन लोगों के लिए उपयुक्त रहती है जिनके पास प्राइवेसी अर्थात एकांत की कमी होती है. सिर्फ आपको हर दिन जब भी समय मिले आप अपने पसंद की वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें एक निश्चित समय के लिए और आपको फायदा होगा निश्चित ही.

*** उन्नत रिक्त ध्यान

* एक वस्तु की कल्पना करें और उसकी छाया को अपने मन में देखें / पकड़ें रहे . पहले तो वह अंदर बाहर फींकी होती जाएगी , पर जैसे जैसे आप प्रगति करते हैं , वह लम्बे और अधिक लम्बे समय तक बनी रहेगी . यह निश्चित ही एक ज़रुरत पड़ने वाला सामर्थ्य है जादुई अभ्यास के लिए और आपके मन की शक्ति को केंद्रित करने के लिए .

* ध्यान केंद्रित करें एक निश्चित ध्वनि या भजन पर . ये आप ज़ोर से भी कर सकते हैं बोलकर या अपने मन में भी कर सकते हैं बिना बोले. इसे ही हम मन्त्र कहते हैं . आप सांस अंदर लेते हैं और सांस को बाहर छोड़ते समय , एक विशेष मन्त्र गाते हैं या कोई अन्य सुर गाते हैं आपकी पसंद का . एक आम भजन / सुर जो कुंडलिनी योग में जिसका उपयोग होता है वह है - "सा ता न माँ "
. इसका उच्चारण ऐसे किया जाता है - "सह-तह-नह- माह ". आप "सा तन " "से - तहन " भी गा सकते हैं . या कहें "से - तहन - नाह- स्स्स्स "

* आप ध्यान केंद्रित करें एक विशेष भाव पर - क्रोध , ख़ुशी , दुःख , प्यार , नफरत . आप इस भाव को चुन सकते हैं उस आधार पर की आपको उस विशेष दिन कैसा लग रहा है . यह सबसे अच्छा अभ्यास है उन्नत अनुष्ठान के अभयस के लिए.

* धयान केंद्रित करें एक बनावट पर , उदाहरण के लिए आप अपनी उँगलियों को एक मखमली या टेरी के तौलिये के ऊपर आगे पीछे लेजाएं .

* ध्यान केंद्रित करें एक विशेष सुगंध या स्वाद पर


*** उन्नत रिक्त ध्यान जिसमे शारीरिक अवस्थाएं अर्थात पोसिशन्स भी होती हैं जो आपके मन को अभ्यस्त करती हैं और एक दृढ़ इच्छाशक्ति का विकास करती हैं एक अत्यधिक शक्तिशाली आंतरिक शक्ति के साथ

1 . अपना सम्पूर्ण शरीर को एकदम स्थिर रखें . हिलना नहीं हैं . उन्नत योगी यही करते हैं .
एक आरामदायक अवस्था में आजएं . कोई भी खुजली को न खुजायें , उन्हें अनदेखा करदें और ध्यान केंद्रित करते हुए रहें . मानपेशियों में ऐठन आ जा सकती है . किसी भी शारीरिक या मानसिक थकान को अनदेखा कर दें . सिर्फ लगातार ध्यान केंद्रित कर रखे रहें .

2 . असुविधाजनक और या अजीब पोसिशन्स अर्थात अवस्थाएं लें . इस बात को सुनिश्चित करलें की ये योग या फिर एक ताई ची (Tai Chi) किताब से ली गयी हैं, ताकि वे शारीरिक तौर पर फायदेमंद हों. यह एक विधा है जो कई मार्शल आर्ट्स के विद्यालओं में सिखाई जाती थी जहाँ एक व्यक्ति को दर्द सहना उसे अनदेखा करना सिखाया जाता था प्रचंड ध्यान केंद्रित करना अर्थात फोकस में बनाये रखते हुए . यह मन को शक्तिशाली बनता है शारीरिक युद्ध के लिए और बहुत प्रचंड मात्र में आपके आत्मविश्वास को बढ़ा देता है . यह आपके दर्द के प्रति प्रतिरोध को भी बढ़ता है अर्थात आपके दर्द सहने की क्षमता को बढ़ता है .

बहुत सारे मार्शल आर्ट्स के गुरु ठन्डे झरनो , बर्फ या अन्य दर्दनाक परिस्थितिओं में ध्यान करते हैं . एक व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ बनाना चाहिए जाहिर जरूरी वजहों से. एक ठन्डे शावर (shower) का विकल्प लिया जा सकता है . किसी भी नयी चीज़ को करने के पहले आपको कार्मिक तरीके से शुरू करना है इस बात को समझ लें .
जब आप इन तकनीकों में महारत हासिल कर लेते हैं , तो आपको इनसे सम्पूर्ण नियंत्रण मिल जायेगा आपके मन और भावों पर . अगर आपका मौत से सामना हो जाये तो आप डरेंगे नहीं और ठन्डे नहीं पद जायेंगे और आपके संघर्ष और जीवन की सम्भावना बहुत बढ़ जाएगी .


3 . लगातार धायण करना अपने कदमो पर ध्यान केंद्रित कर रहने से आपकी सहनशक्ति बहुत बढ़ेगी मानसिक और शारीरिक रूप से दोनों . नोट - देखिये अंग्रेजी में ध्यान का अर्थ होता है मैडिटेशन , ध्यान केंद्रित करने का अर्थ होता है फोकस (focus) . दोनों अलग हैं . जब ध्यान करना मतलब मैडिटेशन से है . ध्यान केंद्रित करना मतलब फोकस करने से है . हमें किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करना है .


*** शक्ति रिक्त ध्यान

यह एक बहुत अच्छा तरीका है स्वयं को शक्तिशाली बनाने का रिक्त ध्यान करते हुए . यह उन्नत है और आपको ऊर्जा को महसूस करना आना चाहिए और उसे खींचना भी आना चाहिए जैसा आप ऊर्जा ध्यान अर्थात एनर्जी मैडिटेशन में करते थे और हैं . यहाँ आप ऊर्जा की कल्पना नहीं करते , सिर्फ आप उसे सांस के साथ अंदर लेते और बाहर छोड़ते हैं , ऊर्जा को सोखना है सांस अंदर लेते समय और सांस को बाहर छोड़ते समय अपनी आभा अर्थात और का विस्तार करना है अर्थात आभा को फैलाना है. आपको सिर्फ "महसूस / अनुभूति " पर ध्यान केंद्रित करना है . आपको ऊर्जा सांस लेने वाले व्यायामों में निपुण होना है इस विधि को आपके रिक्त ध्यान में शामिल करने से पहले .

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Post Tue Nov 03, 2015 10:31 am

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ध्वनि ध्यान

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ध्वनि पर ध्यान करने के फायदे यह हैं की इससे मस्तिष्क के (में के ) बहुत सारे रास्ते खुल जाते हैं .कोई भी ध्वनि का उपयोग किया जा सकता है इस ध्यान में . इसमें कई प्रकार की म्यूजिक शामिल हैं . अपनी आँखे बंद करें और आराम करें . अपने मन को खोलें और ध्वनियों को " देखने " का प्रयास करें . ध्वनियां अक्सर कई गतिओं (गति ) में , निश्चित आकारों में , रंगों में और तरंगो में आती है. ध्वनि को देखने के सामर्थ्य को हम अंग्रेजी में "सिनेस्थेसिया (Synesthesia)" कहते हैं . सिनेस्थेसिया एक वैद्यक सम्बन्धी शब्द है हम में से उन लोगों के लिए जो ध्वनि को देखने के सामर्थ्य के साथ पैदा होते हैं , या वो लोग जो भीं भीं प्रकार के भावों को एक ही समय में अनुभव करलेते हैं जैसे की आवाज़ों को सुन्ना या आकारों को चखना या उनकी सुगंध लेना. इन सभी लोगों के लिए वैद्यक शब्द सिनेस्थेसिया है. आम जनो का एक छोटा प्रतिशत ही सिनेस्थेसिया के साथ जन्म लेता है . यह अक्सर उम्र के साथ धीमा / फीका पद जाता है और अधिकतर मामलों में बाल्यावस्था में हमें इसके बारे में सुनाया जाता है (की तुम्हे ये सिनेस्थेसिया था ).

ध्वनियों को देखने और भावों को संगम करने / लांघने आदि के अनुभव साइकेडेलिक ड्रग्स जैसे की एल एस डी (LSD) लेने पर भी होते हैं , हालांकि ये ड्रग्स अप्राकृतिक तरीके से सिनेस्थेसिया को उभरती है और इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता.

ड्रग्स के साथ उपयोगकर्ता नियंत्रण में नहीं रहता , ड्रग्स नियंत्रण में रखती है उपयोगकर्ता को और स्वयं शक्तिशाली बनने और जादुई अभ्यासों में , यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है की अभ्यासी उसके स्वयं के नियंत्रण में रहे उसके स्वयं के प्राकृतिक सामर्थ्य की सहायता से. शक्तिशाली मन बदलने वाले पदार्थों पर निर्भर रहना हमारे चरित्र को कमज़ोर करता है और हमारी आभा में छेद कर देता है और हमारे नाक्षत्रिक अर्थात एस्ट्रल शरीर को भी कमज़ोर करता है . मै यहाँ आनंदित होने के लिए गांजे के उपयोग की बात नहीं कर रही हूँ , मै यहाँ ज़िक्र कर रही हूँ शक्तिशाली रसायनो पर निर्भर रहने का ताकि एक परिवर्तित मानसिक अवस्था में जाया जा सके क्यूंकि बहुत सारे जादूगर इनका उपयोग करते आ रहे हैं . हालांकि हेल (Hell) के सारे भगवान डीमॉन्स सेटन सब किसी भी प्रकार के नशे की लत को सही नहीं ठहराते . यह आपका व्यक्तिगत मामला है की आप इनका उपयोग करें या न करें .

सिनेस्थेटिक (सिनेस्थीसिया वाले ) लोग अक्सर बहुत अत्यधिक मनोवैज्ञानिक और बुद्धिमान होते हैं ऐसा वैद्यक अनुसन्धान में पता चला है. सी आई ए (CIA) और अमरीका की मिलिट्री (सेना ) के मनोवैज्ञानिकों ने बताया है की वे सिनेस्थेसिया के चरणो से गुजरे जब वे व्यापक स्तर पर अभ्यास कर रहे थे अपने मन को मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए खोलने के लिए .

सिनेस्थेसिया आपकी प्रथम ध्वनि ध्यान या फिर अभ्यास के साथ हो सकता है . अपनी आँखे बंद करें और रंगो, आकर और ध्वनि की चाल पर ध्यान दें . इसे आप अपनी एक व्यक्तिगत डायरी में लिख लें अगर आप रखते हों तो (. इस डायरी को आप काली डायरी आदि नाम दे सकते हैं . बस नाम डीमॉन्स या सेटन या हेल के भगवानो देवियों का तिरिस्कार करने वाला न हो).

आपको अपने सारे विचार और दृश्य / सपने आदि बंद कर देने हैं जैसा आप वोयड मैडिटेशन अर्थात रिक्त ध्यान में करते हैं और आपको ध्वनि / या म्यूजिक को "देखने " का प्रयास करना है . वक्त के साथ आपकी दूसरी इन्द्रियां भी इस खेल में शामिल हो जाएँगी - उसका स्वाद कैसा है ? उसकी सुगंध कैसी है ? सबसे आम अनुभव है की ध्वनि को देखना , परन्तु आप अपने ऊपर किसी भी प्रकार की सीमाएं न रखें .

प्राकृतिक सिनेस्थेसिया आसान बनाता है दिव्य दृष्टि , परोक्षश्रवण शक्ति अर्थात अद्भुद श्रवण शक्ति और दूसरी मानसिक / मनोवैज्ञानिक / अलौकिक सामर्थ्यों को . सिनेस्थेसिया एक बहुत ही सुन्दर अनुभव हो सकता है और ध्यान का एक पुरुस्कृत करने वाला सत्र होता है . जितने और अधिक रास्ते हम खोलते हैं हमारे मस्तिष्क में या के ,और हम इन रास्तों को जितना अधिक शक्तिशाली बनाते हैं , हमें उतने अधिक ही अनुभव और सामर्थ्य की प्राप्ति होती है . हम अब और अधिक नहीं कहते की हम हमारे मस्तिष्क का सिर्फ पांच से दस प्रतिशत ही उपयोग कर रहे हैं. इस सामर्थ्य को पूरी तरह से विकसित करने के लिए , एक व्यक्ति को प्रतिदिन सुनना चाहिए भिन्न भिन्न प्रकार की म्यूजिक को और हर दिन वक्त निकलना चाहिए आपके वातावरण में ध्वनिओं को सुनने और उन्हें "देखने " का . किसी भी दूसरी चीज़ की तरह , और अधिक हम इस सामर्थ्य का उपयोग करेंगे , ये उतना ही शक्तिशाली बनता जायेगा.

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Post Thu Nov 05, 2015 11:29 pm

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ऊर्जा बढ़ने वाला ध्यान अज़ाज़ेल द्वारा

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1 . नीचे बैठ जाएँ और शुरू करें स्वयं को उत्तेजित करते हुए कामोत्तेजना के माध्यम से . ठीक आपको उपस्थित चरमोत्कर्ष के बिंदु पर , कल्पना करें एक तेजस्वी मेधावी चमकदार रौशनी की आपके गुदा और अंडकोष के बीच के भाग पर पुरुष के लिए और गुदा और योनि के बीच के भाग पर अगर आप स्त्री हों तो.

2 . सांस के साथ कामोत्तेजना से ऊर्जा अंदर लें जब आप चरमोत्कर्ष पर हों और उसे निर्देशित करिये अपनी रीढ़ के ऊपर. आपको इसकी एक चमकदार सफ़ेद - सुनहरी (सोने के रंग वाली ) रौशनी की कल्पना करेंगे. ऊर्जा को खेंचे अपनी रीढ़ के ऊपर अपने क्राउन चक्र अर्थात सहस्रार चक्र पर जहाँ वह उसे रोशन / प्रकाशित करदे और उसे शक्तिशाली बना दे, और यह रौशनी आपके सर के ऊपर से होकर के निकले / उभरे आपके आंठवे गोल्ड चक्र अर्थात सुनहरे चक्र में . अपने आंठवे गोल्ड चक्र को चमकीला बनायें .

3 . अपने आंठवे चक्र का एक बॉल अर्थात गेंद में विस्तार करें लगभग दो फ़ीट के व्यास की .
(60 सेंटीमीटर)

4 . सांस को बाहर छोड़ें और आपके आठवें चक्र से ऊर्जा को विस्तार करें अर्थात उसे बढ़ाएं और फिर उसे निर्देशित करें की वह नीचे उतरे और आपके शरीर के प्रत्येक तरफ जाये , आपके पैरों के तलों में से होकर और फिर वापस आपके मूलाधार चक्र अर्थात बेस चक्र पर जहाँ आप उसे फिरसे सांस के साथ अंदर लेंगे.

5 . ऊर्जा को फिर सांस के साथ अंदर लें और उसे खींचे आपके मूलाधार चक्र पर , इस चक्र को प्रकशित करते हुए (उस ऊर्जा के साथ )और उसे शक्तिशाली बनाते हुए (जैसे वह ऊर्जा इस मूलाधार चक्र पर प्रवेश करती है ) और फिर कल्पना करें की वह आपकी रीढ़ के ऊपर से बढ़ती है और स्टेप्स दो से पांच जो की ऊपर दी हुई हैं उन्हें दोहराएं . हर परिसंचरण / दौरे के बाद आप अपनी औरा अर्थात आभा को ऊर्जा के साथ बढ़ा सकते हैं अर्थात आभा का विस्तार कर सकते हैं .

कामोत्तेजना ऊर्जा को चालू रखती है और आप उसका परिसंचरण / प्रसार कर सकते हैं जितनी भी देर आप चाहें उतनी देर.

हमेशा ऊर्जा को अपने सहस्रार अर्थात क्राउन पर निर्देशित करें . यह ऊपर वाला रास्ता आम रास्ता है आभा को घेरे हुई ऊर्जा का .


*सफ़ेद - सुनहरी रौशनी सबसे अधिक शक्तिशाली रंग है क्यूंकि यह सूर्य का रंग है . सेटन की आभा भी सुनहरी हैं.


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Post Fri Nov 06, 2015 2:49 am

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तीसरी आँख

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तीसरी आँख प्रत्यक्ष रूप से छटवें चक्र और पीनियल ग्रंथि जिसे हिंदी में शीर्ष ग्रंथि भी कहते हैं उस से सम्बंधित होती है. यह तीसरी आँख आपके माथे के बीच में होती है भौंह के ऊपर छटवें चक्र के साथ जो तीसरी आँख और पीनियल ग्रंथि के बीच में होता है ., यह आत्मा की अलौकिक / आध्यात्मिक दृष्टि होती है .
आम लोगों में , पीनियल ग्रंथि निर्जन और निष्क्रिय रहती है . क्यूंकि सदियों से मानवता शक्ति ध्यान के अभ्यास से वंचित पड़ी हुई है . शक्ति ध्यान करने से ऊर्जा रक्त की तरह प्रसारित होती है जहाँ उसकी आवश्यकता पड़ती है परन्तु ऐसा नहीं होने से मानव आत्मा के कई सारे क्षेत्र कार्य करना बंद कर दिए हैं . यह ईसाइयत का एक दुःख दायी परिणाम है.



तीसरी आँख तीन गांठो में से की अंतिम गाँठ रखती है . जब यह गाँठ / ग्रंथि खुल जाती है ऊर्जा इसमें से होकर प्रवाहित होती है और क्राउन चक्र अर्थात सहस्रार चक्र को खोलना आसान हो जाता है . तीसरी आँख एस्ट्रल अर्थात नाक्षत्रिक दृष्टि रखती है . तीसरी आँख से हे एस्ट्रल अर्थात नाक्षत्रिक छाया / प्रतिबिम्ब आदि मस्तिष्क में जाते हैं . तीसरी आँख टेलिपाथी अर्थात दूर संवेदन और दूसरों को प्रभावित करने में कभी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है . मैंने दूसरों को राज़ी करने में पाया है , विचार शक्ति को दुसरे व्यक्ति की तीसरी आँख पर दृढ़ता से निर्देशित करना चाहिए भले ही इसे देखा नहीं जा सकता . तीसरी आँख उसकी ओर निर्देशित की हुई ऊर्जा के प्रति ग्रहणशील होती है .


तीसरी आँख , छटवें चक्र के साथ मिलकर , ज्योति / दृष्टि , नाड़ी और त्वचा को नियंत्रित करती है. तीसरी आँख के साथ ही हम आभा को देख सकते हैं भविष्य बता सकते हैं और ऊर्जा को देख सकते हैं . पीनियल ग्रंथि और छटवां चक्र तीसरी आँख के पीछे होता है .


तीसरी आँख छटवें चक्र के सामने का (भाग / विस्तार) होता है . छटवां चक्र वह है जहाँ इडा (Ida) और पिंगला (Pingala) सर्प मिलते हैं . जब कुण्डलिनी इस चक्र को भेदती है , वह तीन गांठों . ग्रंथियों में से अंतिम को खोल देता है . रौशनी की एक चमक की अक्सर अनुभूति होती है जब ऐसा होता है . तीसरी आँख को खोलना एक प्रमुख स्टेप (कदम है ) चेतना (में / के लिए ) .


डग्र /डगज़ (Dagr /Dagaz) रियून (Rune) के बारे में और उसका सम्बन्ध छटवें चक्र और तीसरी आँख के साथ .

डग्र /डगज़ (Dagr /Dagaz ) रियून (प्राचीन शब्द ) शब्द टैरो के ट्रम्प (ट्रम्प ऑफ़ टैरो [Trump of Tarot]) से मेल खता है . जब हम छटवें चक्र को भेदते हैं , सातवां सरल / निरुद्यमी हो जाता है . यह इडा और पिंगला का मिलना / एकजुट होना होता है . डगज़ चन्द्रमा का भी रियून है और चन्द्रमा छटवें चक्र और तीसरी आँख का प्रतिनिधित्व करता है. डग्र /डगज़ सम्पूर्णता का रियून है . इस रियून की तुलना आप आध्यात्मिक दार्शनिक अर्थात स्पिरिचुअल फिलॉसफर (Spiritual Philospher) के पत्थर से कर सकते हैं . कामुक रस-विधा में , डगज़ कामोत्तेजना का पल है जिसमे कार्यचालन का लक्ष्य वास्तविक बनाया जाता है . इसका "रस विधा " के सब कार्यों में उपयोग होता है चाहे वे कार्य व्यवहारिक हों या फिर केवल चेतना से सम्बन्ध रखते हों " ¹

कलाकृति - "स्त्री का सिर " लेनार्डो के द्वारा ,१५०८

¹ क्वेल्डल्फ़ गुंडारसन द्वारा - ट्यूटनिक (Teutonic) जादू

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Post Mon Nov 09, 2015 12:58 am

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तीसरी आँख खोलना

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इस व्यायाम को एक विशेष स्वर और तालबद्ध तरीके से दोहराये मंत्र के साथ किया जाता है . आपके इस यायाम को चार दिनों के लिए करना है एक कतार में . तीसरी आँख पर नियमित ध्यान किया जाना चाहिए ताकि वह सम्पूर्ण तरह से खुल सके और एक ऊर्जा का उत्थान हो . इस व्यायाम को करने से ऐसा होना चालू हो जाता है . लेकिन आपको आगे का कार्य अविरोधी तरीके से लगातार करना है ताकि सर्वाधिक परिणाम पाये जा सकें . नोट - स्टेप्स एक और दो ऐच्छिक हैं . स्टेप्स तीन से सात ज़रूरी हैं .

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1 . अपनी पीठ को सीधा करके बैठें

2 . अपने हाथ को ऐसी स्थिति में रखें जैसा निचे फोटो में बताया गया है . आपमें से वे लोग जो सीधे हाथ वालें हो उनके सीधे हाथ को एक मुठ्ठी बनाना है उनके उलटे हाथ की तर्जनी (उंगली )में और आपमें से वे लोग जो उलटे हाथ के हों , उनके उलटे हाथ को एक मुट्ठी बनानी है सीधे हाथ की तर्जनी (ऊँगली ) में . अंगूठे के नाख़ून को ऊँगली के पास दबाना है जैसा की चित्र में नीचे बताया गया है , उस जगह पर जहाँ त्वचा की बहरी परत ख़त्म होती है .

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जब आपको बिजली का एक मंद झटका सा महसूस हो , आप जान जाओगे की आपने सही जगह दबाया है . हतोत्साहित न हों अगर आपको सही जगह (जहाँ दबाना है )नहीं मिले . यह उन लोगों में और अधिक स्पष्ट होती है जिनकी आभा प्राकृतिक रूप से ही शक्तिशाली हों. यह तीसरी आँख में ऊर्जा के बहाव को फिरसे निर्देशित करता है .

इस मुद्रा का उपयोग किसी भी समय किया जा सकता है जब आप तीसरी आँख पर नियामत ध्यान आकर रहें हों . इस स्थिति को पूरे ध्यान के दौरान बनाये रखें .
नोट *** - हाथ की यह स्थिति ऐच्छिक है . आप चाहें तो करें या न करें . बाकी की स्टेप्स तीन से सात अनिवार्य रूप से करनी है .


3 . अपनी नाक से सांस को अंदर लें और सांस को बाहर छोड़ने पर कम्पन्न करें "थोथ "(Thoth). थोथ चन्द्र भगवान हैं और छटवें चक्र के शासक है और छटवां चक्र चन्द्रमा है. आपकी सांस को धीरे धीरे अपने मुंख से बाहर छोड़ें और कम्पन्न करें .


थ्थ्थ्थ्थ्थ्थ्थ्थ.... ओओओओओओह ... थ्थ्थ्थ्थ्थ् (TH-TH-TH-TH-OH-OH-OH-TH-TH-TH)एक लम्बे बाहर सांस छोड़ने के साथ . (प्रत्येक बार आप जब सांस बाहर छोड़ते हैं आपको कम्पन्न करना है , जैसा की आप योगिक हमिंग (गिनगिनानेवाली ) सांस में करते हैं )
अब यह महत्वपूर्ण है. आपको "थ"(TH) और "ओह" (OH) ध्वनियां एक ही समय पर निकलनी हैं (अर्थात उनका कम्पन्न करना है ). आपको "थ" (TH) ध्वनि आपके सम्पूर्ण सांस को बाहर छोड़ने के दौरान निकलनी (अर्थात कम्पन्न ) करनी है . आपकी जीभ आपके दाँतो के बीच में से कम्पन्न करेगी . चंद घड़ियों का समय लग सकता है की आप इसे ऐसा समायोजित / अनुकूलित कर सकें की आप इसे अपने माथें के बीच (तीसरी आँख )में महसूस करने लगें , चिंता मत करें , सिर्फ चलते चलिए . आपको प्रयास करना है की आप सही कम्पन्न कर सकें जहाँ आप उसे अपने माथे में महसूस कर सकते हैं . इसमें कुछ प्रयोग करनी की आवश्यकता पड़ सकती है. आपसे जितना बेहतर संभव हो करें . हो सकता है की आपको दस से पंद्रह बार या और अधिक करने की ज़रुरत पड़ सकती है ताकि आप इसे ठीक तरह से कर सकें .

4 . ऊपर बताया हुआ एक पंक्ति / कतार में चार बार करें और आराम करें .


5 . अब अपनी तीसरी आँख को ठीक तरह से संरेखित करें अर्थात (पंक्ति में लाएं ) उसकी ऐसी कल्पना करते हुए - एक बिंदु (के सिरे )की तरह जो अंदर की ओर मुँह किये है जैसा नीचे चित्र में बताया गया है. तीसरी आँख का रंग मेधावी चमकदार सफ़ेद होता है , एक लघु सूर्य की तरह .

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6 . यह अत्यंत महत्वपूर्ण है की ऊपर बताया हुआ व्यायाम लगातार चार दिनों तक किया जाये , २४ घंटों का अंतर रखते हुए . तब यह आदर्श रूप से हो जाता है और आपने अपनी तीसरी आँख खोलने और उसे सक्रिय करने की शुरुआती कदम ले लिए हैं .

7 . जब आपने ऐसा कर लिया है , तब यह महत्वपूर्ण है की आप अपनी तीसरी आँख पर ध्यान करें (मैडिटेशन करें ) ताकि ऊर्जा को प्रवाहित किया जा सके और इस तरह से यह तीसरी आँख सम्पूर्ण रूप से खुल जाती है .

सिर्फ अपनी आँखे बंद करिये और "देखिये " तीसरी आँख पर आपके माथे के मध्य में . यह महत्वपूर्ण है की आप अपनी आँखों की मांसपेशियों पर ज़ोर न डालें और आराम पूर्वक करें . पहले तो यह अक्सर सिर्फ अँधेरा दीखता है जो इस बात पर निर्भर करता है की आपकी तीसरी आँख कितनी सक्रिय है , तब संभवतः घुमते हुए रंग और आकार दिखते हैं एक केलिडोस्कोप (बहुरूप-रंग-दर्शक नली वाला खिलौना ) के जैसे. जैसा की हम शीशे में भविष्य दखते हैं , उसी तरह से ये रंग और आकार इन प्रतिबिम्बों / छवियों को रास्ता देते हैं जब आप ध्यान को नियमित और पर्याप्त समय तक करते हैं . आपको मृदु और आराम पूर्वक घूरना है . इस व्यायाम को करने के बाद यहाँ पर दबाव महसूस करना या एक गाँठ को महसूस करना आम बात है . यह समय के साथ अक्सर चली जाती है .

आप क्या उम्मीद कर सकते हैं -

1 . सबसे पहला अनुभव होता है एक सिरदर्द या आपके माथे के केंद्र में / बीच में एक दबाव की अनुभूति . यह अनुभव आपको ऐसा महसूस हो सकता है की यह अंदर से उत्पन्न हो रहा है , अक्सर एक इंच या माथे की सतह से और अधिक नीचे से क्यूंकि यह छटवें चक्र पर प्रभाव डालता है . यह एक सकारत्मक संकेत है की पीनियल ग्रंथि जागृत हो रही है और एक और अधि स्वस्थ तरीके से कार्य करना प्रारम्भ कर रही है .
आप इसका ऐसे भी पता लगा सकते हैं , की जब भी आप अपनी तीसरी आँख पर ध्यान केंद्रित करते हैं या तीसरी आँख पर मैडिटेशन (ध्यान ) करते हैं तो आपको इस दर्द या दबाव की अनुभूति होगी . यह एकदम आम है और समय के साथ सही हो जाता है .


* कुछ लोगों को माइग्रेन (सिरदर्द ) का अनुभव हो सकता है जो कई घंटो तक ना जाये. इन ये अनैच्छिक अतिरिक्त प्रभाव निर्भर करते हैं इस बात पर की आपकी पीनियल ग्रंथि कितनी निर्जन पड़ी हुई थी ऐसा करने के पहले .

कलाकृति : "स्त्री का सिर [ला स्केपिगलियाता ]" लिओनार्डो डा विन्ची के द्वारा , १५०८

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Post Mon Nov 09, 2015 4:44 am

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सहस्रार चक्र को खोलना

*** विशेष धन्यवाद अज़ाज़ेल को जिन्होंने मेरे साथ इस ध्यान (मैडिटेशन ) पर कार्य किया


यह ठीक से काम करे , इसके लिए आपको पहले तीसरी आँख खोलने वाला ध्यान करना है .
इस व्यायाम के प्रभाव अत्यंत सुखदायी होते हैं . हल्केपन / प्रकाश की एक अनुभूति सी होती है . कुछ लोगों को ऊर्जा की अनुभूति होती है या उनके सिर के अंदर एक झुनझुनाहट सी होती है , ये झुनझुनाहट उनके सम्पूर्ण सिर को तक ढँक सकती है ., सहस्रार चक्र अथवा क्राउन चक्र में एक हलके दबाव की अनुभूति या और तीव्र उत्साह / उल्लास की अनुभूति होती है . इसी सुखदायी हल्केपन की अनुभूति से ही नक्षत्रीय प्रक्षेपण अर्थात एस्ट्रल प्रोजेक्शन और नक्षत्रीय यात्रा अर्थात एस्ट्रल ट्रेवल सरल सुगम हो जाती है . यह परमानन्द की स्थिति कई घंटो या यहाँ तक की कई दिनों बाद प्रकट हो सकती है .


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ठीक से किये जाने पर , यह व्यायाम आपके सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र और पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland ) को उत्तेजित प्रोत्साहित करता है . पीनियल ग्रंथि को लगातार उत्तजित / प्रोत्साहित करने से वह बढ़ जाती है और सक्रिय हो जाती है . पीनियल ग्रंथि आत्मा की अलौकिक / पारलौकिक / आध्यात्मिक कुर्सी होती है . इस संशोधित ध्यान (मैडिटेशन ) के साथ मन्त्र / चांट (chant) और अधिक शक्तिशाली और असरदार हो जाते हैं. यह Björk rune अर्थात बीजोर्क रियून पर आधारित है ***.
(रियून अर्थात प्राचीन जर्मन वर्णमाला ). इस मार्ग को खोलें अत्यंत चंगाई देने वाला होता है ड्रग्स की लत वाले लोगों के लिए क्यूंकि यह प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुख देता है .
इस व्यायाम को सिर्फ शुरुआती रूप से आपके सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र को खोलने के लिए और आपकी पीनियल ग्रंथि को उत्तेजित / प्रोत्साहित करने के लिए किया जाना चाहिए. कम्पन्न बहुत ही तीव्र और असरदार होता है , परन्तु एक सिरदर्द पैदा कर सकता है अगले दिन . अगर आपका सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र खुल गया है , आपको एक हल्कापन महसूस होगा और परमानन्द की अनुभूति होगी. अगर आपको ये लक्षण महसूस नहीं होते हों चार - पांच दिन के भीतर में , आप इस व्यायाम को फिर से कर सकते हैं जितनी बार भी आप चाहें ताकि आपका सहस्रार चक्र खुल सके.
इस प्रारंभिक व्यायाम के बाद , वहां विभिन्न मेडिटेशन्स (ध्यान ) हैं जिन्हे आप कर सकते हैं ताकि आपकी पीनियल ग्रंथि सक्रिय हो सके और आपके सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र को और आगे उत्तेजित / प्रोत्साहित कर सके. मैं इन ध्यानो (मेडिटेशन्स ) को मैडिटेशन खंड में जोडूंगी और पृष्ठ पर उनकी लिंक (इंटरनेट वाली ) भी दे दूंगी .

1 . गहराई के साथ अंदर सांस लें और सांस को रोके रहें चार की गिनती तक ; यह पांच बार करें . इससे आपको आराम दायक होने में सहायता मिलती है . इससे आपको केंद्रित होने और समाधी की अवस्था में जाने के लिए भी बहुत सहायता मिलती है . अब आपको अपना सारा ध्यान अपनी तीसरी आँख पर केंद्रित करना है . आपको एक हलके दबाव की अनुभूति या जागरूकता की सी अनुभूति होनी चाहिए अपनी तीसरी आँख पर.

2 . अब आपके हाथों को जैसा चित्र में नीचे बताया गया है वैसी स्थिति में रखें और एक गहरी सांस लें जैसी अपने जागरूक होने वाले व्यायाम में किया था और अब आपको इस सांस को जितनी देर संभव हो अपने आराम अनुसार आपको इस सांस को रोके रहना है (इसे धकेलें नहीं ) और अब आपको अपनी सांस को बाहर छोड़नी है यह कम्पन्न करते हुए - बी-बी-बी-बी-बी-बी-बी-बी (आपके होंठ लगभग बंद रहेंगे और आपको कम्पन्न करना है एक गहरे , मृदु गुंजन के साथ ) . कम्पन्न एक मधुमक्खी की आवाज़ की तरह होना चाहिए. मधुमक्खी प्राचीन मिस्र (इजिप्ट ) में और बहुत सी दूसरी संस्कृतियों में पवित्र थी सिर्फ इसी कारण के लिए.

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यह ठीक है की आप अपने स्वरमान अर्थात पिच (Pitch) को समायोजित करलें / ठीक से जमा लें . आपको कम्पन्न पर ध्यान केंद्रित करना है और कम्पन्न को महसूस करना है अपनी तीसरी आँख में , तब फिर आपको ध्यान केंद्रित करना है आपकी पीनियल ग्रंथि में . आप के कम्पन्न के साथ सांस बाहर छोड़ने पर के एक तिहाई रास्ते पर आपको होना चाहिए और इस समय महसूस करना है कम्पन्नों को अपनी पीनियल ग्रंथि में . तब आपको फिर ध्यान केंद्रित करना है आपके सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र में और कम्पन्न को महसूस करना है आपके सहस्रार चक्र (क्राउन चक्र ) में और आपको लगातार इस दौरान अपने सांस के बाहर छोड़ने को बढ़ाते जाना है अर्थात सांस बाहर छोड़ने का विस्तार करना है जितना आप कर सकें . सांस को फिर आपको अंदर लेना है और इसे चार बार दोहराना है .
यह व्यायाम अत्यंत ही शक्तिशाली है , कई अधिक शक्तिशाली इसके पहले वाले संस्करण से.

अब अति महत्वपूर्ण -

याद रखें की आपको अपने माथे पर (तीसरी आँख वाले भाग पर ) ध्यान केंद्रित करना है , फिर आपकी पीनियल ग्रंथि पर , और अंत में आपके क्राउन चक्र / सहस्रार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना है . आपको अपनी साँस को विनियमित / नियंत्रित करना है ताकि वह समान रहे . यह किया जाता है चांट अर्थात मन्त्र/ ध्वनि / गुंजन की प्रत्येक अवधि के लिए.

सारांश -

1 . सांस को अंदर लें .
2 . सांस को बाहर चोदना शुरू करें बी-बी-बी-बी-बी-बी-बी-बी कम्पन्न करते हुए .
3 . ध्यान केंद्रित करें अपनी तीसरी आँख में और महसूस करें कम्पन्न को अपनी तीसरी आँख में .
4 . ध्यान केंद्रित करें अपनी पीनियल ग्रंथि में और महसूस करें कम्पन्न को अपनी पीनियल ग्रंथि में .
5 . ध्यान केंद्रित करें अपने सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र में और महसूस करें कम्पन्न को अपने सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र में .

ऐसा तीन बार और करें ताकि यह चार बार हो जाये.

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अब अपने सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र को संरेखित करें अर्थात पंक्ति में लाएं जैसा ऊपर चित्र में बताया गया है .

Image*** Björk rune अर्थात बीजोर्क रियून प्रदान करता है अंतर्ज्ञान को , ऊर्जा की सुरक्षा करता है , चार तत्वों की शक्ति / ऊर्जा को इकठ्ठा करता और उनका निर्देशन करता है , चंगाई देता है और जीवनी शक्ति को पुनर्जीवित करता है

नोट करें -
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इस ऊपर चित्र में मधुमक्खी / मक्खी (बी [Bee] अंग्रेजी में ) का दंश तूतनखामेन (Tutankhamen) के ताबूत के साफे / मुरेठा पर .

कलाकृति - बल्डोविनेट्टी के द्वारा - "पोर्ट्रेट ऑफ़ अ लेडी इन येलो " १४०० सी ई (CE)

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Post Mon Nov 09, 2015 10:39 am

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विशुद्ध चक्र अर्थात थ्रोट चक्र खोलना

कृपया ध्यान दें - यह बहुत ही कठिन हाथ की स्थिति है अर्थात यह एक बहुत ही कठिन मुद्रा है जब तक आपके हाथ बहुत छोटे न हों .ये हाथ की स्थिति जो की नीचे बतलायी गयी है ये अनावश्यक है और सिर्फ एक विकल्प है . इस हाथ की मुद्रा को छोड़ दें अगर ये किसी भी रूप में आपके लिए कठिन है . कम्पन्न ही यहाँ पर कुंजी हैं और आपको आरामदायक स्थिति में रहना चाहिए. अपने हाथों को इस मुद्रा में ज़ोर ज़बरदस्ती करना एक विकर्षण / व्याकुलता साबित होगा. इससे ध्यान भटक सकता है आपका कम्पन्न करने में . मुद्राओं को आरामदायक होना चाहिए.

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अपने विशुद्ध अर्थात थ्रोट चक्र को सक्रिय करने के लिए , अपने दोनों हाथो को मोड़ें जैसा की ऊपर चित्र में बताया गया है , आपके अंगूठे एक दुसरे की सतह छुएंगे - अंगूठों को मोड़ना नहीं है . **हाथ की यह स्थिति (मुद्रा ) कठिन है . आपमें से वे लोग जिनके हाथ बड़े हैं , आप इस मुद्रा को छोड़ सकते हैं . सबसे अच्छा यही होता है की आप आरामदायक स्थिति में हों और किसी भी प्रकार के दर्द या असुविधा में न रहें इन व्यायामों को करते समय.

एक गहरी सांस लें , उसे रोकें ठीक वैसे ही जैसे आप दूसरे (आत्मा को खोलने वाले ) व्यायामों में करते हैं और फिर कम्पन्न करें - "नेबो "(Nebo) जब तक की आपकी सांस पूरी तरह से बाहर नहीं निकल जाती अर्थात आपको पूरी तरह से सांस को बाहर छोड़ना है और "नेबो " का कम्पन्न करना है सांस बाहर छोड़ते हुए और तब तक करते रहना है जब तक आप पूरी तरह से सांस को बाहर नहीं छोड़ देते.

न-न-न-न-ऍह-ऍह-ऍह-ऍह-बी-बी-बी-बी-ओह-ओह-ओह-ओह
महत्वपूर्ण चीज़ यह है की आप इसे अपने गले अर्थात थ्रोट में शक्ति / दृढ़ता के साथ महसूस करें (गले के ) खोखले खांचे के ऊपर में . ऐसा आप पांच से सात बार करें . याद रखें - सही राग / स्वर प्राप्त करने में कुछ अभ्यास की आवश्यकता पद सकती है . यह चांट / गुंजन / ध्वनि को आपके गले के क्षेत्र में कम्पन्न होना चाहिए. इस व्यायाम को हफ्ते में एक बार या उससे अधिक जैसी आवश्यकता पड़ती है , कर सकते हैं .

अब अपने विशुद्ध चक्र अर्थात थ्रोट चक्र को संरेखित करें / पंक्ति में लाएं जैसा निम्न चित्र में बताया गया है -

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Post Tue Nov 10, 2015 5:59 am

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अनाहत चक्र खोलना

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... hakra.html

अज़ाज़ेल ने समझाया है की भुजाओं को क्रॉस करने से एक परिधि अर्थात सर्किट सम्पूर्ण हो जाता है जिसका अनाहत अर्थात हार्ट चक्र पर सीधा प्रभाव पड़ता है .

1 . आरामपूर्वक बैठ जाएँ , आराम करें और फिर एक ध्यान (मैडिटेशन ) की अवस्था में जाएँ .

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2 . ऊपर बताई हुई फोटो के जैसे अपनी भुजाओं को क्रॉस करें . आपके हाथ आपके कन्धों को छुएंगे आपके कांख के पास.

3 . आपके हाथ की ऐसी स्थिति (मुद्रा ) बनायें की आपका अंगठा आपकी अनामिका ऊँगली और छोटी ऊँगली को छुए जैसा नीचे चित्र में दर्शाया गया है .

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4 . एक गहरी सांस लें और अपने सिर को नीचे झुकाएं की आपकी ठोड़ी मृदुता से आपकी छाती पर चिपट / छू जाये . सांस को बाहर छोड़ते समय अपनी ठोड़ी को मज़बूती / दृढ़ता से से अपनी छाती पर चिपटा / छुआ के रखें और केवल अपना सिर उठायें सांस अंदर लेने के लिए .

5 . अपना ध्यान अनाहत अर्थात हार्ट चक्र पर केंद्रित करें . सांस को बाहर छोड़ें और कम्पन्न करें "आमोन " (AMON)

आह-आह-आह-आह-म-म-म-ऊह-ऊह-ऊह-न-न-न

अपना ध्यान अनाहत अर्थात हार्ट चक्र पर केंद्रित करें .

6 . आपको न-न-न-न (कम्पन्न ) का विस्तार करना है / उसे बढ़ाना है जबतक की आप अपनी पूरी सांस बाहर नही छोड़ देते .

7 . इसे आठ बार दोहराएं .

8 . कल्पना करें / दृश्य बनाये इस चित्र का जो की नीचे दिया हुआ है , . इस चित्र / दृश्य की कल्पना आपको वहां करनी है जहाँ आपका हार्ट अर्थात अनाहत चक्र (स्थित )होता है और आपको साथ ये कल्पना करनी / दृश्य बनाना है की आप एक जीवंत हरी (रंग ) की आभा में घिरे हुए हैं और आपको अपना ध्यान अनाहत चक्र पर केंद्रित करना है कई मिनिटों के लिए. स्वर / सुर अर्थात टोन को समायोजित / ठीक से ज़माने का प्रयास करें ताकि आप उसे महसूस करें आपकी छाती के मध्य में जहाँ आपका अनाहत अर्थात हार्ट चक्र स्थित है .
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Post Tue Nov 10, 2015 10:51 pm

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मणिपूर अर्थात सोलर प्लेक्सस चक्र को खोलना

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... hakra.html

कृपया नोट करें - हाथ की स्थितियां अर्थात मुद्राएं अनावश्यक हैं और केवल एक विकल्प है . इन हाथ की स्थितियों अर्थात मुद्राओं को छोड़ दीजिये अगर ये किसी भी प्रकार से आपके लिए कठिन हैं . कम्पन्न ही यहाँ पर कुंजी है और आपको आरामदायक (स्थिति ) में रहना है . आपके हाथों को इन मुद्राओं में धकेलना / अर्थात ज़ोर ज़बरदस्ती कर मुद्राएं बनाने से आपका ध्यान भटक सकता है .मुद्राओं को आरामदायक होना चाहिए.

1 . अपने रीढ़ को सीधा कर एक आरामदायक स्थिति में बैठिये.

2 . आराम करिये और एक ध्यान (मैडिटेशन ) की स्थिति में जाइए .

3 . अपने हाथों को सोलर मुद्रा में रखिये जैसा की नीचे चित्र में बताया गया है . (यह स्टेप वैकल्पिक है )

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4 . पूरी तरह से सांस को अंदर लीजिये और अपने ठोड़ी को अपनी छाती पर नीचे गिरा दीजिये . मृदुता परन्तु मज़बूती के साथ अपनी ठोड़ी को अपनी छाती से सटा / चिपटा / छुआ के रखिये पूर्ण रूप से सांस को बाहर छोड़ने के दौरान . आपको केवल सांस को अंदर लेने के लिए ही अपना सिर ऊपर उठाना है .


5 . कम्पन्न करें "रा" (RA).
र-र-र-र-आह-आह-आह-आह-आह , जब तक आप पूरी तरह से सांस को बाहर नहीं छोड़ देते तब तक आपको इस "रा " का कम्पन्न करना है . " रा " का कम्पन्न करते हुए आपको अपने सोलर प्लेक्सस चक्र पर ध्यान केंद्रित करना है . कम्पन्न के चांट / ध्वनि / गुंजन को समायोजित करें / ठीक से जमायें ताकि आप उसे अपने सोलर प्लेक्सस अर्थात मणिपूर चक्र में महसूस कर सकें .

6 . पांच बार दोहराएं .

7 . अब अपने सोलर चक्र अर्थात मणिपूर चक्र को संरेखित करें / पंक्ति में लाएं उसके मुख को नीचे करते हुए जैसे की नीचे चित्र में बताया गया है . सोलर प्लेक्सस अर्थात मणिपूर चक्र का रंग उज्जवल / चमकदार सुन्हेरा (सोने के रंग का ) होता है .

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Post Tue Nov 10, 2015 11:10 pm

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स्वाधिष्ठान चक्र अर्थात सेक्रल चक्र को खोलना

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1 . अपने हाथ को मोड़िये . अपने अंगूठों को नहीं मोड़ना है , उन्हें आजु बाजू / पास पास रखिये और अपनी हथेलियों को इकठ्ठा रखिये जैसे की चित्र में नीचे बताया गया है .

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2 . सांस को अंदर लीजिये और अपने फेफड़ों को भरिये .

3 . अपनी ठोड़ी को अपनी छाती पर नीचे गिराएं.

4 . अपनी गुदा /मलद्वार को सिकोड़ें .

5 . सांस को बाहर छोड़ें और चांट / गुंजन करें (कम्पन्न करना है )- इ-इ-न-न-न-न-ग-ग-ग-ग-ग-ग-ग-ग-ग (जैसा पद्य बनता है अंग्रेजी शब्द "थिंग" के साथ / जैसा ) और आपको ध्यान केंद्रित करना है अपने स्वाधिष्ठान अर्थात सेक्रल चक्र पर . (स्वाधिष्ठान अर्थात सेक्रल चक्र हमारे शरीर का दूसरा चक्र होता है )

6 . अपने चक्र को संरेखित करें / पंक्ति में लाएं उसके मुख को ऊपर रखते हुए जैसा की नीचे चित्र में बताया गया है .

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ऊपर बताई स्टेप्स (क़दमों ) को आठ बार दोहराएं. जब आपने ऐसा कर लिया हो तो आप को कुछ मिनिटों के लिए - कल्पना करना / दृश्य बनाना है की आप एक संतरे की रंग की आभा में घिरे हुए हैं और ये दृश्य बनाते हुए आपको अपने स्वाधिष्ठान अर्थात सेक्रल चक्र पर ध्यान केंद्रित करना है.

Image"इंग" (ING) रियून जिसका चित्र नीचे बताया गया है , यह इस चक्र के द्वारा शासित रचनात्मक जीवनी शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है. "इंग " रियून के जादुई गुणों का उपयोग सेक्स अर्थात काम क्रीड़ा और प्रजननशक्ति / उपजाऊपन में किया जाता है . सेक्रल अर्थात स्वाधिष्ठान चक्र यौन (सम्बन्धी ) चक्र है .

*प्राचीन जर्मन (German) शब्दावली के अक्षरों को रियून (rune ) कहते हैं.
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Post Wed Nov 11, 2015 5:22 am

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मूलाधार अर्थात बेस चक्र खोलना

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... hakra.html

मूलाधार अर्थात बेस चक्र को खोलने के लिए अपने हाथों को ऐसी स्थिति (मुद्रा )में रखें जैसा नीचे चित्र में बताई गयी है . हाथों की स्थिति सींगो के चिन्ह के जैसे है . आपकी उँगलियों की गद्दी छुई हुई होना चाहिए / स्पर्श करना चाहिए और आपके अंगूठे आजु बाजू / पास पास छूने चाहिए उस मांसल भाग के नीचे जिसे हस्तरेखाशास्र में "शुक्र का पर्वत " कहा जाता है . यह मुद्रा एक गर्मी की अनुभूति उत्पन्न करती है और मूलाधार अर्थात बेस चक्र को उत्तेजित /प्रोत्साहित करती है . चिंता मत करिये अगर आप गर्मी की अनुभूति महसूस नहीं कर पाएं तो क्यूंकि इसमें संवेदनशीलता की आवश्यकता पड़ती है

ImageImage बीच की ऊँगली और अनामिका उंगली का पीछे का (भाग / क्षेत्र ) जैसे इस चित्र में है वैसी ही छूना / स्पर्श होना चाहिए .




Image सांस को अंदर लें और अपने फेफड़ों को भरें , आपको असुविधा नहीं होनी चाहिए , और सांस को बाहर छोड़ते समय आपको " स्स्स्स्स्स्स " सिसकारने वाली जिसे अंग्रेजी में हिस्सिंग (hissing) कहते हैं , ऐसी ध्वनि निकालनी है . सीगल रियून (Sigel Rune) , सेटेनिक लाइटेनिंग बोल्ट अर्थात हिंदी में सेटेनिक प्रकाशमान बिजली का प्रतीक करता है और यह कुण्डलिनी को प्रकट करता /ज़ाहिर करता / दर्शाता है . यह रचना को भी दर्शाता है ; जीवन के चिंगारी की . कुण्डलिनी लाइटेनिंग (प्रकाशमान ऊर्जा / बिजली ) है .

जब आप हिस्सिंग अर्थात सिसकारने (जैसी) ध्वनि के साथ सांस को बाहर छोड़ते हैं आपको कोशिश करनी है की आप कल्पना करने / महसूस करें आपके मूलाधार चक्र को की वह अत्यधिक गर्म है और उसकी कल्पना करने की वो एक मटर के आकार का है और वह खुल रहा है और विस्तृत हो रहह / बढ़ रहा है एक भंवर में . इस भंवर को घुमाएं . लगातार दृश्य बनाते / कल्पना करते रहें की आपक चक्र प्रकाशित हो रहा है लाल / सुन्हेरे (सोने के रंग ) में और बढ़ रहा / विस्तृत हो रहा है एक उज्ज्वल /चमकदार सफ़ेद/सुनहरी (सोने के रंग की) आग के साथ. जिसका (आग का ) आकर एक चांदी के डॉलर (अमरीका देश के सिक्के ) के व्यास जितना है और आपको कल्पना करनी है की यह आग और अधिक गर्म होती जा रही है जैसे जैसे वह और उज्जवल चमकदार हो रही है .

आपके बेस अर्थात मूलाधार चक्र को संरेखित करें / पंक्ति में लाएं उसके मुंख को ऊपर की ओर करते हुए जैसा आपने अपने सेक्रल अर्थात स्वाधिष्ठान चक्र के साथ किया था .

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Post Wed Nov 11, 2015 10:13 am

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कंधे के चक्रों को खोलना -

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpent ... akras.html

कन्धों के चक्रों को खोलना और आगे आत्मा को संरेखित करेगा और शक्ति के मार्गों को खोलेगा हथेलियों के चक्रों तक , इस प्रकार उन्हें अत्यधिक शक्तिशाली बना देगा. इसके साथ साथ , कन्धों के चक्र आत्मा के पंखों को रखते हैं . आत्मा के पंखों पर और अधिक जानकारी अगले लेख में विस्तार से बताई गई है .

उन लोगों के लिए जो सेटनिस्ट नहीं हैं - कभी नहीं भूलें - यह ज्ञान हेल (HELL) की शक्तियों / देवी / देवताओं से आया है ! यह ज्ञान सेटन से है !!!

अपने कन्धों के चक्रों को खोलने के लिए -
1 . उनकी कल्पना करें / दृश्य बनायें जैसा चित्र में नीचे दिया गया है
2 , उन पर एक सफ़ेद - सुनहरी (सोने के रंग की ) रौशनी का ध्यान केंद्रित करें , और सांस को अंदर लें , और फिर सांस को बाहर छोड़ने पर , कम्पन्न करें ज़ी-ज़ी-ज़ी-ज़ी-ज़ी-ज़ी-ज़ी-ज़ी और साथ में इस ध्वनि / कम्पन्न को उन चक्रों पर (ध्यान केंद्रित ) करें .
3 . यह नौ (9 ) बार करें .

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एक दर्द या दबाव का महसूस होना एक सकारात्मक संकेत है की आप ने कन्धों के चक्रों को सफलता पूर्वक खोल दिया है . यह अनुभूति आपकी भुजाओं तक विस्तृत / बढ़ सकती है और आपको ऐसा महसूस हो सकता है की वे (भुजाएं ) सुप्त अर्थात सोने वाली अवस्था में जा रही हैं .

अब अपने चक्रों को संरेखित करें अर्थात पंक्ति में लाएं -
*** चक्र कोन / पिरामिड के जैसे दिखते हैं . इसीलिए उन्हें हम कोन / पिरामिड के जैसे उनकी कल्पना करते / दृश्य बनाते हैं . उनका हमें 3d अर्थात तीन आयामी पिरामिड या कोन के जैसे ही कल्पना करनी दृश्य बनाना है . नीचे चित्र को देखें -
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1 . अपने बेस अर्थात मूलाधार चक्र से शुरू करें , और उस कोन को ऐसा घुमाए की उसका मुंख ऊपर की ओर हो .
2 . यही अपने सेक्रल अर्थात स्वाधिष्ठान चक्र के साथ करें .
3 . अब अपने सोलर प्लेक्सस अर्थात मणिपूर चक्र के ऊपर ध्यान केंद्रित करें और उसके मुंख को नीचे की ओर संरेखित करें / पंक्ति में लाएं.
4 . अब अपना ध्यान सहस्रार अर्थात क्राउन चक्र पर केंद्रित करें और उसका मुंख ऊपर की ओर करते हुए उसे संरेखित करें / पंक्ति में लाएं .
5 . यही आपके छटवें चक्र और विशुद्ध अर्थात थ्रोट चक्र के साथ करें .
6 . अब अपना ध्यान अनाहत अर्थात हार्ट चक्र पर केंद्रित करें और कल्पना करें / दृश्य बनायें की दो बिंदु साथ में आ रहे हैं और एक दूसरे को काट रहे हैं जैसा की ठीक नीचे चित्र में बताया गया है .

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7 . अपने कन्धों के चक्र पर फिरसे ध्यान केंद्रित करते हुए और कल्पना करते हुए की वे अंदर की ओर इशारा / बिंदु कर रहे हैं आप इस ध्यान (मैडिटेशन ) को समाप्त करें .

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Post Thu Nov 12, 2015 2:42 am

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आत्मा के पंख


Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/Wings.html

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सारी आत्माओं के पंख होते हैं , यहाँ तक जानवरों (की आत्माओं ) के भी . जब हमने 2002 -03 में डीमॉन्स को स्वतंत्र किया था , उन्होंने अपने पंखों को दृढ कर लिया जो दर्शाता है की उन्हें अपनी शक्तियां वापस मिलग गयी हैं . पंख आत्मा की शक्ति को भी दर्शाते हैं और ये पंख कंधे के चक्रों के होते हैं . कैड्यूसियस (Caduceus) का प्राचीन प्रतीक/ चिन्ह जो की ऊपर चित्र में बताया गया है इसका उपयोग अमरीकन मेडिकल असोसिएशन (American Medical Association) के द्वारा किया जाता है और एक सर्प कैड्यूसियस (Caduceus) का उपयोग पशुचिकित्सा की औषिधि
में भी किया जाता है .

इन पंखों को हिलाना सीखना और इन पंखो पर नियंत्रण करना सीखना आत्मा की उन्नति करने का ही एक हिस्सा है . जब हम ध्यान अर्थात मैडिटेशन में उन्नत होते हैं / उन्नति करती हैं , वे (पंख ) हमारे पास आएंगे , अक्सर एकाएक / अप्रत्याशित तरीके से . जब आत्मा के पंख प्रकट होते हैं , यह दर्शाता है आध्यात्मिक शक्ति को और आत्मा की स्वतंत्रता को .


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Post Thu Nov 12, 2015 7:17 am

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आत्मा के पंख {REVISED cos of minute error in previous post}

Source URL - http://www.angelfire.com/empire/serpentis666/Wings.html

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सारी आत्माओं के पंख होते हैं , यहाँ तक जानवरों (की आत्माओं ) के भी . जब हमने 2002 -03 में डीमॉन्स को स्वतंत्र किया था , उन्होंने अपने पंखों को दृढ कर लिया अर्थात गूंथ लिया/लगा लिया जो दर्शाता है की उन्हें अपनी शक्तियां वापस मिलग गयी हैं . पंख आत्मा की शक्ति को भी दर्शाते हैं और ये पंख कंधे के चक्रों के होते हैं . कैड्यूसियस (Caduceus) का प्राचीन प्रतीक/ चिन्ह जो की ऊपर चित्र में बताया गया है इसका उपयोग अमरीकन मेडिकल असोसिएशन (American Medical Association) के द्वारा किया जाता है और एक सर्प कैड्यूसियस (Caduceus) का उपयोग पशुचिकित्सा की औषिधि
में भी किया जाता है .

इन पंखों को हिलाना सीखना और इन पंखो पर नियंत्रण करना सीखना आत्मा की उन्नति करने का ही एक हिस्सा है . जब हम ध्यान अर्थात मैडिटेशन में उन्नत होते हैं / उन्नति करती हैं , वे (पंख ) हमारे पास आएंगे , अक्सर एकाएक / अप्रत्याशित तरीके से . जब आत्मा के पंख प्रकट होते हैं , यह दर्शाता है आध्यात्मिक शक्ति को और आत्मा की स्वतंत्रता को .


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HAIL SATAN AND ALL GODS OF HELL !!!!!!!!!!!!

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Hail Satan Hail Peacock Lord Hail Shiva Hail Kartikey HAIL all demon friends

“It is necessary that I should die for my people; but my spirit shall rise from the grave, and the world will know that I was right.” -Adolf Hitler.
Heil mein Führer I know you were right -roadtorevolution
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HEY HAVE
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Post Thu Nov 12, 2015 11:05 pm

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आत्मा के पंखों का ध्यान एन हराड्रेन अमलग द्वारा -

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यहाँ है एक सरल , परन्तु प्रभावी / असरदार , ध्यान (मैडिटेशन ) जिसे में आपको बता रही हूँ ताकि आपके पंख समर्थ / शक्तिशाली और मज़बूत बन जायेंगे. यह ध्यान (मैडिटेशन ) को मैं बता रही हूँ परन्तु इसका सुझाव मुझे अनूबिस (Anubis) ने दिया था. सेटन और एन्लिल (Enlil) ने सुझाव दिया है की मै इसे लिखूं ताकि आप सब जान सकें .

1 . अपने मन को शांत कर लें और एक ध्यान (मैडिटेशन ) की अवस्था में जाएँ .

2 .कल्पना करें / दृश्य बनायें अपने पंखों का और उन्हें महसूस करें . यह भी महसूस करें की ऊर्जा उनमे से होकर प्रवाहित हो रही / बह रही / गुजर रही है .

3 . सांस को अंदर लीजिये एक गिनती के लिए (जैसे चार , पांच छह आदि की गिनती तक ) उतनी ही गिनती के लिए करें जितने में आप आरामदायक हों. सांस को अंदर लेने पर , अपने पंखों को नीचे रखें रहें अपनी पीठ पर से. यह उनकी आराम दायक स्थिति होनी चाहिए और इससे कोई तनाव /खिंचाव / असुविधा नहीं होनी चाहिए.

4 . अपनी सांस को रोके रखें जब तब आप ऐसा करते हैं , धीरे धीरे अपने पंखों को फ़ड़फ़ड़ाएं , सिर्फ आपको आराम से उन्हें आगे पीछे हिलाना है . नए लोगों के लिए - यह तीन से पांच बार करें .

नोट - पहली बार अपने पंखों पर कार्य करना शुरू करने पर , वे उतने शक्तिशाली नहीं होंगे और इसीलिए वे अधिक तेज़ नहीं हिलेंगे . मैं सिफारिश करती हूँ की आप लगभग तीन (बार हिलाने ) से शुरुआत करें और फिर इसे और बढ़ाते जाएँ धीरे धीरे जितना भी आप कर सकते हैं अपनी सांस को रोके रखे हुए बिना तनाव / खिंचाव / असुविधा के . उन्नत ध्यान (मैडिटेशन ) अभ्यासियों को दस गिनती से अधिक सांस को नहीं रोकना चाहिए क्यूंकि इससे अधिक सांस रोकना अनावश्यक है .

5 . सांस को बाहर छोड़ने पर , अपने पंखों को फैलाएं जितना ऊंचा और दूर आप उन्हें फैला सकते हैं और इस (स्थिति ) को रोके रहें अपने सम्पूर्ण सांस को बाहर छोड़ने तक . और अपने पंखों को अपने आप ही गिरने दे उनकी प्रथम / पहली आरामदायक स्थिति में . (स्टेप तीन ).

यह एक दौरा है . पांच दौरे पर्याप्त हैं एक बैठक / ध्यान के लिए . अगर आपको कोई तनाव आदि का अनुभव होता है तो या तो आप दौरे काम कर दें या पंखों के फड़फड़ाने / हिलाने को . आपको स्वयं को धकेलना नहीं है और अपने पंखों पर अतिश्रम / आवश्यकता से अधिक कार्य नहीं करना है .

आपको कुछ तनाव की अनुभूति हो सकती है पीठ की मांसपेशियों में और यह (ध्यान / मैडिटेशन ) करने के बाद आप महसूस करिये की आपके (पंख ) ऊर्जा को आपके चारों ओर गतिमान कर रहे हैं .

अनूबिस (Anubis), एन्लिल (Enlil) और सेटन (Satan ) को धन्यवाद की उन्होंने मार्गदर्शन दिया , सहायता की और मुझे उत्साहित / प्रेरित किया की मैं यह लिखूं ताकि पाठक इससे लाभ उठा सकें.

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पंख 1 (चित्र )

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पंख 2 (चित्र )

सेटन की जय !
अनुबुस की जय !
एन्लिल की जय !
हेल (Hell) के समस्त सच्चे प्राचीन भगव